logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

मंत्री इरफान अंसारी का मीडिया पर बड़ा बयान: “आप लोगों की दुकानदारी मेरी वजह से चल रही है, मेरी ही वजह से बढ़ रही है TRP” – बातचीत के दौरान कही तीखी बातों से मचा सियासी और मीडिया जगत में हलचल

1 hr ago
user_खबर आप तक
खबर आप तक
Local News Reporter Hazaribag, Hazaribagh•
1 hr ago

मंत्री इरफान अंसारी का मीडिया पर बड़ा बयान: “आप लोगों की दुकानदारी मेरी वजह से चल रही है, मेरी ही वजह से बढ़ रही है TRP” – बातचीत के दौरान कही तीखी बातों से मचा सियासी और मीडिया जगत में हलचल

More news from Hazaribagh and nearby areas
  • Post by खबर आप तक
    1
    Post by खबर आप तक
    user_खबर आप तक
    खबर आप तक
    Local News Reporter Hazaribag, Hazaribagh•
    1 hr ago
  • पत्रकार पर हमले का हजारीबाग प्रेस क्लब ने जताया विरोध, दोषियों पर जल्द कार्रवाई की मांग हजारीबाग। हजारीबाग सदर अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के सामने मंगलवार को मीडिया कर्मियों पर हमला को हजारीबाग प्रेस क्लब ने दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए घटना की कड़ी निंदा की है। इस घटना पर हजारीबाग प्रेस क्लब ने कड़ा विरोध जताया है। क्लब के अध्यक्ष मुरारी सिंह ने कहा कि एक मंत्री के कार्यक्रम में पत्रकारों पर हमला किया जाना शर्मनाक है। इसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। मंत्री से सवाल पूछने पर उपस्थित पत्रकारों पर गुंडे जान लेवा हमला कर देंगे यह लोकतंत्र को शर्मसार करता है। अब पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं , जबकि उसी स्थान पर जिले के कई बड़े पुलिस और जिला के पदाधिकारी भी उपस्थित थे। वहीं क्लब के सचिव दीपक सिंह ने कहा कि पत्रकारों पर सुनियोजित हमला किया गया है। वहां उपस्थित गुंडे सवाल पूछने पर आग बबूला हो गए और पत्रकारों पर ही हमला कर दिया। जिसने दो पत्रकार साथी को चोट भी आए हैं । यह घटना बर्दाश्त के बाहर है, अगर जल्द उन गुंडों को गिरफ्तार नहीं किया जाता तो हमलोग आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। अंजाम देने वालों को प्रशासन चिन्हित कर जल्द गिरफ्तार करे। यह केवल एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा और कायराना प्रहार है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सत्ता के संरक्षण में पत्रकारों की आवाज दबाने का प्रयास किया गया है, इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। यह घटना प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है और इससे पूरे पत्रकार समाज में भारी रोष है।
    2
    पत्रकार पर हमले का हजारीबाग प्रेस क्लब ने जताया विरोध, दोषियों पर जल्द कार्रवाई की मांग 
हजारीबाग। हजारीबाग सदर अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के सामने मंगलवार को मीडिया कर्मियों पर हमला को हजारीबाग प्रेस क्लब ने दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए घटना की कड़ी निंदा की है। इस घटना पर हजारीबाग प्रेस क्लब ने कड़ा विरोध जताया है। क्लब के अध्यक्ष मुरारी सिंह ने कहा कि एक मंत्री के कार्यक्रम में पत्रकारों पर हमला किया जाना शर्मनाक है। इसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। मंत्री से सवाल पूछने पर उपस्थित पत्रकारों पर गुंडे जान लेवा हमला कर देंगे यह लोकतंत्र को शर्मसार करता है। अब पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं , जबकि उसी स्थान पर जिले के कई बड़े पुलिस और जिला के पदाधिकारी भी उपस्थित थे। वहीं क्लब के सचिव दीपक सिंह ने