बेटियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क तैयारी से मिल रहा सफलता का मंच बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत पुलिस भर्ती सहित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी ======== बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत जिले की कक्षा 12वीं उत्तीर्ण बालिकाओं को पुलिस भर्ती सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की लिखित एवं शारीरिक परीक्षा की नि:शुल्क तैयारी कराई जा रही है। इस पहल का उद्देश्य विशेष रूप से गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाना है। प्रतियोगी परीक्षाओं की लिखित परीक्षा की तैयारी शासकीय महिला महाविद्यालय नरसिंहपुर में कराई जा रही है। यहां छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पाठ्यक्रम के अनुसार सामान्य गणित, सामान्य विज्ञान, सामान्य बुद्धि एवं तर्कशक्ति तथा सामान्य अंग्रेजी के प्रश्नों का अभ्यास कराया जा रहा है। इसके साथ ही समय-समय पर पुलिस भर्ती की शारीरिक परीक्षा की तैयारी भी कराई जाती है, जिसमें दौड़, गोला फेंक, लंबी कूद सहित विभिन्न खेल गतिविधियां शामिल हैं। इस प्रशिक्षण का सकारात्मक परिणाम छात्राओं के आत्मविश्वास में भी दिखाई दे रहा है। 15 अगस्त को आयोजित जिला स्तरीय परेड में प्रशिक्षण प्राप्त छात्राओं ने जूनियर दल में प्रथम स्थान प्राप्त किया। छात्राओं को प्रशिक्षण के लिए नि:शुल्क स्टेशनरी, पुस्तकें एवं अन्य आवश्यक अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मिल रहा विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रशिक्षण के दौरान जिले के विभिन्न अधिकारियों द्वारा समय-समय पर छात्राओं को यूपीएससी, एमपीपीएससी एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इसी क्रम में 25 अगस्त 2026 को जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास श्री राधेश्याम वर्मा ने छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने छात्राओं को नियमित अध्ययन के साथ शारीरिक दक्षता पर भी विशेष ध्यान देने की समझाइश दी तथा नियमित फिजिकल क्लास शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेहनत, अनुशासन एवं निरंतर अभ्यास के माध्यम से छात्राएं पुलिस आरक्षक सहित विभिन्न शासकीय सेवाओं में चयनित होकर अपने परिवार एवं समाज का नाम रोशन कर सकती हैं। इस नि:शुल्क प्रशिक्षण के माध्यम से जिले की बालिकाओं को आर्थिक बाधाओं के बावजूद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिल रहा है। योजना का उद्देश्य अधिक से अधिक बालिकाओं को शिक्षा, रोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाते हुए उन्हें सशक्त बनाना है।
बेटियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क तैयारी से मिल रहा सफलता का मंच बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत पुलिस भर्ती सहित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी ======== बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत जिले की कक्षा 12वीं उत्तीर्ण बालिकाओं को पुलिस भर्ती सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की लिखित एवं शारीरिक परीक्षा की नि:शुल्क तैयारी कराई जा रही है। इस पहल का उद्देश्य विशेष रूप से गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाना है। प्रतियोगी परीक्षाओं की लिखित परीक्षा की तैयारी शासकीय महिला महाविद्यालय नरसिंहपुर में कराई जा रही है। यहां छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पाठ्यक्रम के अनुसार सामान्य गणित, सामान्य विज्ञान, सामान्य बुद्धि एवं तर्कशक्ति तथा सामान्य अंग्रेजी के प्रश्नों का अभ्यास कराया जा रहा है। इसके साथ ही समय-समय पर पुलिस भर्ती की शारीरिक परीक्षा की तैयारी भी कराई जाती है, जिसमें दौड़, गोला फेंक, लंबी कूद सहित विभिन्न खेल गतिविधियां शामिल हैं। इस प्रशिक्षण का सकारात्मक परिणाम छात्राओं के आत्मविश्वास में भी दिखाई दे रहा है। 15 अगस्त को आयोजित जिला स्तरीय परेड में प्रशिक्षण प्राप्त छात्राओं ने जूनियर दल में प्रथम स्थान
