अगर कही भी लगी यादव जी लव स्टोरी तो धुवां धुवां होगा सिनेमाघर उत्तर प्रदेश बाराबंकी हाल ही में एक फिल्म का पोस्टर रिलीज हुआ यादव जी की लव स्टोरी जिस पर हिन्दू राष्ट्र शक्ति प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह अन्नू ने बहुत ही कड़े शब्दों में कहा है कि फिल्म बनाने वाले जो भी कलाकार है उन सभी *कलाकारों* का सम्मान है लेकिन किसी एक जाती को टारगेट करोगे तो बर्दाश्त बिल्कुल नहीं किया जाएगा अभी समय रहते इसमें सुधार करे और इस फिल्म में जितने भी कलाकार है इसमें से कोई एक भी यादव नहीं है ऐसा क्यों? क्या सिनेमा जगत में अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर एक बार फिर एक विशेष समुदाय की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। हाल ही में चर्चा में आई एक नई वेब सीरीज/फिल्म (जो "यादव जी की लव स्टोरी" या इसी तरह के विषय पर आधारित बताई जा रही है) इस फिल्म को लेकर यादव समाज के युवाओं और बुद्धिजीवियों में भारी आक्रोश है। अपमानजनक चित्रण और दोहरा मापदंड है इस फिल्म में यादव समाज को गलत तरीके से पेश किया गया है, जबकि दूसरी तरफ समाज की ऐतिहासिक हकीकत और अन्य समुदायों के विवादित विषयों को अक्सर पर्दे के पीछे छिपा दिया जाता है। समाज के लोगों का कहना है कि, इस फिल्म में यादवों के गौरवशाली इतिहास को नजरअंदाज कर उन्हें अपमानजनक स्थितियों में दिखाया गया है। सिनेमा जगत के गलियारों में एक खास एजेंडे के तहत कुछ समुदायों की 'लव स्टोरी' के नाम पर सामाजिक मर्यादाओं को तोड़ा जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह अन्नू ने बताया है कि, समाज की बहन-बेटियों और युवाओं की गरिमा को मनोरंजन की आड़ में निशाना बनाया जा रहा है। जो किइस फिल्म को लगने नहीं दिया जाएगा पूर्णतया "बॉयकॉट" हो यही मैं उत्तर प्रदेश के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से आग्रह करता हूँ और साथ ही हिन्दू राष्ट्र शक्ति के प्रदेश अध्यक्ष ने इस फिल्म का पूर्ण बहिष्कार (Boycott) करने का आह्वान किया है। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं: 1.सार्वजनिक माफी: फिल्म के निर्माताओं और कलाकारों को यादव समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। 2. दृश्य हटाना: आपत्तिजनक दृश्यों और संवादों को तुरंत फिल्म से बाहर किया जाए। 3. रिलीज पर रोक: यदि फिल्म में सुधार नहीं किया गया, तो समाज इसे सिनेमाघरों या OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज नहीं होने देगा। यादव समाज का इतिहास बलिदान और वीरता का रहा है मनोरंजन के नाम पर हमारे यादव समाज के मान सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा लगातार उत्तर प्रदेश में हिंदुओं को जातियों में बांटने का काम किया जा रहा है इसके पीछे जिसका हाथ है उससे सर्व समाज सतर्क रहे और जातियों में न बंटे आपस में सौहार्द बनाए रखें अगर आवश्यकता पड़ी तो आवाहन किया जाएगा यादव समाज तैयार रहे हम सब के साथ मजबूती से लड़ाई लड़ने के लिए ।।
अगर कही भी लगी यादव जी लव स्टोरी तो धुवां धुवां होगा सिनेमाघर उत्तर प्रदेश बाराबंकी हाल ही में एक फिल्म का पोस्टर रिलीज हुआ यादव जी की लव स्टोरी जिस पर हिन्दू राष्ट्र शक्ति प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह अन्नू ने बहुत ही कड़े शब्दों में कहा है कि फिल्म बनाने वाले जो भी कलाकार है उन सभी *कलाकारों* का सम्मान है लेकिन किसी एक जाती को टारगेट करोगे तो बर्दाश्त बिल्कुल नहीं किया जाएगा अभी समय रहते इसमें सुधार करे और इस फिल्म में जितने भी कलाकार है इसमें से कोई एक भी यादव नहीं है ऐसा क्यों? क्या सिनेमा जगत में अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर एक बार फिर एक विशेष समुदाय की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। हाल ही में चर्चा में आई एक नई वेब सीरीज/फिल्म (जो "यादव जी की लव स्टोरी" या इसी तरह के विषय पर आधारित बताई जा