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गुलाबी नगरी शर्मसार: जयपुर में विदेशी महिला पर्यटक से ऑटो चालक का भद्दी गालीयां सिखाने का वीडियो वायरल , ‘पधारो म्हारे देश’ की परंपरा को लगी ठेस ​जयपुर। राजस्थान अपनी जिस ‘अतिथि देवो भव:’ और ‘पधारो म्हारे देश’ की गौरवशाली संस्कृति के लिए दुनिया भर में जाना जाता है, उसकी साख पर जयपुर में एक शर्मनाक घटना ने गहरा धब्बा लगा दिया है। राजधानी जयपुर से सोशल मीडिया पर बड़ी ही तेजी से वायरल होते हुए एक वीडियो ने न केवल पुलिस प्रशासन की चौकसी पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पर्यटन विभाग को भी सकते में डाल दिया है। ​क्या है पूरा मामला? ​सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे एक वीडियो में देखा जा सकता है कि जयपुर घूमने आई एक विदेशी महिला पर्यटक के साथ ऑटो चालक ने बेहद ओछी और अश्लील गालियां निकलाने की शर्मनाक हरकत की। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान और भारत की छवि धूमिल होती है। ​प्रशासन की कार्रवाई और चुनौती ​वीडियो के वायरल होते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। इस मामले ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था और 'टूरिस्ट पुलिस' की कार्यप्रणाली पर बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। ​ ​पर्यटन विभाग: विभाग के अधिकारियों ने इस घटना पर चिंता जताते हुए पर्यटकों की सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की बात कही है। ​पर्यटन पर असर का डर ​जयपुर की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा पर्यटन पर टिका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विदेशी मेहमानों के साथ इस तरह का व्यवहार होगा, तो भविष्य में यह पर्यटन उद्योग के लिए आत्मघाती साबित हो सकता है। गुलाबी नगरी के मान-सम्मान को बचाने के लिए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है। ​"अतिथि हमारे देश की शान हैं। ऐसी हरकतें न केवल अपराध हैं, बल्कि हमारी सदियों पुरानी संस्कृति का अपमान भी हैं। आरोपियों को सख्त सजा मिलनी ही चाहिए।" — एक स्थानीय नागरिक

18 hrs ago
user_Raj Kumar Chaturvedi
Raj Kumar Chaturvedi
Local News Reporter Bandikui, Dausa•
18 hrs ago

गुलाबी नगरी शर्मसार: जयपुर में विदेशी महिला पर्यटक से ऑटो चालक का भद्दी गालीयां सिखाने का वीडियो वायरल , ‘पधारो म्हारे देश’ की परंपरा को लगी ठेस ​जयपुर। राजस्थान अपनी जिस ‘अतिथि देवो भव:’ और ‘पधारो म्हारे देश’ की गौरवशाली संस्कृति के लिए दुनिया भर में जाना जाता है, उसकी साख पर जयपुर में एक शर्मनाक घटना ने गहरा धब्बा लगा दिया है। राजधानी जयपुर से सोशल मीडिया पर बड़ी ही तेजी से वायरल होते हुए एक वीडियो ने न केवल पुलिस प्रशासन की चौकसी पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पर्यटन विभाग को भी सकते में डाल दिया है। ​क्या है पूरा मामला? ​सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे एक वीडियो में देखा जा सकता है कि जयपुर घूमने आई एक विदेशी महिला पर्यटक के साथ ऑटो चालक ने बेहद ओछी और अश्लील गालियां निकलाने की शर्मनाक हरकत की। