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हजारीबाग में पत्रकारों पर हमला, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के प्रतिनिधियों पर आरोप - लोकतंत्र और कानून व्यवस्था पर उठे सवाल हजारीबाग, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के हजारीबाग दौरे के दौरान दो पत्रकारों पर हुए कथित हमले ने राज्य की कानून व्यवस्था और प्रेस की आजादी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्रकार रफ्तार मीडिया संवाददाता आशीष साव और न्यूज18 सुशांत सोनी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। आरोप है कि मंत्री से सवाल पूछने पर उनके प्रतिनिधियों ने पत्रकारों पर हमला कर दिया। क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी सोमवार को एक कार्यक्रम के सिलसिले में हजारीबाग पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद जब स्थानीय पत्रकारों ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सवाल पूछने शुरू किए, तो माहौल गरमा गया। आरोप है कि जवाब देने के बजाय मंत्री के साथ मौजूद कुछ लोगों ने पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। इस हमले में पत्रकार आशीष साव और सुशांत सोनी को गंभीर चोटें आई हैं। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय पत्रकार संगठनों का कहना है कि यह सीधे तौर पर प्रेस की आवाज दबाने की कोशिश है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला पत्रकारों पर हमला सिर्फ दो लोगों पर हमला नहीं है। यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है। जब सवाल पूछने पर जवाब की जगह लाठियां मिलें, तो यह साफ संकेत है कि सत्ता सवालों से घबरा रही है। स्वास्थ्य मंत्री से जनता स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली पर जवाब चाहती है। लेकिन अगर जवाब देने की जगह प्रतिनिधि गुंडागर्दी पर उतर आएं, तो फिर ‘स्वास्थ्य विभाग’ और ‘गुंडा विभाग’ में फर्क क्या रह जाएगा? उठ रहे हैं ये 3 बड़े सवाल 1. मंत्री की चुप्पी क्यों? घटना के कई घंटे बाद भी स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की ओर से कोई बयान नहीं आया है। क्यायू मंत्री अपने प्रतिनिधियों की इस हरकत का समर्थन करते हैं? 2. पुलिस-प्रशासन मौन क्यों? सरेआम पत्रकारों पर हमला हुआ। दोषियों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई? एफआईआर दर्ज हुई या नहीं? पुलिस की चुप्पी कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। 3. सवालों से इतनी घबराहट क्यों?अगर विभाग में सब ठीक है तो मंत्री को सवालों से डर कैसा? हमला करवाना कहीं न कहीं दाल में कुछ काला होने की तरफ इशारा करता है। पत्रकार संगठनों में आक्रोश घटना के बाद हजारीबाग समेत पूरे झारखंड के पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश है। पत्रकारों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और मंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग की है। वही भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र गिरी एवं रांची जिला अध्यक्ष जावेद अख्तर ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अगर अगर 24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन होगा। प्रशासन का पक्ष आना बाकी इस पूरे मामले पर अभी तक जिला प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मंत्री इरफान अंसारी का पक्ष भी सामने नहीं आया है। जनता को जवाब चाहिए: क्या झारखंड में सवाल पूछना गुनाह हो गया है? क्या स्वास्थ्य मंत्री सवालों का जवाब देंगे या प्रतिनिधियों से हमले करवाते रहेंगे? लोकतंत्र में लाठीतंत्र नहीं चल सकता। दोषियों पर तत्काल और कड़ी कार्रवाई हो, यही लोकतंत्र की मांग है।

1 hr ago
user_BaरKaट्ठा Ki आwaज
BaरKaट्ठा Ki आwaज
Court reporter Barkatha, Hazaribagh•
1 hr ago

