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स्थानीय पौष्टिक आहार से स्वास्थ्य सुधार का दिया संदेश ग्राम आरोग्य सह आंगनबाड़ी केंद्र मलारीचक में पोषण माह के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर प्रशासक सुश्री प्रेरणा मर्सकोले ने महिलाओं एवं प्रतिभागियों को वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से उपलब्ध 6 प्रकार की सहायता सेवाओं की जानकारी दी। साथ ही महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 एवं साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 के बारे में बताया गया। पोषण संबंधी जानकारी देते हुए स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों, विभिन्न भाजियों जैसे पालक, मैथी, चौलाई, लाल भाजी, मुनगा एवं बथुआ, स्थानीय फलों करौंदा, आंवला, नींबू, सीताफल एवं अमरूद सहित मोटे अनाज और दालों के पोषण महत्व की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को एनीमिया से बचाव, स्तनपान को बढ़ावा देने, माहवारी स्वच्छता तथा समय-समय पर स्वास्थ्य केंद्र जाकर हीमोग्लोबिन की जांच कराने की सलाह दी गई। कार्यक्रम में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, बाल विवाह के दुष्परिणाम, दहेज प्रतिषेध अधिनियम एवं जेंडर आधारित हिंसा के संबंध में भी जागरूक किया गया। सभी को समान अधिकारों की जानकारी दी गई तथा जिला विधिक सेवा से संबंधित संपर्क जानकारी साझा की गई। पैरालीगल वालेंटियर श्रीमती शिखा श्रीवास्तव ने निशुल्क विधिक सहायता योजना, हिट एंड रन योजना, पीड़ित प्रतिकर योजना, आशा योजना, लोक अदालत एवं जनोपयोगी लोक अदालत के संबंध में जानकारी दी। अंत में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली महिला को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर प्रशासक सुश्री प्रेरणा मर्सकोले, पैरालीगल वालेंटियर श्रीमती शिखा श्रीवास्तव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका तथा बहुउद्देशीय कार्यकर्ता श्री हरिशंकर कछवाहा उपस्थित रहे।

11 hrs ago
user_Akash Chakarwarti
Akash Chakarwarti
Local News Reporter घुघरी, मंडला, मध्य प्रदेश•
11 hrs ago
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स्थानीय पौष्टिक आहार से स्वास्थ्य सुधार का दिया संदेश ग्राम आरोग्य सह आंगनबाड़ी केंद्र मलारीचक में पोषण माह के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर प्रशासक सुश्री प्रेरणा मर्सकोले ने महिलाओं एवं प्रतिभागियों को वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से उपलब्ध 6 प्रकार की सहायता सेवाओं की जानकारी दी। साथ ही महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 एवं साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 के बारे में बताया गया। पोषण संबंधी जानकारी देते हुए स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों, विभिन्न भाजियों जैसे पालक, मैथी, चौलाई, लाल भाजी, मुनगा एवं बथुआ, स्थानीय फलों करौंदा, आंवला, नींबू, सीताफल एवं अमरूद सहित मोटे अनाज और दालों के पोषण महत्व की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को एनीमिया से बचाव, स्तनपान को बढ़ावा देने, माहवारी स्वच्छता तथा समय-समय पर स्वास्थ्य केंद्र जाकर हीमोग्लोबिन की जांच कराने की सलाह दी गई। कार्यक्रम में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, बाल विवाह के दुष्परिणाम, दहेज प्रतिषेध अधिनियम एवं जेंडर आधारित हिंसा के संबंध में भी जागरूक किया गया। सभी को समान अधिकारों की जानकारी दी गई तथा जिला विधिक सेवा से संबंधित संपर्क जानकारी साझा की गई। पैरालीगल वालेंटियर श्रीमती शिखा श्रीवास्तव ने निशुल्क विधिक सहायता योजना, हिट एंड रन योजना, पीड़ित प्रतिकर योजना, आशा योजना, लोक अदालत एवं जनोपयोगी लोक अदालत के संबंध में जानकारी दी। अंत में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली महिला को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर प्रशासक सुश्री प्रेरणा मर्सकोले, पैरालीगल वालेंटियर श्रीमती शिखा श्रीवास्तव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका तथा बहुउद्देशीय कार्यकर्ता श्री हरिशंकर कछवाहा उपस्थित रहे।

