बागेश्वर धाम में 303 कन्याओं का भव्य निःशुल्क विवाह सम्मेलन पंडित धीरेंद्र शास्त्री के नेतृत्व में ग्राम गड़ा, मध्य प्रदेश में आयोजित समारोह में साधु-संत, प्रशासनिक अधिकारी और देशभर से आए श्रद्धालु हुए शामिल। मध्य प्रदेश के ग्राम गड़ा स्थित बागेश्वर धाम में पंडित धीरेंद्र शास्त्री के नेतृत्व में 303 कन्याओं का भव्य निःशुल्क विवाह सम्मेलन अत्यंत श्रद्धा और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन में देश के विभिन्न भागों से आए साधु-संतों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता कर नवविवाहित वर-वधुओं को आशीर्वाद प्रदान किया। विवाह सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन स्थल पर भव्य पंडाल, वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न कराए गए। समारोह में राष्ट्रध्वजों की सजावट और सांस्कृतिक वातावरण ने कार्यक्रम की भव्यता को और बढ़ा दिया। कार्यक्रम को सोशल मीडिया पर भी व्यापक रूप से देखा गया, जहां लाखों लोगों ने लाइव प्रसारण के माध्यम से इस पुनीत आयोजन का साक्षी बनकर अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। आयोजन स्थल पर भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर इस सामूहिक विवाह सम्मेलन को ऐतिहासिक बना दिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के निःशुल्क विवाह सम्मेलन समाज में समानता, सहयोग और सेवा भाव को मजबूत करते हैं। बागेश्वर धाम द्वारा किया गया यह आयोजन सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है।
बागेश्वर धाम में 303 कन्याओं का भव्य निःशुल्क विवाह सम्मेलन पंडित धीरेंद्र शास्त्री के नेतृत्व में ग्राम गड़ा, मध्य प्रदेश में आयोजित समारोह में साधु-संत, प्रशासनिक अधिकारी और देशभर से आए श्रद्धालु हुए शामिल। मध्य प्रदेश के ग्राम गड़ा स्थित बागेश्वर धाम में पंडित धीरेंद्र शास्त्री के नेतृत्व में 303 कन्याओं का भव्य निःशुल्क विवाह सम्मेलन अत्यंत श्रद्धा और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन में देश के विभिन्न भागों से आए साधु-संतों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता कर नवविवाहित वर-वधुओं को आशीर्वाद प्रदान किया। विवाह सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन स्थल पर भव्य पंडाल, वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न कराए गए। समारोह में राष्ट्रध्वजों की सजावट और सांस्कृतिक वातावरण ने कार्यक्रम की भव्यता को और बढ़ा दिया। कार्यक्रम को सोशल मीडिया पर भी व्यापक रूप से देखा गया, जहां लाखों लोगों ने लाइव प्रसारण के माध्यम से इस पुनीत आयोजन का साक्षी बनकर अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। आयोजन स्थल पर भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर इस सामूहिक विवाह सम्मेलन को ऐतिहासिक बना दिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के निःशुल्क विवाह सम्मेलन समाज में समानता, सहयोग और सेवा भाव को मजबूत करते हैं। बागेश्वर धाम द्वारा किया गया यह आयोजन सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है।
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- महाशिवरात्रि पर भारत की धमाकेदार जीत, टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को दी करारी शिकस्त1
- महावीर नगर में तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से बुजुर्ग घायल, सिर में गंभीर चोट स्क्रिप्ट: कोटा के महावीर नगर थाना इलाके में तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से एक बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार मोखापाड़ा निवासी 68 वर्षीय ईश्वर चंद कहार किसी कार्यक्रम के तहत श्रीराम सर्कल के पास एक दुकान के उद्घाटन में शामिल होने गए थे। इसी दौरान वे कुर्सी लेकर सड़क पार कर रहे थे, तभी तेज गति से आई पल्सर बाइक पर सवार दो युवकों ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में ईश्वर चंद के सिर में करीब 4 इंच गहरा घाव हो गया, साथ ही आंख और हाथ की उंगलियों में भी चोट आई। घायल को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के बाद हालत नियंत्रण में होने पर छुट्टी दे दी गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। पीड़ित के बेटे ने मामले की शिकायत महावीर नगर थाने में दर्ज कराई है, जिस पर पुलिस जांच कर रही है।1
- EK KAHANI....... JAY JAVAN JAY KISAN.1
