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Looking for Job Job Title : ड्राइविंग Job Field : ड्राइविंग Expected Salary : 20000 City / Locality : बांदा Experience Level : 1-2 Years Job Type : Full Time Education Qualification : 12th Pass पर्सनल ड्राइविंग
Shubham
Looking for Job Job Title : ड्राइविंग Job Field : ड्राइविंग Expected Salary : 20000 City / Locality : बांदा Experience Level : 1-2 Years Job Type : Full Time Education Qualification : 12th Pass पर्सनल ड्राइविंग
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- Looking for Job Job Title : ड्राइविंग Job Field : ड्राइविंग Expected Salary : 20000 City / Locality : बांदा Experience Level : 1-2 Years Job Type : Full Time Education Qualification : 12th Pass पर्सनल ड्राइविंग1
- बाँदा पुलिस के 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत एक माँ को उसका 12 साल का मानसिक रूप से कमजोर बच्चा वापस मिल गया, जिसे एक चमत्कार माना जा रहा है। यह बच्चा एक साल पहले घर से लापता हो गया था और मध्य प्रदेश के रीवा स्थित बाल संरक्षण गृह पहुँच गया था। वहाँ से उसे ढूँढकर वाराणसी में उसकी माँ को सौंपा गया था, लेकिन किस्मत के कारण बच्चा फिर से घर से निकल गया और भटकते हुए बाँदा के खुरहंड पहुँच गया। जब वह मिला तो अपना नाम-पता भी नहीं बता पा रहा था और उसकी आँखों में केवल माँ को ढूँढने का सवाल था। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के नेतृत्व में SJPU, AHTU और चाइल्ड हेल्पलाइन की एक संयुक्त टीम ने इस मामले में कार्रवाई की। बच्चे को पहले सुरक्षित चाइल्ड हेल्पलाइन सेंटर भेजा गया और फिर उसकी तस्वीर देश भर के चाइल्ड हेल्पलाइन ग्रुपों में प्रसारित की गई। रीवा से मिली जानकारी से यह पुष्टि हुई कि यह वही बच्चा है जो पहले भी वहाँ रह चुका था और वाराणसी में अपनी माँ को सौंपा गया था। इस संयुक्त टीम की कड़ी मेहनत 26 मई को रंग लाई, जब बच्चे को उसकी माँ के हवाले कर दिया गया। बेटे को सीने से लगाते ही माँ की आँखों से खुशी के आँसू बह निकले और उसने रोते हुए पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन तथा बच्चे को घर पहुँचाने में मदद करने वाले हर व्यक्ति को दुआएँ दीं। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने इस अवसर पर कहा कि 'ऑपरेशन मुस्कान' का मुख्य उद्देश्य ही हर बिछड़े हुए चेहरे पर मुस्कान लौटाना है।2
- चित्रकूट जनपद के पहाड़ी थाना क्षेत्र के साईपुर गाँव में बीते सोमवार की रात लगभग 11 बजे एक ढाबा संचालक और उसके दो साथियों ने बाबूलाल नामक व्यक्ति की चाकू मारकर निर्मम हत्या कर दी। इस घटना के बाद मृतक बाबूलाल के परिजनों में कोहराम मच गया और उन्होंने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक बाबूलाल के परिजनों ने मंगलवार सुबह 8 बजे घटना की जानकारी देते हुए बताया कि पड़ोसी गांव परसौंजा निवासी अमन पटेल (पुत्र महेंद्र पटेल), गोलू यादव (पुत्र देशराज) और राकेश यादव (पुत्र मूलचंद) बाइक से उनके घर आए थे। उन्होंने सोते हुए बाबूलाल को घर के बाहर बुलाया और जैसे ही बाबूलाल बाहर निकले, गोलू और राकेश ने उन्हें पकड़ लिया। अमन पटेल ने अपने हाथ में लिए चाकू से बाबूलाल के सीने पर दो-तीन वार किए, जिससे बाबूलाल गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही गिर गए। परिजन कुछ समझ पाते, इससे पहले ही तीनों युवक मौके से फरार हो गए। परिजन बाबूलाल को आनन-फानन में पहाड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस की जानकारी के अनुसार, अमन, गोलू और राकेश तीनों मिलकर ढाबा चलाते हैं। कुछ देर पहले बाबूलाल और इन तीनों युवकों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था, जिससे नाराज होकर तीनों युवकों ने बाबूलाल को मौत के घाट उतार दिया।1
