गुमला के सिसई में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासंघ की गुमला जिला समिति द्वारा पारित प्रस्ताव के आलोक में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। रंजीत नारायण सिंह सरस्वती विद्या मंदिर में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत बनाना, समाज में एकता स्थापित करना, सामाजिक अधिकारों की रक्षा करना और लोगों को न्याय के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान, सिसई प्रखंड की पुरानी समिति को भंग कर सर्वसम्मति से एक नई समिति का गठन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता श्याम नारायण सिंह ने की। बैठक में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासंघ के प्रदेश महामंत्री सूरजदेव सिंह, गुमला जिलाध्यक्ष सुरेश नाथ सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष जगनारायण सिंह, जिला उपाध्यक्ष सिकंदर सिंह और देवकुमार सिंह, तथा जिला सचिव शांतनु सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। नई प्रखंड समिति में अरुण नारायण सिंह को प्रखंड अध्यक्ष, सुखलाल राय को सचिव, कामदेव सिंह को कोषाध्यक्ष, विक्रांत सिंह को क्षत्रिय महासंघ के युवा मोर्चा प्रखंड अध्यक्ष, और मनोज कुमार राय को युवा मोर्चा प्रखंड सचिव का दायित्व सौंपा गया। नई जिम्मेदारियां मिलने पर सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। प्रदेश और जिला पदाधिकारियों ने समाज के लोगों से संगठित रहने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज की एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने सामाजिक न्याय, शिक्षा, युवाओं की भागीदारी और समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए सभी लोगों से एक मंच पर आकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया। नवनियुक्त अध्यक्षों ने संगठन और समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए प्रदेश एवं जिला नेतृत्व द्वारा जताए गए विश्वास पर खरा उतरने का संकल्प लिया। उन्होंने समाज के हित, युवाओं के मार्गदर्शन और संगठन की मजबूती के लिए ईमानदारी व समर्पण के साथ कार्य करने की प्रतिज्ञा भी ली। बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने, युवाओं को संगठन से जोड़ने और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के लिए आने वाले दिनों में गांव-गांव संपर्क अभियान चलाया जाएगा। वक्ताओं ने शिक्षा, सामाजिक समरसता और संगठनात्मक मजबूती के माध्यम से ही समाज को नई दिशा देने की बात कही। इस अवसर पर निरंजन सिंह, नंदु सिंह, रामानंद सिंह, श्याम नारायण सिंह, बदरी नारायण सिंह, श्रीकमल सिंह, तेज नारायण सिंह नागेंद्र सिंह, विपिन सिंह और शिवनारायण सिंह सहित क्षत्रिय समाज के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। बैठक का समापन समाज की एकता, संगठन की मजबूती और सामाजिक उत्थान के संकल्प के साथ हुआ।
गुमला के सिसई में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासंघ की गुमला जिला समिति द्वारा पारित प्रस्ताव के आलोक में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। रंजीत नारायण सिंह सरस्वती विद्या मंदिर में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत बनाना, समाज में एकता स्थापित करना, सामाजिक अधिकारों की रक्षा करना और लोगों को न्याय के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान, सिसई प्रखंड की पुरानी समिति को भंग कर सर्वसम्मति से एक नई समिति का गठन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता श्याम नारायण सिंह ने की। बैठक में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासंघ के प्रदेश महामंत्री सूरजदेव सिंह, गुमला
जिलाध्यक्ष सुरेश नाथ सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष जगनारायण सिंह, जिला उपाध्यक्ष सिकंदर सिंह और देवकुमार सिंह, तथा जिला सचिव शांतनु सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। नई प्रखंड समिति में अरुण नारायण सिंह को प्रखंड अध्यक्ष, सुखलाल राय को सचिव, कामदेव सिंह को कोषाध्यक्ष, विक्रांत सिंह को क्षत्रिय महासंघ के युवा मोर्चा प्रखंड अध्यक्ष, और मनोज कुमार राय को युवा मोर्चा प्रखंड सचिव का दायित्व सौंपा गया। नई जिम्मेदारियां मिलने पर सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। प्रदेश और जिला पदाधिकारियों ने समाज के लोगों से संगठित रहने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज की एकता ही
उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने सामाजिक न्याय, शिक्षा, युवाओं की भागीदारी और समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए सभी लोगों से एक मंच पर आकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया। नवनियुक्त अध्यक्षों ने संगठन और समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए प्रदेश एवं जिला नेतृत्व द्वारा जताए गए विश्वास पर खरा उतरने का संकल्प लिया। उन्होंने समाज के हित, युवाओं के मार्गदर्शन और संगठन की मजबूती के लिए ईमानदारी व समर्पण के साथ कार्य करने की प्रतिज्ञा भी ली। बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने, युवाओं
को संगठन से जोड़ने और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के लिए आने वाले दिनों में गांव-गांव संपर्क अभियान चलाया जाएगा। वक्ताओं ने शिक्षा, सामाजिक समरसता और संगठनात्मक मजबूती के माध्यम से ही समाज को नई दिशा देने की बात कही। इस अवसर पर निरंजन सिंह, नंदु सिंह, रामानंद सिंह, श्याम नारायण सिंह, बदरी नारायण सिंह, श्रीकमल सिंह, तेज नारायण सिंह नागेंद्र सिंह, विपिन सिंह और शिवनारायण सिंह सहित क्षत्रिय समाज के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। बैठक का समापन समाज की एकता, संगठन की मजबूती और सामाजिक उत्थान के संकल्प के साथ हुआ।
- गुमला जिले के सिसई स्थित रेफरल अस्पताल में हाल ही में संपन्न हुए साथिया पियर एजुकेटर प्रशिक्षण में बरगांव उतरी, बरगांव दक्षिणी, नगर और सिसई पंचायत के किशोर-किशोरियों ने भाग लिया था। इस प्रशिक्षण को प्रशिक्षिका सिलवंती मिंज, विनीता सोरेंग और सहिया मीना कुमारी ने प्रदान किया था। शनिवार को, इस प्रशिक्षण में शामिल रहे शेष बचे 24 किशोर-किशोरियों को अस्पताल परिसर में प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार वितरित किए गए।1
- खूंटी बाजार टांड स्थित एक गुमटी में बीती रात अज्ञात चोरों ने चोरी की घटना को अंजाम दिया। पीड़ित दुकानदार बादशाह ने बताया कि चोर उनकी दुकान से करीब 4,500 रुपये मूल्य का सामान और कुछ नकदी लेकर फरार हो गए। सुबह जब दुकानदार दुकान खोलने पहुंचे, तब उन्हें चोरी की जानकारी मिली, जिसमें दुकान का सारा सामान बिखरा पड़ा था। इस घटना के बाद बादशाह ने चिंता जताते हुए कहा कि बाजार टांड क्षेत्र में आए दिन चोरी की घटनाएं हो रही हैं, जिससे छोटे दुकानदारों में डर का माहौल बना हुआ है। उन्होंने प्रशासन से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने, नियमित गश्त बढ़ाने और चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।1
- झारखंड के लोहरदगा जिले के पेशरार प्रखंड के गम्हरिया में एक चेक डैम के निर्माण कार्य में नाबालिग बच्चों से कथित तौर पर काम कराया जा रहा है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर अब निर्माण कार्य की जांच की मांग उठ रही है और इसे जांच का विषय बताया जा रहा है।1
- सिंचाई के उद्देश्य से स्थापित एक मशीन चोरी हो गई है। इस घटना के संबंध में, जानकारी मिली है कि अब तक कुल तीन मशीनें बरामद की जा चुकी हैं।1
- चैनपुर/गुमला के बरवे क्षेत्र के 83 गांवों में संचालित 'सिरसी-ता नाले ककड़ो लाता' जन-जागरण यात्रा का भव्य समापन सिरसी-ता नाले धर्मस्थल में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर बरवे क्षेत्र के सभी 83 गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण, समाज के गणमान्य लोग और श्रद्धालु उपस्थित रहे। जानकारी के अनुसार, यह जन-जागरण यात्रा 31 मई, 2026 को ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर सिरसी-ता नाले ककड़ो लाता धर्मस्थल से शुरू हुई थी और 14 जून, 2026 को उसी पवित्र स्थल पर समाप्त हुई। समापन कार्यक्रम में हजारों की संख्या में जुटे ग्रामीणों ने धर्मस्थल के विकास, संरक्षण और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। सभा में सर्वसम्मति से यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया कि सिरसी-ता नाले ककड़ो लाता धर्मस्थल का विकास और निर्माण कार्य आदिवासी समाज के लोगों के एक-एक रुपये के सहयोग और आपसी चंदे से ही किया जाएगा। सामाजिक कार्यकर्ता शिव प्रकाश भगत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह धर्मस्थल आदिवासी समाज की आस्था, संस्कृति और पहचान का प्रतीक है, जिसके संरक्षण और विकास की जिम्मेदारी समाज स्वयं उठाएगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि धर्मस्थल के विकास के लिए किसी विधायक, सांसद अथवा किसी अन्य सरकारी फंड से सहायता स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके बजाय, धर्मस्थल का निर्माण, संरक्षण, विकास एवं देखरेख स्थानीय लोगों की निगरानी और सहभागिता में ही होगी। इस निर्णय का बरवे