कहा कि पत्रकारों पर सुनियोजित हमला किया गया है। वहां उपस्थित गुंडे सवाल पूछने पर आग बबूला हो गए और पत्रकारों पर ही हमला कर दिया। जिसने दो पत्रकार साथी को चोट भी आए हैं । यह घटना बर्दाश्त के बाहर है, अगर जल्द उन गुंडों को गिरफ्तार नहीं किया जाता तो हमलोग आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। अंजाम देने वालों को प्रशासन चिन्हित कर जल्द गिरफ्तार करे। यह केवल एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा और कायराना प्रहार है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सत्ता के संरक्षण में पत्रकारों की आवाज दबाने का प्रयास किया गया है, इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। यह घटना प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है और इससे पूरे पत्रकार समाज में भारी रोष है।
    user_Hazaribag Today🇮🇳
    Hazaribag Today🇮🇳
    हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    14 hrs ago
  • आज के दौर में आरक्षण एक ऐसा मुद्दा बन चुका है, जिस पर देश का हर वर्ग अपनी-अपनी राय रखता है। लेकिन हाल ही में एक युवा ने जिस तरह से इस विषय पर अपनी बात रखी, उसने पूरे सिस्टम की परतें खोलकर रख दीं। युवा का कहना है कि आरक्षण का मूल उद्देश्य समाज के पिछड़े और वंचित वर्गों को आगे बढ़ाना था, लेकिन अब यह व्यवस्था कई जगहों पर अपने असली मकसद से भटकती नजर आ रही है।
    1
    आज के दौर में आरक्षण एक ऐसा मुद्दा बन चुका है, जिस पर देश का हर वर्ग अपनी-अपनी राय रखता है। लेकिन हाल ही में एक युवा ने जिस तरह से इस विषय पर अपनी बात रखी, उसने पूरे सिस्टम की परतें खोलकर रख दीं। युवा का कहना है कि आरक्षण का मूल उद्देश्य समाज के पिछड़े और वंचित वर्गों को आगे बढ़ाना था, लेकिन अब यह व्यवस्था कई जगहों पर अपने असली मकसद से भटकती नजर आ रही है।
    user_The जन समाचार
    The जन समाचार
    Media company हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    16 hrs ago
  • -- पत्रकारों को निशाना बनाकर हमला करने वाले लोकतंत्र के लिए हैं खतरा अविलंब हो गिरफ्तारी: संपूर्णा नंद भारती  -- झारखण्ड में पत्रकारों के साथ लगातार बदसलूकी एवं हमले की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं: शाहनवाज हसन -- राँची। हजारीबाग में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के अस्पताल निरीक्षण के दौरान पत्रकारों को निशाना बनाकर हमला करने की भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ(BSPS) की झारखण्ड राज्य इकाई झारखण्ड जर्नलिस्ट एसोसियेशन(JJA) ने कड़ी निंदा की है। बीएसपीएस के राष्ट्रीय सचिव चंदन मिश्रा ने अपने वक्तव्य में कहा है कि जो जानकारी प्राप्त हुई है वह बहुत ही गंभीर मामला है, एक पत्रकार राज्य के स्वास्थ मंत्री से जब प्रश्न पूछता है तो उसे मंत्री के समक्ष ही मंत्री के समर्थकों द्वारा बुरी तरह से पिटाई की जाती है, पत्रकार की पिटाई मंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने होती है और सभी मौन रहते हैं। श्री मिश्रा ने कहा कि यह हमला किसी एक अथवा दो पत्रकार पर नहीं किया गया है, यह हमला लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर है जिसकी भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ(BSPS) एवं झारखण्ड राज्य इकाई झारखण्ड जर्नलिस्ट एसोसियेशन(JJA) कड़ी निंदा करते हुए दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग करता है। वहीं पूरे प्रकरण में झारखण्ड जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संपूर्णा नंद भारती ने कहा है कि पत्रकारों को निशाना