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गरुड़ तहसील के पाटली गांव में खेतों में घास काट रही श्रीमती प्रेमा देवी पत्नी श्री हिम चन्द्र जोशी (40 वर्ष) पर गुलदार ने हमला कर दिया। हमले में उनके पैर एवं पीठ पर चोट आई है। गरुड़ तहसील के पाटली गांव में खेतों में घास काट रही श्रीमती प्रेमा देवी पत्नी श्री हिम चन्द्र जोशी (40 वर्ष) पर गुलदार ने हमला कर दिया। हमले में उनके पैर एवं पीठ पर चोट आई है। घायल श्रीमती प्रेमा देवी का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बैजनाथ में किया गया है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति खतरे से बाहर है और उन्हें निगरानी में रखा गया है।
स्वर स्वतंत्र Vipin Joshi
गरुड़ तहसील के पाटली गांव में खेतों में घास काट रही श्रीमती प्रेमा देवी पत्नी श्री हिम चन्द्र जोशी (40 वर्ष) पर गुलदार ने हमला कर दिया। हमले में उनके पैर एवं पीठ पर चोट आई है। गरुड़ तहसील के पाटली गांव में खेतों में घास काट रही श्रीमती प्रेमा देवी पत्नी श्री हिम चन्द्र जोशी (40 वर्ष) पर गुलदार ने हमला कर दिया। हमले में उनके पैर एवं पीठ पर चोट आई है। घायल श्रीमती प्रेमा देवी का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बैजनाथ में किया गया है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति खतरे से बाहर है और उन्हें निगरानी में रखा गया है।
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- एक पैर पर 400 मीटर स्कूल जाती थी 7 साल की रागिनी | Viral Video के बाद DM पहुंचे | Ballia News | UP News उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की 7 साल की रागिनी की कहानी इस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है। बचपन में एक हादसे में अपना एक पैर गंवाने के बावजूद रागिनी ने पढ़ाई का सपना नहीं छोड़ा। वह रोज़ करीब 400 मीटर दूर अपने स्कूल एक पैर के सहारे पहुंचती थी। उसके संघर्ष का वीडियो सोशल Media पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और बलिया के जिलाधिकारी (DM) मंगला प्रसाद खुद रागिनी से मिलने उसके गांव पहुंचे। इस वीडियो में देखिए कैसे एक मासूम बच्ची के हौसले ने पूरे सिस्टम का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। रागिनी को ट्राइसाइकिल, कॉपियां, मिठाइयां और टॉफियां दी गईं। साथ ही प्रशासन ने उसके इलाज, पढ़ाई और घर से स्कूल तक सड़क बनवाने का भी आश्वासन दिया। रागिनी ने DM से मुलाकात के बाद कहा कि अब वह बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती है। लेकिन इस कहानी के साथ एक बड़ा सवाल भी जुड़ा है—क्या जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए हर बार सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होना जरूरी है? इस पूरे मामले की ग्राउंड रिपोर्ट और पूरी कहानी जानिए इस वीडियो में। वीडियो में क्या है? - बलिया की 7 साल की रागिनी की पूरी कहानी - कैसे बचपन में हादसे में गंवाया एक पैर - एक पैर के सहारे रोज़ स्कूल जाने का संघर्ष - वायरल वीडियो के बाद प्रशासन की कार्रवाई - DM मंगला प्रसाद की मुलाकात - ट्राइसाइकिल और इलाज का भरोसा - डॉक्टर बनने का रागिनी का सपना - सिस्टम पर उठते बड़े सवाल अगर आपको यह वीडियो पसंद आए तो इसे Like करें, अपने दोस्तों के साथ Share करें और देश-दुनिया की ऐसी ही बड़ी खबरों के लिए G Express को Subscribe करना न भूलें। #BalliaNews #Ragini #UPNews #ViralVideo #HindiNews #MotivationalStory #DMBallia #UttarPradesh #BreakingNews #GExpress1
- यूकेडी ने गैरसैंण, पलायन और रोजगार के मुद्दों पर आंदोलन तेज करने का किया ऐलान अल्मोड़ा। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के नवनियुक्त पदाधिकारियों के प्रथम अल्मोड़ा आगमन पर गुरुवार को कार्यकर्ताओं ने भव्य रैली निकालकर उनका स्वागत किया। गांधी पार्क में आयोजित समारोह में पार्टी नेताओं ने उत्तराखंड के मूल मुद्दों को लेकर जनसंघर्ष तेज करने का संकल्प लेते हुए संगठन को गांव-गांव तक मजबूत बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में नवनियुक्त केंद्रीय उपाध्यक्ष दिनेश कुंजवाल, कुमाऊं मंडल प्रभारी चंदन लोधियाल, युवा प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष रवि नेगी, महानगर युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष वंश कनवाल, महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष देवकी कनवाल, राज्य आंदोलनकारी प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष बसंत बल्लभ जोशी तथा सैनिक प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष चंदन सिंह मुस्यूनी का कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का गठन पहाड़ के लोगों के अधिकार, सम्मान, रोजगार और समग्र विकास के उद्देश्य से हुआ था, लेकिन आज भी पलायन, बेरोजगारी, खाली होते गांव, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय संसाधनों पर अधिकार जैसे मूल प्रश्न जस के तस बने हुए हैं। यूकेडी के संस्थापक सदस्य खड़ग सिंह बगड़वाल ने कहा कि पार्टी का संघर्ष सत्ता हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि उत्तराखंड की अस्मिता और राज्यवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को