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बालाघाट जिले में एक युवक का शव उसके जन्मदिन के दिन फंदे से लटका हुआ पाया गया, जिससे मामला संदिग्ध हो गया है। सबसे पहले मृतक की महिला मित्र ने शव को देखा और फिर परिजनों को इसकी सूचना दी। पुलिस को शव के गले पर फंदे के अलावा अन्य निशान भी मिले हैं, जिससे इस घटना को लेकर संदेह गहरा गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

13 hrs ago
user_Samarpit sahu
Samarpit sahu
पत्रकार बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
13 hrs ago

बालाघाट जिले में एक युवक का शव उसके जन्मदिन के दिन फंदे से लटका हुआ पाया गया, जिससे मामला संदिग्ध हो गया है। सबसे पहले मृतक की महिला मित्र ने शव को देखा और फिर परिजनों को इसकी सूचना दी। पुलिस को शव के गले पर फंदे के अलावा अन्य निशान भी मिले हैं, जिससे इस घटना को लेकर संदेह गहरा गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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  • बालाघाट में गर्रा ओवरब्रिज के लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर स्थानीय विधायक अनुभा मुंजारे ने नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने ओवरब्रिज के निर्माण की गुणवत्ता और मैकेनिकल नगर के मुद्दे पर सवाल उठाए। विधायक ने आरोप लगाया कि उन्हें लोकार्पण कार्यक्रम से जानबूझकर दूर रखा गया।
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    बालाघाट में गर्रा ओवरब्रिज के लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर स्थानीय विधायक अनुभा मुंजारे ने नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने ओवरब्रिज के निर्माण की गुणवत्ता और मैकेनिकल नगर के मुद्दे पर सवाल उठाए। विधायक ने आरोप लगाया कि उन्हें लोकार्पण कार्यक्रम से जानबूझकर दूर रखा गया।
    user_Samarpit sahu
    Samarpit sahu
    पत्रकार बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • बालाघाट जिले में खेती की बढ़ती लागत, मजदूरों की कमी और कृषि कार्यों को समय पर पूरा करने की चुनौतियों के बीच, किसान अब आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कृषि विभाग के मार्गदर्शन और नवीन कृषि यंत्रों की उपलब्धता से, किसानों में डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) पद्धति के प्रति तेजी से जागरूकता बढ़ रही है। इसी क्रम में कटंगी विकासखंड के ग्राम कामठी के प्रगतिशील किसान श्री देवीप्रसाद भगत ने अपने 15 एकड़ खेत में सुपर सीडर मशीन के माध्यम से डीएसआर पद्धति से धान की बुआई करके एक मिसाल कायम की है। उन्होंने इतने बड़े रकबे में आधुनिक तकनीक से धान की सीधी बुवाई कर यह साबित किया है कि वैज्ञानिक खेती से कम लागत में भी अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। श्री देवीप्रसाद भगत का कहना है कि पारंपरिक धान रोपाई पद्धति में अधिक मजदूरों की आवश्यकता होती है, जबकि वर्तमान में मजदूरों की उपलब्धता एक बड़ी समस्या है। सुपर सीडर मशीन से डीएसआर पद्धति अपनाने से न केवल समय की बचत हुई, बल्कि रोपाई, नर्सरी तैयार करने और अतिरिक्त श्रम पर होने वाला खर्च भी काफी कम हो गया। इसी तरह ग्राम सावरी के किसान राधेलाल भैरम और देवकरण भैरम ने भी अपने खेतों में सुपर सीडर मशीन से डीएसआर पद्धति से धान की बुवाई कर आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति अपनी सकारात्मक सोच का परिचय दिया है। इन किसानों ने बताया कि मशीन से बुवाई करने पर कम समय में अधिक क्षेत्र कवर हो जाता है और फसल की शुरुआती बढ़वार भी बेहतर रहती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, डीएसआर पद्धति धान उत्पादन की एक उन्नत तकनीक है, जिसमें खेत में सीधे बीज की बुवाई की जाती है। यह पद्धति पानी और श्रम लागत की बचत करती है, और समय पर बुवाई होने से फसल की उत्पादकता में वृद्धि की संभावना भी रहती है। साथ ही, यह तकनीक खेत की मिट्टी की संरचना और उर्वरता बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध हो रही है। कृषि विस्तार अधिकारी सुश्री वंदना धुर्वे ने बताया कि कटंगी क्षेत्र में किसानों द्वारा बड़े पैमाने पर डीएसआर तकनीक अपनाए जाने से अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं। कृषि विभाग का मानना है कि यदि अधिक किसान इस पद्धति को अपनाते हैं, तो खेती की लागत कम होने के साथ-साथ किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। जिले के प्रगतिशील किसानों द्वारा आधुनिक तकनीकों को अपनाने से यह स्पष्ट हो रहा है कि कृषि अब परंपरागत तरीकों से आगे बढ़कर वैज्ञानिक एवं यंत्रीकृत खेती की ओर तेजी से अग्रसर है। डीएसआर पद्धति का बढ़ता दायरा जिले के कृषि क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक और परिवर्तनकारी पहल के रूप में उभर रहा है।
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    बालाघाट जिले में खेती की बढ़ती लागत, मजदूरों की कमी और कृषि कार्यों को समय पर पूरा करने की चुनौतियों के बीच, किसान अब आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कृषि विभाग के मार्गदर्शन और नवीन कृषि यंत्रों की उपलब्धता से, किसानों में डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) पद्धति के प्रति तेजी से जागरूकता बढ़ रही है।