बनाकर हमला करने वाले लोकतंत्र के लिए खतरा हैं हमलावरों की अविलंब हो गिरफ्तारी होनी चाहिए। बीएसपीएस एवं जेजेए के संस्थापक शाहनवाज हसन ने कहा कि झारखण्ड में पत्रकारों के साथ लगातार बदसलूकी एवं हमले की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, इसे लेकर संगठन ने झारखण्ड सहित राष्ट्रीय स्तर पर धरना प्रदर्शन कर "पत्रकार सुरक्षा कानून" लागू करने की मांग झारखण्ड एवं केंद्र सरकार से की है। श्री हसन ने कहा पत्रकारों को सवाल पूछने पर मंत्री के समक्ष मारपीट की जाती है और इसके विरुद्ध कार्रवाई के स्थान पर प्रशासन मूकदर्शक बने रहता है यह शर्मशार करने वाली घटना है। मामले को लेकर राष्ट्रीय संयुक्त सचिव विष्णु शंकर उपाध्याय, प्रदेश सचिव जावेद इस्लाम, हजारीबाग जिला अध्यक्ष कृष्णा गुप्ता, उपाध्यक्ष अर्जुन सोनी, अजय मिश्रा सहित हजारीबाग के समय जेजेए के सदस्यों ने जो हजारीबाग प्रेस क्लब के भी सदस्य हैं कड़ी शब्दों में निंदा करती हुए कार्रवाई की मांग की है।
    1
    --
पत्रकारों को निशाना बनाकर हमला करने वाले लोकतंत्र के लिए हैं खतरा अविलंब हो गिरफ्तारी: संपूर्णा नंद भारती 
--
झारखण्ड में पत्रकारों के साथ लगातार बदसलूकी एवं हमले की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं: शाहनवाज हसन
--
राँची। हजारीबाग में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के अस्पताल निरीक्षण के दौरान पत्रकारों को निशाना बनाकर हमला करने की भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ(BSPS) की झारखण्ड राज्य इकाई झारखण्ड जर्नलिस्ट एसोसियेशन(JJA) ने कड़ी निंदा की है। बीएसपीएस के राष्ट्रीय सचिव चंदन मिश्रा ने अपने वक्तव्य में कहा है कि जो जानकारी प्राप्त हुई है वह बहुत ही गंभीर मामला है, एक पत्रकार राज्य के स्वास्थ मंत्री से जब प्रश्न पूछता है तो उसे मंत्री के समक्ष ही मंत्री के समर्थकों द्वारा बुरी तरह से पिटाई की जाती है, पत्रकार की पिटाई मंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने होती है और सभी मौन रहते हैं। श्री मिश्रा ने कहा कि यह हमला किसी एक अथवा दो पत्रकार पर नहीं किया गया है, यह हमला लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर है जिसकी भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ(BSPS) एवं झारखण्ड राज्य इकाई झारखण्ड जर्नलिस्ट एसोसियेशन(JJA) कड़ी निंदा करते हुए दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग करता है। वहीं पूरे प्रकरण में झारखण्ड जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संपूर्णा नंद भारती ने कहा है कि पत्रकारों को निशाना बनाकर हमला करने वाले लोकतंत्र के लिए खतरा हैं हमलावरों की अविलंब हो गिरफ्तारी होनी चाहिए। बीएसपीएस एवं जेजेए के संस्थापक शाहनवाज हसन ने कहा कि झारखण्ड में पत्रकारों के साथ लगातार बदसलूकी एवं हमले की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, इसे लेकर संगठन ने झारखण्ड सहित राष्ट्रीय स्तर पर धरना प्रदर्शन कर "पत्रकार सुरक्षा कानून" लागू करने की मांग झारखण्ड एवं केंद्र सरकार से की है। श्री हसन ने कहा पत्रकारों को सवाल पूछने पर मंत्री के समक्ष मारपीट की जाती है और इसके विरुद्ध कार्रवाई के स्थान पर प्रशासन मूकदर्शक बने रहता है यह शर्मशार करने वाली घटना है। मामले को लेकर राष्ट्रीय संयुक्त सचिव विष्णु शंकर उपाध्याय, प्रदेश सचिव जावेद इस्लाम, हजारीबाग जिला अध्यक्ष कृष्णा गुप्ता, उपाध्यक्ष अर्जुन सोनी, अजय मिश्रा सहित हजारीबाग के समय जेजेए के सदस्यों ने जो हजारीबाग प्रेस क्लब के भी सदस्य हैं कड़ी शब्दों में निंदा करती हुए कार्रवाई की मांग की है।