क्षेत्र के सभी 83 गांवों से आए ग्रामीणों ने समर्थन करते हुए संकल्प लिया कि वे अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर की जिम्मेदारी स्वयं निभाएंगे। वक्ताओं ने इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सिरसी-ता नाले ककड़ो लाता धर्मस्थल का विकास एवं निर्माण कार्य पूरी तरह जनसहयोग से पूरा करना बताया, ताकि आदिवासी समाज की आत्मनिर्भरता, सांस्कृतिक पहचान और परंपराएं अक्षुण्ण बनी रहें। कार्यक्रम का सफल संचालन अमित भगत ने किया, जबकि मनीषा उरांव, अनिता उरांव, जलेश्वर उरांव, सतीश चन्द्र भगत, शिवबालक भगत, लीला उरांव, भगत पति उरांव, ललिता उरांव, सुबरशनी मुंडा एवं सत्येन्द्र भगत सहित कई लोगों ने जन-जागरण यात्रा को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंत में, आयोजन समिति ने इस जन-जागरण यात्रा को ऐतिहासिक बनाने के लिए बरवे क्षेत्र के सभी 83 गांवों के ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया।1
- रांची जिले के बुढ़मू गाँव में एक कोबरा नाग के घुस जाने से लोगों के बीच हड़कंप मच गया। इस घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू किया।1
- कर्रा खुंटी रोड पर स्थित कटहल टोली कर्रा में कुणाल चीकन दुकान है। इस दुकान पर चिकन मीट खरीदने के लिए क्षेत्र के लोग दूर-दूर से आते हैं।1
- लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत ने वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव अल्बर्ट तिग्गा को चैनपुर प्रखंड का सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया है। इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और अंचल अधिकारी (सीओ) को आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना के अनुसार, अल्बर्ट तिग्गा सांसद की अनुपस्थिति में सभी सरकारी कार्यक्रमों में उनका प्रतिनिधित्व करेंगे तथा जनता और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करने का महत्वपूर्ण कार्य संभालेंगे। अल्बर्ट तिग्गा का कांग्रेस संगठन और सामाजिक कार्यों से जुड़ाव काफी पुराना है; वे वर्ष 1995 से 2000 तक तत्कालीन विधायक स्वर्गीय प्रोफेसर बर्नार्ड मिंज के प्रतिनिधि के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। अपनी नियुक्ति पर अल्बर्ट तिग्गा ने सांसद का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे क्षेत्र की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सांसद तक पहुंचाकर उनके समाधान का प्रयास करेंगे। उनकी इस नियुक्ति से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है, और लोगों ने उम्मीद जताई है कि उनके अनुभव का लाभ क्षेत्र के विकास एवं जनहित के कार्यों को मिलेगा।1
- राजधानी राँची की 84 किलोमीटर लंबी रिंग रोड को आने वाले दिनों में आधुनिक सुविधाओं से लैस ग्रीन मोबिलिटी कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। यह सिर्फ वाहनों के आवागमन का मार्ग नहीं रहेगा, बल्कि इसके किनारे साइकिल चालकों के लिए 40 किलोमीटर लंबा एक विशेष और सुरक्षित मार्ग भी विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के तहत रिंग रोड के दोनों ओर सर्विस रोड, फुटपाथ, हरित पट्टी और सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था का निर्माण किया जाएगा। पहले चरण में, विकास, लॉ यूनिवर्सिटी, सुकुरहुटू, झिरी और नगड़ी क्षेत्र को इस महत्वाकांक्षी परियोजना से जोड़ा जाएगा। पथ निर्माण विभाग ने इस कार्य के लिए कंसलटेंट चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है और जल्द ही विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया जाएगा। रिंग रोड के आसपास बीते कुछ वर्षों में तेजी से शहरी विस्तार हुआ है, जिससे नई आवासीय कॉलोनियों, शैक्षणिक संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की संख्या में वृद्धि हुई है। सुकुरहुटू में ट्रांसपोर्ट नगर पहले ही विकसित हो चुका है, वहीं दुबलिया में इंटर स्टेट बस टर्मिनल की तैयारी चल रही है। ऐसे में, इस पूरे क्षेत्र में बेहतर बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षित आवागमन की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर तैयार की जा रही इस योजना का मुख्य उद्देश्य रिंग रोड को अधिक सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल और नागरिक सुविधाओं से युक्त बनाना है। परियोजना पूरी होने के बाद साइकिल चालकों, पैदल यात्रियों और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, साथ ही सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्था से ऊर्जा संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।1