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  • ग्राम चौदस में ड्रेसिंग टेबल के नीचे छुपा बैठा था 5 फीट लंबा कोबरा सर्पमित्र ने सुरक्षित रेस्क्यू कर टाला बड़ा हादसा ग्राम चौदस में ड्रेसिंग टेबल के नीचे छुपा बैठा था 5 फीट लंबा कोबरा सर्पमित्र ने सुरक्षित रेस्क्यू कर टाला बड़ा हादसा, पलंग पर खेल रहे थे मासूम 15 सितंबर मंगलवार 12 बजे सर्पमित्र रंजीत ठाकुर ने बताया कि ​बबलिया मुख्यालय से 25 किमी दूर ग्राम चौदस निवासी बैजू यादव के घर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब श्रृंगार करते समय उनकी पत्नी को ड्रेसिंग टेबल के नीचे एक इंडियन कोबरा (नाग) दिखा। पास ही पलंग पर बच्चे खेल रहे थे। महिला ने तुरंत पति को सूचना दी, जिसके बाद बैजू यादव निवास के सर्पमित्र रंजीत ठाकुर को सूचना दी और अपने साथ उन्हें मौके पर लेकर आए। ​सर्पमित्र रंजीत ठाकुर ने सूझबूझ से कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे जंगल में छोड़ दिया। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के चक्कर में समय न गंवाएं, सीधे नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचकर एंटी-वेनम इंजेक्शन लगवाएं।
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    ग्राम चौदस में ड्रेसिंग टेबल के नीचे छुपा बैठा था 5 फीट लंबा कोबरा 
सर्पमित्र ने सुरक्षित रेस्क्यू कर टाला बड़ा हादसा
ग्राम चौदस में ड्रेसिंग टेबल के नीचे छुपा बैठा था 5 फीट लंबा कोबरा 
सर्पमित्र ने सुरक्षित रेस्क्यू कर टाला बड़ा हादसा, पलंग पर खेल रहे थे मासूम
15 सितंबर मंगलवार 12 बजे सर्पमित्र रंजीत ठाकुर ने बताया कि ​बबलिया मुख्यालय से 25 किमी दूर ग्राम चौदस निवासी बैजू यादव के घर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब श्रृंगार करते समय उनकी पत्नी को ड्रेसिंग टेबल के नीचे एक  इंडियन कोबरा (नाग) दिखा। पास ही पलंग पर बच्चे खेल रहे थे। महिला ने तुरंत पति को सूचना दी, जिसके बाद बैजू यादव निवास के  सर्पमित्र रंजीत ठाकुर को सूचना दी और अपने साथ उन्हें मौके पर लेकर आए।
​सर्पमित्र रंजीत ठाकुर ने सूझबूझ से कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे जंगल में छोड़ दिया। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के चक्कर में समय न गंवाएं, सीधे नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचकर एंटी-वेनम इंजेक्शन लगवाएं।
    user_Prahlad Kachhwaha
    Prahlad Kachhwaha
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • देश का विरोध कांग्रेस के DNA में है। जब भारत की दुनिया में प्रशंसा हो रही है, तब कांग्रेस को उसमें भी बुराई खोजनी है। नाराज फूफाओं को तो हर खुशी में खोट ढूंढने का बहाना चाहिए।........ केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान
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    देश का विरोध कांग्रेस के DNA में है। जब भारत की दुनिया में प्रशंसा हो रही है, तब कांग्रेस को उसमें भी बुराई खोजनी है।

नाराज फूफाओं को तो हर खुशी में खोट ढूंढने का बहाना चाहिए।........ केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान
    user_Govardhan kushwaha
    Govardhan kushwaha
