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जात पात छोड़कर गौ माता के लिए 27 अप्रैल को अपने अपने तहसील स्थल पर ग्यापन अवश्य दें धन्यवाद 🙏✒️ गौ माता को राष्ट्र माता बनायें 27 अप्रैल को अपने अपने तहसील स्थल पर ग्यापन अवश्य दें गौ माता को राष्ट्र माता बनाना हमारा कर्तव्य है जात पात छोड़कर गौ माता के लिए आगे आएं

11 hrs ago
user_Pandit Repotar
Pandit Repotar
Advertising agency गनोड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
11 hrs ago

जात पात छोड़कर गौ माता के लिए 27 अप्रैल को अपने अपने तहसील स्थल पर ग्यापन अवश्य दें धन्यवाद 🙏✒️ गौ माता को राष्ट्र माता बनायें 27 अप्रैल को अपने अपने तहसील स्थल पर ग्यापन अवश्य दें गौ माता को राष्ट्र माता बनाना हमारा कर्तव्य है जात पात छोड़कर गौ माता के लिए आगे आएं

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  • गौ माता को राष्ट्र माता बनायें 27 अप्रैल को अपने अपने तहसील स्थल पर ग्यापन अवश्य दें गौ माता को राष्ट्र माता बनाना हमारा कर्तव्य है जात पात छोड़कर गौ माता के लिए आगे आएं
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    गौ माता को राष्ट्र माता बनायें 27 अप्रैल को अपने अपने तहसील स्थल पर ग्यापन अवश्य दें गौ माता को राष्ट्र माता बनाना हमारा कर्तव्य है जात पात छोड़कर गौ माता के लिए आगे आएं
    user_Pandit Repotar
    Pandit Repotar
    Advertising agency गनोड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • आसपुर से आई बारात, बनी समाज सुधार की मिसाल: बिना दहेज, बिना मांस-मदिरा हुआ अनूठा विवाह डूंगरपुर/आसपुर। शादी-ब्याह में बढ़ते दिखावे, दहेज, मांस-मदिरा और फिजूलखर्ची के दौर में आसपुर क्षेत्र से आई एक बारात ने समाज के सामने सादगी और संस्कार की मिसाल पेश की है। मेवाड़ क्षेत्र के भींडर के निकट ग्राम खिमसिंह जी का खेड़ा में संपन्न इस विवाह ने सामाजिक सुधार का संदेश दिया। विवाह में ठाकुर गोविंद सिंह राणावत और सगाजी गोपाल सिंह चौहान (गड़ा सिंहालिया, आसपुर) परिवारों ने मांस और मदिरा का पूर्ण बहिष्कार करते हुए विवाह को सादगीपूर्ण ढंग से संपन्न कराया। साथ ही दहेज जैसी कुप्रथा को भी पूरी तरह नकार दिया गया। सबसे खास बात यह रही कि तिलक-दस्तूर के नाम पर दी गई राशि को सगाजी द्वारा लौटाया गया, जिसके बाद ठाकुर गोविंद सिंह ने भी राशि लेने से इंकार कर दिया। दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से इस धनराशि को विद्यालय और गोशाला में दान करने का निर्णय लिया। इस पहल को क्षेत्र में समाज सुधार की अनूठी मिसाल माना जा रहा है। विवाह आयोजन में सर्वोदय सहयोग सेवा संस्थान के पदाधिकारियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। सोहन सिंह नवलपुरा, भवर सिंह खिमसिंह जी का खेड़ा, गमेर सिंह खिमसिंह जी का खेड़ा और अरविंद सिंह भीम का खेड़ा सहित अन्य कार्यकर्ताओं का सराहनीय सहयोग रहा। संस्था पदाधिकारियों ने समाज से अपील की कि विवाह समारोहों में डीजे, राउंड टेबल और खड़े-खड़े भोजन जैसी फिजूल खर्ची पर रोक लगाई जाए तथा विवाह को परंपरा, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ संपन्न किया जाए। यह विवाह एक स्पष्ट संदेश देता है कि बिना दहेज, बिना शराब और बिना दिखावे के भी विवाह गरिमामय और सफल हो सकता है। इस तरह के प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं।