हजारीबाग में पत्रकारों पर हमला, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के प्रतिनिधियों पर आरोप - लोकतंत्र और कानून व्यवस्था पर उठे सवाल हजारीबाग, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के हजारीबाग दौरे के दौरान दो पत्रकारों पर हुए कथित हमले ने राज्य की कानून व्यवस्था और प्रेस की आजादी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्रकार रफ्तार मीडिया संवाददाता आशीष साव और न्यूज18 सुशांत सोनी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। आरोप है कि मंत्री से सवाल पूछने पर उनके प्रतिनिधियों ने पत्रकारों पर हमला कर दिया। क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी सोमवार को एक कार्यक्रम के सिलसिले में हजारीबाग पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद जब स्थानीय पत्रकारों ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सवाल पूछने शुरू किए, तो माहौल गरमा गया। आरोप है कि जवाब देने के बजाय मंत्री के साथ मौजूद कुछ लोगों ने पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। इस हमले में पत्रकार आशीष साव और सुशांत सोनी को गंभीर चोटें आई हैं। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय पत्रकार संगठनों का कहना है कि यह सीधे तौर पर प्रेस की आवाज दबाने की कोशिश है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला पत्रकारों पर हमला सिर्फ दो लोगों पर हमला नहीं है। यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है। जब सवाल पूछने पर जवाब की जगह लाठियां मिलें, तो यह साफ संकेत है कि सत्ता सवालों से घबरा रही है। स्वास्थ्य मंत्री से जनता स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली पर जवाब चाहती है। लेकिन अगर जवाब देने की जगह प्रतिनिधि गुंडागर्दी पर उतर आएं, तो फिर ‘स्वास्थ्य विभाग’ और ‘गुंडा विभाग’ में फर्क क्या रह जाएगा? उठ रहे हैं ये 3 बड़े सवाल 1. मंत्री की चुप्पी क्यों? घटना के कई घंटे बाद भी स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की ओर से कोई बयान नहीं आया है। क्यायू मंत्री अपने प्रतिनिधियों की इस हरकत का समर्थन करते हैं? 2. पुलिस-प्रशासन मौन क्यों? सरेआम पत्रकारों पर हमला हुआ। दोषियों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई? एफआईआर दर्ज हुई या नहीं? पुलिस की चुप्पी कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। 3. सवालों से इतनी घबराहट क्यों?अगर विभाग में सब ठीक है तो मंत्री को सवालों से डर कैसा? हमला करवाना कहीं न कहीं दाल में कुछ काला होने की तरफ इशारा करता है। पत्रकार संगठनों में आक्रोश घटना के बाद हजारीबाग समेत पूरे झारखंड के पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश है। पत्रकारों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और मंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग की है। वही भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र गिरी एवं रांची जिला अध्यक्ष जावेद अख्तर ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अगर अगर 24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन होगा। प्रशासन का पक्ष आना बाकी इस पूरे मामले पर अभी तक जिला प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मंत्री इरफान अंसारी का पक्ष भी सामने नहीं आया है। जनता को जवाब चाहिए: क्या झारखंड में सवाल पूछना गुनाह हो गया है? क्या स्वास्थ्य मंत्री सवालों का जवाब देंगे या प्रतिनिधियों से हमले करवाते रहेंगे? लोकतंत्र में लाठीतंत्र नहीं चल सकता। दोषियों पर तत्काल और कड़ी कार्रवाई हो, यही लोकतंत्र की मांग है।

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  • हजारीबाग, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के हजारीबाग दौरे के दौरान दो पत्रकारों पर हुए कथित हमले ने राज्य की कानून व्यवस्था और प्रेस की आजादी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्रकार रफ्तार मीडिया संवाददाता आशीष साव और न्यूज18 सुशांत सोनी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। आरोप है कि मंत्री से सवाल पूछने पर उनके प्रतिनिधियों ने पत्रकारों पर हमला कर दिया। क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी सोमवार को एक कार्यक्रम के सिलसिले में हजारीबाग पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद जब स्थानीय पत्रकारों ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सवाल पूछने शुरू किए, तो माहौल गरमा गया। आरोप है कि जवाब देने के बजाय मंत्री के साथ मौजूद कुछ लोगों ने पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। इस हमले में पत्रकार आशीष साव और सुशांत सोनी को गंभीर चोटें आई हैं। