मानसिक स्वास्थ्य के लिए 'मन की बात' साझा करना जरूरी : शाहिस्ता शेख़ मानसिक स्वास्थ्य के लिए 'मन की बात' साझा करना जरूरी : शाहिस्ता शेख़ निवाली 1 अप्रेल बुधवार ( स्वतंत्र पत्रकार सुनील सोनी)नगर के पद्मश्री स्व. कान्ता बहन त्यागी शासकीय महाविद्यालय में 'मेंटल हेल्थ क्लब' और उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश, राष्ट्रीय कार्यबल के तत्वावधान में एक दिवसीय मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. के. तावड़े एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। प्राचार्य डॉ. तावड़े ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में मानसिक स्वास्थ्य उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शारीरिक स्वास्थ्य लेकिन अक्सर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। वर्तमान परिदृश्य में शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक संतुलन बनाए रखना अनिवार्य है। उन्होंने भविष्य की चिंता और सामाजिक दबाव को तनाव का मुख्य कारण बताया। मुख्य वक्ता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, निवाली की नर्सिंग ऑफिसर, शाहिस्ता शेख़ ने विद्यार्थियों को तनाव, अवसाद और चिंता से निपटने के तरीके सिखाए। उन्होंने जोर दिया कि अपनी भावनाओं को खुलकर साझा करना ही मानसिक मजबूती की पहली सीढ़ी है। उन्होंने भारत सरकार की निःशुल्क डिजिटल मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन टेली मानस नंबर 14416 एवं सीनियर सिटीजन हेतु राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 14567 भी साझा किए। श्रीमती चेतना माली ने समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने की बात कही । वहीं मेंटर श्री राकेश चौहान ने योग, संतुलित आहार और डिजिटल डिटॉक्स (मोबाइल का सीमित उपयोग) को स्वस्थ जीवनशैली का आधार बताया। कार्यक्रम प्रभारी डॉ. चाँदनी गोले ने मंच संचालन करते हुए कहा कि तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याएँ विद्यार्थियों में तेजी से बढ़ रही हैं, जिन्हें समय रहते पहचानना और समाधान करना जरूरी है। उन्होंने सकारात्मक सोच, नियमित व्यायाम, योग और संवाद को मानसिक स्वास्थ्य सुधार के महत्वपूर्ण उपाय बताया। साथ ही विद्यार्थियों को विशेषज्ञों से परामर्श लेने और सकारात्मक सोच अपनाने हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. पी. सी. किराड़े ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. बी. एस. चौहान, प्रो. अनारसिंह किराड़े, डॉ. राकेश जाधव, डॉ. शारदा खरते, प्रो. नीलम डावर, प्रो. मनीष किराड़, प्रो. नवलसिंह बर्डे. डॉ. किशन पवार, श्री गौरव सोनी, श्री करण बामनिया, श्री तुकाराम निंगवाले, श्री तुकाराम सोलंकी सहित विद्यार्थियों ने अपनी सहभागिता सुनिश्चित की ।
मानसिक स्वास्थ्य के लिए 'मन की बात' साझा करना जरूरी : शाहिस्ता शेख़ मानसिक स्वास्थ्य के लिए 'मन की बात' साझा करना जरूरी : शाहिस्ता शेख़ निवाली 1 अप्रेल बुधवार ( स्वतंत्र पत्रकार सुनील सोनी)नगर के पद्मश्री स्व. कान्ता बहन त्यागी शासकीय महाविद्यालय में 'मेंटल हेल्थ क्लब' और उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश, राष्ट्रीय कार्यबल के तत्वावधान में एक दिवसीय मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. के. तावड़े एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। प्राचार्य डॉ. तावड़े ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में मानसिक स्वास्थ्य उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शारीरिक स्वास्थ्य लेकिन अक्सर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। वर्तमान परिदृश्य में शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक संतुलन बनाए रखना अनिवार्य है।
