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हरदोई जिले की तहसील शाहाबाद और ब्लॉक टोडरपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत कोटला सरिया के माजरा काजीवाडी गांव में अभी तक कोई भी बुनियादी सुविधा नहीं मिली है। गांव में न तो अभी तक सड़क बनी है और न ही बिजली आ रही है। इसके साथ ही, नालियों की सफाई भी नहीं हो रही है, जिससे गांव में बहुत मलेरिया फैल रहा है। सुविधाओं की कमी और बीमारी के डर से परेशान ग्रामीण बेहाल हैं और मदद की गुहार लगा रहे हैं।
Ashish Prajapati
हरदोई जिले की तहसील शाहाबाद और ब्लॉक टोडरपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत कोटला सरिया के माजरा काजीवाडी गांव में अभी तक कोई भी बुनियादी सुविधा नहीं मिली है। गांव में न तो अभी तक सड़क बनी है और न ही बिजली आ रही है। इसके साथ ही, नालियों की सफाई भी नहीं हो रही है, जिससे गांव में बहुत मलेरिया फैल रहा है। सुविधाओं की कमी और बीमारी के डर से परेशान ग्रामीण बेहाल हैं और मदद की गुहार लगा रहे हैं।
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- उत्तर प्रदेश के हरदोई में पुलिस विभाग के भीतर हुए प्रशासनिक फेरबदल के तहत प्रशांत द्विवेदी को बघौली थाने का नया प्रभारी निरीक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं, वर्तमान थाना प्रभारी बृजेश मिश्रा का गैर जनपद स्थानांतरण होने के बाद उन्हें कार्यमुक्त कर दिया गया है। नए थाना प्रभारी प्रशांत द्विवेदी जल्द ही बघौली थाने का कार्यभार संभालेंगे। इस बदलाव के बीच स्थानीय लोगों ने नए थाना प्रभारी से क्षेत्र की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की अपेक्षा जताई है।1
- हरदोई जिले की तहसील शाहाबाद और ब्लॉक टोडरपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत कोटला सरिया के माजरा काजीवाडी गांव में अभी तक कोई भी बुनियादी सुविधा नहीं मिली है। गांव में न तो अभी तक सड़क बनी है और न ही बिजली आ रही है। इसके साथ ही, नालियों की सफाई भी नहीं हो रही है, जिससे गांव में बहुत मलेरिया फैल रहा है। सुविधाओं की कमी और बीमारी के डर से परेशान ग्रामीण बेहाल हैं और मदद की गुहार लगा रहे हैं।1
- हिंदी दैनिक राष्ट्रीय नवल टाइम्स के विशेष पोर्टल शुरुआत पर दर्शकों का स्वागत करते हुए एक हैरान कर देने वाली खबर साझा की गई है। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर हर भारतीय हैरान है। आज उच्च न्यायालय में किसी मामले को लेकर बहस चल रही थी, इसी दौरान एक वकील द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और अदालती कागजातों को हवा में उड़ा दिया गया। इंडिया के उच्च न्यायालय में हुई इस घटना ने हर किसी को हैरान कर दिया है और अब यह खास वीडियो सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म पर जमकर वायरल हो रहा है।1
- हरदोई में बिजली विभाग की लचर व्यवस्था और दिन-रात हो रही अघोषित कटौती से परेशान शहरवासियों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया है। आज सुबह सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित लोगों ने जिलाधिकारी अनुनय झा के आवास का घेराव कर जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बिजली कटौती के कारण उनका आम जनजीवन पूरी तरह से बेहाल हो चुका है। इस हंगामे और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही शहर कोतवाल संजय त्यागी भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और मोर्चा संभाला। फिलहाल, पुलिस प्रशासन प्रदर्शन कर रही जनता को समझा-बुझाकर शांत कराने के प्रयास में जुटा हुआ है।1