रही है) इस फिल्म को लेकर यादव समाज के युवाओं और बुद्धिजीवियों में भारी आक्रोश है। अपमानजनक चित्रण और दोहरा मापदंड है इस फिल्म में यादव समाज को गलत तरीके से पेश किया गया है, जबकि दूसरी तरफ समाज की ऐतिहासिक हकीकत और अन्य समुदायों के विवादित विषयों को अक्सर पर्दे के पीछे छिपा दिया जाता है। समाज के लोगों का कहना है कि, इस फिल्म में यादवों के गौरवशाली इतिहास को नजरअंदाज कर उन्हें अपमानजनक स्थितियों में दिखाया गया है। सिनेमा जगत के गलियारों में एक खास एजेंडे के तहत कुछ समुदायों की 'लव स्टोरी' के नाम पर सामाजिक मर्यादाओं को तोड़ा जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह अन्नू ने बताया है कि, समाज की बहन-बेटियों और युवाओं की गरिमा को मनोरंजन की आड़ में निशाना बनाया जा रहा है। जो किइस फिल्म को लगने नहीं दिया जाएगा पूर्णतया "बॉयकॉट" हो यही मैं उत्तर प्रदेश के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से आग्रह करता हूँ और साथ ही हिन्दू राष्ट्र शक्ति के प्रदेश अध्यक्ष ने इस फिल्म का पूर्ण बहिष्कार (Boycott) करने का आह्वान किया है। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं: 1.सार्वजनिक माफी: फिल्म के निर्माताओं और कलाकारों को यादव समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। 2. दृश्य हटाना: आपत्तिजनक दृश्यों और संवादों को तुरंत फिल्म से बाहर किया जाए। 3. रिलीज पर रोक: यदि फिल्म में सुधार नहीं किया गया, तो समाज इसे सिनेमाघरों या OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज नहीं होने देगा। यादव समाज का इतिहास बलिदान और वीरता का रहा है मनोरंजन के नाम पर हमारे यादव समाज के मान सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा लगातार उत्तर प्रदेश में हिंदुओं को जातियों में बांटने का काम किया जा रहा है इसके पीछे जिसका हाथ है उससे सर्व समाज सतर्क रहे और जातियों में न बंटे आपस में सौहार्द बनाए रखें अगर आवश्यकता पड़ी तो आवाहन किया जाएगा यादव समाज तैयार रहे हम सब के साथ मजबूती से लड़ाई लड़ने के लिए ।।
- गंगागढ़, शाह मऊ में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, सैकड़ों मरीजों ने लिया लाभ अमेठी। सुविधा हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर द्वारा गंगागढ़, शाह मऊ में एक विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ भाजपा किसान मोर्चा अमेठी के जिला महामंत्री श्री सोनू सिंह जी ने फीता काटकर किया। कार्यक्रम का आयोजन समाजसेवी भाई इरशाद अहमद जी द्वारा किया गया, जो पिछले 20 वर्षों से निरंतर जनसेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके इस प्रयास की क्षेत्रवासियों ने सराहना की। शिविर में डॉ. मुबारक, डॉ. एम. वर्मा, एम.आर. आस्तिक जी, राहुल मिश्रा जी तथा वरिष्ठ पत्रकार भाई नीलू सोनी जी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में मरीजों ने पहुंचकर स्वास्थ्य जांच करवाई। सभी मरीजों को निःशुल्क परामर्श, जांच एवं दवाइयों का वितरण किया गया। मुख्य अतिथि श्री सोनू सिंह जी ने कहा कि इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में अत्यंत लाभकारी सिद्ध होते हैं और समाज के कमजोर वर्ग को बड़ी राहत प्रदान करते हैं। कार्यक्रम का समापन आभार व्यक्त करने के साथ किया गया।1
- Post by Anand Lodhi1
- बराबंकी: उत्तर प्रदेश में लखनऊ-अयोध्या राष्ट्रीय राज्यमार्ग पर बाराबंकी के पास एक 18 टायरों वाले डंफर (ट्रक) में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते वाहन धू-धू कर जलने लगा और आग की ऊंची लपटें दूर तक दिखाई देने लगीं। आग लगने से हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा के मद्देनजर दोनों ओर से यातायात रोक दिया गया, जिससे वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रैफिक को डायवर्ट करने की कोशिश शुरू की। दमकल विभाग की कई गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान तेज कर दिया गया। आशंका है कि डंफर में तकनीकी खराबी के चलते आग लगी। हालांकि प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है। राहत एवं बचाव कार्य जारी है। फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन वाहन पूरी तरह जलकर क्षतिग्रस्त हो गया।1