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    आसपुर से आई बारात, बनी समाज सुधार की मिसाल: बिना दहेज, बिना मांस-मदिरा हुआ अनूठा विवाह
डूंगरपुर/आसपुर। शादी-ब्याह में बढ़ते दिखावे, दहेज, मांस-मदिरा और फिजूलखर्ची के दौर में आसपुर क्षेत्र से आई एक बारात ने समाज के सामने सादगी और संस्कार की मिसाल पेश की है। मेवाड़ क्षेत्र के भींडर के निकट ग्राम खिमसिंह जी का खेड़ा में संपन्न इस विवाह ने सामाजिक सुधार का संदेश दिया।
विवाह में ठाकुर गोविंद सिंह राणावत और सगाजी गोपाल सिंह चौहान (गड़ा सिंहालिया, आसपुर) परिवारों ने मांस और मदिरा का पूर्ण बहिष्कार करते हुए विवाह को सादगीपूर्ण ढंग से संपन्न कराया। साथ ही दहेज जैसी कुप्रथा को भी पूरी तरह नकार दिया गया।
सबसे खास बात यह रही कि तिलक-दस्तूर के नाम पर दी गई राशि को सगाजी द्वारा लौटाया गया, जिसके बाद ठाकुर गोविंद सिंह ने भी राशि लेने से इंकार कर दिया। दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से इस धनराशि को विद्यालय और गोशाला में दान करने का निर्णय लिया। इस पहल को क्षेत्र में समाज सुधार की अनूठी मिसाल माना जा रहा है।
विवाह आयोजन में सर्वोदय सहयोग सेवा संस्थान के पदाधिकारियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। सोहन सिंह नवलपुरा, भवर सिंह खिमसिंह जी का खेड़ा, गमेर सिंह खिमसिंह जी का खेड़ा और अरविंद सिंह भीम का खेड़ा सहित अन्य कार्यकर्ताओं का सराहनीय सहयोग रहा।
संस्था पदाधिकारियों ने समाज से अपील की कि विवाह समारोहों में डीजे, राउंड टेबल और खड़े-खड़े भोजन जैसी फिजूल खर्ची पर रोक लगाई जाए तथा विवाह को परंपरा, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ संपन्न किया जाए।
यह विवाह एक स्पष्ट संदेश देता है कि बिना दहेज, बिना शराब और बिना दिखावे के भी विवाह गरिमामय और सफल हो सकता है। इस तरह के प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं।
    user_Sagwara live news
    Sagwara live news
    Local News Reporter सागवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • बदमाशों ने टेम्पो रोककर की मारपीट ,हालत गंभीर ,सागवाड़ा रेफर आसपुर थाना क्षेत्र के नलवा की घटना आसपुर थाना क्षेत्र नलवा के पास एक टेम्पो चालक रात करीब 8बजे टेम्पो लेकर घर की और जा रहा था कि पूंजपुर खेड़ा सामोर मार्ग पर नलवा के पास गाड़ी में आए बदमाशों ने मारपीट करने से टेम्पो चालक घायल हो गया ।जिसे सागवाड़ा रेफर किया गया है ।जिसकी हालत गंभीर बनी हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार चूड़ियावाडा निवासी मोहब्बत सिंह पुत्र अनोप सिंह चौहान और गोपाल सिंह पुत्र जगत सिंह राठौड़ दोनो पूंजपुर से अपने घर चूड़ियावाडा जा रहे थे कि नलवा के पास गुजरने के दौरान अचानक एक गाड़ी में सवार पांच बदमाशों ने टेम्पो के आगे गाड़ी लगाकर मोहब्बत सिंह को एक गली की तरफ ले जाकर मारपीट कर दी वही टेम्पो में बैठा गोपाल सिंह नीचे उतर कर देखा तो बदमाश मारपीट कर रहे थे ।और इसे नीचे देख कर बदमाश लठ लेकर पीछे दौड़े।बाद गांव के अन्य लोगों को जानकारी देकर बुलाया तो देखा मोहब्बत सिंह घायल पड़ा हुआ था ।तत्काल इसे गंभीर हालत में सागवाड़ा ले जाया गया । घायल की हालत गंभीर बनी हुई है। घायल के पुत्र प्रवीण सिंह ने आसपुर थाने में मामला दर्ज करवाया है।इधर ग्रामीणों ने बताया कि आए दिन नलवा के आस पास बदमाशों द्वारा मारपीट लुट पाट की घटनाएं की जाती है ।पुलिस बदमाशों को पकड़ने के लिए टीम का गठन किया गया है । गजेंद्र सिंह राव एएसआई पूंजपुर चौकी _ टेम्पो के सवारियों को लेकर मारपीट हुई है ।मामला दर्ज किया गया है।बदमाशों को जल्द पकड़ लेंगे ।