- हरदोई के शाहाबाद में महिला लेखपाल द्वारा उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के विरुद्ध लगाए गए गंभीर आरोपों को लेकर उपजा विवाद अब लगातार गहराता जा रहा है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विमलेश सिंह लोधी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार चौथे दिन भी जारी रहा, जिसके चलते तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी हुई। अधिवक्ताओं ने एसडीएम के खिलाफ कोतवाली में दी गई तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने और उनका स्थानांतरण करने की मांग दोहराई है। वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन को और व्यापक बनाते हुए जिले की सभी तहसीलों को जाम कर देंगे और कहीं भी न्यायिक कार्य नहीं होने दिया जाएगा। दूसरी ओर, शाहाबाद के एसडीएम ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि संबंधित महिला लेखपाल को केवल शासकीय कार्य और खतौनी फीडिंग के संबंध में पूछताछ के लिए कार्यालय बुलाया गया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घटना के समय उनके कार्यालय में अन्य कर्मचारी भी मौजूद थे, जिनसे इस तथ्य की पुष्टि की जा सकती है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच, जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच समिति की निष्पक्ष जांच पर सबकी निगाहें टिकी हैं, जिसके जल्द ही सार्वजनिक रूप से सामने आने की उम्मीद है। इस जांच के तहत सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और घटना के समय मौजूद लोगों की भूमिका जैसे कई अहम सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। इस विवाद की गूंज अब सोशल मीडिया पर भी दिखाई दे रही है, जहां समाज दो धड़ों में बंटा नजर आ रहा है। फेसबुक और व्हाट्सऐप जैसे मंचों पर तीखी बहस छिड़ी हुई है, जिसमें प्रमोद बर्मा जैसे कुछ लोग महिला लेखपाल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने और विभागीय जांच की मांग का समर्थन कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, अधिवक्ता अवनीश पाण्डेय, डॉ. एन.पी. तिवारी, ब्लॉक प्रमुख त्रिपुरेश मिश्रा, अतुल कुमार और एडवोकेट दीपक बाजपेई सहित कई लोगों ने पूर्व की घटनाओं का हवाला देते हुए एसडीएम का समर्थन किया है और बार एसोसिएशन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। इस बीच, पत्रकार आनंद शुक्ला और अधिवक्ता चन्द्र किशोर मिश्रा ने दोनों पक्षों को सुनने और निष्पक्ष विधिक जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की आवश्यकता पर जोर दिया है। लगातार चल रहे इस प्रदर्शन और अदालतों के बहिष्कार के कारण तहसील आने वाले आम फरियादियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।2
- हरदोई में राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए निकले कांग्रेस जिलाध्यक्ष विक्रम पांडेय को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से एहतियातन यह कदम उठाया गया है। इस कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष विक्रम पांडेय ने कहा कि वे अपनी बात रखने के लिए निकले थे और पुलिस ने उन्हें प्रक्रिया के तहत रोका है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य बनी हुई है और पुलिस प्रशासन शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर तैनात है।1
- कन्नौज के कोतवाली क्षेत्र स्थित महेंदीघाट गंगा पुल पर शनिवार तड़के करीब 4:00 बजे मैदा से लदा एक ट्रक रेलिंग तोड़ते हुए गंगा नदी में जा गिरा। इस हादसे में ट्रक चालक और एक सवारी घायल हो गए हैं, जबकि क्लीनर लापता है। हादसे के बाद पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से पुल पर बैरिकेडिंग करके सुरक्षा घेरा बना दिया है। इस घटना को करीब 15 घंटे बीत जाने के बावजूद न तो ट्रक को नदी से बाहर निकाला गया है और न ही कोई प्रभावी रेस्क्यू अभियान शुरू किया जा सका है। प्रशासन की इस ढिलाई से स्थानीय लोगों में नाराजगी और चिंता का माहौल है। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग मामले की निगरानी कर रहे हैं, और लापता क्लीनर की तलाश व ट्रक को नदी से बाहर निकालने की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।1