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बबेरू कोतवाली परिसर में स्थित माता मंदिर में एक सुंदर पाठ का आयोजन किया गया।

2 hrs ago
user_JSB NEWS UP
JSB NEWS UP
पत्रकारिता बबेरू, बांदा, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

बबेरू कोतवाली परिसर में स्थित माता मंदिर में एक सुंदर पाठ का आयोजन किया गया।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • मोहर्रम की सातवीं तारीख पर शिया समुदाय के लोगों ने इमाम बारगाह से पूरे अकीदत और एहतराम के साथ अलम का मातमी जुलूस निकाला।
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    मोहर्रम की सातवीं तारीख पर शिया समुदाय के लोगों ने इमाम बारगाह से पूरे अकीदत और एहतराम के साथ अलम का मातमी जुलूस निकाला।
    user_Surash Sahu
    Surash Sahu
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • फतेहपुर के बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के सीतापुर गांव में एक घरेलू विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जहाँ एक पिता ने अपने बेटे और बहू पर कथित रूप से बंदूक से गोली चला दी। इस घटना में पति-पत्नी दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से बेटे की हालत नाजुक बताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायल पति-पत्नी को बिंदकी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद बेटे की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे कानपुर रेफर कर दिया, जबकि बहू का इलाज अभी जारी है। पुलिस ने घटना के कारणों और परिस्थितियों की पड़ताल शुरू कर दी है और बताया है कि तहरीर मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस हिंसक घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया है, और घरेलू विवाद में हुई इस गोलीबारी की वारदात से क्षेत्र में गहन चर्चा का माहौल बना हुआ है।
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    फतेहपुर के बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के सीतापुर गांव में एक घरेलू विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जहाँ एक पिता ने अपने बेटे और बहू पर कथित रूप से बंदूक से गोली चला दी। इस घटना में पति-पत्नी दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से बेटे की हालत नाजुक बताई जा रही है।

सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायल पति-पत्नी को बिंदकी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद बेटे की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे कानपुर रेफर कर दिया, जबकि बहू का इलाज अभी जारी है। पुलिस ने घटना के कारणों और परिस्थितियों की पड़ताल शुरू कर दी है और बताया है कि तहरीर मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस हिंसक घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया है, और घरेलू विवाद में हुई इस गोलीबारी की वारदात से क्षेत्र में गहन चर्चा का माहौल बना हुआ है।
    user_Avneesh
    Avneesh
    Teacher फतेहपुर, फतेहपुर, उत्तर प्रदेश•
    7 min ago
  • देशभर में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से नए मेडिकल कॉलेजों के विकास पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इस पहल को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यह भविष्य में डॉक्टरों की संख्या में वृद्धि करने में सहायक होगी, जिससे लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच बेहतर हो सकेगी। उनका यह भी कहना है कि मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का यह विस्तार देश के समग्र विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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    देशभर में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से नए मेडिकल कॉलेजों के विकास पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इस पहल को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यह भविष्य में डॉक्टरों की संख्या में वृद्धि करने में सहायक होगी, जिससे लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच बेहतर हो सकेगी। उनका यह भी कहना है कि मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का यह विस्तार देश के समग्र विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
    user_Dilip Kumar Bharti
    Dilip Kumar Bharti
    Local News Reporter नरैनी, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • कांग्रेस ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं, लगातार हो रहे पेपर लीक की घटनाओं और मौजूदा शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने 'छात्रों की गूंज' नामक अभियान के तहत अपनी आवाज बुलंद की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। यह हमला वाराणसी के लहुराबीर स्थित कांग्रेस कैंप कार्यालय में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान किया गया, जहाँ प्रदेश प्रवक्ता संजीव सिंह ने अपनी बात रखी। संजीव सिंह ने जोर देकर कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों ने छात्रों और अभिभावकों का भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2015 से राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन इन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। प्रवक्ता ने 3 मई को आयोजित नीट परीक्षा का जिक्र किया, जिसमें देश भर से लगभग 23 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे। प्रश्नपत्र लीक होने की खबरों के बाद सरकार को यह परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित करनी पड़ी। कांग्रेस का यह भी दावा है कि री-नीट परीक्षा के दौरान भी कई स्थानों पर अनियमितताओं की शिकायतें मिली हैं। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में अग्निकांड में जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
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    कांग्रेस ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं, लगातार हो रहे पेपर लीक की घटनाओं और मौजूदा शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने 'छात्रों की गूंज' नामक अभियान के तहत अपनी आवाज बुलंद की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। यह हमला वाराणसी के लहुराबीर स्थित कांग्रेस कैंप कार्यालय में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान किया गया, जहाँ प्रदेश प्रवक्ता संजीव सिंह ने अपनी बात रखी।