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    बदमाशों ने टेम्पो रोककर की मारपीट ,हालत गंभीर ,सागवाड़ा रेफर 
आसपुर थाना क्षेत्र के नलवा की घटना
आसपुर थाना क्षेत्र नलवा के पास एक टेम्पो चालक रात करीब 8बजे टेम्पो लेकर घर की और जा रहा था कि पूंजपुर खेड़ा सामोर मार्ग पर नलवा के पास गाड़ी में आए बदमाशों ने मारपीट करने से टेम्पो चालक घायल हो गया ।जिसे सागवाड़ा रेफर किया गया है ।जिसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार चूड़ियावाडा निवासी मोहब्बत सिंह पुत्र अनोप सिंह चौहान और गोपाल सिंह पुत्र जगत सिंह राठौड़ दोनो पूंजपुर से अपने घर चूड़ियावाडा जा रहे थे कि नलवा के पास गुजरने के दौरान अचानक एक गाड़ी में सवार पांच बदमाशों ने टेम्पो के आगे गाड़ी लगाकर मोहब्बत सिंह को एक गली की तरफ ले जाकर मारपीट कर दी वही टेम्पो में बैठा गोपाल सिंह नीचे उतर कर देखा तो बदमाश मारपीट कर रहे थे ।और इसे नीचे देख कर बदमाश लठ लेकर पीछे दौड़े।बाद गांव के अन्य लोगों को जानकारी देकर बुलाया तो देखा मोहब्बत सिंह घायल पड़ा हुआ था ।तत्काल इसे गंभीर हालत में सागवाड़ा ले जाया गया । घायल की हालत गंभीर बनी हुई है। घायल के पुत्र प्रवीण सिंह ने आसपुर थाने में मामला दर्ज करवाया है।इधर ग्रामीणों ने बताया कि आए दिन नलवा के आस पास बदमाशों द्वारा मारपीट लुट पाट की घटनाएं की जाती है ।पुलिस  बदमाशों को पकड़ने के लिए टीम का गठन किया गया है ।
गजेंद्र सिंह राव एएसआई पूंजपुर चौकी _ टेम्पो के सवारियों को लेकर मारपीट हुई है ।मामला दर्ज किया गया है।बदमाशों को जल्द पकड़ लेंगे ।
    user_Pravin Kothari
    Pravin Kothari
    पत्रकार आसपुर-विधानसभा आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • गौ माता को राष्ट्र माता बनायें 27 अप्रैल को अपने अपने तहसील स्थल पर ग्यापन अवश्य दें गौ माता को राष्ट्र माता बनाना हमारा प्रथम दाईत्व है आईए मीलकर गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करवाए ।
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    गौ माता को राष्ट्र माता बनायें 27 अप्रैल को अपने अपने तहसील स्थल पर ग्यापन अवश्य दें गौ माता को राष्ट्र माता बनाना हमारा प्रथम दाईत्व है आईए मीलकर गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करवाए ।
    user_Chief editor Rajasthan
    Chief editor Rajasthan
    Media company बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • कुशलगढ़ नगर के बावलिया खार स्थित हिरण नदी किनारे बने सत्यवीर तेजाजी महाराज धाम पर आयोजित दो दिवसीय मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का रविवार को पूर्णाहुति के साथ भव्य समापन हुआ। अंतिम दिन महायज्ञ, विशेष हवन, महाआरती एवं विशाल महाप्रसादी में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ अर्जित किया। महोत्सव के प्रधान आचार्य पंकज