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • धान में पीलेपन और झुलसने से किसान चिंतित, चूसक कीटों का बढ़ा प्रकोप* *कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने किसानों को किया सतर्क, एक एकड़ में 12 स्प्रे पंप के अनुसार दवा छिड़काव की सलाह* डिंडौरी। जिले में इन दिनों धान की फसल में पीलापन आने और पौधों के झुलसने की समस्या सामने आ रही है। खेतों में रस चूसक कीटों, विशेषकर भूरा एवं सफेद फुदका के प्रकोप से धान के पौधे कमजोर होकर पीले पड़ रहे हैं। कीट पौधों के निचले हिस्से से रस चूसकर फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों की समस्या को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र डिंडौरी के *वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पी.एल. अंबूलकर* ने किसानों को धान की फसल की नियमित निगरानी करने तथा कीटों का प्रकोप दिखाई देने पर समय रहते नियंत्रण के उपाय करने की सलाह दी है। दो दवाओं में से किसी एक का ही करें छिड़काव डॉ. अंबूलकर द्वारा दी गई सलाह के अनुसार चूसक कीटों के नियंत्रण के लिए एक एकड़ क्षेत्र में 12 स्प्रे पंप के हिसाब से निम्न में से किसी एक दवा का उपयोग किया जा सकता है— थायमेथोक्सम 25 WG — 80 ग्राम प्रति एकड़ इमिडाक्लोप्रिड 17.8 SL — लगभग 60 मिलीलीटर प्रति एकड़ किसानों को विशेष रूप से ध्यान रखना है कि दोनों दवाओं का एक साथ उपयोग नहीं करना है। दोनों में से किसी एक दवा का ही अनुशंसित मात्रा में छिड़काव करें। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि दवा का छिड़काव कीटों की स्थिति देखकर और अनुशंसित मात्रा में ही करें। बिना विशेषज्ञ की सलाह के अलग-अलग रसायनों को मिलाकर छिड़काव न करें तथा दवा के लेबल पर दिए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। अधिक प्रकोप होने पर दोबारा छिड़काव *वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गीता सिंह* ने कृषकों को सलाह देते हुए बताया कि यदि फसल में कीटों का प्रकोप अधिक रहता है तो मौसम की स्थिति को देखते हुए 10 से 15 दिन बाद दोबारा छिड़काव किया जा सकता है। हालांकि अनावश्यक रूप से बिना परामर्श रसायनों का उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे फसल को नुकसान पहुंच सकता है। नीमास्त्र और जीवामृत के उपयोग की सलाह कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक उपायों को भी अपनाने की सलाह दी है। किसानों से नीमास्त्र तैयार कर उसका उपयोग करने तथा खाद के रूप में जीवामृत का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। इससे फसल प्रबंधन में रासायनिक दवाओं पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। फसल की लगातार निगरानी जरूरी विशेषज्ञों ने किसानों से कहा है कि धान के खेतों में लगातार निगरानी रखें। जहां पौधों में अचानक पीलापन, झुलसने के लक्षण या चूसक कीटों की संख्या बढ़ती दिखाई दे, वहां तत्काल कृषि विशेषज्ञ या कृषि विभाग से सलाह लेकर नियंत्रण उपाय करें। समय पर कीटों का नियंत्रण नहीं होने पर धान की पैदावार प्रभावित हो सकती है।
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    धान में पीलेपन और झुलसने से किसान चिंतित, चूसक कीटों का बढ़ा प्रकोप* 
*कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने किसानों को किया सतर्क, एक एकड़ में 12 स्प्रे पंप के अनुसार दवा छिड़काव की सलाह* 
डिंडौरी। जिले में इन दिनों धान की फसल में पीलापन आने और पौधों के झुलसने की समस्या सामने आ रही है। खेतों में रस चूसक कीटों, विशेषकर भूरा एवं सफेद फुदका के प्रकोप से धान के पौधे कमजोर होकर पीले पड़ रहे हैं। कीट पौधों के निचले हिस्से से रस चूसकर फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
किसानों की समस्या को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र डिंडौरी के *वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पी.एल. अंबूलकर* ने किसानों को धान की फसल की नियमित निगरानी करने तथा कीटों का प्रकोप दिखाई देने पर समय रहते नियंत्रण के उपाय करने की सलाह दी है।
दो दवाओं में से किसी एक का ही करें छिड़काव
डॉ. अंबूलकर द्वारा दी गई सलाह के अनुसार चूसक कीटों के नियंत्रण के लिए एक एकड़ क्षेत्र में 12 स्प्रे पंप के हिसाब से निम्न में से किसी एक दवा का उपयोग किया जा सकता है—
थायमेथोक्सम 25 WG — 80 ग्राम प्रति एकड़