उन्होंने भविष्य की चिंता और सामाजिक दबाव को तनाव का मुख्य कारण बताया। मुख्य वक्ता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, निवाली की नर्सिंग ऑफिसर, शाहिस्ता शेख़ ने विद्यार्थियों को तनाव, अवसाद और चिंता से निपटने के तरीके सिखाए। उन्होंने जोर दिया कि अपनी भावनाओं को खुलकर साझा करना ही मानसिक मजबूती की पहली सीढ़ी है। उन्होंने भारत सरकार की निःशुल्क डिजिटल मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन टेली मानस नंबर 14416 एवं सीनियर सिटीजन हेतु राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 14567 भी साझा किए। श्रीमती चेतना माली ने समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने की बात कही । वहीं मेंटर श्री राकेश चौहान ने योग, संतुलित आहार और डिजिटल डिटॉक्स (मोबाइल का सीमित उपयोग) को स्वस्थ जीवनशैली का आधार बताया। कार्यक्रम प्रभारी डॉ. चाँदनी गोले ने मंच संचालन
करते हुए कहा कि तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याएँ विद्यार्थियों में तेजी से बढ़ रही हैं, जिन्हें समय रहते पहचानना और समाधान करना जरूरी है। उन्होंने सकारात्मक सोच, नियमित व्यायाम, योग और संवाद को मानसिक स्वास्थ्य सुधार के महत्वपूर्ण उपाय बताया। साथ ही विद्यार्थियों को विशेषज्ञों से परामर्श लेने और सकारात्मक सोच अपनाने हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. पी. सी. किराड़े ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. बी. एस. चौहान, प्रो. अनारसिंह किराड़े, डॉ. राकेश जाधव, डॉ. शारदा खरते, प्रो. नीलम डावर, प्रो. मनीष किराड़, प्रो. नवलसिंह बर्डे. डॉ. किशन पवार, श्री गौरव सोनी, श्री करण बामनिया, श्री तुकाराम निंगवाले, श्री तुकाराम सोलंकी सहित विद्यार्थियों ने अपनी सहभागिता सुनिश्चित की ।
- निवाली में श्रीराम कथा के आठवें दिन शबरी और केवट प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन ईश्वर केवल भाव व भक्ति के भुखे है शबरी मिलन उदाहरण है केवट प्रसंग के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट किया कि भक्ति में कोई ऊंच-नीच नहीं होती। केवट का प्रभु के चरण पखारना और भगवान का उसे गले लगाना मानवता का सबसे बड़ा संदेश है। (स्वतंत्र पत्रकार सुनील सोनी) निवाली,1 अप्रेल बुधवार गुमडीया रोड पर पंचमुखी हनुमान मंदीर की स्थापना को एक वर्ष होने पर पंचमुखी मंदीर समिति व्दारा गुमडीया रोड पर कंचन जीजी के निवास के समीप मैदान पर 24 मार्च से 1 अप्रेल तक नौ दिवसीय नगर में आयोजित श्रीराम कथा के आठवें दिन कथा वाचक पंडित रमेश शर्मा ने भक्त और भगवान के अनन्य प्रेम का वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने शबरी के अटूट विश्वास और केवट के निस्वार्थ प्रेम के प्रसंगों को विस्तार से समझाया। शबरी प्रसंग: पंडित शर्मा ने बताया कि कैसे शबरी के वर्षों के इंतजार और उनके जूठे बेरों को प्रभु श्रीराम ने सहज स्वीकार किया, जो यह दर्शाता है कि ईश्वर केवल प्रेम और भक्ति के भूखे हैं। केवट संवाद: केवट प्रसंग के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट किया कि भक्ति में कोई ऊंच-नीच नहीं होती। केवट का प्रभु के चरण पखारना और भगवान का उसे गले लगाना मानवता का सबसे बड़ा संदेश है। कथा के दौरान भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे और संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया। अंत में आरती के पश्चात महाप्रसाद का वितरण किया गया।4
