चैनपुर/गुमला के बरवे क्षेत्र के 83 गांवों में संचालित 'सिरसी-ता नाले ककड़ो लाता' जन-जागरण यात्रा का भव्य समापन सिरसी-ता नाले धर्मस्थल में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर बरवे क्षेत्र के सभी 83 गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण, समाज के गणमान्य लोग और श्रद्धालु उपस्थित रहे। जानकारी के अनुसार, यह जन-जागरण यात्रा 31 मई, 2026 को ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर सिरसी-ता नाले ककड़ो लाता धर्मस्थल से शुरू हुई थी और 14 जून, 2026 को उसी पवित्र स्थल पर समाप्त हुई। समापन कार्यक्रम में हजारों की संख्या में जुटे ग्रामीणों ने धर्मस्थल के विकास, संरक्षण और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। सभा में सर्वसम्मति से यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया कि सिरसी-ता नाले ककड़ो लाता धर्मस्थल का विकास और निर्माण कार्य आदिवासी समाज के लोगों के एक-एक रुपये के सहयोग और आपसी चंदे से ही किया जाएगा। सामाजिक कार्यकर्ता शिव प्रकाश भगत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह धर्मस्थल आदिवासी समाज की आस्था, संस्कृति और पहचान का प्रतीक है, जिसके संरक्षण और विकास की जिम्मेदारी समाज स्वयं उठाएगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि धर्मस्थल के विकास के लिए किसी विधायक, सांसद अथवा किसी अन्य सरकारी फंड से सहायता स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके बजाय, धर्मस्थल का निर्माण, संरक्षण, विकास एवं देखरेख स्थानीय लोगों की निगरानी और सहभागिता में ही होगी। इस निर्णय का बरवे क्षेत्र के सभी 83 गांवों से आए ग्रामीणों ने समर्थन करते हुए संकल्प लिया कि वे अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर की जिम्मेदारी स्वयं निभाएंगे। वक्ताओं ने इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सिरसी-ता नाले ककड़ो लाता धर्मस्थल का विकास एवं निर्माण कार्य पूरी तरह जनसहयोग से पूरा करना बताया, ताकि आदिवासी समाज की आत्मनिर्भरता, सांस्कृतिक पहचान और परंपराएं अक्षुण्ण बनी रहें। कार्यक्रम का सफल संचालन अमित भगत ने किया, जबकि मनीषा उरांव, अनिता उरांव, जलेश्वर उरांव, सतीश चन्द्र भगत, शिवबालक भगत, लीला उरांव, भगत पति उरांव, ललिता उरांव, सुबरशनी मुंडा एवं सत्येन्द्र भगत सहित कई लोगों ने जन-जागरण यात्रा को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंत में, आयोजन समिति ने इस जन-जागरण यात्रा को ऐतिहासिक बनाने के लिए बरवे क्षेत्र के सभी 83 गांवों के ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया।
चैनपुर/गुमला के बरवे क्षेत्र के 83 गांवों में संचालित 'सिरसी-ता नाले ककड़ो लाता' जन-जागरण यात्रा का भव्य समापन सिरसी-ता नाले धर्मस्थल में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर बरवे क्षेत्र के सभी 83 गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण, समाज के गणमान्य लोग और श्रद्धालु उपस्थित रहे। जानकारी के अनुसार, यह जन-जागरण यात्रा 31 मई, 2026 को ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर सिरसी-ता नाले ककड़ो लाता धर्मस्थल से शुरू हुई थी और 14 जून, 2026 को उसी पवित्र स्थल पर समाप्त हुई। समापन कार्यक्रम में हजारों की संख्या में जुटे ग्रामीणों ने धर्मस्थल के विकास, संरक्षण और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। सभा में सर्वसम्मति से यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया कि सिरसी-ता नाले ककड़ो लाता धर्मस्थल का विकास और निर्माण कार्य आदिवासी समाज के लोगों के एक-एक रुपये के सहयोग और आपसी चंदे से ही किया जाएगा। सामाजिक कार्यकर्ता शिव प्रकाश भगत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह धर्मस्थल आदिवासी समाज की आस्था, संस्कृति और पहचान का प्रतीक है, जिसके संरक्षण और विकास की जिम्मेदारी समाज स्वयं उठाएगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि धर्मस्थल के विकास के लिए किसी विधायक, सांसद अथवा किसी अन्य सरकारी फंड से सहायता स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके बजाय, धर्मस्थल का निर्माण, संरक्षण, विकास एवं देखरेख स्थानीय लोगों की निगरानी और सहभागिता में ही होगी। इस निर्णय का बरवे क्षेत्र के सभी 83 गांवों से आए ग्रामीणों ने समर्थन करते हुए संकल्प लिया कि वे अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर की जिम्मेदारी स्वयं निभाएंगे। वक्ताओं ने इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सिरसी-ता नाले ककड़ो लाता धर्मस्थल का विकास एवं निर्माण कार्य पूरी तरह जनसहयोग से पूरा करना बताया, ताकि आदिवासी समाज की आत्मनिर्भरता, सांस्कृतिक पहचान और परंपराएं अक्षुण्ण बनी रहें। कार्यक्रम का सफल संचालन अमित भगत ने किया, जबकि मनीषा उरांव, अनिता उरांव, जलेश्वर उरांव, सतीश चन्द्र भगत, शिवबालक भगत, लीला उरांव, भगत पति उरांव, ललिता उरांव, सुबरशनी मुंडा एवं सत्येन्द्र भगत सहित कई लोगों ने जन-जागरण यात्रा को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंत में, आयोजन समिति ने इस जन-जागरण यात्रा को ऐतिहासिक बनाने के लिए बरवे क्षेत्र के सभी 83 गांवों के ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया।
- गुमला के सिसई में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासंघ की गुमला जिला समिति द्वारा पारित प्रस्ताव के आलोक में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। रंजीत नारायण सिंह सरस्वती विद्या मंदिर में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत बनाना, समाज में एकता स्थापित करना, सामाजिक अधिकारों की रक्षा करना और लोगों को न्याय के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान, सिसई प्रखंड की पुरानी समिति को भंग कर सर्वसम्मति से एक नई समिति का गठन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता श्याम नारायण सिंह ने की। बैठक में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासंघ के प्रदेश महामंत्री सूरजदेव सिंह, गुमला जिलाध्यक्ष सुरेश नाथ सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष जगनारायण सिंह, जिला उपाध्यक्ष सिकंदर सिंह और देवकुमार सिंह, तथा जिला सचिव शांतनु सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। नई प्रखंड समिति में अरुण नारायण सिंह को प्रखंड अध्यक्ष, सुखलाल राय को सचिव, कामदेव सिंह को कोषाध्यक्ष, विक्रांत सिंह को क्षत्रिय महासंघ के युवा मोर्चा प्रखंड अध्यक्ष, और मनोज कुमार राय को युवा मोर्चा प्रखंड सचिव का दायित्व सौंपा गया। नई जिम्मेदारियां मिलने पर सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। प्रदेश और जिला पदाधिकारियों ने समाज के लोगों से संगठित रहने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज की एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने सामाजिक न्याय, शिक्षा, युवाओं की भागीदारी और समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए सभी लोगों से एक मंच पर आकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया। नवनियुक्त अध्यक्षों ने संगठन और समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए प्रदेश एवं जिला नेतृत्व द्वारा जताए गए विश्वास पर खरा उतरने का संकल्प लिया। उन्होंने समाज के हित, युवाओं के मार्गदर्शन और संगठन की मजबूती के लिए ईमानदारी व समर्पण के साथ कार्य करने की प्रतिज्ञा भी ली। बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने, युवाओं को संगठन से जोड़ने और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के लिए आने वाले दिनों में गांव-गांव संपर्क अभियान चलाया जाएगा। वक्ताओं ने शिक्षा, सामाजिक समरसता और संगठनात्मक मजबूती के माध्यम से ही समाज को नई दिशा देने की बात कही। इस अवसर पर निरंजन सिंह, नंदु सिंह, रामानंद सिंह, श्याम नारायण सिंह, बदरी नारायण सिंह, श्रीकमल सिंह, तेज नारायण सिंह नागेंद्र सिंह, विपिन सिंह और शिवनारायण सिंह सहित क्षत्रिय समाज के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। बैठक का समापन समाज की एकता, संगठन की मजबूती और सामाजिक उत्थान के संकल्प के साथ हुआ।4