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान और भारत की छवि धूमिल होती है। ​प्रशासन की कार्रवाई और चुनौती ​वीडियो के वायरल होते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। इस मामले ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था और 'टूरिस्ट पुलिस' की कार्यप्रणाली पर बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। ​ ​पर्यटन विभाग: विभाग के अधिकारियों ने इस घटना पर चिंता जताते हुए पर्यटकों की सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की बात कही है। ​पर्यटन पर असर का डर ​जयपुर की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा पर्यटन पर टिका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विदेशी मेहमानों के साथ इस तरह का व्यवहार होगा, तो भविष्य में यह पर्यटन उद्योग के लिए आत्मघाती साबित हो सकता है। गुलाबी नगरी के मान-सम्मान को बचाने के लिए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है। ​"अतिथि हमारे देश की शान हैं। ऐसी हरकतें न केवल अपराध हैं, बल्कि हमारी सदियों पुरानी संस्कृति का अपमान भी हैं। आरोपियों को सख्त सजा मिलनी ही चाहिए।" — एक स्थानीय नागरिक

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  • ​जयपुर। राजस्थान अपनी जिस ‘अतिथि देवो भव:’ और ‘पधारो म्हारे देश’ की गौरवशाली संस्कृति के लिए दुनिया भर में जाना जाता है, उसकी साख पर जयपुर में एक शर्मनाक घटना ने गहरा धब्बा लगा दिया है। राजधानी जयपुर से सोशल मीडिया पर बड़ी ही तेजी से वायरल होते हुए एक वीडियो ने न केवल पुलिस प्रशासन की चौकसी पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पर्यटन विभाग को भी सकते में डाल दिया है। ​क्या है पूरा मामला? ​सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे एक वीडियो में देखा जा सकता है कि जयपुर घूमने आई एक विदेशी महिला पर्यटक के साथ ऑटो चालक ने बेहद ओछी और अश्लील गालियां निकलाने की शर्मनाक हरकत की। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान और भारत की छवि धूमिल होती है। ​प्रशासन की कार्रवाई और चुनौती ​वीडियो के वायरल होते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। इस मामले ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था और 'टूरिस्ट पुलिस' की कार्यप्रणाली पर बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। ​ ​पर्यटन विभाग: विभाग के अधिकारियों ने इस घटना पर चिंता जताते हुए पर्यटकों की सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की बात कही है। ​पर्यटन पर असर का डर ​जयपुर की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा पर्यटन पर टिका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विदेशी मेहमानों के साथ इस तरह का व्यवहार होगा, तो भविष्य में यह पर्यटन उद्योग के लिए आत्मघाती साबित हो सकता है। गुलाबी नगरी के मान-सम्मान को बचाने के लिए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है। ​"अतिथि हमारे देश की शान हैं। ऐसी हरकतें न केवल अपराध हैं, बल्कि हमारी सदियों पुरानी संस्कृति का अपमान भी हैं। आरोपियों को सख्त सजा मिलनी ही चाहिए।" — एक स्थानीय नागरिक
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    ​जयपुर। राजस्थान अपनी जिस ‘अतिथि देवो भव:’ और ‘पधारो म्हारे देश’ की गौरवशाली संस्कृति के लिए दुनिया भर में जाना जाता है, उसकी साख पर जयपुर में एक शर्मनाक घटना ने गहरा धब्बा लगा दिया है। राजधानी जयपुर से सोशल मीडिया पर बड़ी ही तेजी से वायरल होते हुए एक वीडियो ने न केवल पुलिस प्रशासन की चौकसी पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पर्यटन विभाग को भी सकते में डाल दिया है।
​क्या है पूरा मामला?
​सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे एक वीडियो में देखा जा सकता है कि जयपुर घूमने आई एक विदेशी महिला पर्यटक के साथ ऑटो चालक ने बेहद ओछी और अश्लील गालियां निकलाने की शर्मनाक हरकत की। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान और भारत की छवि धूमिल होती है।
​प्रशासन की कार्रवाई और चुनौती
​वीडियो के वायरल होते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। इस मामले ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था और 'टूरिस्ट पुलिस' की कार्यप्रणाली पर बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
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​पर्यटन विभाग: विभाग के अधिकारियों ने इस घटना पर चिंता जताते हुए पर्यटकों की सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की बात कही है।
​पर्यटन पर असर का डर
​जयपुर की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा पर्यटन पर टिका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विदेशी मेहमानों के साथ इस तरह का व्यवहार होगा, तो भविष्य में यह पर्यटन उद्योग के लिए आत्मघाती साबित हो सकता है। गुलाबी नगरी के मान-सम्मान को बचाने के लिए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है।
​"अतिथि हमारे देश की शान हैं। ऐसी हरकतें न केवल अपराध हैं, बल्कि हमारी सदियों पुरानी संस्कृति का अपमान भी हैं। आरोपियों को सख्त सजा मिलनी ही चाहिए।" — एक स्थानीय नागरिक
    user_Raj Kumar Chaturvedi
    Raj Kumar Chaturvedi
    Local News Reporter Bandikui, Dausa•
    18 hrs ago
  • दौसा। मंगलवार को कुण्डल क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर मुख्यालय पहुंचे और MDR 48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) का कार्य को पुन: जल्दी शुरू करने को लेकर ज्ञापन दिया। ग्रामीणों ने बताया है कि इससे कुण्डल में MDR 48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) का सैशन सन् 1979 में स्वीकृत हुआ था और 1984 में इस रोड़ का निर्माण कार्य करवाया गया था वो रोड़ आज भी बना हुआ है जो की अधुरा पड़ा हुआ है उस पर डामर डालनी बाकी थी तो उस समय एक दो लोगों की वजह से स्टे लगा दिया गया था वो उस समय पर वो कार्य रुक गया था जिसमें 1984 में गांव के लोगों को उस समय पर मुआवजा राशि भी प्रदान कर दिया था। *ज्ञापन में ग्रामीणों की मांग* प्रस्तावित MDR-48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78) की प्रमुख विशेषताएँ *लाभ* 1. यह सड़क ग्राम/कस्बे के नजदीक से होकर गुजरती है,जिससे स्थानीय आवागमन सुगम होगा। 2. ग्राम के मुख्य बाजार से सीधा जुड़ाव स्थापित होगा। 3. यह मार्ग कई गांवों को जोड़ता है- खोर्रा खुर्द, चौबडीवाला,सौरतलाई दुड़की,बगडे़डा़,भावती, 4. उरवाडी,कोलेश्वर,चांदेरा, रेहड़िया,एवं नारायणी माता रोड को भी कनेक्टिविटी मिलेगी। 4. यह मार्ग भांवता में स्थित प्रसिद्ध संत महाराज मंदिर तथा ढखोड़वाले बालाजी मंदिर व दुर्गा माता मंदिर से भी जुड़ता है,जिससे धार्मिक आवागमन बढ़ेगा। 5. इस सड़क के माध्यम से थानागाजी, टहला, प्रतापगढ़, गोलाकाबास, भानगढ़,नारायणी माता एवं भर्तहरी धाम तक आवागमन सरल होगा। 6. सड़क से सीनियर सेकेंडरी स्कूल, महात्मा गांधी स्कूल,संस्कृत स्कूल सीधे जुड़े हुए हैं। 