जोशी के निर्देशन में पंडित ललित जोशी एवं सहायक पंडित रूपकिशोर चतुर्वेदी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गणेश पूजन, मातृका, वास्तु, योगिनी, नवग्रह एवं रुद्र पूजन सहित विभिन्न अनुष्ठान संपन्न कराए। महारुद्र हवन के बाद महाआरती से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। कार्यक्रम में कुशलगढ़ उपखंड अधिकारी राकेश कुमार न्योल एवं पंचायत समिति के विकास अधिकारी रामराज चौधरी ने भाग लेकर आरती की तथा पूर्णाहुति में मंत्र पुष्पांजलि अर्पित की। दोनों अधिकारियों ने आयोजन को समाज में सकारात्मक ऊर्जा, एकता और सामाजिक समरसता बढ़ाने वाला बताया। समिति की अध्यक्ष गोरी बुआ के सानिध्य में आयोजित महोत्सव को सफल बनाने में बाबूलाल कच्छावा, नारायण लाल पांचाल, शांतिलाल चौहान, भैरू भाई एवं नारायण लाल बारोडिया सहित कई कार्यकर्ताओं का योगदान रहा। थांदला (एमपी) से आए श्रद्धालुओं व नगरवासियों ने भी सहयोग दिया। समाजसेवी सुधीर प्रीति स्वर्णकार ने रात्रि आरती में भाग लिया। अंत में महाप्रसादी के साथ आयोजन का सफल समापन हुआ।
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    कुशलगढ़ नगर के बावलिया खार स्थित हिरण नदी किनारे बने सत्यवीर तेजाजी महाराज धाम पर आयोजित दो दिवसीय मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का रविवार को पूर्णाहुति के साथ भव्य समापन हुआ। अंतिम दिन महायज्ञ, विशेष हवन, महाआरती एवं विशाल महाप्रसादी में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ अर्जित किया।
महोत्सव के प्रधान आचार्य पंकज जोशी के निर्देशन में पंडित ललित जोशी एवं सहायक पंडित रूपकिशोर चतुर्वेदी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गणेश पूजन, मातृका, वास्तु, योगिनी, नवग्रह एवं रुद्र पूजन सहित विभिन्न अनुष्ठान संपन्न कराए। महारुद्र हवन के बाद महाआरती से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
कार्यक्रम में कुशलगढ़ उपखंड अधिकारी राकेश कुमार न्योल एवं पंचायत समिति के विकास अधिकारी रामराज चौधरी ने भाग लेकर आरती की तथा पूर्णाहुति में मंत्र पुष्पांजलि अर्पित की। दोनों अधिकारियों ने आयोजन को समाज में सकारात्मक ऊर्जा, एकता और सामाजिक समरसता बढ़ाने वाला बताया।
समिति की अध्यक्ष गोरी बुआ के सानिध्य में आयोजित महोत्सव को सफल बनाने में बाबूलाल कच्छावा, नारायण लाल पांचाल, शांतिलाल चौहान, भैरू भाई एवं नारायण लाल बारोडिया सहित कई कार्यकर्ताओं का योगदान रहा। थांदला (एमपी) से आए श्रद्धालुओं व नगरवासियों ने भी सहयोग दिया।
समाजसेवी सुधीर प्रीति स्वर्णकार ने रात्रि आरती में भाग लिया। अंत में महाप्रसादी के साथ आयोजन का सफल समापन हुआ।
    user_गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • BJP विधायक अनुपमा जायसवाल उस वक्त हादसे का शिकार हो गईं, जब अखिलेश-राहुल का पुतला फूंका जा रहा था। बताया जा रहा है कि आग अचानक भड़क उठी, जिसकी चपेट में आने से उनका चेहरा झुलस गया। मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल उनकी हालत को लेकर ज्यादा आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। यह घटना उस समय हुई जब अखिलेश यादव और राहुल गांधी के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा था। घटना के बाद सुरक्षा और एहतियात को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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    BJP विधायक अनुपमा जायसवाल उस वक्त हादसे का शिकार हो गईं, जब अखिलेश-राहुल का पुतला फूंका जा रहा था। बताया जा रहा है कि आग अचानक भड़क उठी, जिसकी चपेट में आने से उनका चेहरा झुलस गया।
मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल उनकी हालत को लेकर ज्यादा आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
यह घटना उस समय हुई जब अखिलेश यादव और राहुल गांधी के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा था।
घटना के बाद सुरक्षा और एहतियात को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
    user_Bherulal Damor
    Bherulal Damor
    सलूंबर, उदयपुर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • सीमलवाड़ा। चौथिया चौरासी पंचाल समाज का 12वां सामूहिक विवाह सम्मेलन रविवार को विश्वकर्मा मंदिर उंडवा में भव्य एवं हर्षोल्लासपूर्ण वातावरण में आयोजित हुआ। सम्मेलन में समाज के 7 जोड़े वैदिक मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ परिणय सूत्र में बंधकर हमसफर बने। आयोजन में समाजबंधुओं, अतिथियों एवं ग्रामीणों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। सुबह 8 बजे से मांगलिक कार्यक्रमों की शुरुआत गणेश स्थापना के साथ हुई। इसके बाद मंडप मुहूर्त, गृह शांति, हस्तमिलाप सहित विभिन्न वैवाहिक रस्में विधिवत संपन्न कराई गईं। पूरे मंदिर परिसर में मंगल गीतों, शुभकामनाओं और उत्साह का माहौल बना रहा। विवाह उपरांत नवदंपत्तियों के लिए आशीर्वाद समारोह आयोजित किया गया, जिसमें अतिथियों एवं समाज के वरिष्ठजनों ने सुखमय दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कारीलाल ननोमा, विधायक प्रत्याशी चौरासी ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि सामूहिक विवाह आज के समय की बड़ी सामाजिक आवश्यकता है। इससे समाज में एकता, भाईचारा और सहयोग की भावना मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि विवाह में दिखावे और अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाकर वही धन बच्चों की शिक्षा, रोजगार और उज्ज्वल भविष्य पर खर्च किया जाना चाहिए। उन्होंने नववधुओं को संस्कारों का संदेश देते हुए कहा कि विवाह के बाद ससुराल ही उनका नया परिवार होता है। सास-ससुर को माता-पिता का दर्जा दें, परिवार के सभी सदस्यों का सम्मान करें, प्रेम, धैर्य और मधुर व्यवहार से घर को स्वर्ग बनाएं। वहीं वर पक्ष को भी बहू को बेटी समान सम्मान देने और उसे परिवार का अभिन्न हिस्सा मानने की सीख दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचाल कांति भाई रामगढ़ी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में समूह लगन समिति अध्यक्ष अमृत भाई पंचाल जलाई, शिवा भाई पंचाल छाणी, कांतिभाई पंचाल रामसौर, जयंती भाई पंचाल उंडवा, मथुर भाई पंचाल मोटीमोयडी, कनुभाई पंचाल, किशन कुमार पंचाल जीतपुर, सरपंच जेमाभाई उंडवा, रसिक भाई पंचाल, नटवरलाल पंचाल लिखी, देवेंद्र सिंह सोलंकी पीठ एवं राजेश प्रजापत लिखी उपस्थित रहे। समाज के दानदाताओं द्वारा नवविवाहित जोड़ों को घरेलू उपयोग की 101 छोटी-बड़ी वस्तुएं उपहार स्वरूप प्रदान की गईं। साथ ही चांदी के उपहार देकर नवदंपत्तियों का सम्मान किया