संजीव सिंह ने जोर देकर कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों ने छात्रों और अभिभावकों का भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2015 से राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन इन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। प्रवक्ता ने 3 मई को आयोजित नीट परीक्षा का जिक्र किया, जिसमें देश भर से लगभग 23 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे। प्रश्नपत्र लीक होने की खबरों के बाद सरकार को यह परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित करनी पड़ी। कांग्रेस का यह भी दावा है कि री-नीट परीक्षा के दौरान भी कई स्थानों पर अनियमितताओं की शिकायतें मिली हैं। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में अग्निकांड में जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
    user_Mohd Asif patrkaar
    Mohd Asif patrkaar
    Local News Reporter Fatehpur, Uttar Pradesh•
    15 hrs ago
  • बाँदा जिले के मरका स्थित यमुना नदी पुल से एक पति-पत्नी ने नदी में छलांग लगा दी। इस घटना में पत्नी की मौत हो गई, जबकि पति को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
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    बाँदा जिले के मरका स्थित यमुना नदी पुल से एक पति-पत्नी ने नदी में छलांग लगा दी। इस घटना में पत्नी की मौत हो गई, जबकि पति को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
    user_JSB NEWS UP
    JSB NEWS UP
    पत्रकारिता बबेरू, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • मोहर्रम की सातवीं पर, बांदा शहर में अकीदतमंद लोगों ने गम के माहौल के बीच विभिन्न इमामबाड़ों से नेजे सवारियां निकालीं। इस दौरान शहर भर में भक्तिभाव और शोक का माहौल बना रहा।
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    मोहर्रम की सातवीं पर, बांदा शहर में अकीदतमंद लोगों ने गम के माहौल के बीच विभिन्न इमामबाड़ों से नेजे सवारियां निकालीं। इस दौरान शहर भर में भक्तिभाव और शोक का माहौल बना रहा।
    user_Surash Sahu
    Surash Sahu
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में हुए दान राशि चोरी प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी है, जिसके बाद दोषियों पर कार्रवाई की उम्मीदें बढ़ गई हैं। सोमवार को लखनऊ के लोक भवन में एसआईटी अध्यक्ष और लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने अपनी टीम के दोनों सदस्यों के साथ यह रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री और अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद को सौंपी। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए उपलब्ध अभिलेखों, वित्तीय लेन-देन, संबंधित कर्मचारियों और अन्य पक्षों से प्राप्त तथ्यों का गहन परीक्षण किया है। रिपोर्ट में इस प्रकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं का उल्लेख है, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। राम मंदिर दान चोरी प्रकरण सामने आने के बाद शासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया था। टीम को निष्पक्ष और विस्तृत जांच करके दोषियों की पहचान करने तथा उनकी जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए थे। अब यह प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपे जाने के बाद सभी की निगाहें सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद संबंधित दोषियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, हालांकि रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बाद राम मंदिर दान चोरी मामले में जल्द ही बड़े निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही है और श्रद्धालु व आमजन भी इस बात को लेकर चर्चा कर रहे हैं कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई होती है।
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    उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में हुए दान राशि चोरी प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी है, जिसके बाद दोषियों पर कार्रवाई की उम्मीदें बढ़ गई हैं। सोमवार को लखनऊ के लोक भवन में एसआईटी अध्यक्ष और लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने अपनी टीम के दोनों सदस्यों के साथ यह रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री और अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद को सौंपी। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए उपलब्ध अभिलेखों, वित्तीय लेन-देन, संबंधित कर्मचारियों और अन्य पक्षों से प्राप्त तथ्यों का गहन परीक्षण किया है। रिपोर्ट में इस प्रकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं का उल्लेख है, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