    user_Ejaj Alam
    Ejaj Alam
    Press हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    16 hrs ago
  • झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने विशेष रूप से उन जवानों के बच्चों की शिक्षा के लिए आवासीय विद्यालयों (Residential Schools) की स्थापना करने का निर्णय लिया है, जो ड्यूटी के दौरान शहीद हो जाते हैं या गंभीर रूप से घायल होते हैं। मुख्यमंत्री ने इस पहल के पीछे की संवेदनाओं को साझा करते हुए कहा: जवानों की पृष्ठभूमि: पुलिस और सेना में शामिल होने वाले अधिकतर नौजवान किसान और मजदूर परिवारों से आते हैं। बहुत कम ही ऐसे अवसर होते हैं जब किसी बड़े पूंजीपति परिवार का बच्चा इन बलों में शामिल हो। शिक्षा की व्यवस्था: सरकार ने निर्णय लिया है कि जवानों के बच्चों को उन्हीं के वातावरण में बेहतर शिक्षा मिले। इसके लिए सह-शिक्षा (Co-ed) आवासीय विद्यालय स्थापित किए जाएंगे, जहाँ लड़के और लड़कियां दोनों पढ़ सकेंगे। कल्याणकारी कदम: यह विद्यालय "सेंटर ऑफ एक्सीलेंस" के रूप में विकसित किए जाएंगे, ताकि शहीद जवानों के परिवारों को संबल मिल सके और उनके बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो।
    1
    झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने विशेष रूप से उन जवानों के बच्चों की शिक्षा के लिए आवासीय विद्यालयों (Residential Schools) की स्थापना करने का निर्णय लिया है, जो ड्यूटी के दौरान शहीद हो जाते हैं या गंभीर रूप से घायल होते हैं।
मुख्यमंत्री ने इस पहल के पीछे की संवेदनाओं को साझा करते हुए कहा:
जवानों की पृष्ठभूमि: पुलिस और सेना में शामिल होने वाले अधिकतर नौजवान किसान और मजदूर परिवारों से आते हैं। बहुत कम ही ऐसे अवसर होते हैं जब किसी बड़े पूंजीपति परिवार का बच्चा इन बलों में शामिल हो।
शिक्षा की व्यवस्था: सरकार ने निर्णय लिया है कि जवानों के बच्चों को उन्हीं के वातावरण में बेहतर शिक्षा मिले। इसके लिए सह-शिक्षा (Co-ed) आवासीय विद्यालय स्थापित किए जाएंगे, जहाँ लड़के और लड़कियां दोनों पढ़ सकेंगे।
कल्याणकारी कदम: यह विद्यालय "सेंटर ऑफ एक्सीलेंस" के रूप में विकसित किए जाएंगे, ताकि शहीद जवानों के परिवारों को संबल मिल सके और उनके बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो।
    user_News Prahari
    News Prahari
    हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    20 hrs ago
  • हजारीबाग में पत्रकारों का खून सस्ता? मंत्री के सामने गुंडागर्दी, पुलिस बनी तमाशबीन अब चुप रहोगे तो अगला नंबर तुम्हारा! यह सिर्फ एक घटना नहीं है, यह पत्रकारिता की इज्जत पर खुला हमला है। यह उस सिस्टम का काला चेहरा है, जहां सवाल पूछने की सजा लाठी और गालियों से दी जाती है। हजारीबाग में जो हुआ, उसने साबित कर दिया कि अगर पत्रकार आज भी नहीं जागे, तो कल उनकी पहचान ही मिटा दी जाएगी। बटेंगे तो कटेंगे अब सिर्फ जुमला नहीं, हकीकत बन चुका है। सोमवार को पौता जंगल से दो लड़कियों और एक लड़के का शव बरामद हुआ, एक बेहद संवेदनशील मामला। परिजनों के बुलावे पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी हजारीबाग पहुंचे। यह स्वाभाविक था कि पत्रकार वहां मौजूद रहें और सवाल करें। लेकिन सवाल पूछना यहां अपराध बन गया। जैसे ही पत्रकार ने चतरा के एयर एम्बुलेंस हादसे पर सवाल किया, माहौल अचानक जहरीला हो गया। खुद को मृतक का भाई बताने वाला एक युवक भड़क उठा। उसने पत्रकारों को दलाल कहकर गालियां दीं, अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और यह सब मंत्री के सामने हुआ।
    2
    हजारीबाग में पत्रकारों का खून सस्ता?
