दतिया जिला पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल के निर्देशों पर जिले में अमन-चैन और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना स्तर पर जन संवाद कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में, भांडेर थाना पुलिस का अमला सोफ्ता गांव पहुंचा और ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाकर बातचीत की। इस जन संवाद कार्यक्रम में पुलिस ने ग्रामीणों से नशा, जुआ और शराब से दूर रहने की अपील की, क्योंकि अधिकांश झगड़े नशे की हालत में ही होते हैं। पुलिस ने लोगों को सलाह दी कि वे अपने आपसी विवादों को आपसी सहमति से निपटाएं, और जमीन या रास्ते संबंधी मामलों के लिए राजस्व विभाग, पटवारी या तहसीलदार से नापतोल कराकर समाधान निकालें। कार्यक्रम में कानून का पालन करने और झगड़े से बचने पर जोर दिया गया। राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित साहित्यकार अमर सिंह राव दिनकर ने भी ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि जुआ और शराब दोनों खराब होते हैं, और नशा विनाश की जड़ है, जिससे आर्थिक और शारीरिक क्षति के साथ-साथ समाज में सम्मान भी खो जाता है। जन संवाद में दरोगा तोमर और दीवान उदय सिंह यादव सहित भांडेर थाने का अन्य पुलिस बल मौजूद था। पुलिस ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि अपराध और अपराधियों पर सख्त नियंत्रण रखा जाएगा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि गांव-गांव जाकर ऐसे जन संवाद आयोजित करने का उद्देश्य जनता और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है, ताकि छोटी समस्याओं को गांव स्तर पर ही सुलझाया जा सके और कानून व्यवस्था बनी रहे।
दतिया जिला पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल के निर्देशों पर जिले में अमन-चैन और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना स्तर पर जन संवाद कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में, भांडेर थाना पुलिस का अमला सोफ्ता गांव पहुंचा और ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाकर बातचीत की। इस जन संवाद कार्यक्रम में पुलिस ने ग्रामीणों से नशा, जुआ और शराब से दूर रहने की अपील की, क्योंकि अधिकांश झगड़े नशे की हालत में ही होते हैं। पुलिस ने लोगों को सलाह दी कि वे अपने आपसी विवादों को आपसी सहमति से निपटाएं, और जमीन या रास्ते संबंधी मामलों के लिए राजस्व विभाग, पटवारी या तहसीलदार से नापतोल कराकर समाधान निकालें। कार्यक्रम में कानून का पालन करने और झगड़े से बचने पर जोर दिया गया। राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित साहित्यकार अमर सिंह राव दिनकर ने भी ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि जुआ और शराब दोनों खराब होते हैं, और नशा विनाश की जड़ है, जिससे आर्थिक और शारीरिक क्षति के साथ-साथ समाज में सम्मान भी खो जाता है। जन संवाद में दरोगा तोमर और दीवान उदय सिंह यादव सहित भांडेर थाने का अन्य पुलिस बल मौजूद था। पुलिस ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि अपराध और अपराधियों पर सख्त नियंत्रण रखा जाएगा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि गांव-गांव जाकर ऐसे जन संवाद आयोजित करने का उद्देश्य जनता और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है, ताकि छोटी समस्याओं को गांव स्तर पर ही सुलझाया जा सके और कानून व्यवस्था बनी रहे।
- भांडेर नगर में आवारा और मदमस्त जानवरों के आतंक से आमजन बुरी तरह परेशान हैं। ये जानवर, खासकर लंबे और नुकीले सींगों वाले सांड, राहगीरों पर हमला कर चुके हैं, जिससे कई लोग घायल हुए हैं और एक नागरिक की मौत भी हो चुकी है। इन गंभीर घटनाओं के बावजूद, प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे लोगों में भारी रोष है। नगर के बाज़ारों, चौराहों और गलियों में दिनभर मदमस्त सांड घूमते रहते हैं, जो अचानक राहगीरों पर हमला कर देते हैं। इस स्थिति के चलते दुकानदार और स्थानीय लोग दहशत में हैं, जबकि स्कूल जाने वाले बच्चे और बुज़ुर्ग सबसे ज़्यादा भयभीत हैं। आए दिन किसी न किसी के घायल होने की ख़बरें सामने आती रहती हैं, जिससे नगर में डर का माहौल बना हुआ है। कुछ समय पहले ही सांड के हमले में एक वृद्ध की मौत हो गई थी, जिसके बाद लोगों ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि, नगर परिषद और प्रशासन ने अब तक आवारा पशुओं को पकड़ने या स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की है और न ही कोई ठोस कदम उठाया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही इन आवारा जानवरों पर लगाम नहीं कसी गई तो कोई और बड़ा हादसा हो सकता है। नगरवासियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर उनकी नींद नहीं टूटी तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस बीच, नगर परिषद अध्यक्ष सुनीता रामजीवन राय ने जानकारी दी है कि जल्द ही गौशाला के निर्माण हेतु शासन-प्रशासन को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। फ़िलहाल, भांडेर नगर में मदमस्त जानवरों का आतंक जारी है और आमजन डर के साये में जीने को मजबूर हैं।1
