नन्ही बच्ची की संवेदना और खाकी की तत्परता ने बचाई परिंदे की जान मानवता और संवेदनशीलता की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली, जहां एक नन्ही बच्ची की सजगता और पुलिसकर्मी की तत्परता ने मिलकर एक घायल कबूतर को नई जिंदगी दे दी। जानकारी के अनुसार, एक कबूतर नाले में गिरकर चीनी मांझे में बुरी तरह उलझ गया था और घायल अवस्था में तड़प रहा था। इसी दौरान वहां से गुजर रही एक बालिका की नजर उस पर पड़ी। बच्ची ने तुरंत पास में मौजूद पुलिसकर्मी को इसकी जानकारी दी। मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिसकर्मी बिना समय गंवाए तुरंत अपने वाहन से उतरे और सावधानीपूर्वक कबूतर को मांझे से मुक्त कराया। घायल कबूतर को सुरक्षित निकालकर उसे उड़ने के लिए छोड़ दिया गया, जिसके बाद वह धीरे-धीरे आसमान की ओर उड़ गया। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि संवेदना और जिम्मेदारी जब साथ आती हैं, तो छोटी-सी कोशिश भी किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। नन्ही बच्ची और पुलिसकर्मी की इस सराहनीय पहल की क्षेत्र में खूब प्रशंसा हो रही है। संदेश: संवेदना जब सजगता से जुड़ती है, तब हर जीवन को एक नई उड़ान मिलती है।
नन्ही बच्ची की संवेदना और खाकी की तत्परता ने बचाई परिंदे की जान मानवता और संवेदनशीलता की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली, जहां एक नन्ही बच्ची की सजगता और पुलिसकर्मी की तत्परता ने मिलकर एक घायल कबूतर को नई जिंदगी दे दी। जानकारी के अनुसार, एक कबूतर नाले में गिरकर चीनी मांझे में बुरी तरह उलझ गया था और घायल अवस्था में तड़प रहा था। इसी दौरान वहां से गुजर रही एक बालिका की नजर उस पर पड़ी। बच्ची ने तुरंत पास में मौजूद पुलिसकर्मी को इसकी जानकारी दी। मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिसकर्मी बिना समय गंवाए तुरंत अपने वाहन से उतरे और सावधानीपूर्वक कबूतर को मांझे से मुक्त कराया। घायल कबूतर को सुरक्षित निकालकर उसे उड़ने के लिए छोड़ दिया गया, जिसके बाद वह धीरे-धीरे आसमान की ओर उड़ गया। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि संवेदना और जिम्मेदारी जब साथ आती हैं, तो छोटी-सी कोशिश भी किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। नन्ही बच्ची और पुलिसकर्मी की इस सराहनीय पहल की क्षेत्र में खूब प्रशंसा हो रही है। संदेश: संवेदना जब सजगता से जुड़ती है, तब हर जीवन को एक नई उड़ान मिलती है।
- Post by Kailash Gupta1
- ब्यूरो पश्चिम बंगाल चुनाव में मुख्यमंत्री योगी ने चुनावी जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि TMC के गुंडे क्या कह रहे हैं आप चिंता मत करिए ,डबल इंजन की सरकार आने दीजिए ये आप सभी की चाटूकारिता और सड़कों पे झाड़ू लगाते मिलेंगे।1
- ■ पब्लिक का भी ग़ज़ब हाल है! हापुड में रेलवे लाइन के पास पालीथीन में महिला की हेयर विग पड़ी थीं। किसी ने पुलिस को सूचना सरका दी, रेलवे लाइन के पास "महिला का सिर कटा पड़ा है"। पुलिस पहुंची, जांच की तो कटे सर का रहस्य पुलिस की समझ में आ गया। मौके पर बरामद स्टाइलिश हेयर विग को देखकर पुलिस भी हंसी नहीं रोक पाई।1
- महाराजा छीता पासी अमर रहे पासी समाज का शेर 🚩 #लाखन_आर्मी_सम्पूर्ण_भारत #लाखन_आर्मी_राष्ट्रीय_अध्यक्ष #highlight #pasi #UttarPradesh #performance1
- महाराजा छीता पासी अमर रहे पासी समाज का शेर 🚩 #लाखन_आर्मी_सम्पूर्ण_भारत #लाखन_आर्मी_राष्ट्रीय_अध्यक्ष #highlight #pasi #UttarPradesh #performance1
- निघासन:- गेहूं काटने गया किशोर हुआ था लापता, सुरेश ईंट भट्ठे के पास लगी झाड़ियों से छत विक्षत शव हुआ बरामद, तेंदुए के हमले से मौत की आशंका सूचना पर वन विभाग और पुलिस मौके पर, परिजनो का रो रोकर हुआ बुरा हाल, निबौरिया के नया पुरवा निवासी है युवक,1
- लखीमपुर खीरी में ई-रिक्शा ओवरलोडिंग का वीडियो वायरल, स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल लखीमपुर खीरी अमीरनगर के पास गांव गिर्दा से सामने आए एक वायरल वीडियो ने परिवहन व्यवस्था की पोल खोल दी है। वीडियो में स्कूली बच्चे ई-रिक्शा में लटककर सफर करते दिखाई दे रहे हैं, जो किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता है।वीडियो के वायरल होते ही आरटीओ (RTO) विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार ओवरलोडिंग हो रही है, लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। नतीजतन बच्चों की जान जोखिम में डाली जा रही है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए और स्कूली बच्चों के सुरक्षित परिवहन के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।1
- मानवता और संवेदनशीलता की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली, जहां एक नन्ही बच्ची की सजगता और पुलिसकर्मी की तत्परता ने मिलकर एक घायल कबूतर को नई जिंदगी दे दी। जानकारी के अनुसार, एक कबूतर नाले में गिरकर चीनी मांझे में बुरी तरह उलझ गया था और घायल अवस्था में तड़प रहा था। इसी दौरान वहां से गुजर रही एक बालिका की नजर उस पर पड़ी। बच्ची ने तुरंत पास में मौजूद पुलिसकर्मी को इसकी जानकारी दी। मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिसकर्मी बिना समय गंवाए तुरंत अपने वाहन से उतरे और सावधानीपूर्वक कबूतर को मांझे से मुक्त कराया। घायल कबूतर को सुरक्षित निकालकर उसे उड़ने के लिए छोड़ दिया गया, जिसके बाद वह धीरे-धीरे आसमान की ओर उड़ गया। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि संवेदना और जिम्मेदारी जब साथ आती हैं, तो छोटी-सी कोशिश भी किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। नन्ही बच्ची और पुलिसकर्मी की इस सराहनीय पहल की क्षेत्र में खूब प्रशंसा हो रही है। संदेश: संवेदना जब सजगता से जुड़ती है, तब हर जीवन को एक नई उड़ान मिलती है।1