राम मंदिर दान चोरी प्रकरण सामने आने के बाद शासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया था। टीम को निष्पक्ष और विस्तृत जांच करके दोषियों की पहचान करने तथा उनकी जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए थे। अब यह प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपे जाने के बाद सभी की निगाहें सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद संबंधित दोषियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, हालांकि रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बाद राम मंदिर दान चोरी मामले में जल्द ही बड़े निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही है और श्रद्धालु व आमजन भी इस बात को लेकर चर्चा कर रहे हैं कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई होती है।
    user_Avneesh
    Avneesh
    Teacher फतेहपुर, फतेहपुर, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एक तीन मंजिला अवैध कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में लगी आग के कारण 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें से अधिकांश छात्र और युवा प्रोफेशनल्स थे। इस बड़ी त्रासदी के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है, जिसके बाद पूरे उत्तर प्रदेश में अवैध और असुरक्षित व्यावसायिक इमारतों व कोचिंग सेंटरों के खिलाफ एक बड़ा प्रदेशव्यापी महा-अभियान शुरू हो गया है। यह दर्दनाक घटना 22 जून 2026 को अलीगंज के पुरनिया इलाके में स्थित एक कॉम्प्लेक्स में घटी, जहां एक एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर, कोचिंग संस्थान और गेमिंग जोन संचालित हो रहे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि 15 बच्चों की मौत जलने से नहीं, बल्कि जहरीले धुएं और दम घुटने (Asphyxia) से हुई। इस त्रासदी की मुख्य वजहों में इमारत के दरवाजों पर लगे ऑटोमैटिक बायोमेट्रिक लॉक थे, जो बिजली कटने और आग लगने पर स्वतः लॉक हो गए, जिससे छात्रों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। इसके अलावा, तीन मंजिला इमारत में आने-जाने के लिए केवल एक ही संकरी सीढ़ी थी, जहां धुआं भर जाने से निकास पूरी तरह ठप हो गया। जाँच में यह भी सामने आया कि यह पूरी बिल्डिंग अवैध थी और इसके खिलाफ 2016 में भी ध्वस्तीकरण का आदेश जारी हुआ था, जिसे बाद में ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर पुलिस और प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी व भवन स्वामी वीरेंद्र शुक्ला (सुरेंद्र शुक्ला) सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है; उन पर गैर-इरादतन हत्या (Culpable Homicide) का मुकदमा दर्ज हुआ है। साथ ही, लापरवाही बरतने और अवैध इमारत को संरक्षण देने के आरोप में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और दमकल विभाग के 6 जिम्मेदार अधिकारियों को तुरंत निलंबित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, एलडीए ने विवादित इमारत को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए भवन स्वामी को 15 दिनों का अंतिम नोटिस भी थमा दिया है। लखनऊ की इस त्रासदी के बाद जिला प्रशासन, एलडीए, पुलिस और फायर ब्रिगेड की संयुक्त टीमें पूरे राज्य में सड़कों पर उतर आई हैं। सुरक्षा मानकों और फायर एनओसी (NOC) का उल्लंघन करने पर अब तक 100 से अधिक कोचिंग संस्थानों को सील किया जा चुका है। कानपुर के काकादेव कोचिंग हब में कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने देर रात से सुबह तक ताबड़तोड़ छापेमारी कर नियमों का उल्लंघन कर बेसमेंट में चल रहे 22 से अधिक नामचीन कोचिंग सेंटरों को सील किया, जिनमें फिजिक्स वाला (Physics Wallah) और विद्यापीठ, अर्थ एकेडमी जैसे बड़े संस्थान भी शामिल हैं। इसके साथ ही, 22 अन्य संस्थानों को रेड नोटिस जारी किया गया है। प्रयागराज में भी प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने सिविल लाइंस स्थित प्रसिद्ध शिक्षक खान सर के संस्थान 'खान ग्लोबल क्लासेस' को अवैध संचालन और सुरक्षा इंतजामों की कमी के चलते सील कर दिया। छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद यह कार्रवाई की गई। मेरठ, वाराणसी, देवरिया, फिरोजाबाद और बुलंदशहर जैसे अन्य जिलों में भी संयुक्त टीमों ने करीब 48 से अधिक कोचिंग सेंटरों और मानकों के विपरीत चल रहे होटलों को सील करने की कार्रवाई की है। यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है: आखिर 2016 के ध्वस्तीकरण के आदेश पर 10 साल तक धूल क्यों जमती रही? सरकार हमेशा 'हादसे के बाद' ही क्यों जागती है? क्या हर बार सिर्फ 'छोटे कर्मचारियों' को ही बलि का बकरा बनाया जाएगा, जबकि 'आवासीय' कागजों पर सालों से 'व्यावसायिक' खेल चलता रहा? और बायोमेट्रिक तथा डिजिटल लॉक को लेकर कोई नियम क्यों नहीं बनाए गए? इन सवालों के बीच 15 मासूम जिंदगियां लापरवाही की भेंट चढ़ गईं।
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    उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एक तीन मंजिला अवैध कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में लगी आग के कारण 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें से अधिकांश छात्र और युवा प्रोफेशनल्स थे। इस बड़ी त्रासदी के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है, जिसके बाद पूरे उत्तर प्रदेश में अवैध और असुरक्षित व्यावसायिक इमारतों व कोचिंग सेंटरों के खिलाफ एक बड़ा प्रदेशव्यापी महा-अभियान शुरू हो गया है।