- बांदा के वार्ड नंबर 10, जिसमें शंकर नगर और आजाद नगर शामिल हैं, का दौरा करने के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने क्षेत्र में लटकते अस्थाई बिजली के तारों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इन तारों से इलाके में करंट लगने का खतरा मंडरा रहा है। इस खतरे को देखते हुए, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने शासन-प्रशासन से तुरंत नए खंभे लगाने और स्थाई थ्री-फेस बिजली लाइन बिछाने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, दीक्षित ने क्षेत्र में चल रहे नालों के निर्माण कार्य पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या यह निर्माण कार्य इस मानसून में जनता को जलभराव की समस्या से सचमुच निजात दिला पाएगा। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि "असली हकीकत तो पहली बारिश में ही साफ होगी," जो प्रशासन के दावों पर संदेह प्रकट करता है।4
- कमासिन कस्बे में देर रात ज्वेलर्स की एक दुकान में भीषण आग लग गई। यह आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी, जिसे दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद बुझाया।1
- चित्रकूट जिले के पहाड़ी थाना क्षेत्र के सांईपुर मोड़ के पास एक घर में घुसकर सो रहे एक व्यक्ति की चाकुओं से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है। हत्यारों ने घर में घुसकर इस वारदात को देर रात अंजाम दिया। मृतक के परिजनों ने इस निर्मम हत्या के लिए एक ढाबा मालिक और उसके साथियों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने घर में घुसकर इस घटना को अंजाम दिया। परिजनों के अनुसार, देर रात मृतक का ढाबे में किसी बात को लेकर ढाबा मालिक से विवाद हुआ था। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह और परिजनों के बयान भी लिए गए हैं।4
- बांदा जिले की नरैनी तहसील के जमवारा गांव में झाड़ियों से भड़की आग ने एक मजदूर परिवार की जिंदगी भर की जमा-पूंजी को कुछ ही देर में राख में बदल दिया। इस भीषण आग की चपेट में आए घर में रखा लगभग ₹50 हजार नकद, खाद्यान्न, कपड़े, भूसा और अन्य घरेलू सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया, वहीं एक बकरी की भी आग में झुलसकर मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी बहादुर पुत्र परदेशी रैदास अपने परिवार के साथ खेतों के बीच बने घर में रहते थे। अचानक घर के पास झाड़ियों में लगी आग तेज हवाओं के साथ तेजी से फैलती हुई उनके मकान तक पहुंच गई। आग की लपटें उठती देख परिवार ने शोर मचाया और किसी तरह महिलाओं, बच्चों तथा पालतू पशुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। ग्रामीणों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक आग पूरे घर को अपनी चपेट में ले चुकी थी। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम भी पहुंची और आग पर काबू पाया, हालांकि तब तक घर में रखा अधिकांश सामान जलकर राख हो चुका था। देर शाम तक भी घर के मलबे से लगातार धुआं और आग की लपटें निकलती रहीं। पीड़ित बहादुर ने बताया कि घर में बकरियों की बिक्री से मिले ₹50 हजार नकद, करीब 5 कुंतल गेहूं, एक-एक कुंतल अरहर और चना, भूसा, कपड़े तथा अन्य सभी जरूरी सामान रखा था, जो इस घटना में नष्ट हो गया। घटना की सूचना मिलने पर राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का आकलन किया। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के पहर गांव में पिछले लगभग 5 से 7 सालों से कोई भी आरसीसी या नाली का निर्माण कार्य नहीं हुआ है। इस वजह से गांव की गलियों में हर जगह पानी का बहाव बना रहता है, जिसके कारण ग्रामीणों को चलने-फिरने और निकलने में अत्यधिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने अपनी परेशानी व्यक्त करते हुए पहर गांव के विकास की मांग की है।2