- गुमला जिले के सिसई स्थित रेफरल अस्पताल में हाल ही में संपन्न हुए साथिया पियर एजुकेटर प्रशिक्षण में बरगांव उतरी, बरगांव दक्षिणी, नगर और सिसई पंचायत के किशोर-किशोरियों ने भाग लिया था। इस प्रशिक्षण को प्रशिक्षिका सिलवंती मिंज, विनीता सोरेंग और सहिया मीना कुमारी ने प्रदान किया था। शनिवार को, इस प्रशिक्षण में शामिल रहे शेष बचे 24 किशोर-किशोरियों को अस्पताल परिसर में प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार वितरित किए गए।1
- यह शिकायत सामने आई है कि सीमेंट की कुर्सियां लगाकर जनता के पैसे की बर्बादी की जा रही है। बताया गया है कि ये कुर्सियां न तो मजबूत हैं और न ही इनमें नट ठीक से लगाए जा रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप कई जगहों पर लगाने के तुरंत बाद ही ये टूट रही हैं। आरोप है कि 15वें वित्त आयोग के पैसे को केवल बर्बाद किया जा रहा है, और इस पूरे मामले को जाँच का विषय बताया गया है।1
- कोलेबिरा प्रखंड कांग्रेस कमेटी की मासिक बैठक रविवार को बरवाडीह रोड स्थित सामुदायिक भवन में प्रखंड अध्यक्ष राकेश कोनगाड़ी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य SIR मैपिंग और अनमैपिंग कार्यों की समीक्षा करना था। पंचायत अध्यक्षों और बीएलए को निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। बैठक में सभी पंचायत अध्यक्षों से कहा गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अगले दो दिनों के भीतर एक विशेष अभियान चलाकर मैपिंग कार्य को पूरा करें। वहीं, बीएलए को 15 जून तक अनमैपिंग को मैपिंग में बदलने का लक्ष्य सौंपा गया है। इस दौरान कार्यकर्ताओं को पेसा कानून की जानकारी भी दी गई और कोलेबिरा विधायक नमन बिक्सल कोनगाड़ी द्वारा क्षेत्र में कराए जा रहे विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रखंड अध्यक्ष राकेश कोनगाड़ी ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के लिए सभी कार्यकर्ताओं से पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया। जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष सुरेश द्विवेदी ने भी पंचायत स्तर पर संगठन को सक्रिय रखने और जनहित के मुद्दों को जनता तक पहुँचाने पर विशेष जोर दिया। बैठक में प्रदेश अल्पसंख्यक सचिव फुल्केरिया डांग, सांसद प्रतिनिधि सुनील खड़िया, जोसेफ सोरेंग, तजमुल अहमद, लूथर सुरीन, जोगेंद्र मांझी, एरेन केरकेट्टा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- लातेहार जिले के गारु और महुआडार प्रखंडों में कृषि खाद की बड़े पैमाने पर कालाबाजारी किए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। यह आरोप पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष संजय जायसवाल ने रविवार सुबह 11:00 बजे लगाया था। मामले की जानकारी मिलते ही अनुमंडल पदाधिकारी सुलेमान मुंदरी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसी रविवार दोपहर 3:00 बजे कृषि खाद की दुकानों में छापेमारी की।1
- रायगढ़ जिला जेल में अवैध शराब बिक्री के एक मामले में बंद 28 वर्षीय संजय बघेल नामक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। बताया गया है कि तबीयत बिगड़ने पर संजय को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद मृतक कैदी के परिजनों ने जेल में मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, जेल प्रशासन और पुलिस ने परिजनों द्वारा लगाए गए इन आरोपों से इनकार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, संजय बघेल की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने और आगे की जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।1