इसी क्रम में कटंगी विकासखंड के ग्राम कामठी के प्रगतिशील किसान श्री देवीप्रसाद भगत ने अपने 15 एकड़ खेत में सुपर सीडर मशीन के माध्यम से डीएसआर पद्धति से धान की बुआई करके एक मिसाल कायम की है। उन्होंने इतने बड़े रकबे में आधुनिक तकनीक से धान की सीधी बुवाई कर यह साबित किया है कि वैज्ञानिक खेती से कम लागत में भी अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। श्री देवीप्रसाद भगत का कहना है कि पारंपरिक धान रोपाई पद्धति में अधिक मजदूरों की आवश्यकता होती है, जबकि वर्तमान में मजदूरों की उपलब्धता एक बड़ी समस्या है। सुपर सीडर मशीन से डीएसआर पद्धति अपनाने से न केवल समय की बचत हुई, बल्कि रोपाई, नर्सरी तैयार करने और अतिरिक्त श्रम पर होने वाला खर्च भी काफी कम हो गया। इसी तरह ग्राम सावरी के किसान राधेलाल भैरम और देवकरण भैरम ने भी अपने खेतों में सुपर सीडर मशीन से डीएसआर पद्धति से धान की बुवाई कर आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति अपनी सकारात्मक सोच का परिचय दिया है। इन किसानों ने बताया कि मशीन से बुवाई करने पर कम समय में अधिक क्षेत्र कवर हो जाता है और फसल की शुरुआती बढ़वार भी बेहतर रहती है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, डीएसआर पद्धति धान उत्पादन की एक उन्नत तकनीक है, जिसमें खेत में सीधे बीज की बुवाई की जाती है। यह पद्धति पानी और श्रम लागत की बचत करती है, और समय पर बुवाई होने से फसल की उत्पादकता में वृद्धि की संभावना भी रहती है। साथ ही, यह तकनीक खेत की मिट्टी की संरचना और उर्वरता बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध हो रही है। कृषि विस्तार अधिकारी सुश्री वंदना धुर्वे ने बताया कि कटंगी क्षेत्र में किसानों द्वारा बड़े पैमाने पर डीएसआर तकनीक अपनाए जाने से अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं। कृषि विभाग का मानना है कि यदि अधिक किसान इस पद्धति को अपनाते हैं, तो खेती की लागत कम होने के साथ-साथ किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