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय पत्रकार संगठनों का कहना है कि यह सीधे तौर पर प्रेस की आवाज दबाने की कोशिश है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला पत्रकारों पर हमला सिर्फ दो लोगों पर हमला नहीं है। यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है। जब सवाल पूछने पर जवाब की जगह लाठियां मिलें, तो यह साफ संकेत है कि सत्ता सवालों से घबरा रही है। स्वास्थ्य मंत्री से जनता स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली पर जवाब चाहती है। लेकिन अगर जवाब देने की जगह प्रतिनिधि गुंडागर्दी पर उतर आएं, तो फिर ‘स्वास्थ्य विभाग’ और ‘गुंडा विभाग’ में फर्क क्या रह जाएगा? उठ रहे हैं ये 3 बड़े सवाल 1. मंत्री की चुप्पी क्यों? घटना के कई घंटे बाद भी स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की ओर से कोई बयान नहीं आया है। क्यायू मंत्री अपने प्रतिनिधियों की इस हरकत का समर्थन करते हैं? 2. पुलिस-प्रशासन मौन क्यों? सरेआम पत्रकारों पर हमला हुआ। दोषियों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई? एफआईआर दर्ज हुई या नहीं? पुलिस की चुप्पी कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। 3. सवालों से इतनी घबराहट क्यों?अगर विभाग में सब ठीक है तो मंत्री को सवालों से डर कैसा? हमला करवाना कहीं न कहीं दाल में कुछ काला होने की तरफ इशारा करता है। पत्रकार संगठनों में आक्रोश घटना के बाद हजारीबाग समेत पूरे झारखंड के पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश है। पत्रकारों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और मंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग की है। वही भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र गिरी एवं रांची जिला अध्यक्ष जावेद अख्तर ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अगर अगर 24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन होगा। प्रशासन का पक्ष आना बाकी इस पूरे मामले पर अभी तक जिला प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मंत्री इरफान अंसारी का पक्ष भी सामने नहीं आया है। जनता को जवाब चाहिए: क्या झारखंड में सवाल पूछना गुनाह हो गया है? क्या स्वास्थ्य मंत्री सवालों का जवाब देंगे या प्रतिनिधियों से हमले करवाते रहेंगे? लोकतंत्र में लाठीतंत्र नहीं चल सकता। दोषियों पर तत्काल और कड़ी कार्रवाई हो, यही लोकतंत्र की मांग है।
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    हजारीबाग, 
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के हजारीबाग दौरे के दौरान दो पत्रकारों पर हुए कथित हमले ने राज्य की कानून व्यवस्था और प्रेस की आजादी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्रकार रफ्तार मीडिया संवाददाता आशीष साव और न्यूज18 सुशांत सोनी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। आरोप है कि मंत्री से सवाल पूछने पर उनके प्रतिनिधियों ने पत्रकारों पर हमला कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी सोमवार को एक कार्यक्रम के सिलसिले में हजारीबाग पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद जब स्थानीय पत्रकारों ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सवाल पूछने शुरू किए, तो माहौल गरमा गया। आरोप है कि जवाब देने के बजाय मंत्री के साथ मौजूद कुछ लोगों ने पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। 
इस हमले में पत्रकार आशीष साव और सुशांत सोनी को गंभीर चोटें आई हैं। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय पत्रकार संगठनों का कहना है कि यह सीधे तौर पर प्रेस की आवाज दबाने की कोशिश है।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला  
पत्रकारों पर हमला सिर्फ दो लोगों पर हमला नहीं है। यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है। जब सवाल पूछने पर जवाब की जगह लाठियां मिलें, तो यह साफ संकेत है कि सत्ता सवालों से घबरा रही है। स्वास्थ्य मंत्री से जनता स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली पर जवाब चाहती है। लेकिन अगर जवाब देने की जगह प्रतिनिधि गुंडागर्दी पर उतर आएं, तो फिर ‘स्वास्थ्य विभाग’ और ‘गुंडा विभाग’ में फर्क क्या रह जाएगा?