इमिडाक्लोप्रिड 17.8 SL — लगभग 60 मिलीलीटर प्रति एकड़
किसानों को विशेष रूप से ध्यान रखना है कि दोनों दवाओं का एक साथ उपयोग नहीं करना है। दोनों में से किसी एक दवा का ही अनुशंसित मात्रा में छिड़काव करें।
विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि दवा का छिड़काव कीटों की स्थिति देखकर और अनुशंसित मात्रा में ही करें। बिना विशेषज्ञ की सलाह के अलग-अलग रसायनों को मिलाकर छिड़काव न करें तथा दवा के लेबल पर दिए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
अधिक प्रकोप होने पर दोबारा छिड़काव
*वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गीता सिंह* ने कृषकों को सलाह देते हुए बताया कि यदि फसल में कीटों का प्रकोप अधिक रहता है तो मौसम की स्थिति को देखते हुए 10 से 15 दिन बाद दोबारा छिड़काव किया जा सकता है। हालांकि अनावश्यक रूप से बिना परामर्श रसायनों का उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे फसल को नुकसान पहुंच सकता है।
नीमास्त्र और जीवामृत के उपयोग की सलाह
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक उपायों को भी अपनाने की सलाह दी है। किसानों से नीमास्त्र तैयार कर उसका उपयोग करने तथा खाद के रूप में जीवामृत का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। इससे फसल प्रबंधन में रासायनिक दवाओं पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
फसल की लगातार निगरानी जरूरी
विशेषज्ञों ने किसानों से कहा है कि धान के खेतों में लगातार निगरानी रखें। जहां पौधों में अचानक पीलापन, झुलसने के लक्षण या चूसक कीटों की संख्या बढ़ती दिखाई दे, वहां तत्काल कृषि विशेषज्ञ या कृषि विभाग से सलाह लेकर नियंत्रण उपाय करें। समय पर कीटों का नियंत्रण नहीं होने पर धान की पैदावार प्रभावित हो सकती है।
    user_खमोद चंदेल
    खमोद चंदेल
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने जिलेवासियों से अपील की है कि स्वामित्व योजना के तहत अपने संपत्ति संबंधी अधिकारों का अभिलेख एवं पंजीयन अवश्य कराएं। यह योजना ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का वैध स्वामित्व दस्तावेज उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि निर्धारित प्रक्रिया में सहयोग करते हुए आवश्यक दस्तावेजों के साथ पंजीयन की कार्रवाई समय पर पूर्ण कराएं। स्वामित्व अधिकार मिलने से संपत्ति संबंधी विवादों में कमी आएगी और ग्रामीण परिवारों को अपनी संपत्ति का सुरक्षित एवं वैध अधिकार प्राप्त होगा।
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    कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने जिलेवासियों से अपील की है कि स्वामित्व योजना के तहत अपने संपत्ति संबंधी अधिकारों का अभिलेख एवं पंजीयन अवश्य कराएं।
यह योजना ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का वैध स्वामित्व दस्तावेज उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि निर्धारित प्रक्रिया में सहयोग करते हुए आवश्यक दस्तावेजों के साथ पंजीयन की कार्रवाई समय पर पूर्ण कराएं।
स्वामित्व अधिकार मिलने से संपत्ति संबंधी विवादों में कमी आएगी और ग्रामीण परिवारों को अपनी संपत्ति का सुरक्षित एवं वैध अधिकार प्राप्त होगा।
    user_Neeraj rajak
    Neeraj rajak
    Voice of people डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • ग्राम पंचायत करोंदी में स्वच्छता अभियान की सराहनीय पहल ​स्थान: ग्राम पंचायत करोंदी ​ग्राम पंचायत करोंदी में राष्ट्रव्यापी 'स्वच्छ भारत अभियान' के तहत विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गांव को स्वच्छ, सुंदर और रोगमुक्त बनाना है।
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    ग्राम पंचायत करोंदी में स्वच्छता अभियान की सराहनीय पहल
​स्थान: ग्राम पंचायत करोंदी
​ग्राम पंचायत करोंदी में राष्ट्रव्यापी 'स्वच्छ भारत अभियान' के तहत विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गांव को स्वच्छ, सुंदर और रोगमुक्त बनाना है।