मंत्री के सामने गुंडागर्दी, पुलिस बनी तमाशबीन
अब चुप रहोगे तो अगला नंबर तुम्हारा!
यह सिर्फ एक घटना नहीं है, यह पत्रकारिता की इज्जत पर खुला हमला है। यह उस सिस्टम का काला चेहरा है, जहां सवाल पूछने की सजा लाठी और गालियों से दी जाती है। हजारीबाग में जो हुआ, उसने साबित कर दिया कि अगर पत्रकार आज भी नहीं जागे, तो कल उनकी पहचान ही मिटा दी जाएगी। बटेंगे तो कटेंगे अब सिर्फ जुमला नहीं, हकीकत बन चुका है।
सोमवार को पौता जंगल से दो लड़कियों और एक लड़के का शव बरामद हुआ, एक बेहद संवेदनशील मामला। परिजनों के बुलावे पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी हजारीबाग पहुंचे। यह स्वाभाविक था कि पत्रकार वहां मौजूद रहें और सवाल करें। लेकिन सवाल पूछना यहां अपराध बन गया। जैसे ही पत्रकार ने चतरा के एयर एम्बुलेंस हादसे पर सवाल किया, माहौल अचानक जहरीला हो गया। खुद को मृतक का भाई बताने वाला एक युवक भड़क उठा। उसने पत्रकारों को दलाल कहकर गालियां दीं, अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और यह सब मंत्री के सामने हुआ।
    user_Abhay Kumar Singh
    Abhay Kumar Singh
    पत्रकार हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    21 hrs ago
  • हजारीबाग, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के हजारीबाग दौरे के दौरान दो पत्रकारों पर हुए कथित हमले ने राज्य की कानून व्यवस्था और प्रेस की आजादी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्रकार रफ्तार मीडिया संवाददाता आशीष साव और न्यूज18 सुशांत सोनी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। आरोप है कि मंत्री से सवाल पूछने पर उनके प्रतिनिधियों ने पत्रकारों पर हमला कर दिया। क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी सोमवार को एक कार्यक्रम के सिलसिले में हजारीबाग पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद जब स्थानीय पत्रकारों ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सवाल पूछने शुरू किए, तो माहौल गरमा गया। आरोप है कि जवाब देने के बजाय मंत्री के साथ मौजूद कुछ लोगों ने पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। इस हमले में पत्रकार आशीष साव और सुशांत सोनी को गंभीर चोटें आई हैं। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय पत्रकार संगठनों का कहना है कि यह सीधे तौर पर प्रेस की आवाज दबाने की कोशिश है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला पत्रकारों पर हमला सिर्फ दो लोगों पर हमला नहीं है। यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है। जब सवाल पूछने पर जवाब की जगह लाठियां मिलें, तो यह साफ संकेत है कि सत्ता सवालों से घबरा रही है। स्वास्थ्य मंत्री से जनता स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली पर जवाब चाहती है। लेकिन अगर जवाब देने की जगह प्रतिनिधि गुंडागर्दी पर उतर आएं, तो फिर ‘स्वास्थ्य विभाग’ और ‘गुंडा विभाग’ में फर्क क्या रह जाएगा? उठ रहे हैं ये 3 बड़े सवाल 1. मंत्री की चुप्पी क्यों? घटना के कई घंटे बाद भी स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की ओर से कोई बयान नहीं आया है। क्यायू मंत्री अपने प्रतिनिधियों की इस हरकत का समर्थन करते हैं? 2. पुलिस-प्रशासन मौन क्यों? सरेआम पत्रकारों पर हमला हुआ। दोषियों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई? एफआईआर दर्ज हुई या नहीं? पुलिस की चुप्पी कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। 3. सवालों से इतनी घबराहट क्यों?अगर विभाग में सब ठीक है तो मंत्री को सवालों से डर कैसा? हमला करवाना कहीं न कहीं दाल में कुछ काला होने की तरफ इशारा करता है। पत्रकार संगठनों में आक्रोश घटना के बाद हजारीबाग समेत पूरे झारखंड के पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश है। पत्रकारों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और मंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग की है। वही भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र गिरी एवं रांची जिला अध्यक्ष जावेद अख्तर ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अगर अगर 24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन होगा। प्रशासन का पक्ष आना बाकी इस पूरे मामले पर अभी तक जिला प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मंत्री इरफान अंसारी का पक्ष भी सामने नहीं आया है। जनता को जवाब चाहिए: क्या झारखंड में सवाल पूछना गुनाह हो गया है? क्या स्वास्थ्य मंत्री सवालों का जवाब देंगे या प्रतिनिधियों से हमले करवाते रहेंगे? लोकतंत्र में लाठीतंत्र नहीं चल सकता। दोषियों पर तत्काल और कड़ी कार्रवाई हो, यही लोकतंत्र की मांग है।