7. प्रमुख सरकारी सस्थान जैसे पोस्ट ऑफिस, वन विभाग कार्यालय, पंचायत भवन,पटवार भवन, वर्तमान तहसील भवन एवं आईटी केंद्र इस मार्ग से जुड़े हैं। 8. यह मार्ग निर्माणाधीन तहसील भवन,प्रस्तावित CHC अस्पताल,प्रस्तावित पुलिस थाना एवं ईसरदा बांध परियोजना की जलदाय टंकी तक पहुँच के लिए महत्वपूर्ण लिंक रोड का कार्य करेगा। 9. मार्ग के आसपास सिवाईचक एवं चारागाह भूमि उपलब्ध है,जिससे भविष्य में महावि‌द्यालय, SDM कार्यालय, XEN कार्यालय स्थापित किए जा सकते हैं। 10. यह सडक अधिकांशतः ग्राम सीमा के बाहर से होकर गुजरती है, और इसमें किसी प्रकार का पक्का निर्माण बाधित नहीं होता। 11. पूर्व में अधिकाश भूमि का मुआवजा दिया जा चुका है,जिससे सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ेगा। 12. इस मार्ग के निर्माण में अपेक्षाकृत कम लागत आएगी तथा क्षेत्र का समय पर विकास होगा। *वर्तमान स्टेट हाईवे-78 (कुण्डल-बांदीकुई मार्ग) से संबंधित समस्याएँ* 1. वर्तमान मार्ग एक प्राकृतिक बरसाती नाला (पंथ)जो की लगभग 64 फीट का है, जो तकनीकी दृष्टि से उपयुक्त नहीं है। 2. लगभग 8-10 गांवों का व 10 किलोमीटर पहाड़ी क्षेत्र का पानी इसी मार्ग से आता है,जिससे गांव के अन्दर भारी जलभराव होता है। 3. वर्षा के समय पानी वापस कुण्डल गाँव में भर जाता है, क्योंकि आगे निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे गांव में बाढ़ जैसी स्थिति बनती है। 4. इस मार्ग पर बने 7-8 गरीब परिवारों के इंदिरा आवास प्रभावित होते हैं, जिन्हें हटाने पर वे बेघर हो जाएंगे। 5. सड़क की चौड़ाई कम एवं मोड़ अधिक होने के कारण यह मार्ग सुरक्षित नहीं है। 6. इस मार्ग पर स्थित पुरानी बावड़ी एवं पौराणिक गोपाल जी महाराज मंदिर को भी नुकसान की आशंका है। 7. यह मार्ग मूलतः जल निकासी (नाला) के रूप में दर्ज है, जहाँ सरकारी रिकॉर्ड में रास्ता भी अवरुद्ध दर्शाया गया है। इस दौरान हरिनारायण शर्मा, शर्माजी बावड़ीवाला, लालाराम जांगिड़, पवन कुमार शर्मा,रवि उपाध्याय,विमल प्रजापति, कैलाश शर्मा, लरोहिताश शर्मा, निक्की शर्मा,दिलखुश शर्मा, देवेंद्र शर्मा,मनीष कुमार शर्मा एवं दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
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    दौसा। मंगलवार को कुण्डल क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर मुख्यालय पहुंचे और MDR 48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) का कार्य को पुन: जल्दी शुरू करने को लेकर ज्ञापन दिया। ग्रामीणों ने बताया है कि इससे कुण्डल में MDR 48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) का सैशन सन् 1979 में स्वीकृत हुआ था और 1984 में इस रोड़ का निर्माण कार्य करवाया गया था वो रोड़ आज भी बना हुआ है जो की अधुरा पड़ा हुआ है उस पर डामर डालनी बाकी थी तो उस समय एक दो लोगों की वजह से स्टे लगा दिया गया था वो उस समय पर वो कार्य रुक गया था जिसमें 1984 में गांव के लोगों को उस समय पर मुआवजा राशि भी प्रदान कर दिया था।
*ज्ञापन में ग्रामीणों की मांग* 
प्रस्तावित MDR-48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78) की प्रमुख विशेषताएँ 
*लाभ*
1. यह सड़क ग्राम/कस्बे के नजदीक से होकर गुजरती है,जिससे स्थानीय आवागमन सुगम होगा।