गांव-गांव तक मजबूत कर जनसरोकारों के मुद्दों को आंदोलन का आधार बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड की अस्मिता की रक्षा, गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने, जल-जंगल-जमीन पर स्थानीय लोगों के अधिकार सुनिश्चित करने, पलायन रोकने, युवाओं के रोजगार, महिलाओं, सैनिकों एवं राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार जैसे मुद्दों पर जनआंदोलन को और मजबूत करने का संकल्प लिया। समारोह में यूकेडी जिलाध्यक्ष दिनेश जोशी, केंद्रीय मंत्री गिरीश गोस्वामी, जिला उपाध्यक्ष सुजीत टम्टा, विनय किरौला सहित विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- राजधानी दिल्ली में यह क्या हो रहा है। समझ से परे है। हद हो गई राजधानी दिल्ली में यह क्या हो रहा है। समझ से परे है। वीडियो देखें3
- नैनीताल-ज्योलीकोट मार्ग सुचारू: भारी बारिश के बीच पुलिस की तत्परता से मलबा हटाकर यातायात किया बहाल अचानक भारी मलबा आने से बाधित हुए नैनीताल–ज्योलीकोट मार्ग को ज्योलिकोट पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुचारू करवाया गया। हाईवे पेट्रोल ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने मौके पर मुस्तैदी दिखाते हुए जेसीबी के सहयोग से तुरंत मलबा हटवाया, जिससे आवागमन दोबारा सुचारू रूप से शुरू हुआ। बीते दिनों से हो रही लगातार बारिश के चलते दो गांव के पास ज्योलिकोट–नैनीताल मार्ग पर अचानक रास्ते में मलबा आ गया था, जिससे वाहनों की आवाजाही ठप हो गई और स्थानीय लोगों व यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। सूचना मिलते ही *हाईवे पेट्रोल 3 (ज्योलीकोट) पर तैनात कांस्टेबल अनूप सिंह और कांस्टेबल प्रदीप सिंह* ने बिना किसी देरी के मोर्चा संभाला और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिसकर्मियों के इस त्वरित और सराहनीय प्रयास से मौके पर लंबा जाम लगने से बच गया। समय रहते रास्ता खुलने से यात्रियों और स्थानीय निवासियों ने बड़ी राहत की सांस ली है और पुलिस की इस तत्परता की सराहना की है।3
- बाराकोट के प्रकाश राम ने पहाड़ में खड़ा किया मत्स्य पालन का मॉडल, 10 तालाबों से सालाना 2 से 2.50 लाख रुपये की आय बाराकोट के प्रकाश राम ने पहाड़ में खड़ा किया मत्स्य पालन का मॉडल, 10 तालाबों से सालाना 2 से 2.50 लाख रुपये की आय चम्पावत, 03 सितम्बर 2026। पर्वतीय क्षेत्रों में सीमित संसाधनों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद स्वरोजगार की नई राह तलाश रहे चम्पावत के प्रकाश राम आज ग्रामीण आत्मनिर्भरता की मिसाल बनकर उभरे हैं। विकासखंड बाराकोट के ग्राम धटीगांव निवासी प्रकाश राम ने मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना का लाभ उठाकर मत्स्य पालन को अपनी आजीविका का साधन बनाया है। करीब तीन वर्ष पूर्व मत्स्य पालन की शुरुआत करने वाले प्रकाश राम ने मेहनत, लगन और विभागीय सहयोग से अब 10 तालाबों का मत्स्य क्लस्टर तैयार कर लिया है। इन तालाबों से वर्तमान में प्रतिवर्ष करीब 6 क्विंटल मछली का उत्पादन हो रहा है। इससे उन्हें सालाना लगभग 2 से 2.50 लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है। पर्वतीय क्षेत्र में जल और भूमि जैसे स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग कर प्रकाश राम ने स्वरोजगार का एक ऐसा मॉडल तैयार किया है, जिससे अन्य ग्रामीण और युवा भी प्रेरित हो रहे हैं। प्रकाश राम एड़ी देवता मत्स्य जीवी सहकारी समिति, इजड़ा के माध्यम से क्षेत्र के ग्रामीणों को भी मत्स्य पालन से जोड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनके प्रयासों से स्थानीय स्तर पर लोगों में मत्स्य पालन को व्यवसाय के रूप में अपनाने की रुचि बढ़ रही है। सरकार की ओर से बताया गया कि इस तरह की योजनाओं का उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर ग्रामीणों को स्वरोजगार उपलब्ध कराना, उनकी आय बढ़ाना और पलायन को रोकने की दिशा में काम करना है। प्रकाश राम की सफलता यह दिखाती है कि पहाड़ की कठिन परिस्थितियों में भी स्थानीय भूमि और जल संसाधनों का सही उपयोग कर स्वरोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं। उनकी उपलब्धि क्षेत्र के अन्य किसानों और युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही है।3
- सीएम धामी ने एलओपी राहुल गांधी के लिए क्या कहा, वीडियो देखिए पितृसत्ता की वकालत और महिला अधिकारों का ढोंग करने वाले राहुल गांधी की पार्टी कांग्रेस के शासन में केरलम में महिलाओं को घर की चारदीवारी तक सीमित रखने संबंधी ग्रैंड मुफ्ती का बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक है। इससे भी अधिक चिंता की बात यह है कि ऐसे बयान के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। यह साफ दिखाता है कि कांग्रेस की महिलाओं के सम्मान, स्वतंत्रता और अधिकारों को लेकर वास्तविक सोच किस स्तर तक गिर चुकी है। वहीं, आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में हमारी सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर देने के लिए लगातार काम कर रही है। आज देश की बेटियां शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता, सेना, खेल और राजनीति सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।1