जिले भर में मनाया गया, अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस। 08 घंटे काम, और मजदूर विरोधी श्रम सहायताएं रद्द की जाए। जिले भर में मनाया गया, अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस। 08 घंटे काम, और मजदूर विरोधी श्रम सहायताएं रद्द की जाए। मुरैना - जिले भर में विभिन्न स्थानों पर अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस (01 मई ) उत्साह पूर्वक एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जगह-जगह पर मजदूर यूनियन (सीटू) और अखिल भारतीय किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने लाल झंडों को फहरा कर 08 घंटे काम, 08 घंटे आराम और 08 घंटे समाज के लिए लगाने के दुनिया भर के नारे को बुलंद किया। विभिन्न स्थान पर हुए कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए , वरिष्ठ वामपंथी नेता जे के पिप्पल, गयाराम सिंह धाकड़ ,किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी, ओम प्रकाश श्रीवास, राजेश गुप्ता, श्री कृष्णा यादव, रामदास दोनैरिया, अशोक कुमार, बैजनाथ पिप्पल,नरेश गोस्वामी, आदि ने सरकार की कॉर्पोरेट परस्त नीतियों की कटु आलोचना की। वर्तमान में जिन चार श्रम संहिताओं को सरकार लागू करना चाह रही है। उनमें काम के घंटे बढ़ाकर 12 करने, श्रम कानूनों को समाप्त करने की तैयारी में सरकार है। इन श्रम संहिताओं को रद्द करने और सभी श्रम कानूनों को बहाल रखने की मांग दोहराई। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के कार्यक्रम देर रात्रि तक जारी रहेंगे।
जिले भर में मनाया गया, अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस। 08 घंटे काम, और मजदूर विरोधी श्रम सहायताएं रद्द की जाए। जिले भर में मनाया गया, अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस। 08 घंटे काम, और मजदूर विरोधी श्रम सहायताएं रद्द की जाए। मुरैना - जिले भर में विभिन्न स्थानों पर अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस (01 मई ) उत्साह पूर्वक एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जगह-जगह पर मजदूर यूनियन (सीटू) और अखिल भारतीय किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने लाल झंडों को फहरा कर 08 घंटे काम, 08 घंटे आराम और 08 घंटे समाज के लिए लगाने के दुनिया भर के नारे को बुलंद किया। विभिन्न स्थान पर हुए कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए , वरिष्ठ वामपंथी नेता जे के पिप्पल, गयाराम सिंह धाकड़ ,किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी, ओम प्रकाश श्रीवास, राजेश गुप्ता, श्री कृष्णा यादव, रामदास दोनैरिया, अशोक कुमार, बैजनाथ पिप्पल,नरेश गोस्वामी, आदि ने सरकार की कॉर्पोरेट परस्त नीतियों की कटु आलोचना की। वर्तमान में जिन चार श्रम संहिताओं को सरकार लागू करना चाह रही है। उनमें काम के घंटे बढ़ाकर 12 करने, श्रम कानूनों को समाप्त करने की तैयारी में सरकार है। इन श्रम संहिताओं को रद्द करने और सभी श्रम कानूनों को बहाल रखने की मांग दोहराई। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के कार्यक्रम देर रात्रि तक जारी रहेंगे।
- जिले भर में मनाया गया, अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस। 08 घंटे काम, और मजदूर विरोधी श्रम सहायताएं रद्द की जाए। मुरैना - जिले भर में विभिन्न स्थानों पर अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस (01 मई ) उत्साह पूर्वक एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जगह-जगह पर मजदूर यूनियन (सीटू) और अखिल भारतीय किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने लाल झंडों को फहरा कर 08 घंटे काम, 08 घंटे आराम और 08 घंटे समाज के लिए लगाने के दुनिया भर के नारे को बुलंद किया। विभिन्न स्थान पर हुए कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए , वरिष्ठ वामपंथी नेता जे के पिप्पल, गयाराम सिंह धाकड़ ,किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी, ओम प्रकाश श्रीवास, राजेश गुप्ता, श्री कृष्णा यादव, रामदास दोनैरिया, अशोक कुमार, बैजनाथ पिप्पल,नरेश गोस्वामी, आदि ने सरकार की कॉर्पोरेट परस्त नीतियों की कटु आलोचना की। वर्तमान में जिन चार श्रम संहिताओं को सरकार लागू करना चाह रही है। उनमें काम के घंटे बढ़ाकर 12 करने, श्रम कानूनों को समाप्त करने की तैयारी में सरकार है। इन श्रम संहिताओं को रद्द करने और सभी श्रम कानूनों को बहाल रखने की मांग दोहराई। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के कार्यक्रम देर रात्रि तक जारी रहेंगे।1
- Post by Satish Tiwari1
- Post by Lokesh shukla1
- ग्राम पंचायत देवरी तहसील कैलारस जिला मुरैना1
- लोकेशन मुरैना चंबल में अवैध रेत माफिया पर सख्ती, सुप्रीम कोर्ट की टीम पहुंची राजघाट मुरैना/चंबल घाटी — Supreme Court of India द्वारा चंबल नदी में हो रहे अवैध रेत उत्खनन को लेकर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कोर्ट के निर्देश पर गठित चार सदस्यीय समिति जांच के लिए राजघाट पहुंची और हालात का जायजा लिया। समिति के सदस्य C. P. Goyal ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के एसपी, कलेक्टर और वन अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इस दौरान अवैध खनन को रोकने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए। जांच और निरीक्षण समिति ने चंबल नदी के विभिन्न घाटों का भ्रमण कर मौके पर अवैध रेत उत्खनन की स्थिति देखी। अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा कर जमीनी स्तर पर कार्रवाई की रणनीति बनाई गई। बैठक में लिए गए बड़े फैसले संवेदनशील घाटों पर वायरलेस सेट और वन चौकियों की स्थापना वनरक्षकों की सुरक्षा के लिए नए हथियार उपलब्ध कराए जाएंगे वन विभाग, पुलिस और खनन विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे तीनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर सख्त निगरानी रखी जाएगी अब माफियाओं पर कसेगा शिकंजा चंबल नदी में लंबे समय से चल रहे अवैध रेत उत्खनन पर अब बड़ी कार्रवाई के संकेत मिल रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित समिति की सक्रियता से उम्मीद है कि रेत माफियाओं पर प्रभावी रोक लगेगी। फिलहाल प्रशासन अलर्ट मोड पर है और आने वाले दिनों में बड़े एक्शन की संभावना जताई जा रही है।1
- Post by JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya1
- Post by Aman Saxena1
- Post by Satish Tiwari1