2. ग्राम के मुख्य बाजार से सीधा जुड़ाव स्थापित होगा।
3. यह मार्ग कई गांवों को जोड़ता है- खोर्रा खुर्द, चौबडीवाला,सौरतलाई दुड़की,बगडे़डा़,भावती,
4. उरवाडी,कोलेश्वर,चांदेरा, रेहड़िया,एवं नारायणी माता रोड को भी कनेक्टिविटी मिलेगी।
4. यह मार्ग भांवता में स्थित प्रसिद्ध संत महाराज मंदिर तथा ढखोड़वाले बालाजी मंदिर व दुर्गा माता मंदिर से भी जुड़ता है,जिससे धार्मिक आवागमन बढ़ेगा।
5. इस सड़क के माध्यम से थानागाजी, टहला, प्रतापगढ़, गोलाकाबास, भानगढ़,नारायणी माता एवं भर्तहरी धाम तक आवागमन सरल होगा।
6. सड़क से सीनियर सेकेंडरी स्कूल, महात्मा गांधी स्कूल,संस्कृत स्कूल सीधे जुड़े हुए हैं।
7. प्रमुख सरकारी सस्थान जैसे पोस्ट ऑफिस, वन विभाग कार्यालय, पंचायत भवन,पटवार भवन, वर्तमान तहसील भवन एवं आईटी केंद्र इस मार्ग से जुड़े हैं।
8. यह मार्ग निर्माणाधीन तहसील भवन,प्रस्तावित CHC अस्पताल,प्रस्तावित पुलिस थाना एवं ईसरदा बांध परियोजना की जलदाय टंकी तक पहुँच के लिए महत्वपूर्ण लिंक रोड का कार्य करेगा।
9. मार्ग के आसपास सिवाईचक एवं चारागाह भूमि उपलब्ध है,जिससे भविष्य में महावि‌द्यालय, SDM कार्यालय, XEN कार्यालय स्थापित किए जा सकते हैं।
10. यह सडक अधिकांशतः ग्राम सीमा के बाहर से होकर गुजरती है, और इसमें किसी प्रकार का पक्का निर्माण बाधित नहीं होता।
11. पूर्व में अधिकाश भूमि का मुआवजा दिया जा चुका है,जिससे सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ेगा।
12. इस मार्ग के निर्माण में अपेक्षाकृत कम लागत आएगी तथा क्षेत्र का समय पर विकास होगा।
*वर्तमान स्टेट हाईवे-78 (कुण्डल-बांदीकुई मार्ग) से संबंधित समस्याएँ*
1. वर्तमान मार्ग एक प्राकृतिक बरसाती नाला (पंथ)जो की लगभग 64 फीट का है, जो तकनीकी दृष्टि से उपयुक्त नहीं है।
2. लगभग 8-10 गांवों का व 10 किलोमीटर पहाड़ी क्षेत्र का पानी इसी मार्ग से आता है,जिससे गांव के अन्दर भारी जलभराव होता है।
3. वर्षा के समय पानी वापस कुण्डल गाँव में भर जाता है, क्योंकि आगे निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे गांव में बाढ़ जैसी स्थिति बनती है।
4. इस मार्ग पर बने 7-8 गरीब परिवारों के इंदिरा आवास प्रभावित होते हैं, जिन्हें हटाने पर वे बेघर हो जाएंगे।
5. सड़क की चौड़ाई कम एवं मोड़ अधिक होने के कारण यह मार्ग सुरक्षित नहीं है।
6. इस मार्ग पर स्थित पुरानी बावड़ी एवं पौराणिक गोपाल जी महाराज मंदिर को भी नुकसान की आशंका है।
7. यह मार्ग मूलतः जल निकासी (नाला) के रूप में दर्ज है, जहाँ सरकारी रिकॉर्ड में रास्ता भी अवरुद्ध दर्शाया गया है।
इस दौरान हरिनारायण शर्मा, शर्माजी बावड़ीवाला, लालाराम जांगिड़, पवन कुमार शर्मा,रवि उपाध्याय,विमल प्रजापति, कैलाश शर्मा, लरोहिताश शर्मा, निक्की शर्मा,दिलखुश शर्मा, देवेंद्र शर्मा,मनीष कुमार शर्मा एवं दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
    user_RIVENDRA KUMAR SHARMA
    RIVENDRA KUMAR SHARMA
    Local News Reporter Dausa, Rajasthan•
    3 hrs ago