जिले के प्रगतिशील किसानों द्वारा आधुनिक तकनीकों को अपनाने से यह स्पष्ट हो रहा है कि कृषि अब परंपरागत तरीकों से आगे बढ़कर वैज्ञानिक एवं यंत्रीकृत खेती की ओर तेजी से अग्रसर है। डीएसआर पद्धति का बढ़ता दायरा जिले के कृषि क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक और परिवर्तनकारी पहल के रूप में उभर रहा है।
    user_ASHISH NEWARE Journalist
    ASHISH NEWARE Journalist
    बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • बालाघाट जिले के कटंगी स्थित एक अस्पताल में महाराणा प्रताप जयंती मनाई गई, जहाँ उनकी वीरता को नमन किया गया। इस अवसर पर महाराणा प्रताप के जयकारे गूँजे और समाज को एकता की सीख दी गई।
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    बालाघाट जिले के कटंगी स्थित एक अस्पताल में महाराणा प्रताप जयंती मनाई गई, जहाँ उनकी वीरता को नमन किया गया। इस अवसर पर महाराणा प्रताप के जयकारे गूँजे और समाज को एकता की सीख दी गई।
    user_Dev Anand
    Dev Anand
    कटंगी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • लांजी तहसील के ग्राम बापडी निवासी सुभाष बनोटे ने जनसुनवाई में कारंजा उप डाकघर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 31 जुलाई 2018 को उन्होंने अपनी बेटी हीना बनोटे के नाम से सुकन्या समृद्धि योजना में 5 हजार रुपये जमा कराकर खाता खुलवाया था। बनोटे के अनुसार, खाते की पासबुक में मैनुअल एंट्री के दौरान 5 हजार रुपये की राशि दर्ज थी और उस पर डाकघर की सील भी लगी हुई थी। हालांकि, जब पासबुक की कंप्यूटराइज्ड कॉपी में एंट्री कराई गई, तो हीना के खाते में 5 हजार रुपये की राशि जमा नहीं दिख रही थी। उन्होंने अपनी समस्या के समाधान और बेटी हीना के खाते में 5 हजार रुपये की राशि दिलवाने की मांग की है। इस प्रकरण में अग्रणी बैंक प्रबंधक को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।
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    लांजी तहसील के ग्राम बापडी निवासी सुभाष बनोटे ने जनसुनवाई में कारंजा उप डाकघर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 31 जुलाई 2018 को उन्होंने अपनी बेटी हीना बनोटे के नाम से सुकन्या समृद्धि योजना में 5 हजार रुपये जमा कराकर खाता खुलवाया था।

बनोटे के अनुसार, खाते की पासबुक में मैनुअल एंट्री के दौरान 5 हजार रुपये की राशि दर्ज थी और उस पर डाकघर की सील भी लगी हुई थी। हालांकि, जब पासबुक की कंप्यूटराइज्ड कॉपी में एंट्री कराई गई, तो हीना के खाते में 5 हजार रुपये की राशि जमा नहीं दिख रही थी। उन्होंने अपनी समस्या के समाधान और बेटी हीना के खाते में 5 हजार रुपये की राशि दिलवाने की मांग की है। इस प्रकरण में अग्रणी बैंक प्रबंधक को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।
    user_Ramanuj Tidke
    Ramanuj Tidke
    Local News Reporter लांजी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • सिवनी में विधायक दिनेश राय मुनमुन ने आज श्री श्याम तोरणद्वार निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। यह कार्यक्रम सिवनी में आयोजित किया गया।
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    सिवनी में विधायक दिनेश राय मुनमुन ने आज श्री श्याम तोरणद्वार निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। यह कार्यक्रम सिवनी में आयोजित किया गया।
    user_Devendra thakur
    Devendra thakur
    Salesperson सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • मंडला जिले में खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों को खाद, डीजल और कृषि वाहनों के आवागमन जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग को लेकर किसानों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। किसानों का कहना है कि कृषि कार्य के लिए खाद की तत्काल आवश्यकता है, लेकिन सर्वर की समस्या के कारण स्लॉट बुकिंग में 10 से 15 दिनों का समय लग रहा है, जिससे उन्हें समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। इसके साथ ही, किसानों ने आरोप लगाया है कि निजी दुकानों पर भी मशीन खराब होने का बहाना बनाकर खाद नहीं दी जा रही है। कई जगहों से नकली खाद की बिक्री की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिससे किसानों की परेशानी और बढ़ गई है। जुताई के लिए डीजल की कमी भी एक बड़ी चिंता का विषय है, क्योंकि पेट्रोल पंपों पर डिब्बों में डीजल नहीं दिया जा रहा है। किसानों को अपने ट्रैक्टर लेकर ही पेट्रोल पंप तक जाना पड़ रहा है, जिससे खासकर दूरदराज के क्षेत्रों के किसानों और ट्रैक्टर मालिकों को काफी असुविधा हो रही है। किसानों ने यह भी शिकायत की है कि कृषि कार्य में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को नो-एंट्री के दौरान रोका जा रहा है, जिससे खेती-किसानी के काम प्रभावित हो रहे हैं। इन सभी मुद्दों पर किसानों ने प्रशासन से खाद की उपलब्धता, डीजल की आपूर्ति और कृषि वाहनों के सुचारु आवागमन को सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। अब देखना यह है कि किसानों की इन मांगों पर प्रशासन क्या कदम उठाता है।
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    मंडला जिले में खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों को खाद, डीजल और कृषि वाहनों के आवागमन जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग को लेकर किसानों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।

