शाजापुर पुलिस ने एक सराहनीय पहल करते हुए जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से गुम हुए कुल 179 मोबाइल फोन खोज निकाले हैं। इन बरामद किए गए मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 27 लाख रुपये बताई गई है, जिन्हें पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उनके वास्तविक मालिकों को लौटाया। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में चलाए गए एक विशेष अभियान के तहत सफलतापूर्वक अंजाम दी गई। गुम हुए इन मोबाइल फोनों का पता लगाने के लिए पुलिस ने CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल की तकनीकी मदद ली, साथ ही स्थानीय थानों के स्तर पर भी सक्रियता दिखाई गई। पुलिस की साइबर सेल और संबंधित थाना प्रभारियों ने गुम हुए मोबाइलों को ट्रेस किया और उन्हें विभिन्न स्थानों से सफलतापूर्वक रिकवर किया। एक आयोजित कार्यक्रम में, शाजापुर के पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत ने स्वयं आवेदकों को उनके खोए हुए कीमती मोबाइल फोन वापस सौंपे। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर आवेदकों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने पुलिस की इस त्वरित तथा सराहनीय कार्रवाई के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर, पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को सलाह दी कि यदि उनका मोबाइल गुम हो जाता है, तो वे तुरंत CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं ताकि फोन को ब्लॉक और ट्रेस किया जा सके। पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि शाजापुर जिले में आम जनता की सुरक्षा और उनकी संपत्ति की सुरक्षा के लिए पुलिस लगातार आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रही है।
शाजापुर पुलिस ने एक सराहनीय पहल करते हुए जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से गुम हुए कुल 179 मोबाइल फोन खोज निकाले हैं। इन बरामद किए गए मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 27 लाख रुपये बताई गई है, जिन्हें पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उनके वास्तविक मालिकों को लौटाया। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में चलाए गए एक विशेष अभियान के तहत सफलतापूर्वक अंजाम दी गई। गुम हुए इन मोबाइल फोनों का पता लगाने के लिए पुलिस ने CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल की तकनीकी मदद ली, साथ ही स्थानीय थानों के स्तर पर भी सक्रियता दिखाई गई। पुलिस की साइबर सेल और संबंधित थाना प्रभारियों ने गुम हुए मोबाइलों को ट्रेस किया और उन्हें विभिन्न स्थानों से सफलतापूर्वक रिकवर किया। एक आयोजित कार्यक्रम में, शाजापुर के पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत ने स्वयं आवेदकों को उनके खोए हुए कीमती मोबाइल फोन वापस सौंपे। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर आवेदकों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने पुलिस की इस त्वरित तथा सराहनीय कार्रवाई के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर, पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को सलाह दी कि यदि उनका मोबाइल गुम हो जाता है, तो वे तुरंत CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं ताकि फोन को ब्लॉक और ट्रेस किया जा सके। पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि शाजापुर जिले में आम जनता की सुरक्षा और उनकी संपत्ति की सुरक्षा के लिए पुलिस लगातार आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रही है।
- शाजापुर पुलिस ने बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और आमजन को डिजिटल ठगी से बचाने के उद्देश्य से 'सिंगल क्लिक 2.0' अभियान के तहत एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम और विशाल रैली का आयोजन किया। यह कार्यक्रम मंगलवार को स्थानीय आजाद चौक से शुरू हुआ। कार्यक्रम के दौरान, पुलिस टीम और कलाकारों ने आजाद चौक पर एक नुक्कड़ नाटक का मंचन किया, जिसके माध्यम से लोगों को समझाया गया कि साइबर अपराधी कैसे लुभावने ऑफर्स, फर्जी कॉल और अज्ञात लिंक के जरिए उन्हें शिकार बनाते हैं। नाटक में आम जनता को सतर्क रहने और किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपने बैंक विवरण या ओटीपी (OTP) साझा न करने की सलाह दी गई। नुक्कड़ नाटक के बाद, पुलिस अधिकारियों और जवानों ने आजाद चौक से बस स्टैंड तक एक विशाल जन-जागरूकता रैली निकाली, जिसमें तख्तियों और नारों के माध्यम से नागरिकों को साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए गए। इस अवसर पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घनश्याम मालवीय ने कहा कि डिजिटल दौर में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि उनके साथ कोई साइबर धोखाधड़ी होती है, तो वे तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी थाने में सूचित करें।1