- दतिया में, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, कलेक्टर और एसपी ने पौधारोपण किया।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश देते हुए पुलिस परिसर में एक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान 2.0 के तहत संपन्न हुआ, जिसमें कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े, पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल और वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) श्री मोहम्मद माज ने पौधारोपण किया। इस दौरान अधिकारियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और उनके संरक्षण तथा नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया। पुलिस विभाग, वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए पौधे रोपित किए। इसी अवसर पर, अधिकारियों ने भीषण गर्मी के दौरान पक्षियों के संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने परिसर में रखे सकोरों में पक्षियों के लिए पानी और दाना भी डाला, और बताया कि गर्मी में जल स्रोतों के सूखने से पक्षियों को भोजन-पानी की समस्या होती है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वे अपने घरों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर पक्षियों के लिए पानी और दाने की व्यवस्था कर जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाएं और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखें। कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को देखते हुए वृक्षारोपण को अत्यंत आवश्यक बताया, साथ ही इस बात पर जोर दिया कि सिर्फ पौधा लगाना ही नहीं, बल्कि उसका संरक्षण और संवर्धन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल ने कहा कि वृक्ष पृथ्वी के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और शुद्ध वायु, छाया तथा स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया। वन मंडलाधिकारी श्री मोहम्मद माज ने "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान को प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और मातृत्व के सम्मान का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ा रहा है। उन्होंने नागरिकों से पौधारोपण के साथ-साथ जल संरक्षण, पक्षी संरक्षण और जैव विविधता के संवर्धन में भी सक्रिय योगदान देने का आग्रह किया। सभी अधिकारियों ने मिलकर कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण ही भावी पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने नागरिकों से अपने स्तर पर पौधारोपण कर पर्यावरण को संरक्षित करने, लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने तथा गर्मी में पक्षियों के लिए पानी-दाने की व्यवस्था कर जीवों के प्रति संवेदनशीलता प्रदर्शित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए जिले को हरा-भरा बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।1
- बगपुरा धाम में एक चमत्कार सामने आया है। इसका लाइव वीडियो अब लक्ष्य न्यूज़ चैनल पर उपलब्ध है, जिसे दर्शक देख सकते हैं।1
- दतिया जिले के भांडेर थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम 06 बजे से पुलिस द्वारा अपराधों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। चिरगांव रोड पर चलाए गए इस अभियान का नेतृत्व भांडेर थाना प्रभारी कोमल परिहार ने किया, जो दतिया एसपी मयूर खंडेलवाल के निर्देशों पर आधारित था। इस अभियान के दौरान पुलिस ने चार पहिया वाहनों और बाइक चालकों को रोककर उनकी तलाशी ली। चेकिंग के तहत पुलिस ने कारों से काली फ़िल्म, हूटर और पदनाम की प्लेटें हटवाईं, साथ ही वाहनों के दस्तावेजों की भी जांच की। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने वाहन चालकों को सीट बेल्ट और हेलमेट लगाकर वाहन चलाने की समझाइश भी दी। इस चेकिंग कार्रवाई से वाहन चालकों में हड़कंप की स्थिति देखने को मिली। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और अपराधों की रोकथाम के लिए इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे।1
- सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश में यह ज़ोर दिया गया है कि किसी को केवल मसुबरा या सलाह देने की बजाय, यदि कुछ देना ही है तो वास्तविक सहारा और मदद देनी चाहिए। इस पोस्ट के माध्यम से दूसरों को वास्तविक समर्थन प्रदान करने की महत्वपूर्णता पर प्रकाश डाला गया है।1
- दतिया पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल के सीधे निर्देशन में जिलेभर में अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, आज इंदरगढ़ पुलिस ने अवैध शराब माफियाओं के विरुद्ध एक जबरदस्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस बड़ी कार्रवाई से अवैध शराब कारोबारियों के बीच हड़कंप मच गया है।1
- दतिया जिला पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल के निर्देशों पर जिले में अमन-चैन और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना स्तर पर जन संवाद कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में, भांडेर थाना पुलिस का अमला सोफ्ता गांव पहुंचा और ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाकर बातचीत की। इस जन संवाद कार्यक्रम में पुलिस ने ग्रामीणों से नशा, जुआ और शराब से दूर रहने की अपील की, क्योंकि अधिकांश झगड़े नशे की हालत में ही होते हैं। पुलिस ने लोगों को सलाह दी कि वे अपने आपसी विवादों को आपसी सहमति से निपटाएं, और जमीन या रास्ते संबंधी मामलों के लिए राजस्व विभाग, पटवारी या तहसीलदार से नापतोल कराकर समाधान निकालें। कार्यक्रम में कानून का पालन करने और झगड़े से बचने पर जोर दिया गया। राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित साहित्यकार अमर सिंह राव दिनकर ने भी ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि जुआ और शराब दोनों खराब होते हैं, और नशा विनाश की जड़ है, जिससे आर्थिक और शारीरिक क्षति के साथ-साथ समाज में सम्मान भी खो जाता है। जन संवाद में दरोगा तोमर और दीवान उदय सिंह यादव सहित भांडेर थाने का अन्य पुलिस बल मौजूद था। पुलिस ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि अपराध और अपराधियों पर सख्त नियंत्रण रखा जाएगा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि गांव-गांव जाकर ऐसे जन संवाद आयोजित करने का उद्देश्य जनता और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है, ताकि छोटी समस्याओं को गांव स्तर पर ही सुलझाया जा सके और कानून व्यवस्था बनी रहे।1