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दिल्ली के लोक कल्याण मार्ग पर कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल और पवन खेड़ा सहित अन्य कांग्रेस नेता शामिल हुए। इन सभी नेताओं ने एकजुट होकर प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
VACC 24 News
दिल्ली के लोक कल्याण मार्ग पर कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल और पवन खेड़ा सहित अन्य कांग्रेस नेता शामिल हुए। इन सभी नेताओं ने एकजुट होकर प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
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- कुशीनगर के मथौली नगर पंचायत सभागार में पूर्वांचल पत्रकार एसोसिएशन की ओर से पत्रकार सम्मान एवं परिचय पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारों की भूमिका को और सशक्त बनाना था। इस दौरान हाटा और कप्तानगंज तहसील के पत्रकारों को अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया और उनके बीच परिचय पत्र वितरित किए गए। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष महेन्द्र पाण्डेय ने कार्यक्रम में साफ तौर पर कहा कि पत्रकारों का सम्मान और सुरक्षा संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रामकोला विधायक विनय प्रकाश गौड़ और हाटा विधायक मोहन वर्मा उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में पूर्व विधायक शंभू चौधरी, नगर पंचायत मथौली के चेयरमैन नवरंग सिंह, सुकरौली ब्लॉक प्रमुख रंजना पासवान, मोतीचक ब्लॉक प्रमुख अर्चना प्रदीप सिंह और प्रभारी चिकित्सा अधिकारी मथौली शामिल हुए। इस अवसर पर हाटा विधायक मोहन वर्मा ने कहा कि पत्रकारों का संघर्ष समाज को जागरूक बनाता है और सकारात्मक पत्रकारिता से विकास को नई दिशा मिलती है। वहीं मथौली के चेयरमैन नवरंग सिंह ने कहा कि पत्रकार समाज की सच्चाई को सामने लाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। कार्यक्रम में पत्रकार संगठन से जुड़े तमाम पदाधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें प्रदेश उपाध्यक्ष सुमंत दुबे, प्रदेश सचिव प्रमोद गौड़, मंडल महासचिव सुमंत कुशवाहा, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजन विश्वकर्मा, उपाध्यक्ष जयप्रकाश मद्धेशिया और रोहित चौहान, गुरुदत्त गिरी, कोषाध्यक्ष नितेश पांडेय शामिल थे। इसके अलावा जिला महामंत्री सच्चिदानंद कुशवाहा, जिला मीडिया प्रभारी अंकित कुशवाहा, जिला मंत्री अरुण कुमार, ब्लॉक अध्यक्ष योगेश गोविंद राव, सूचना मंत्री रवि प्रकाश राव, तहसील अध्यक्ष विनय कुमार और सूरज शर्मा, तहसील प्रभारी महेश पासवान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष तेज प्रताप गुप्ता, तहसील मंत्री जावेद व प्रद्युम्न सिंह सहित सैकड़ों पत्रकारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।2
- पीएम नरेंद्र मोदी के आवास के पास सियासी हलचल बेहद तेज हो गई है और वहां मामला गंभीर रूप ले चुका है। राहुल गांधी की अगुवाई में जारी धरना-प्रदर्शन को अखिलेश यादव का समर्थन मिला है और वे खुद भी धरनास्थल पर पहुंच गए हैं। अखिलेश यादव के पहुंचने के बाद पीएम मोदी के आवास का घेराव और भी तेज हो गया है। पीएम आवास के बाहर विपक्षी नेताओं का भारी जमावड़ा लगा हुआ है। इस मौके पर राहुल गांधी और अखिलेश यादव के साथ मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी समेत विपक्ष के कई बड़े नेता भी धरनास्थल पर मौजूद हैं।1
- दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने संसद की कार्यवाही को लेकर केंद्र सरकार पर सीधा निशाना साधा है। देवेंद्र यादव का आरोप है कि कल संसद को बार-बार स्थगित किया गया और आज भी जब विपक्ष ने अपनी आवाज उठाने की कोशिश की, तो उसे सुनने वाला कोई नहीं था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाया नहीं जाना चाहिए और संसद के भीतर सार्थक चर्चा होनी चाहिए। इसी वजह से आज जनता और विपक्ष को अपनी बात रखने के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ रहा है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने जनता को एक कड़क संदेश दिया है। उन्होंने लोगों से कहा है कि वे गलत अफवाह न फैलाएं।1
- दिल्ली के अमन विहार स्थित कृष्णा प्रधान रोड (वार्ड 41) पर 10 अवैध अचार फैक्ट्रियां चल रही हैं। इन फैक्ट्रियों से निकलने वाला केमिकल का पानी सीधे नालियों में बहा दिया जाता है, जिससे पूरे आसपास के इलाके में भयंकर गंदी बदबू फैल रही है। इस जहरीले पानी और बदबू के कारण आसपास के लोगों में अस्थमा, एलर्जी और गले में टॉन्सिल जैसी गंभीर बीमारियां फैल रही हैं। इस समस्या को लेकर प्रशासन की ओर से कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। एमसीडी रोहिणी जोन, एसडीएम किराड़ी, डीएम और डीपीसीसी (DPCC) किसी भी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। अधिकारियों की इस अनदेखी से परेशान होकर स्थानीय लोगों ने मदद की गुहार लगाई है।4
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के 24वें दिन प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इस दौरान एक नेत्रहीन व्यक्ति ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और आंदोलन को लेकर अपनी बात रखी। RTN.1 की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शन स्थल पर माहौल, लोगों की राय और आज की ताज़ा स्थिति दर्ज की गई है।1
- जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा लीक मामले को लेकर चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर सरकार ने तानाशाही दिखाई है। कॉकरोच जनता पार्टी के शांतिपूर्ण प्रदर्शन और सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के दौरान प्रशासन ने सोनम वांगचुक को जबरन धरने से उठा लिया। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों और वहां मौजूद लोगों पर बेरहमी से लाठीचार्ज किया, जिससे कई लोग घायल हो गए हैं। इस दमनकारी कार्रवाई के दौरान कवरेज कर रहे पत्रकारों के साथ भी बदसलूकी की गई। उनके कैमरे और गाड़ियां तोड़ दी गईं और महिला पत्रकारों के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। सरकार के इस रवैये से नाराज होकर लोगों ने अब सीधे तौर पर मोदी के इस्तीफे की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देश की शिक्षा व्यवस्था को सुचारू और सही करने के लिए मोदी का इस्तीफा बेहद जरूरी हो गया है। युवाओं पर लाठियां बरसाने की इस शर्मसार करने वाली हरकत के खिलाफ चंद्रशेखर आजाद और एक्टर प्रकाश ने मोर्चा संभाल लिया है। देश के युवाओं पर हुए इस अत्याचार के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है और लोग छात्रों के अधिकारों व न्याय के लिए आवाज बुलंद कर रहे हैं।1
- भारत में छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोकने और बार-बार हो रही नीट परीक्षा पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्वक धरना दिया। इस धरने के समर्थन में सोनम वांगचुक भी भूख हड़ताल पर बैठे थे। लेकिन भूख हड़ताल के 20वें दिन प्रशासन ने अपनी गुंडागर्दी दिखाते हुए सोनम वांगचुक को अचानक जबरन किडनैप कर लिया। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद पूरे देश में भारी गुस्सा फूट पड़ा और लोग दूर-दूर से जंतर-मंतर पर जुटने लगे। इसके बाद सरकार ने छात्रों और वहां पहुंचने वाले हर व्यक्ति पर बर्बरता से लाठियां बरसानी शुरू कर दीं और आंसू गैस के गोले फेंके। जनता पर सरकार का यह अत्याचार साफ तौर पर दिखाई देने लगा। इस क्रूर लाठीचार्ज में कुछ गुंडे भी शामिल थे, जिनकी सच्चाई अब सबके सामने आ गई है कि वे कौन थे और उन्हें किसने भेजा था।1