- पंडित धीरेंद्र शास्त्री के नेतृत्व में ग्राम गड़ा, मध्य प्रदेश में आयोजित समारोह में साधु-संत, प्रशासनिक अधिकारी और देशभर से आए श्रद्धालु हुए शामिल। मध्य प्रदेश के ग्राम गड़ा स्थित बागेश्वर धाम में पंडित धीरेंद्र शास्त्री के नेतृत्व में 303 कन्याओं का भव्य निःशुल्क विवाह सम्मेलन अत्यंत श्रद्धा और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन में देश के विभिन्न भागों से आए साधु-संतों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता कर नवविवाहित वर-वधुओं को आशीर्वाद प्रदान किया। विवाह सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन स्थल पर भव्य पंडाल, वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न कराए गए। समारोह में राष्ट्रध्वजों की सजावट और सांस्कृतिक वातावरण ने कार्यक्रम की भव्यता को और बढ़ा दिया। कार्यक्रम को सोशल मीडिया पर भी व्यापक रूप से देखा गया, जहां लाखों लोगों ने लाइव प्रसारण के माध्यम से इस पुनीत आयोजन का साक्षी बनकर अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। आयोजन स्थल पर भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर इस सामूहिक विवाह सम्मेलन को ऐतिहासिक बना दिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के निःशुल्क विवाह सम्मेलन समाज में समानता, सहयोग और सेवा भाव को मजबूत करते हैं। बागेश्वर धाम द्वारा किया गया यह आयोजन सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है।1
- प्रख्यात संत प्रेमानंद महाराज ने परिवार की एकता को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए कहा कि जिस घर में आपसी प्रेम, सम्मान और संवाद बना रहता है वहां सुख-शांति और समृद्धि स्वयं आती है। उन्होंने अपने प्रवचन में कहा कि परिवार केवल खून का रिश्ता नहीं बल्कि विश्वास और त्याग की डोर से बंधा एक पवित्र संबंध है। यदि परिवार के सदस्य एक-दूसरे की भावनाओं को समझें और छोटी-छोटी बातों को लेकर मन में दूरी न आने दें तो हर कठिनाई आसान हो जाती है। महाराज ने युवाओं को संदेश दिया कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ में भी परिवार को समय देना आवश्यक है, क्योंकि मजबूत परिवार ही मजबूत समाज की नींव होता है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद कभी न होने दें और परिवार को जोड़कर रखने का संकल्प लें।1
- कोटा मंडल की ऐतिहासिक उपलब्धि: सफल परीक्षण पूरा -10 मिनट में इंजन की सफाई, 75-80% जल पुनर्चक्रण से पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बल कोटा। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने रेलवे इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। तुगलकाबाद विद्युत लोको शेड में देश का पहला स्वचालित लोको धुलाई संयंत्र स्थापित किया गया है। मंडल रेल प्रबंधक अनिल कालरा के मार्गदर्शन में विकसित इस अत्याधुनिक संयंत्र का सफल परीक्षण हाल ही में पूरा किया गया, जिसमें दो विद्युत इंजनों की धुलाई कर इसकी कार्यक्षमता सिद्ध की गई। संयंत्र का औपचारिक कमीशनिंग जल्द ही किया जाएगा। आधुनिक तकनीक से तेज और पर्यावरण अनुकूल सफाई टेक्शन रोलिंग स्टॉक मोहन सिंह मीणा के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में स्थापित इस संयंत्र की क्षमता बेहद प्रभावशाली है। एक इंजन की धुलाई में अधिकतम 10 मिनट का समय लगता है। प्रतिदिन न्यूनतम 25 इंजनों की सफाई संभव। प्रति इंजन अधिकतम 350 लीटर ताजे पानी का उपयोग। उपयोग किए गए जल का 75-80 प्रतिशत पुनर्चक्रित किया जाता है। इसके लिए संयंत्र में 20 हजार लीटर क्षमता की भूमिगत जल भंडारण टंकी, दस-दस हजार लीटर क्षमता के सॉफ्ट वाटर एवं पुनर्चक्रित जल टैंक लगाए गए हैं। संयंत्र में आधुनिक यूनिटें स्थापित की गई हैं। जिनमें डिटर्जेंट यूनिट, ब्रशिंग यूनिट, वॉश ऑफ यूनिट, जल शोधन संयंत्र (200 लीटर रेजिन टंकी), अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र (200 लीटर रासायनिक टंकी सहित) आदि प्रणालियां मिलकर धुलाई प्रक्रिया को पर्यावरण अनुकूल, टिकाऊ और उच्च मानकों वाली बनाती हैं। रेलवे के लिए महत्वपूर्ण कदम वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि यह संयंत्र इंजनों की धुलाई को तेज, आधुनिक और मानकीकृत बनाएगा। साथ ही जल संरक्षण तथा पर्यावरणीय दायित्वों के निर्वहन में बड़ा योगदान देगा। इससे रखरखाव प्रणाली में गुणवत्ता, समयबद्धता और स्वच्छता के उच्च मानक स्थापित होंगे।1
- कोटा में मामूली रुपए का विवाद खूनी वारदात में बदल गया। 300 रुपए को लेकर हुए झगड़े में रमेश बैरवा (40) की हत्या कर दी गई। मृतक रमेश बैरवा अपने साथी परमा के साथ टपरी बनाकर रहता था। दोनों पत्थर काटने का काम करते थे। लंबे समय से साथ मजदूरी कर रहे थे।1