उठ रहे हैं ये 3 बड़े सवाल
1. मंत्री की चुप्पी क्यों? घटना के कई घंटे बाद भी स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की ओर से कोई बयान नहीं आया है। क्यायू मंत्री अपने प्रतिनिधियों की इस हरकत का समर्थन करते हैं?
2. पुलिस-प्रशासन मौन क्यों? सरेआम पत्रकारों पर हमला हुआ। दोषियों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई? एफआईआर दर्ज हुई या नहीं? पुलिस की चुप्पी कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।
3. सवालों से इतनी घबराहट क्यों?अगर विभाग में सब ठीक है तो मंत्री को सवालों से डर कैसा? हमला करवाना कहीं न कहीं दाल में कुछ काला होने की तरफ इशारा करता है।
पत्रकार संगठनों में आक्रोश
घटना के बाद हजारीबाग समेत पूरे झारखंड के पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश है। पत्रकारों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और मंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग की है। वही
भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र गिरी एवं रांची जिला अध्यक्ष जावेद अख्तर ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अगर
अगर 24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन होगा।
प्रशासन का पक्ष आना बाकी
इस पूरे मामले पर अभी तक जिला प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मंत्री इरफान अंसारी का पक्ष भी सामने नहीं आया है। 
जनता को जवाब चाहिए: क्या झारखंड में सवाल पूछना गुनाह हो गया है? क्या स्वास्थ्य मंत्री सवालों का जवाब देंगे या  प्रतिनिधियों से हमले करवाते रहेंगे? लोकतंत्र में लाठीतंत्र नहीं चल सकता। दोषियों पर तत्काल और कड़ी कार्रवाई हो, यही लोकतंत्र की मांग है।
    user_BaरKaट्ठा Ki आwaज
    BaरKaट्ठा Ki आwaज
    Court reporter Barkatha, Hazaribagh•
    1 hr ago
  • Post by Update news 24
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    Post by Update news 24
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    Update news 24
    Photographer Barkatha, Hazaribagh•
    2 hrs ago
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    Post by खबर आप तक
    user_खबर आप तक
    खबर आप तक
    Local News Reporter Hazaribag, Hazaribagh•
    1 hr ago
  • झुमरी तिलैया नगर क्षेत्र में जलजमाव की समस्या पर उपाध्यक्ष ने किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश झुमरी नगर क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही जलजमाव की समस्या को लेकर बुधवार को सुबह 8 बजे नगर परिषद के उपाध्यक्ष ने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। हर वर्ष बरसात के मौसम में उत्पन्न होने वाली इस समस्या से आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है। निरीक्षण के दौरान वार्ड संख्या 24 की पार्षद ज्योति शुक्ला, वार्ड प्रतिनिधि विजय शुक्ला, वार्ड 22 के पार्षद प्रतिनिधि बबलू पांडेये सहित नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अंकित गुप्ता, सिटी मैनेजर रणधीर कुमार, लिमांसु कुमार एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे। उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आगामी बरसात में लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर परिषद की ओर से जल्द ही इस दिशा में ठोस कार्रवाई किए जाने का आश्वासन भी दिया गया है, जिससे क्षेत्रवासियों को लंबे समय से चली आ रही इस समस्या से निजात मिलने की उम्मीद जगी है।