- खरगोन जिले के गोगावां में इंटर स्टेट गैंग का भंडाफोड़, 2 अलग-अलग कार्रवाई में 15 अवैध हथियार बरामद।1
- बड़वानी SP पद्मविलोचन शुक्ल ने नए नवाचारों को लेकर की प्रेस कांफ्रेस,मीडिया से अभियान को लेकर की चर्चा,1
- बड़वानी में एक पिता की रिटायरमेंट की कहानी हमें प्रेरणा देती है कि सेवानिवृत्ति किसी मेडल से कम नहीं है। यह खबर हमें बताती है कि जब बच्चे अपने पिता के रास्ते पर चलते हैं तो वे न केवल अपने पिता का सम्मान करते हैं बल्कि उनकी सेवानिवृत्ति को भी एक सम्मान के रूप में देखते हैं। यह हिंदी न्यूज की एक अनोखी खबर है जो हमेंiयह याद दिलाती है कि एक पिता एक रोल मॉडल होता है और उसकी सेवानिवृत्ति एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होता है। बड़वानी की इस खबर में हमें यह देखने को मिलता है कि कैसे एक पिता की सेवानिवृत्ति उसके परिवार के लिए कितनी महत्वपूर्ण होती है और यह कैसे एक प्रेरणा का स्रोत बनती है। यह न्यूज हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि सेवानिवृत्ति किसी मेडल से कम नहीं है और यह एक पिता के जीवन में एक महत्वपूर्ण क्षण होता है। बड़वानी की यह खबर हमें प्रेरित करती है और हमें यह याद दिलाती है कि एक पिता का सम्मान और प्रेम किसी भी चीज से कम नहीं है।2
- Post by NIMAD DASTAK NEWS1
- सेंधवा। मध्यप्रदेश शासन के नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा नगर पालिका परिषद सेंधवा में 6 पार्षदों की नियुक्ति के बाद शहर में खुशी का माहौल देखा गया। इस अवसर पर मार्निंग ग्रुप के दो सक्रिय सदस्य सुनील अग्रवाल एवं अनिल वाघ को पार्षद बनाए जाने पर ग्रुप द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। सुबह करीब 6 बजे मार्निंग ग्रुप के सदस्यों ने नव नियुक्त पार्षदों का पुष्पमालाओं से स्वागत किया। इसके बाद निवाली रोड पर ढोल-ताशों के साथ जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में सदस्य शामिल हुए। इस दौरान मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया गया। कार्यक्रम में ग्रुप से जुड़े अन्य पार्षद छोटू चौधरी एवं प्रकाश निकुम भी उपस्थित रहे और उन्होंने नव नियुक्त पार्षदों को शुभकामनाएं दीं। ग्रुप के संरक्षक गिरधारी गोयल ने कहा कि यह पूरे ग्रुप के लिए गर्व का क्षण है और अब उनके सदस्य शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वहीं गिरीश दर्शे एवं नगर पालिका के सेवानिवृत्त सहायक यंत्री राजेश मिश्र ने भी इसे शहर के विकास के लिए सकारात्मक कदम बताया। नव नियुक्त पार्षद सुनील अग्रवाल ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का भरोसा दिलाया। वहीं अनिल वाघ ने कहा कि वे अपनी जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाते हुए शहर के विकास में सक्रिय योगदान देंगे। इस दौरान प्रदीप नाईक, ललित पाटिल, सुभाष शर्मा, कमलेश पालीवाल, दिनेश अग्रवाल, राजू सोनी, अनिल सिंधाने, दिलीप चौहान, विनोद शर्मा, प्रभाकर पाटिल, मनोज शिम्पी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं मार्निंग ग्रुप के सदस्य मौजूद रहे।1
- बड़वानी।जिले के ग्राम सजवानी में मक्का की फसल पूरी तरह से सूखकर बर्बाद होने का गंभीर मामला सामने आया है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। प्रभावित किसान संजय बर्फा (पिता हेमचंद बर्फा) एवं काना (पिता बाबुल राठौर) ने शिव एग्रो, सेगांव फाटा बड़वानी से मक्का 9459 सिखर किस्म का बीज खरीदा था। किसानों का आरोप है कि बीज विक्रेता द्वारा उन्हें यह भरोसा दिलाया गया था कि उक्त बीज में “सुखने की बीमारी” नहीं आएगी और फसल अच्छी होगी, लेकिन वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत रही। किसानों के