यह दर्दनाक घटना 22 जून 2026 को अलीगंज के पुरनिया इलाके में स्थित एक कॉम्प्लेक्स में घटी, जहां एक एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर, कोचिंग संस्थान और गेमिंग जोन संचालित हो रहे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि 15 बच्चों की मौत जलने से नहीं, बल्कि जहरीले धुएं और दम घुटने (Asphyxia) से हुई। इस त्रासदी की मुख्य वजहों में इमारत के दरवाजों पर लगे ऑटोमैटिक बायोमेट्रिक लॉक थे, जो बिजली कटने और आग लगने पर स्वतः लॉक हो गए, जिससे छात्रों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। इसके अलावा, तीन मंजिला इमारत में आने-जाने के लिए केवल एक ही संकरी सीढ़ी थी, जहां धुआं भर जाने से निकास पूरी तरह ठप हो गया। जाँच में यह भी सामने आया कि यह पूरी बिल्डिंग अवैध थी और इसके खिलाफ 2016 में भी ध्वस्तीकरण का आदेश जारी हुआ था, जिसे बाद में ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।

मुख्यमंत्री के निर्देशों पर गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर पुलिस और प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी व भवन स्वामी वीरेंद्र शुक्ला (सुरेंद्र शुक्ला) सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है; उन पर गैर-इरादतन हत्या (Culpable Homicide) का मुकदमा दर्ज हुआ है। साथ ही, लापरवाही बरतने और अवैध इमारत को संरक्षण देने के आरोप में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और दमकल विभाग के 6 जिम्मेदार अधिकारियों को तुरंत निलंबित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, एलडीए ने विवादित इमारत को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए भवन स्वामी को 15 दिनों का अंतिम नोटिस भी थमा दिया है।

लखनऊ की इस त्रासदी के बाद जिला प्रशासन, एलडीए, पुलिस और फायर ब्रिगेड की संयुक्त टीमें पूरे राज्य में सड़कों पर उतर आई हैं। सुरक्षा मानकों और फायर एनओसी (NOC) का उल्लंघन करने पर अब तक 100 से अधिक कोचिंग संस्थानों को सील किया जा चुका है। कानपुर के काकादेव कोचिंग हब में कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने देर रात से सुबह तक ताबड़तोड़ छापेमारी कर नियमों का उल्लंघन कर बेसमेंट में चल रहे 22 से अधिक नामचीन कोचिंग सेंटरों को सील किया, जिनमें फिजिक्स वाला (Physics Wallah) और विद्यापीठ, अर्थ एकेडमी जैसे बड़े संस्थान भी शामिल हैं। इसके साथ ही, 22 अन्य संस्थानों को रेड नोटिस जारी किया गया है। प्रयागराज में भी प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने सिविल लाइंस स्थित प्रसिद्ध शिक्षक खान सर के संस्थान 'खान ग्लोबल क्लासेस' को अवैध संचालन और सुरक्षा इंतजामों की कमी के चलते सील कर दिया। छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद यह कार्रवाई की गई। मेरठ, वाराणसी, देवरिया, फिरोजाबाद और बुलंदशहर जैसे अन्य जिलों में भी संयुक्त टीमों ने करीब 48 से अधिक कोचिंग सेंटरों और मानकों के विपरीत चल रहे होटलों को सील करने की कार्रवाई की है।

यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है: आखिर 2016 के ध्वस्तीकरण के आदेश पर 10 साल तक धूल क्यों जमती रही? सरकार हमेशा 'हादसे के बाद' ही क्यों जागती है? क्या हर बार सिर्फ 'छोटे कर्मचारियों' को ही बलि का बकरा बनाया जाएगा, जबकि 'आवासीय' कागजों पर सालों से 'व्यावसायिक' खेल चलता रहा? और बायोमेट्रिक तथा डिजिटल लॉक को लेकर कोई नियम क्यों नहीं बनाए गए? इन सवालों के बीच 15 मासूम जिंदगियां लापरवाही की भेंट चढ़ गईं।
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    खागा, फतेहपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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