गया। इससे नवदंपत्तियों को नए जीवन की शुरुआत में उपयोगी सहयोग मिला। सामूहिक विवाह के भोजनदाता के रूप में कांतिभाई पंचाल रामगढ़ी रहे, जिनका समाज द्वारा शाल ओढ़ाकर एवं पगड़ी पहनाकर सम्मान किया गया। आयोजन को सफल बनाने में समिति कार्यकर्ता सुरेश भचडिया, रमेश भाई पंचाल एनआरआई, जिग्नेश पंचाल, जितेन पंचाल, भरत भाई पंचाल, कांतिभाई पंचाल पटेल ढूंढ़ा, सुरेश जलाई, जगदीश रामसौर, डायाभाई सरथूना एवं धर्मेंद्र डीटवास का सराहनीय योगदान रहा। अतिथियों का स्वागत अमृतलाल पंचाल ने किया, जबकि आभार विशाल पंचाल डीटवास ने व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन मनोज पंचाल द्वारा किया गया। यह आयोजन समाज में सादगीपूर्ण विवाह, बेटी सम्मान, संस्कारों की परंपरा और सामाजिक एकजुटता का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया।
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    सीमलवाड़ा। चौथिया चौरासी पंचाल समाज का 12वां सामूहिक विवाह सम्मेलन रविवार को विश्वकर्मा मंदिर उंडवा में भव्य एवं हर्षोल्लासपूर्ण वातावरण में आयोजित हुआ। सम्मेलन में समाज के 7 जोड़े वैदिक मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ परिणय सूत्र में बंधकर हमसफर बने। आयोजन में समाजबंधुओं, अतिथियों एवं ग्रामीणों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
सुबह 8 बजे से मांगलिक कार्यक्रमों की शुरुआत गणेश स्थापना के साथ हुई। इसके बाद मंडप मुहूर्त, गृह शांति, हस्तमिलाप सहित विभिन्न वैवाहिक रस्में विधिवत संपन्न कराई गईं। पूरे मंदिर परिसर में मंगल गीतों, शुभकामनाओं और उत्साह का माहौल बना रहा। विवाह उपरांत नवदंपत्तियों के लिए आशीर्वाद समारोह आयोजित किया गया, जिसमें अतिथियों एवं समाज के वरिष्ठजनों ने सुखमय दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कारीलाल ननोमा, विधायक प्रत्याशी चौरासी ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि सामूहिक विवाह आज के समय की बड़ी सामाजिक आवश्यकता है। इससे समाज में एकता, भाईचारा और सहयोग की भावना मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि विवाह में दिखावे और अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाकर वही धन बच्चों की शिक्षा, रोजगार और उज्ज्वल भविष्य पर खर्च किया जाना चाहिए।
उन्होंने नववधुओं को संस्कारों का संदेश देते हुए कहा कि विवाह के बाद ससुराल ही उनका नया परिवार होता है। सास-ससुर को माता-पिता का दर्जा दें, परिवार के सभी सदस्यों का सम्मान करें, प्रेम, धैर्य और मधुर व्यवहार से घर को स्वर्ग बनाएं। वहीं वर पक्ष को भी बहू को बेटी समान सम्मान देने और उसे परिवार का अभिन्न हिस्सा मानने की सीख दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचाल कांति भाई रामगढ़ी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में समूह लगन समिति अध्यक्ष अमृत भाई पंचाल जलाई, शिवा भाई पंचाल छाणी, कांतिभाई पंचाल रामसौर, जयंती भाई पंचाल उंडवा, मथुर भाई पंचाल मोटीमोयडी, कनुभाई पंचाल, किशन कुमार पंचाल जीतपुर, सरपंच जेमाभाई उंडवा, रसिक भाई पंचाल, नटवरलाल पंचाल लिखी, देवेंद्र सिंह सोलंकी पीठ एवं राजेश प्रजापत लिखी उपस्थित रहे।