प्राप्त किया। छात्राओं को प्रशिक्षण के लिए नि:शुल्क स्टेशनरी, पुस्तकें एवं अन्य आवश्यक अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मिल रहा विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रशिक्षण के दौरान जिले के विभिन्न अधिकारियों द्वारा समय-समय पर छात्राओं को यूपीएससी, एमपीपीएससी एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इसी क्रम में 25 अगस्त 2026 को जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास श्री राधेश्याम वर्मा ने छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने छात्राओं को नियमित अध्ययन के साथ शारीरिक दक्षता पर भी विशेष ध्यान देने की समझाइश दी तथा नियमित फिजिकल क्लास शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेहनत, अनुशासन एवं निरंतर अभ्यास के माध्यम से छात्राएं पुलिस आरक्षक सहित विभिन्न शासकीय सेवाओं में चयनित होकर अपने परिवार एवं समाज का नाम रोशन कर सकती हैं। इस नि:शुल्क प्रशिक्षण के माध्यम से जिले की बालिकाओं को आर्थिक बाधाओं के बावजूद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिल रहा है। योजना का उद्देश्य अधिक से अधिक बालिकाओं को शिक्षा, रोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाते हुए उन्हें सशक्त बनाना है।
- नरसिंहपुर में रेलवे ट्रैक पर अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से क्षेत्र में फैली सनसनी, पुलिस ने घटनास्थल पहुंचकर की कार्यवाही मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव थाना क्षेत्र में एक अज्ञात युवक का शव रेलवे ट्रैक पर मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई । स्थानीय लोगों के द्वारा घटनास्थल पहुंचकर मृतक युवक की पहचान करने की कोशिश की गई । लेकिन पहचान ना हो सकी जिसके बाद रेलवे द्वारा पुलिस को सूचना देकर घटना की जानकारी दी गई और पुलिस ने आंगे की कार्यवाही शुरू की ।1
- रेलवे स्टेशन परिसर में गूंजती महाआरती, युवाओं की भक्ति से भक्तिमय होता गोटेगांव गोटेगांव। गोटेगांव रेलवे स्टेशन परिसर में मंगलवार की शाम श्रद्धा और भक्ति का अनूठा नजारा देखने को मिलता है। स्टेशन परिसर में स्थापित हनुमान जी महाराज, शनिदेव मंदिर, भगवान गणेश जी एवं मां जगत जननी मां दुर्गा के मंदिरों में नियमित रूप से श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। इन मंदिरों में गोटेगांव के नौजवान युवक मंडल द्वारा प्रत्येक मंगलवार को भव्य महाआरती का आयोजन किया जाता है। आरती के दौरान बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी श्रद्धालु शामिल होते हैं। घंटियों और जयकारों के बीच होने वाली महाआरती से पूरा रेलवे स्टेशन परिसर भक्तिमय हो उठता है। युवाओं द्वारा आयोजित यह महाआरती धार्मिक आस्था के साथ-साथ युवा शक्ति की सकारात्मक सोच और सामाजिक सहभागिता का भी सुंदर उदाहरण है। बड़ी संख्या में युवा पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ आयोजन में सहभागिता करते हैं। मंगलवार को महाआरती के समय रेलवे स्टेशन परिसर का वातावरण देखते ही बनता है। श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर भगवान के दर्शन करते हैं और सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना करते हैं। गोटेगांव रेलवे स्टेशन परिसर में युवाओं की यह पहल धार्मिक आस्था को मजबूत करने के साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का सुंदर संदेश भी दे रही है।1
- …जिम्मेदारों से सवाल—आखिर कब बनेगा घधरोला खुर्द का पक्का रास्ता?”* एंकर — नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा तहसील के ग्राम घधरोला खुर्द में सड़क की बदहाली अब ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों के लिए भी बड़ी परेशानी बन गई है। हालात ऐसे हैं कि अपनी समस्या प्रशासन तक पहुंचाने के लिए गांव के छोटे-छोटे पढ़ने वाले मासूम बच्चे भी ग्रामीणों के साथ शिकायत करने पहुंचे। गांव से घधरोला कला तक करीब 3 किलोमीटर का रास्ता आज भी पक्की सड़क के इंतजार में है। बारिश के दिनों में कच्चे रास्ते पर कीचड़ और पानी के कारण आवागमन मुश्किल हो जाता है। बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है और किसी आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए कई बार पंचायत और अधिकारियों से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक सड़क निर्माण नहीं हो सका। अब ग्रामीणों के साथ मासूम बच्चे भी जिम्मेदारों से सड़क की मांग कर रहे हैं। बाइट — निकिता नोरिया, छात्रा बाइट — ग्रामीण **सड़क के लिए मासूमों की गुहार…जिम्मेदारों से सवाल—आखिर कब बनेगा घधरोला खुर्द का पक्का रास्ता?”