अनुसार, फसल की शुरुआत सामान्य रही, लेकिन कुछ समय बाद पौधे अचानक सूखने लगे और स्थिति इतनी खराब हो गई कि पूरी फसल बिना भुट्टे के ही नष्ट हो गई। खेतों में खड़ी मक्का सूखकर खत्म हो गई, जिससे किसानों को उत्पादन का एक भी दाना प्राप्त नहीं हुआ। इस नुकसान से किसानों की आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा है, क्योंकि उन्होंने बीज, खाद, मजदूरी और सिंचाई पर काफी खर्च किया था। पीड़ित किसान संजय बर्फा ने बताया, “हमें दुकानदार ने भरोसा दिलाया था कि इस बीज से कोई बीमारी नहीं आएगी और फसल अच्छी होगी, लेकिन पूरी फसल सूख गई। अब हमारे पास कुछ भी नहीं बचा है। हमने कई बार दुकानदार से बात की, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला।” मामले को लेकर किसानों ने राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के माध्यम से कृषि विस्तार अधिकारी, कृषि विभाग बड़वानी को लिखित आवेदन सौंपकर जांच की मांग की है। आवेदन में बीज की गुणवत्ता की जांच कर संबंधित कंपनी और विक्रेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की गई है। किसानों ने बिल की छायाप्रति भी आवेदन के साथ संलग्न की है। वहीं इस पूरे मामले में शिव एग्रो के संचालक राधेश्याम काग ने किसानों के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि बीज पूरी तरह सही था और यदि बीज में खराबी होती तो अंकुरण ही नहीं होता या पौधे विकसित नहीं होते। उनके अनुसार, यह समस्या “विल्ट” बीमारी के कारण हो सकती है, जो वर्तमान में कई प्रकार की मक्का वैरायटी में देखी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह समस्या जमीन की उर्वरता और पोषक तत्वों की कमी से जुड़ी हो सकती है, न कि बीज की गुणवत्ता से।राधेश्याम काग ने बताया, “हमारे यहां से कई किसानों ने यही बीज लिया है, लेकिन ऐसी शिकायत कहीं और से नहीं आई है। यह जमीन की समस्या या मौसमी प्रभाव हो सकता है। फिर भी यदि जांच होती है तो हम सहयोग करेंगे।”1
- निवाली: श्रीराम वनवास के प्रसंग पर भावुक हुए श्रद्धालु, श्रीराम-सीता के स्वरूपों ने किया मंत्रमुग्ध : वन गमन दौरान श्रोताओं की आंखें छलकी निवाली।31 मार्च मंगलवार ( स्वतंत्र पत्रकार सुनील सोनी) नगर में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के दौरान आज 'श्रीराम वनवास' का हृदयस्पर्शी प्रसंग सुनाया गया। प्रख्यात कथावाचक पंडित रमेश चन्द्र शर्मा ने जब प्रभु श्रीराम के वन गमन का मार्मिक वर्णन किया, तो पाण्डाल में मौजूद श्रद्धालुओं की आँखें छलक आईं। भक्ति और भाव का अनूठा संगम कथा के दौरान जब श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के स्वरूप मंच पर अवतरित हुए, तो पूरा वातावरण 'जय श्री राम' के जयघोष से गुंजायमान हो गया। पंडित जी ने अपनी सुमधुर वाणी में बताया कि कैसे पिता के वचनों को निभाने के लिए प्रभु ने राजसी सुखों का त्याग कर सहर्ष वनवास स्वीकार किया। उनके साथ माता सीता और अनुज लक्ष्मण का वन की ओर प्रस्थान करना त्याग और कर्तव्य की पराकाष्ठा को दर्शाता है। मार्मिक भजनों पर थिरके श्रद्धालु कथा के बीच-बीच में प्रस्तुत किए गए वनवास प्रसंग के भजनों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। झांकी के माध्यम से दिखाए गए इस दृश्य ने उपस्थित जनसमूह को त्रेतायुग की जीवंत अनुभूति कराई। नगर में भक्तिमय माहौल श्रीराम कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। स्थानीय आयोजन समिति ने बताया कि कथा के माध्यम से नई पीढ़ी को रामायण के आदर्शों और संस्कारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में भगवान की आरती की गई और प्रसाद वितरण के साथ दिन की कथा का विश्राम हुआ।4