समाज के दानदाताओं द्वारा नवविवाहित जोड़ों को घरेलू उपयोग की 101 छोटी-बड़ी वस्तुएं उपहार स्वरूप प्रदान की गईं। साथ ही चांदी के उपहार देकर नवदंपत्तियों का सम्मान किया गया। इससे नवदंपत्तियों को नए जीवन की शुरुआत में उपयोगी सहयोग मिला।
सामूहिक विवाह के भोजनदाता के रूप में कांतिभाई पंचाल रामगढ़ी रहे, जिनका समाज द्वारा शाल ओढ़ाकर एवं पगड़ी पहनाकर सम्मान किया गया। आयोजन को सफल बनाने में समिति कार्यकर्ता सुरेश भचडिया, रमेश भाई पंचाल एनआरआई, जिग्नेश पंचाल, जितेन पंचाल, भरत भाई पंचाल, कांतिभाई पंचाल पटेल ढूंढ़ा, सुरेश जलाई, जगदीश रामसौर, डायाभाई सरथूना एवं धर्मेंद्र डीटवास का सराहनीय योगदान रहा।
अतिथियों का स्वागत अमृतलाल पंचाल ने किया, जबकि आभार विशाल पंचाल डीटवास ने व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन मनोज पंचाल द्वारा किया गया।
यह आयोजन समाज में सादगीपूर्ण विवाह, बेटी सम्मान, संस्कारों की परंपरा और सामाजिक एकजुटता का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया।
    user_Gunwant kalal
    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • 37 बरस के लंबे इंतजार के बाद आज परतापुर नगरी का सौभाग्य पुनः जगा जब साधना महोदधि आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज के मांगलिक सान्निध्य में नगर में एक साथ पांच दीक्षाए संपन्न हुई। सुबह 7बजे ही परतापुर का सुभाष स्टेडियम श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया था और इसके बाद गांव गांव से अपार जन सैलाब उमड़ घुमड़ कर आ हीरहा था। क्या जैन, क्या अजैन हर पंथ, जाति, संप्रदाय ओर समाज में धार्मिक श्रद्धा का मानो ज्वार ही उमड़ पड़ा था। 37वर्ष पूर्व की महावीर जयंती 18अप्रैल 1989 की यादें ताज़ा हो गई जब दादा आचार्य भगवन श्री पुष्पदंत सागर जी महाराज जी आचार्य प्रसन्न सागरजी सहित इसी स्थान पर इसी नगरी में एक साथ पांच दीक्षाए दी थी। ब्रह्मचारी सेवा निवृत वी आर एस शिक्षक, गुरुभक्त संजय भैया जी दोसी ने गुरुदेव द्वारा मंत्रोच्चार से दीक्षित हो कर जब अपने वस्त्र उतार फेंके तो पंडाल में अपार जन समूह जय जय कार कर उठा। ये त्याग, भक्ति, वैराग्य ओर तप साधना की पराकाष्ठा थी। ब्रह्म मुहूर्त में आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी ने संजय भैया जी दोसी का केशलोंचन किया। शोभा यात्रा वैराग्य भावो के साथ खेल मैदान पहुंची, समाज ओर परिजनों की परमिशन के साथ ही संजय दोसी भैयाजी मुनि श्री सामायिक सागर जी महाराज बन गए। वास्तव में जैन दर्शन पाषाण को परमात्मा ओर आत्मा को भगवान बनाने की कला है। यहां कोई भी व्यक्ति परमात्मा बनने के पथ पर अग्रसर हो सकता है। आयोजन के दौरान कई भावुक पल भी आए पर किसी भी दीक्षार्थी के कदम एक क्षण को भी नहीं डगमगाए। संघस्थ क्षुल्लक अर्घ सागरजी ने आज मुनि दीक्षा ग्रहण कर मुनि श्री अर्ध सागरजी महाराज नाम धारण किया। क्षुल्लिका धर्म प्रभा माताजी आर्यिका श्री धर्म प्रभा माताजी बनी। इसी क्रम में परतापुर की संघस्थ आर्यिका ज्ञानप्रभा माताजी को आज गणिनी ज्ञान प्रभा माताजी के रूप में प्रतिष्ठापित किया गया। परतापुर से गणिनी माताजी का दर्जा पाने वाली वो प्रथम आर्यिका बन गई है। आज कनक दीदी ने क्षुल्लिका दीक्षा ग्रहण कर 105श्रीद्रव्यप्रभा माताजी बनी। परतापुर के पचौरी परिवार की बड़ी बहु ओर 1989में आचार्य प्रसन्न सागरजी महाराज की मुनि दीक्षा के दौरान उनकी धर्म माता बनी सुशीला देवी को आज गुरुदेव ने क्षुल्लिका दीक्षा प्रदान कर श्री भाव प्रभा माताजी नाम दिया। सुबह 7बजे से प्रारंभ भव्य ऐतिहासिक दीक्षा महोत्सव अपरान्ह 11.50ए.एम तक चला। सभा को आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी ने संबोधित किया, सभी दीक्षार्थियों ने भी अपनी भावांजलि अर्पित की। ब्र. अरुण भैया के शानदार संयोजन ने आयोजन मे चार चांद लगा दिए।