    1
    हजारीबाग, 
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के हजारीबाग दौरे के दौरान दो पत्रकारों पर हुए कथित हमले ने राज्य की कानून व्यवस्था और प्रेस की आजादी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्रकार रफ्तार मीडिया संवाददाता आशीष साव और न्यूज18 सुशांत सोनी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। आरोप है कि मंत्री से सवाल पूछने पर उनके प्रतिनिधियों ने पत्रकारों पर हमला कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी सोमवार को एक कार्यक्रम के सिलसिले में हजारीबाग पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद जब स्थानीय पत्रकारों ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सवाल पूछने शुरू किए, तो माहौल गरमा गया। आरोप है कि जवाब देने के बजाय मंत्री के साथ मौजूद कुछ लोगों ने पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। 
इस हमले में पत्रकार आशीष साव और सुशांत सोनी को गंभीर चोटें आई हैं। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय पत्रकार संगठनों का कहना है कि यह सीधे तौर पर प्रेस की आवाज दबाने की कोशिश है।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला  
पत्रकारों पर हमला सिर्फ दो लोगों पर हमला नहीं है। यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है। जब सवाल पूछने पर जवाब की जगह लाठियां मिलें, तो यह साफ संकेत है कि सत्ता सवालों से घबरा रही है। स्वास्थ्य मंत्री से जनता स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली पर जवाब चाहती है। लेकिन अगर जवाब देने की जगह प्रतिनिधि गुंडागर्दी पर उतर आएं, तो फिर ‘स्वास्थ्य विभाग’ और ‘गुंडा विभाग’ में फर्क क्या रह जाएगा?
उठ रहे हैं ये 3 बड़े सवाल
1. मंत्री की चुप्पी क्यों? घटना के कई घंटे बाद भी स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की ओर से कोई बयान नहीं आया है। क्यायू मंत्री अपने प्रतिनिधियों की इस हरकत का समर्थन करते हैं?
2. पुलिस-प्रशासन मौन क्यों? सरेआम पत्रकारों पर हमला हुआ। दोषियों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई? एफआईआर दर्ज हुई या नहीं? पुलिस की चुप्पी कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।
3. सवालों से इतनी घबराहट क्यों?अगर विभाग में सब ठीक है तो मंत्री को सवालों से डर कैसा? हमला करवाना कहीं न कहीं दाल में कुछ काला होने की तरफ इशारा करता है।
पत्रकार संगठनों में आक्रोश
घटना के बाद हजारीबाग समेत पूरे झारखंड के पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश है। पत्रकारों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और मंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग की है। वही
भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र गिरी एवं रांची जिला अध्यक्ष जावेद अख्तर ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अगर
अगर 24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन होगा।
प्रशासन का पक्ष आना बाकी
इस पूरे मामले पर अभी तक जिला प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मंत्री इरफान अंसारी का पक्ष भी सामने नहीं आया है। 
जनता को जवाब चाहिए: क्या झारखंड में सवाल पूछना गुनाह हो गया है? क्या स्वास्थ्य मंत्री सवालों का जवाब देंगे या  प्रतिनिधियों से हमले करवाते रहेंगे? लोकतंत्र में लाठीतंत्र नहीं चल सकता। दोषियों पर तत्काल और कड़ी कार्रवाई हो, यही लोकतंत्र की मांग है।
    user_BaरKaट्ठा Ki आwaज
    BaरKaट्ठा Ki आwaज
    Court reporter Barkatha, Hazaribagh•
    1 hr ago
  • Post by खबर आप तक
    1
    Post by खबर आप तक
    user_खबर आप तक
    खबर आप तक
    Local News Reporter Hazaribag, Hazaribagh•
    9 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.