किसानों का कहना है कि कृषि कार्य के लिए खाद की तत्काल आवश्यकता है, लेकिन सर्वर की समस्या के कारण स्लॉट बुकिंग में 10 से 15 दिनों का समय लग रहा है, जिससे उन्हें समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। इसके साथ ही, किसानों ने आरोप लगाया है कि निजी दुकानों पर भी मशीन खराब होने का बहाना बनाकर खाद नहीं दी जा रही है। कई जगहों से नकली खाद की बिक्री की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिससे किसानों की परेशानी और बढ़ गई है।

जुताई के लिए डीजल की कमी भी एक बड़ी चिंता का विषय है, क्योंकि पेट्रोल पंपों पर डिब्बों में डीजल नहीं दिया जा रहा है। किसानों को अपने ट्रैक्टर लेकर ही पेट्रोल पंप तक जाना पड़ रहा है, जिससे खासकर दूरदराज के क्षेत्रों के किसानों और ट्रैक्टर मालिकों को काफी असुविधा हो रही है। किसानों ने यह भी शिकायत की है कि कृषि कार्य में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को नो-एंट्री के दौरान रोका जा रहा है, जिससे खेती-किसानी के काम प्रभावित हो रहे हैं। इन सभी मुद्दों पर किसानों ने प्रशासन से खाद की उपलब्धता, डीजल की आपूर्ति और कृषि वाहनों के सुचारु आवागमन को सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। अब देखना यह है कि किसानों की इन मांगों पर प्रशासन क्या कदम उठाता है।
    user_Govardhan kushwaha
    Govardhan kushwaha
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • बालाघाट जिले की भरवेली पंचायत में हुए तख्तापलट के बाद अब उर्मिला मालेश को निर्विरोध सरपंच चुन लिया गया है। इस चुनावी प्रक्रिया में उन्होंने जीत हासिल की है। उर्मिला मालेश ने घोषणा की है कि उनके कार्यकाल में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही, उनके पूर्व कार्यकाल के दौरान हुए सभी कार्यों की समीक्षा भी की जाएगी। चुनाव जीतने के बाद, गांव में एक विजय रैली निकाली गई।
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    बालाघाट जिले की भरवेली पंचायत में हुए तख्तापलट के बाद अब उर्मिला मालेश को निर्विरोध सरपंच चुन लिया गया है। इस चुनावी प्रक्रिया में उन्होंने जीत हासिल की है।

उर्मिला मालेश ने घोषणा की है कि उनके कार्यकाल में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही, उनके पूर्व कार्यकाल के दौरान हुए सभी कार्यों की समीक्षा भी की जाएगी। चुनाव जीतने के बाद, गांव में एक विजय रैली निकाली गई।
    user_Samarpit sahu
    Samarpit sahu
    पत्रकार बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • सिवनी जिले में करोड़ों रुपये की मशीनें कबाड़ में बदल गई हैं और कचरा डंप यार्ड में आग के हवाले किया जा रहा है, जिससे जहरीला प्रदूषण फैल रहा है। जानकारी के अनुसार, जिले में करीब सात साल पहले ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना के तहत कचरा प्रबंधन के लिए करोड़ों रुपये की मशीनें स्थापित की गई थीं। इन मशीनों में कचरे के निष्पादन और उससे खाद बनाने का काम होना था, लेकिन अब ये सभी मशीनें डंप यार्ड में कबाड़ के ढेर में बदल गई हैं।
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    सिवनी जिले में करोड़ों रुपये की मशीनें कबाड़ में बदल गई हैं और कचरा डंप यार्ड में आग के हवाले किया जा रहा है, जिससे जहरीला प्रदूषण फैल रहा है। जानकारी के अनुसार, जिले में करीब सात साल पहले ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना के तहत कचरा प्रबंधन के लिए करोड़ों रुपये की मशीनें स्थापित की गई थीं। इन मशीनों में कचरे के निष्पादन और उससे खाद बनाने का काम होना था, लेकिन अब ये सभी मशीनें डंप यार्ड में कबाड़ के ढेर में बदल गई हैं।
    user_BS News Network
    BS News Network
    Local News Reporter सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
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