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    झुमरी तिलैया नगर क्षेत्र में जलजमाव की समस्या पर उपाध्यक्ष ने किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
झुमरी नगर क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही जलजमाव की समस्या को लेकर बुधवार को सुबह 8 बजे नगर परिषद के उपाध्यक्ष ने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। हर वर्ष बरसात के मौसम में उत्पन्न होने वाली इस समस्या से आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है।
निरीक्षण के दौरान वार्ड संख्या 24 की पार्षद ज्योति शुक्ला, वार्ड प्रतिनिधि विजय शुक्ला, वार्ड 22 के पार्षद प्रतिनिधि बबलू पांडेये सहित नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अंकित गुप्ता, सिटी मैनेजर रणधीर कुमार, लिमांसु कुमार एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आगामी बरसात में लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नगर परिषद की ओर से जल्द ही इस दिशा में ठोस कार्रवाई किए जाने का आश्वासन भी दिया गया है, जिससे क्षेत्रवासियों को लंबे समय से चली आ रही इस समस्या से निजात मिलने की उम्मीद जगी है।
    user_Koderma news
    Koderma news
    Court reporter कोडरमा, कोडरमा, झारखंड•
    2 hrs ago
  • “गैंगरेप केस से नाम हटाने के बदले 5 लाख रुपये लेते हुए पुलिस… ये वीडियो बहुत कुछ कह रहा है! नमस्कार दोस्तों… आज जो वीडियो आपके सामने है, वो सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े करता है। इस वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि 5 लाख रुपये लिए जा रहे हैं… और दावा किया जा रहा है कि ये पैसा केस से नाम हटाने के लिए लिया गया। अगर ये सच है… तो सोचिए, न्याय का क्या हाल हो चुका है। जहां पीड़िता को इंसाफ मिलना चाहिए… वहीं पैसों के दम पर केस को कमजोर किया जा रहा है। ये सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं… ये कानून और इंसाफ दोनों के साथ खिलवाड़ है। सबसे बड़ा सवाल— क्या इस मामले की जांच होगी? क्या जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी? या फिर ये मामला भी चुपचाप दबा दिया जाएगा? दोस्तों, आपकी एक शेयर इस मुद्दे को आवाज दे सकती है। आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताइए।”
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    “गैंगरेप केस से नाम हटाने के बदले 5 लाख रुपये लेते हुए पुलिस… ये वीडियो बहुत कुछ कह रहा है!
नमस्कार दोस्तों…
आज जो वीडियो आपके सामने है, वो सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े करता है।
इस वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि 5 लाख रुपये लिए जा रहे हैं…
और दावा किया जा रहा है कि ये पैसा केस से नाम हटाने के लिए लिया गया।
अगर ये सच है… तो सोचिए, न्याय का क्या हाल हो चुका है।
जहां पीड़िता को इंसाफ मिलना चाहिए…
वहीं पैसों के दम पर केस को कमजोर किया जा रहा है।
ये सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं…
ये कानून और इंसाफ दोनों के साथ खिलवाड़ है।
सबसे बड़ा सवाल—
क्या इस मामले की जांच होगी?
क्या जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी?
या फिर ये मामला भी चुपचाप दबा दिया जाएगा?