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    37 बरस के लंबे इंतजार के बाद आज परतापुर नगरी का सौभाग्य पुनः जगा जब साधना महोदधि आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज के मांगलिक सान्निध्य में नगर में एक साथ पांच दीक्षाए संपन्न हुई।
सुबह 7बजे ही परतापुर का सुभाष स्टेडियम श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया था और इसके बाद गांव गांव से अपार जन सैलाब उमड़ घुमड़ कर आ हीरहा था। क्या जैन, क्या अजैन हर पंथ, जाति, संप्रदाय ओर समाज में धार्मिक श्रद्धा का मानो ज्वार ही उमड़ पड़ा था।
37वर्ष पूर्व की महावीर जयंती 18अप्रैल 1989 की यादें ताज़ा हो गई जब दादा आचार्य भगवन श्री पुष्पदंत सागर जी महाराज जी आचार्य प्रसन्न सागरजी सहित इसी स्थान पर इसी नगरी में एक साथ पांच दीक्षाए दी थी।
ब्रह्मचारी सेवा निवृत वी आर एस शिक्षक, गुरुभक्त संजय भैया जी दोसी ने गुरुदेव द्वारा मंत्रोच्चार से दीक्षित हो कर जब अपने वस्त्र उतार फेंके तो पंडाल में अपार जन समूह जय जय कार कर उठा। ये त्याग, भक्ति, वैराग्य ओर तप साधना की पराकाष्ठा थी। ब्रह्म मुहूर्त में आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी ने संजय भैया जी दोसी का केशलोंचन किया। शोभा यात्रा वैराग्य भावो के साथ खेल मैदान पहुंची, समाज ओर परिजनों की परमिशन के साथ ही संजय दोसी भैयाजी मुनि श्री सामायिक सागर जी महाराज बन गए। वास्तव में जैन दर्शन पाषाण को परमात्मा ओर आत्मा को भगवान बनाने की कला है। यहां कोई भी व्यक्ति परमात्मा बनने के पथ पर अग्रसर हो सकता है। आयोजन के दौरान कई भावुक पल भी आए पर किसी भी दीक्षार्थी के कदम एक क्षण को भी नहीं डगमगाए।
संघस्थ क्षुल्लक अर्घ सागरजी ने आज मुनि दीक्षा ग्रहण कर मुनि श्री अर्ध सागरजी महाराज नाम धारण किया। क्षुल्लिका धर्म प्रभा माताजी आर्यिका श्री धर्म प्रभा माताजी बनी।
इसी क्रम में परतापुर की संघस्थ आर्यिका ज्ञानप्रभा माताजी को आज गणिनी ज्ञान प्रभा माताजी के रूप में प्रतिष्ठापित किया गया। परतापुर से गणिनी माताजी का दर्जा पाने वाली वो प्रथम आर्यिका बन गई है।
आज कनक दीदी ने क्षुल्लिका दीक्षा ग्रहण कर 105श्रीद्रव्यप्रभा माताजी बनी।
परतापुर के पचौरी परिवार की बड़ी बहु ओर 1989में आचार्य प्रसन्न सागरजी महाराज की मुनि दीक्षा के दौरान उनकी धर्म माता बनी सुशीला देवी को आज गुरुदेव ने क्षुल्लिका दीक्षा प्रदान कर श्री भाव प्रभा माताजी नाम दिया।
सुबह 7बजे से प्रारंभ भव्य ऐतिहासिक दीक्षा महोत्सव अपरान्ह 11.50ए.एम तक चला।
सभा को आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी ने संबोधित किया, सभी दीक्षार्थियों ने भी अपनी भावांजलि अर्पित की। ब्र. अरुण भैया के शानदार संयोजन ने आयोजन मे चार चांद लगा दिए।
    user_गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    7 hrs ago
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