* एंकर — नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा तहसील के ग्राम घधरोला खुर्द में सड़क की बदहाली अब ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों के लिए भी बड़ी परेशानी बन गई है। हालात ऐसे हैं कि अपनी समस्या प्रशासन तक पहुंचाने के लिए गांव के छोटे-छोटे पढ़ने वाले मासूम बच्चे भी ग्रामीणों के साथ शिकायत करने पहुंचे। गांव से घधरोला कला तक करीब 3 किलोमीटर का रास्ता आज भी पक्की सड़क के इंतजार में है। बारिश के दिनों में कच्चे रास्ते पर कीचड़ और पानी के कारण आवागमन मुश्किल हो जाता है। बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है और किसी आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए कई बार पंचायत और अधिकारियों से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक सड़क निर्माण नहीं हो सका। अब ग्रामीणों के साथ मासूम बच्चे भी जिम्मेदारों से सड़क की मांग कर रहे हैं। बाइट — निकिता नोरिया, छात्रा बाइट — ग्रामीण3
- तिल्दा, नेवरा-लखना में पार्थिव शिवलिंग का रुद्र अभिषेक किया गया1
- नरसिंहपुर-रोड बनवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों के साथ स्कूली छात्र-छात्रा पहुंचे कलेक्ट्रेट कलेक्टर को दिया आवेदन बिलगुआ टोला निवासी ग्रामीण और स्कूली छात्र-छात्रा कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां उन्होंने कलेक्टर को रोड बनवाने की मांग को लेकर आवेदन दिया वहीं छात्र-छात्राओं ने बताया कि 3 किलोमीटर का कच्चा रास्ता है जिससे रोज आना-जाना पड़ता है। और अधिक बारिश होने के चलते कई बार स्कूल भी नहीं जा पाते हैं बरसात के दिनों में ग्रामीणों को भी इस कच्चे रास्ते से गुजरना पड़ता है जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है इसलिए आज मंगलवार उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को आवेदन दिया और रोड बनवाने की मांग की1
- पवई में आगामी त्योहारों को लेकर शांति समिति की बैठक, प्रशासन ने की तैयारियों की समीक्षा पवई में आगामी त्योहारों को लेकर शांति समिति की बैठक, प्रशासन ने की तैयारियों की समीक्षा1
- खैरी गांव को सड़क-पुल का इंतजार, बारिश में बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी नरसिंहपुर,ग्राम पंचायत टेकापार के ग्राम खैरी जनपद पंचायत नरसिंहपुर के करीब 150 ग्रामीण आज भी सड़क और पुल की सुविधा से वंचित हैं। खैरी से काचरकोना तक करीब 3 किलोमीटर कच्चा रास्ता है, जबकि खैरी और इमलिया के बीच पानाझीर नदी होने से बारिश के दिनों में आवागमन बेहद मुश्किल हो जाता है। नदी में पानी बढ़ने पर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाना भी जोखिम भरा हो जाता है। ग्रामीणों ने सड़क और पुल निर्माण की मांग कई बार जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखी, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों की मांग है कि खैरी-काचरकोना मार्ग को पक्का कराया जाए और पानाझीर नदी पर पुल का निर्माण कराया जाए। प्रशासन एवं जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या पर ध्यान दें।1
- सेठान चौराहे पर दर्दनाक हादसा: डंपर की चपेट में आईं 8 गौमाताएं, 6 की मौके पर मौत सेठान चौराहे पर दर्दनाक हादसा: डंपर की चपेट में आईं 8 गौमाताएं, 6 की मौके पर मौत साईंखेड़ा। बुधवार रात करीब 1 बजे सेठान चौराहे पर एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तेज रफ्तार डंपर ने सड़क पर मौजूद 8 गौमाताओं को कुचल दिया, जिसमें 6 गौमाताओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 गंभीर रूप से घायल होकर खून से लथपथ हालत में सड़क पर तड़पती मिलीं। घटना के बाद मौके पर पहुंचे गौभक्तों और स्वयंसेवकों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने डंपरों को रोकना शुरू कर दिया। देखते ही देखते सेठान चौराहे पर करीब 50–60 डंपर खड़े हो गए, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इस हृदयविदारक घटना ने क्षेत्र के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लगातार आवागमन के कारण इस मार्ग पर पशुओं के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा भी खतरे में है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हादसे की निष्पक्ष जांच कर दोषी वाहन चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भारी वाहनों की गति व आवागमन पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जाए। समाचार लिखे जाने तक घटना की आधिकारिक पुष्टि एवं पुलिस कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई थी।1