दोस्तों, आपकी एक शेयर इस मुद्दे को आवाज दे सकती है।
आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताइए।”
    user_Om Singh
    Om Singh
    मयूर हैंड, चतरा, झारखंड•
    4 hrs ago
  • Post by Sunil Kumar journalist
    1
    Post by Sunil Kumar journalist
    user_Sunil Kumar journalist
    Sunil Kumar journalist
    Local News Reporter कोडरमा, कोडरमा, झारखंड•
    4 hrs ago
  • पत्रकार पर हमले का हजारीबाग प्रेस क्लब ने जताया विरोध, दोषियों पर जल्द कार्रवाई की मांग हजारीबाग। हजारीबाग सदर अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के सामने मंगलवार को मीडिया कर्मियों पर हमला को हजारीबाग प्रेस क्लब ने दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए घटना की कड़ी निंदा की है। इस घटना पर हजारीबाग प्रेस क्लब ने कड़ा विरोध जताया है। क्लब के अध्यक्ष मुरारी सिंह ने कहा कि एक मंत्री के कार्यक्रम में पत्रकारों पर हमला किया जाना शर्मनाक है। इसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। मंत्री से सवाल पूछने पर उपस्थित पत्रकारों पर गुंडे जान लेवा हमला कर देंगे यह लोकतंत्र को शर्मसार करता है। अब पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं , जबकि उसी स्थान पर जिले के कई बड़े पुलिस और जिला के पदाधिकारी भी उपस्थित थे। वहीं क्लब के सचिव दीपक सिंह ने कहा कि पत्रकारों पर सुनियोजित हमला किया गया है। वहां उपस्थित गुंडे सवाल पूछने पर आग बबूला हो गए और पत्रकारों पर ही हमला कर दिया। जिसने दो पत्रकार साथी को चोट भी आए हैं । यह घटना बर्दाश्त के बाहर है, अगर जल्द उन गुंडों को गिरफ्तार नहीं किया जाता तो हमलोग आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। अंजाम देने वालों को प्रशासन चिन्हित कर जल्द गिरफ्तार करे। यह केवल एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा और कायराना प्रहार है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सत्ता के संरक्षण में पत्रकारों की आवाज दबाने का प्रयास किया गया है, इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। यह घटना प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है और इससे पूरे पत्रकार समाज में भारी रोष है।
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    पत्रकार पर हमले का हजारीबाग प्रेस क्लब ने जताया विरोध, दोषियों पर जल्द कार्रवाई की मांग 
हजारीबाग। हजारीबाग सदर अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के सामने मंगलवार को मीडिया कर्मियों पर हमला को हजारीबाग प्रेस क्लब ने दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए घटना की कड़ी निंदा की है। इस घटना पर हजारीबाग प्रेस क्लब ने कड़ा विरोध जताया है। क्लब के अध्यक्ष मुरारी सिंह ने कहा कि एक मंत्री के कार्यक्रम में पत्रकारों पर हमला किया जाना शर्मनाक है। इसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। मंत्री से सवाल पूछने पर उपस्थित पत्रकारों पर गुंडे जान लेवा हमला कर देंगे यह लोकतंत्र को शर्मसार करता है। अब पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं , जबकि उसी स्थान पर जिले के कई बड़े पुलिस और जिला के पदाधिकारी भी उपस्थित थे। वहीं क्लब के सचिव दीपक सिंह ने कहा कि पत्रकारों पर सुनियोजित हमला किया गया है। वहां उपस्थित गुंडे सवाल पूछने पर आग बबूला हो गए और पत्रकारों पर ही हमला कर दिया। जिसने दो पत्रकार साथी को चोट भी आए हैं । यह घटना बर्दाश्त के बाहर है, अगर जल्द उन गुंडों को गिरफ्तार नहीं किया जाता तो हमलोग आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। अंजाम देने वालों को प्रशासन चिन्हित कर जल्द गिरफ्तार करे। यह केवल एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा और कायराना प्रहार है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सत्ता के संरक्षण में पत्रकारों की आवाज दबाने का प्रयास किया गया है, इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। यह घटना प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है और इससे पूरे पत्रकार समाज में भारी रोष है।
    user_Hazaribag Today🇮🇳
    Hazaribag Today🇮🇳
    हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    14 hrs ago
  • तिलैया थाना क्षेत्र के मडुवाटाण्ड में निर्माणाधीन एक मकान में छत पर सरिया चढ़ाने के क्रम में सरिया 11 हजार हाई वोल्टेज के संपर्क में आने से मजदूर गंभीर रूप से घायल, स्थिति नाजुक।
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    तिलैया थाना क्षेत्र के मडुवाटाण्ड में निर्माणाधीन एक मकान में छत पर सरिया चढ़ाने के क्रम में सरिया 11 हजार हाई वोल्टेज के संपर्क में आने से मजदूर गंभीर रूप से घायल, स्थिति नाजुक।
    user_Koderma news
    Koderma news
    Court reporter कोडरमा, कोडरमा, झारखंड•
    2 hrs ago
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