- दतिया में पुलिस कंट्रोल रूम में एक गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित कर उनके योगदान को सराहा गया। यह कार्यक्रम पुलिस सेवा में उनके समर्पण और निष्ठा को पहचान देने के उद्देश्य से संपन्न हुआ। इस अवसर पर, सेवानिवृत्त डीएसपी (एजेके) उमेश कुमार गर्ग, एएसआई फतेह सिंह गुर्जर, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक हरिशरण शर्मा और कार्यवाहक प्रधान आरक्षक बैकुंठनारायण को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। पुलिस अधीक्षक दतिया मयूर खण्डेलवाल, अति पुलिस अधीक्षक मंजीत सिंह चावला और एसडीओपी बड़ौनी विनायक शुक्ल ने इन सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को शॉल, श्रीफल और स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान उनके परिजनों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, और सभी को उज्ज्वल, स्वस्थ एवं सुखद भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। समारोह के दौरान, सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने सेवाकाल के महत्वपूर्ण अनुभव साझा किए। वहीं, उनके परिजनों ने भी पुलिस सेवा के दौरान परिवार को मिले सहयोग, सामना की गई चुनौतियों और साझा किए गए पारिवारिक अनुभवों को उपस्थित सभी लोगों के साथ बांटा। इस अवसर पर सूबेदार अजय वर्मा, सूबेदार नईम खान सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।1
- एक प्रेरणादायक घटनाक्रम में, वंदना नाम की छात्रा ने NIMCET परीक्षा में इतिहास रच दिया है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि उनके पिता की उस दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिन्होंने बेटे और बेटी के बीच के किसी भी भेद को समाप्त कर अपनी बेटी को पढ़ाया, जिससे उन्हें यह सफलता हासिल हुई।1
- सुसनेर में शीतला मैया के दरबार में बड़ी संख्या में मातृशक्ति उमड़ी। इस अवसर पर अच्छी बारिश और क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना करते हुए महायज्ञ और भंडारे का आयोजन किया गया।1
- पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने भोपाल में अयोध्या राम मंदिर से जुड़े हालिया विवादों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि इन घटनाओं से करोड़ों राम भक्तों की आस्था और सनातन परंपरा से जुड़े लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुँची है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि मंदिरों की व्यवस्था केवल ऐसे लोगों के हाथों में होनी चाहिए जो सनातन धर्म के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित हों। भोपाल में मीडिया से बातचीत के दौरान, शास्त्री ने उन लोगों को कड़ी चेतावनी दी जो रामजी के धाम में रहकर कुकृत्य करते हैं, यह कहते हुए कि उन्हें कठोर दंड मिलेगा। उन्होंने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि धर्म और मर्यादा के विरुद्ध कार्य करने वालों का अंत हमेशा बुरा हुआ है। उनके मतानुसार, इस तरह की घटनाएँ केवल किसी एक संस्था को ही नहीं, बल्कि संपूर्ण सनातन समाज की छवि को भी गंभीर नुकसान पहुँचाती हैं। इस संदर्भ में, धीरेन्द्र शास्त्री ने भारत और इंडोनेशिया के मुसलमानों की सामाजिक-सांस्कृतिक परंपराओं की तुलना करते हुए भारतीय मुसलमानों को इंडोनेशिया की सामाजिक समरसता से सीख लेने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि इंडोनेशिया में लोग अपनी धार्मिक आस्था के साथ-साथ अन्य सांस्कृतिक आयोजनों में भी सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। शास्त्री के इन बयानों के बाद से राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाएँ तेज़ हो गई हैं।1
- देवास में कलेक्टर ऋतुराजसिंह सिंह ने लापरवाही बरतने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए उन्होंने जिला आपूर्ति अधिकारी को निलंबन का नोटिस जारी किया है।1
- सुसनेर के मैना गांव में पुलिया पर जलकुंभी का एक बड़ा ढेर जमा हो गया है। इस जलकुंभी के ढेर के कारण, स्थानीय ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर इस पुलिया को पार करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।1
- Post by 11951
- खातेगांव नेशनल हाईवे पर बरबाई खेड़ा स्थित सिंगाजी महाराज मंदिर के पास एक दुर्घटना में तीन फोर व्हीलर कारें आपस में टकरा गईं। यह हादसा गौ माता को बचाने के प्रयास में हुआ। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।1