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दतिया मे आयोजित मप्र श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रांतीय सम्मेलन मे विशिष्ट अतिथि बागेश्वर धाम के पीठधीश्वर प. श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी पहुंचे..... दतिया मे आयोजित मप्र श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रांतीय सम्मेलन मे विशिष्ट अतिथि बागेश्वर धाम के पीठधीश्वर प. श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी पहुंचे.....
Abnish Dubey
दतिया मे आयोजित मप्र श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रांतीय सम्मेलन मे विशिष्ट अतिथि बागेश्वर धाम के पीठधीश्वर प. श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी पहुंचे..... दतिया मे आयोजित मप्र श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रांतीय सम्मेलन मे विशिष्ट अतिथि बागेश्वर धाम के पीठधीश्वर प. श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी पहुंचे.....
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- दतिया मे आयोजित मप्र श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रांतीय सम्मेलन मे विशिष्ट अतिथि बागेश्वर धाम के पीठधीश्वर प. श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी पहुंचे..... दतिया मे आयोजित मप्र श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रांतीय सम्मेलन मे विशिष्ट अतिथि बागेश्वर धाम के पीठधीश्वर प. श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी पहुंचे.....1
- पंडोखर थाना क्षेत्र के ग्राम बरका में दो लाख रुपए दहेज की मांग को लेकर विवाहिता को प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पति सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, 23 वर्षीय साधना की शादी 17 अप्रैल 2024 को भिंड जिले के फरदुआ निवासी राजीव कुशवाहा से हुई थी। शादी में पिता ने साढ़े तीन लाख रुपए नकद, प्लेटिना मोटरसाइकिल और गृहस्थी का सामान दिया था। आरोप है कि शादी के पांच-छह महीने बाद पति नटी उर्फ राजीव, जेठानी बिन्ना, सास गुड्डी और ससुर बहादुर सिंह दो लाख रुपए की अतिरिक्त मांग करने लगे। मांग पूरी नहीं होने पर मारपीट करने और खाना नहीं देने का आरोप है। पीड़िता के मुताबिक, 5 सितंबर 2026 को पति जेवर अपने पास रखकर उसे मायके छोड़ गया और दो लाख रुपए मिलने तक साथ रखने से इनकार कर दिया। मंगलवार 27 अक्टूबर को पीड़िता ने पिता के साथ थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 85, 3(5) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- : इलाहाबाद-झांसी स्नातक एमएलसी सीट पर सपा का लहराया परचम, डॉ. मानसिंह यादव ने दर्ज की बड़ी जीत इलाहाबाद-झांसी स्नातक एमएलसी सीट पर सपा का परचम, डॉ. मानसिंह यादव ने दर्ज की बड़ी जीत झांसी से इस वक्त की बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. मानसिंह यादव ने शानदार जीत दर्ज की है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी अशोक कुमार राठौर को 27 हजार 663 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया है। इस जीत के बाद समाजवादी पार्टी के समर्थकों में खुशी का माहौल है।2
- झाँसी स्नातक चुनाव में संविधान और समाजवाद की बड़ी जीत!2
- पंडोखर सरकार के प्रतिनिधि सागर ने बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर को वस्त्र भेंट कर किया स्वागत दतिया नगर में श्रमजीवी पत्रकार संघ के कार्यक्रम में पंडोखर सरकार के प्रतिनिधि मुकेश सागर ने बागेश्वर धाम महाराज को वस्त्र भेंट कर लिया आशीर्वाद दतिया नगर में हो रहे मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के भव्य कार्यक्रम में कई संत-महात्माओं और गणमान्य नागरिकों का आगमन हुआ। इसी क्रम में पंडोखर सरकार गुरुशरण महाराज के प्रतिनिधि मुकेश सागर भी कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने मंच पर उपस्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का स्वागत किया। मुकेश सागर ने बागेश्वर महाराज को वस्त्र भेंट करते हुए उनका स्वागत किया और आशीर्वाद लिया। इस दौरान मंच पर मौजूद सभी अतिथियों और पत्रकारों ने जयकारों के साथ दोनों महाराजों का अभिनंदन किया। पंडोखर धाम और बागेश्वर धाम दोनों ही बुंदेलखंड के प्रसिद्ध सिद्ध पीठ हैं और दोनों धामों के प्रतिनिधियों का एक ही मंच पर मिलन कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा। कार्यक्रम में पत्रकारों के अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे।।1
- झाँसी इलाहाबाद-झाँसी स्नातक निर्वाचन 2026 चुनाव में सपा के प्रत्याशी डॉ मानसिंह यादव की लगभग 25 हजार वोटों से जीत पक्की है, वहीं मतदान केंद्र से बाहर आते ही मानसिंह बोले- यह जीत देवतुल्य मतदाताओं का और माननीय अखिलेश यादव जी की, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं की जीत है, मैं सभी नेताओं का आभार जताना चाहूंगा, यह चुनाव मुद्दों के आधार पर लड़ा गया है, भारतीय जनता पार्टी मुद्दाविहीन पार्टी है, यह चुनाव पढ़े लिखे ग्रैजुएट लोगों का चुनाव था और इस चुनाव में मुद्दे हावी रहे और अंबेडकर साहब के संविधान की जीत है। byte विजयी प्रत्यासी मानसिंह यादव सपा4
- मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा एक्शन: लगभग 392 अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई वित्तीय अनियमितताओं पर कार्रवाई में लगभग 135 मुख्य नगरपालिका अधिकारी भी शामिल हैं। अब तक 7 अधिकारी बर्खास्त, लगभग ₹3–4 करोड़ की वसूली और 80 से अधिक ठेकेदारों व सप्लायर्स पर कार्रवाई की गई है। तकनीक और AI से निगरानी जारी है। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है—जनता के पैसे का पारदर्शी उपयोग और नागरिकों तक उसका पूरा लाभ। — श्री संजय दुबे, ACS, नगरीय प्रशासन विभाग1