- बाराबंकी में हरियाली पर आरा कुल्हाड़ी: परमिट दो पेड़ों का, कटे सत्रह-वन विभाग और पुलिस पर मिलीभगत के आरोप बाराबंकी। मसौली थाना क्षेत्र के ग्राम करसंडा के पास स्थित बसवाड़ी बाग में प्रतिबंधित 17 जामुन के पेड़ों की कटान ने एक बार फिर वन विभाग और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कोई चोरी-छिपे हुआ अपराध नहीं, बल्कि खुलेआम मिलीभगत से अंजाम दिया गया हरित संहार है, जिसकी शिकायत वन प्रभागीय निदेशक तक पहुंचाई जा चुकी है। बताया जा रहा है कि पूरे प्रकरण में केवल दो पेड़ों का परमिट जारी हुआ था, लेकिन उसी की आड़ में 17 पेड़ काट दिए गए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि विभागीय निगरानी सचमुच मौजूद होती तो इतनी बड़ी कटान दिनदहाड़े संभव ही नहीं थी। वन दरोगा श्याम लाल ने भी स्वीकार किया कि अनुमति सिर्फ दो पेड़ों की थी—ऐसे में बाकी पेड़ों की कटान किस संरक्षण में हुई, यह सबसे बड़ा सवाल बन गया है। सरकार एक ओर हर साल हरियाली बढ़ाने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करती है, पौधरोपण के दावे किए जाते हैं, पर्यावरण बचाने के संदेश दिए जाते हैं-लेकिन दूसरी ओर वही विभागीय तंत्र आरा और कुल्हाड़ी को संरक्षण देता दिखे तो यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि व्यवस्था पर धब्बा माना जाएगा। हैरानी की बात यह भी है कि इस अवैध कटान से जुड़े ठेकेदार ने खुले तौर पर कहा कि बिना पुलिस और वन विभाग की जानकारी कोई काम नहीं कराया जाता। यह बयान पूरे तंत्र की कार्यप्रणाली पर सीधा आरोप है। ग्रामीणों का दावा है कि रामनगर रेंज का हाल और भी बदतर है, जहां विभागीय सह पर रोज पेड़ों का सीना चीरा जाता है और शिकायतें फाइलों में दफन होकर रह जाती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों की फील्ड से दूरी और कर्मचारियों की मनमानी ने वन माफियाओं के हौसले बुलंद कर दिए हैं। अब सवाल यह है कि क्या इस मामले में केवल खानापूरी होगी या फिर वास्तव में दोषियों पर कार्रवाई कर हरियाली के कातिलों को बेनकाब किया जाएगा। जब पेड़ ही सुरक्षित नहीं, तो पर्यावरण बचाने के सरकारी दावे कितने खोखले हैं-यह घटना उसी की कड़वी मिसाल बनकर सामने आई है।1
- अशोक नगर में घरों तक पहुंचा नालियों का गंदा पानी | शिकायत के बाद भी नहीं जागा प्रशासन | बाराबंकी ग्राउंड रिपोर्ट यूट्यूब डिस्क्रिप्शन: बाराबंकी के बंकी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत ढकोली के अशोक नगर में स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत मिशन की पोल खुलती नजर आ रही है। पानी के निकास की व्यवस्था न होने के कारण नालियों का गंदा पानी लोगों के घरों में भर रहा है, जिससे क्षेत्रीय नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ और न ही कोई अधिकारी मौके पर जांच करने पहुंचा। वहीं अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा ग्राम प्रधान जेल में हैं और बजट के अभाव में कार्य नहीं हो पा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कब मिलेगी लोगों को इस गंदगी और जलभराव से राहत? ग्राउंड जीरो से पूरी रिपोर्ट देखिए और चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें।1
- *भारत-अमेरिका व्यापार समझौता किसानों के लिए खतरा: राकेश टिकैत* 🔹 'बड़े उद्योगपति खरीदेंगे जमीन, छोटे दुकानदार बेरोजगार होंगे' #FarmersProtest #RakeshTikait #TradeDeal1
- Post by Journalist Manoj Shukla1
- अमेठी के मोहनगंज कोतवाली के अंतर्गत शाहमऊ चौकी का कार्य शुरू । थानाध्यक्ष मोहनगंज ने विधिवत तरीके से भूमि पूजन करके डाली नींव ।1