    user_Jagannath Sahu
    Jagannath Sahu
    Teacher शाहपुरा, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन उमरिया जिले में करणी सेना ने विरोध जताते हुए पांच सूत्री मांगों को लेकर कलेक्टर ऑफिस पहुंच कर ज्ञापन सोपा
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    UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन
UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन उमरिया जिले में करणी सेना ने विरोध जताते हुए पांच सूत्री मांगों को लेकर कलेक्टर ऑफिस पहुंच कर ज्ञापन सोपा
    user_Shammi khan niyazi
    Shammi khan niyazi
    Court reporter नवरोजाबाद, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    46 min ago
  • कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने आज साप्ताहिक जनसुनवाई में लोगों की समस्याएं एवं शिकायते सुनी एवं निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
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    कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने आज साप्ताहिक जनसुनवाई में लोगों की समस्याएं एवं शिकायते सुनी एवं निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
    user_अजय कुमार केवट
    अजय कुमार केवट
    Local News Reporter सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • मां एचपी गैस एजेंसी बकोरी की मनमानी, एजेंसी बंद मिलने से भड़के उपभोक्ता मां एचपी गैस एजेंसी बकोरी की मनमानी, एजेंसी बंद मिलने से भड़के उपभोक्ता एजेंसी पर नियमों की अनदेखी, सिलेंडर व ई-केवाईसी के नाम पर ग्रामीणों के शोषण का आरोप बबलिया के उपभोक्ता बकोरी स्थित मां एचपी गैस एजेंसी की मनमानी से त्रस्त हैं। बबलिया के उपभोक्ता प्रहलाद वरकड़े, बाबूलाल यादव, मिलन सिंह सहित दर्जनों उपभोक्ता 15 सितंबर मंगलवार 12 बजे से लाइन में खड़े रहे, लेकिन एजेंसी बंद मिली। यहां तक कि सिलेंडर खाली करने आए ट्रक चालक भी घंटों इंतजार करते रहे। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन के नियमों को ताक पर रखकर घर-घर आपूर्ति के बजाय लोगों को रोज चक्कर कटवाए जा रहे हैं। मनमाने दामों पर गैस बेचने और नि:शुल्क ई-केवाईसी के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है; पैसे न देने पर दिनभर बैठाकर परेशान किया जाता है। आदिवासी व ग्रामीण उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से एजेंसी संचालक पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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    मां एचपी गैस एजेंसी बकोरी की मनमानी, एजेंसी बंद मिलने से भड़के उपभोक्ता
मां एचपी गैस एजेंसी बकोरी की मनमानी, एजेंसी बंद मिलने से भड़के उपभोक्ता
एजेंसी पर नियमों की अनदेखी, सिलेंडर व ई-केवाईसी के नाम पर ग्रामीणों के शोषण का आरोप 
बबलिया के उपभोक्ता बकोरी स्थित मां एचपी गैस एजेंसी की मनमानी से त्रस्त हैं। बबलिया के उपभोक्ता   प्रहलाद वरकड़े, बाबूलाल यादव, मिलन सिंह सहित दर्जनों उपभोक्ता 15 सितंबर मंगलवार 12 बजे से लाइन में खड़े रहे, लेकिन एजेंसी बंद मिली। यहां तक कि सिलेंडर खाली करने आए ट्रक चालक भी घंटों इंतजार करते रहे।
ग्रामीणों का आरोप है कि शासन के नियमों को ताक पर रखकर घर-घर आपूर्ति के बजाय लोगों को रोज चक्कर कटवाए जा रहे हैं। मनमाने दामों पर गैस बेचने और नि:शुल्क ई-केवाईसी के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है; पैसे न देने पर दिनभर बैठाकर परेशान किया जाता है। आदिवासी व ग्रामीण उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से एजेंसी संचालक पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
    user_Prahlad Kachhwaha
    Prahlad Kachhwaha
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
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