- *सेवड़ा में अवैध रेत उत्खनन का आरोप, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल* *रात के अंधेरे में रेत के कारोबार की चर्चा, नए थाना प्रभारी की भूमिका पर उठे सवाल; प्रशासन कब करेगा कार्रवाई?* *दतिया*। दतिया जिले के सेवड़ा क्षेत्र में रेत के कथित अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। आरोप हैं कि रात के अंधेरे में रेत का कारोबार संचालित किया जा रहा है और रेत माफिया खुलेआम नियमों को चुनौती दे रहे हैं। स्थानीय स्तर पर इस गतिविधि को लेकर पुलिस और संबंधित विभागों की निगरानी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। नए थाना प्रभारी के कार्यकाल में कथित अवैध रेत उत्खनन की गतिविधियां सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इन पर प्रभावी रोक कब लगेगी? हालांकि, थाना प्रभारी के संरक्षण में उत्खनन होने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। *काली रात में सफेद रेत का कारोबार!* रात के अंधेरे में रेत के कथित अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतें यदि सही हैं, तो यह प्रशासनिक निगरानी के लिए गंभीर चुनौती है। सवाल यह भी है कि खनिज विभाग और पुलिस की निगरानी के बावजूद ऐसी गतिविधियां कैसे संचालित हो रही हैं? क्या संबंधित विभागों को इन गतिविधियों की जानकारी है, या फिर कार्रवाई के अभाव में कारोबार करने वालों के हौसले बुलंद हैं? *वायरल वीडियो की जांच और कार्रवाई की मांग* सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो की सत्यता, स्थान और समय की जांच किया जाना आवश्यक है। संबंधित अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्षेत्र में रेत का उत्खनन वैध अनुमति के तहत हो रहा है या नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। यदि अवैध उत्खनन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, यह भी जांच का विषय है कि अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए संबंधित विभागों ने अब तक क्या कदम उठाए हैं। *अब कार्रवाई का इंतजार* सेवड़ा क्षेत्र में रेत के कथित अवैध कारोबार को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब निगाहें पुलिस प्रशासन और खनिज विभाग पर टिकी हैं। वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच, अवैध उत्खनन पर रोक और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करना जरूरी है। बड़ा सवाल यह है कि यदि सेवड़ा क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन हो रहा है, तो इसे रोकने की जिम्मेदारी किसकी है और संबंधित विभाग इस पर कब कार्रवाई करेंगे? *सेवड़ा में अवैध रेत उत्खनन का आरोप, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल* *रात के अंधेरे में रेत के कारोबार की चर्चा, नए थाना प्रभारी की भूमिका पर उठे सवाल; प्रशासन कब करेगा कार्रवाई?* *दतिया*। दतिया जिले के सेवड़ा क्षेत्र में रेत के कथित अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। आरोप हैं कि रात के अंधेरे में रेत का कारोबार संचालित किया जा रहा है और रेत माफिया खुलेआम नियमों को चुनौती दे रहे हैं। स्थानीय स्तर पर इस गतिविधि को लेकर पुलिस और संबंधित विभागों की निगरानी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। नए थाना प्रभारी के कार्यकाल में कथित अवैध रेत उत्खनन की गतिविधियां सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इन पर प्रभावी रोक कब लगेगी? हालांकि, थाना प्रभारी के संरक्षण में उत्खनन होने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। *काली रात में सफेद रेत का कारोबार!* रात के अंधेरे में रेत के कथित अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतें यदि सही हैं, तो यह प्रशासनिक निगरानी के लिए गंभीर चुनौती है। सवाल यह भी है कि खनिज विभाग और पुलिस की निगरानी के बावजूद ऐसी गतिविधियां कैसे संचालित हो रही हैं? क्या संबंधित विभागों को इन गतिविधियों की जानकारी है, या फिर कार्रवाई के अभाव में कारोबार करने वालों के हौसले बुलंद हैं? *वायरल वीडियो की जांच और कार्रवाई की मांग* सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो की सत्यता, स्थान और समय की जांच किया जाना आवश्यक है। संबंधित अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्षेत्र में रेत का उत्खनन वैध अनुमति के तहत हो रहा है या नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। यदि अवैध उत्खनन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, यह भी जांच का विषय है कि अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए संबंधित विभागों ने अब तक क्या कदम उठाए हैं। *अब कार्रवाई का इंतजार* सेवड़ा क्षेत्र में रेत के कथित अवैध कारोबार को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब निगाहें पुलिस प्रशासन और खनिज विभाग पर टिकी हैं। वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच, अवैध उत्खनन पर रोक और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करना जरूरी है। बड़ा सवाल यह है कि यदि सेवड़ा क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन हो रहा है, तो इसे रोकने की जिम्मेदारी किसकी है और संबंधित विभाग इस पर कब कार्रवाई करेंगे?1