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Gupta ji
More news from Pashchim Champaran and nearby areas
- चनपटिया रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए करीब एक दर्जन अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के जरिए अब स्टेशन परिसर की हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। मंगलवार के दोपहर करीब एक बजे मिली जानकारी के अनुसार रेलवे प्रशासन ने प्लेटफॉर्म, प्रवेश द्वार, टिकट काउंटर सहित सभी संवेदनशील स्थानों को कैमरों की जद में लाया है। इसका मुख्य उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करना है। स्टेशन अधीक्षक बबलू बैठा ने बताया कि सभी कैमरों की निगरानी कंट्रोल रूम से लगातार की जा रही है और जरूरत पड़ने पर रिकॉर्डिंग जांच में उपयोग होगी। इससे चोरी, छिनतई और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी अंकुश लगेगा। यात्रियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि अब वे खासकर रात के समय अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। रेलवे ने संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत देने की अपील की है।1
- Post by Gupta ji1
- बेतिया के नगर थाना क्षेत्र के कमलनाथनगर मोहल्ले में एक छात्रा सरिता शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। सरिता मूल रूप से चनपटिया थाना क्षेत्र के पुरैना गोसाई की रहने वाली थी और पिछले करीब 3 वर्षों से यहां किराये के मकान में रहकर पढ़ाई कर रही थी। मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे परिजनों द्वारा बार-बार फोन किए जाने के बावजूद जब सरिता ने कॉल रिसीव नहीं किया, तो चिंता बढ़ गई। परिजनों के कहने पर पड़ोस में रहने वाली एक युवती उसके कमरे पर पहुंची, लेकिन काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया, जहां अंदर का दृश्य देख सभी दंग रह गए—सरिता फंदे से लटकी हुई मिली। घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना अध्यक्ष धीरज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। साथ ही फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को बुलाकर घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए। सूचना पर सदर डीएसपी विवेक दीप भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला फंदे से लटककर आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि हर बिंदु पर गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। घटना के बाद इलाके में शोक और सनसनी का माहौल है, जबकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की तह तक पहुंचने में जुटी हुई है।1
- Post by Aditya Raj1
- नौतन प्रखंड मुख्यालय परिसर में मंगलवार को दिव्यांगजनों के बीच बैटरी से चलने वाली तीन पहिया वाहन का वितरण किया गया। इस दौरान लाभुकों को वाहन मिलने से उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी सुविधा के लिए लगातार कार्य कर रही है। बैटरी चालित तीन पहिया वाहन मिलने से दिव्यांगजनों को अब आने-जाने में काफी सहूलियत होगी तथा वे अपने दैनिक कार्य आसानी से कर सकेंगे। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, कर्मी एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे। वाहन पाकर लाभुकों ने सरकार एवं प्रशासन के प्रति आभार जताया।1
- Post by Rs News Network1
- DM Motihari : कलश यात्रा के दौरान दो समुदाय आमने-सामने सुनिए क्या बोलें जिलाधिकारी सौरभ ज़ोरवाल !1
- पश्चिम चंपारण के बैरिया थाना क्षेत्र से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां सहारा वृद्ध आश्रम के नाम पर बुजुर्गों के साथ बर्बरता की जा रही थी। आरोप है कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पटना जंक्शन और हनुमान मंदिर जैसे स्थानों से वृद्धजनों को जबरन उठाकर इस आश्रम में लाया जाता था और उन्हें उनकी मर्जी के खिलाफ बंधक बनाकर रखा जाता था। पीड़ितों की मानें तो यहां रहने वाले बुजुर्गों पर न सिर्फ मानसिक बल्कि शारीरिक अत्याचार भी किया जाता था। एक वृद्ध महिला ने दर्द बयां करते हुए बताया कि रात होते ही आश्रम के लोग उनके मुंह में कपड़ा ठूंस देते और फिर लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई करते थे। इतना ही नहीं, जब कोई अपने घर लौटने की बात करता, तो उसे बंद कमरे में ले जाकर प्रताड़ित किया जाता था। कई बुजुर्गों को छपरा रेलवे स्टेशन जैसे स्थानों से जबरन उठाकर यहां लाने की बात भी सामने आई है। हैरानी की बात यह है कि इस आश्रम की मान्यता पहले ही रद्द हो चुकी थी, इसके बावजूद यह अवैध रूप से संचालित हो रहा था और अंदर बुजुर्गों को कैद कर अमानवीय हालात में रखा जा रहा था। इस खुलासे ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और प्रशासन पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन बेबस बुजुर्गों को कब न्याय मिलेगा और इस हैवानियत के जिम्मेदार लोगों पर कब सख्त कार्रवाई होगी।1