- गुमला के सिसई स्थित पोटरो के बुढ़ा महादेव मंदिर परिसर में एक पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पाँच दिवसीय योग शिविर का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि सिसई उत्तरी की जिला परिषद सदस्य विजयलक्ष्मी कुमारी और योग गुरु गजराज महतो ने संयुक्त रूप से 'आदि योगी महादेव' के शिवलिंग पर दीप प्रज्ज्वलित कर वंदन-नमन किया। इसके साथ ही, मंदिर के गर्भगृह में विराजमान संकट मोचन बाला जी को माल्यार्पण कर उनके चरणों को नमन किया गया, जिसके बाद योग एवं ध्यान शिविर की विधिवत शुरुआत हुई। योग गुरु गजराज महतो ने योग के विभिन्न आसनों के बारे में बताते हुए कहा कि विश्व भर में लोग योग से जुड़कर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं, क्योंकि योग का तात्पर्य ही जोड़ना और जुड़ना है। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को जानकारी दी कि आगामी 21 जून, रविवार को 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे विश्व में मनाया जाएगा और स्वस्थ व दीर्घायु जीवन के लिए सभी लोग योग करेंगे। यह योग आयुष विभाग, भारत सरकार के प्रोटोकॉल के अनुसार आयोजित किया जाएगा, जिसका इस वर्ष का थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था, आनंदमय जीवन जीने का आधार" है। जिला परिषद सदस्य विजयलक्ष्मी कुमारी ने अपने संबोधन में आज की भागदौड़ भरी और तनावपूर्ण जीवनशैली में प्रतिदिन सपरिवार प्रातः काल योग के विभिन्न आसनों को करने की महत्ता पर जोर दिया, ताकि स्वस्थ जीवन जीया जा सके। उन्होंने योग गुरु गजराज महतो की सराहना करते हुए कहा कि वे सिसई प्रखंड के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से लेकर गाँवों और टोलों तक लगातार योग का अलख जगा रहे हैं, जिससे सभी लोग तन-मन से निरोग रह सकें। शिविर के पहले दिन, सभी योगियों ने प्राणायाम, सूक्ष्म व्यायाम और यौगिक जॉगिंग का अभ्यास किया, साथ ही योग भजन भी किए। शिविर के समापन से पहले, विश्व कल्याण और विश्व शांति के लिए शांति पाठ भी संपन्न कराया गया।4
- झारखंड के लोहरदगा जिले के पेशरार प्रखंड के गम्हरिया में एक चेक डैम के निर्माण कार्य में नाबालिग बच्चों से कथित तौर पर काम कराया जा रहा है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर अब निर्माण कार्य की जांच की मांग उठ रही है और इसे जांच का विषय बताया जा रहा है।1
- राजधानी राँची और आसपास के इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली है। दोपहर की उमस और चिलचिलाती धूप के बाद शाम होते-होते आसमान में काले बादल छा गए, जिसके बाद कड़कती बिजली और बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। इस मूसलाधार बारिश से पिछले कुछ दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली है और मौसम सुहावना हो गया है। मौसम विभाग के अलर्ट के अनुसार, बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं और तापमान में अचानक 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। विभाग ने बज्रपात (लाइटनिंग) की आशंका जताते हुए लोगों को चेतावनी जारी की है कि वे गरज और चमक के दौरान घरों में ही रहें और बिजली के खंभों या पेड़ों के नीचे शरण न लें। इस अचानक हुई तेज बारिश के कारण शहर के मुख्य चौराहों जैसे अल्बर्ट एक्का चौक, लालपुर और कचेहरी रोड पर यातायात की रफ्तार थोड़ी धीमी हो गई है। कई निचले इलाकों में सड़कों पर पानी भर जाने से दोपहिया वाहन चालकों को हल्की परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन गर्मी से मिली राहत के चलते लोग इस बारिश का जमकर लुत्फ उठा रहे हैं। एक मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि राँची और इसके आसपास के जिलों में अगले कुछ घंटों तक रुक-रुक कर बारिश का यह दौर जारी रह सकता है। यह प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है, जिससे वातावरण में ठंडक बनी रहेगी।1