  • दौसा। मंगलवार को कुण्डल क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर मुख्यालय पहुंचे और MDR 48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) का कार्य को पुन: जल्दी शुरू करने को लेकर ज्ञापन दिया। ग्रामीणों ने बताया है कि इससे कुण्डल में MDR 48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) का सैशन सन् 1979 में स्वीकृत हुआ था और 1984 में इस रोड़ का निर्माण कार्य करवाया गया था वो रोड़ आज भी बना हुआ है जो की अधुरा पड़ा हुआ है उस पर डामर डालनी बाकी थी तो उस समय कुछ व्यक्तियों के द्वारा स्टे लगा दिया गया था इसके चलते कार्य रुक गया था जिसमें 1984 में ग्रामीणों को मुआवजा राशि भी प्रदान कर दि गई थी। *ज्ञापन में ग्रामीणों की मांग* *प्रस्तावित MDR-48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78) की प्रमुख विशेषताएँ एवं लाभ* 1. यह सड़क ग्राम/कस्बे के नजदीक से होकर गुजरती है,जिससे स्थानीय आवागमन सुगम होगा। 2. ग्राम के मुख्य बाजार से सीधा जुड़ाव स्थापित होगा। 3. यह मार्ग कई गांवों को जोड़ता है- खोर्रा खुर्द, चौबडीवाला,सौरतलाई दुड़की,बगडे़डा़,भावती, 4. उरवाडी,कोलेश्वर,चांदेरा, रेहड़िया,एवं नारायणी माता रोड को भी कनेक्टिविटी मिलेगी। 4. यह मार्ग भांवता में स्थित प्रसिद्ध संत महाराज मंदिर तथा ढखोड़वाले बालाजी मंदिर व दुर्गा माता मंदिर से भी जुड़ता है,जिससे धार्मिक आवागमन बढ़ेगा। 5. इस सड़क के माध्यम से थानागाजी, टहला, प्रतापगढ़, गोलाकाबास, भानगढ़,नारायणी माता एवं भर्तहरी धाम तक आवागमन सरल होगा। 6. सड़क से सीनियर सेकेंडरी स्कूल, महात्मा गांधी स्कूल,संस्कृत स्कूल सीधे जुड़े हुए हैं। 7. प्रमुख सरकारी सस्थान जैसे पोस्ट ऑफिस, वन विभाग कार्यालय, पंचायत भवन,पटवार भवन, वर्तमान तहसील भवन एवं आईटी केंद्र इस मार्ग से जुड़े हैं। 8. यह मार्ग निर्माणाधीन तहसील भवन,प्रस्तावित CHC अस्पताल,प्रस्तावित पुलिस थाना एवं ईसरदा बांध परियोजना की जलदाय टंकी तक पहुँच के लिए महत्वपूर्ण लिंक रोड का कार्य करेगा। 9. मार्ग के आसपास सिवाईचक एवं चारागाह भूमि उपलब्ध है,जिससे भविष्य में महावि‌द्यालय, SDM कार्यालय, XEN कार्यालय स्थापित किए जा सकते हैं। 10. यह सडक अधिकांशतः ग्राम सीमा के बाहर से होकर गुजरती है, और इसमें किसी प्रकार का पक्का निर्माण बाधित नहीं होता। 11. पूर्व में अधिकाश भूमि का मुआवजा दिया जा चुका है,जिससे सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ेगा। 12. इस मार्ग के निर्माण में अपेक्षाकृत कम लागत आएगी तथा क्षेत्र का समय पर विकास होगा। *वर्तमान स्टेट हाईवे-78 (कुण्डल-बांदीकुई मार्ग) से संबंधित समस्याएँ एवं हानि* 1. वर्तमान मार्ग एक प्राकृतिक बरसाती नाला (पंथ)जो की लगभग 64 फीट का है, जो तकनीकी दृष्टि से उपयुक्त नहीं है। 2. लगभग 8-10 गांवों का व 10 किलोमीटर पहाड़ी क्षेत्र का पानी इसी मार्ग से आता है,जिससे गांव के अन्दर भारी जलभराव होता है। 3. वर्षा के समय पानी वापस कुण्डल गाँव में भर जाता है, क्योंकि आगे निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे गांव में बाढ़ जैसी स्थिति बनती है। 4. इस मार्ग पर बने 7-8 गरीब परिवारों के इंदिरा आवास प्रभावित होते हैं, जिन्हें हटाने पर वे बेघर हो जाएंगे। 5. सड़क की चौड़ाई कम एवं मोड़ अधिक होने के कारण यह मार्ग सुरक्षित नहीं है। 6. इस मार्ग पर स्थित पुरानी बावड़ी एवं पौराणिक गोपाल जी महाराज मंदिर को भी नुकसान की आशंका है। 7. यह मार्ग मूलतः जल निकासी (नाला) के रूप में दर्ज है, जहाँ सरकारी रिकॉर्ड में रास्ता भी अवरुद्ध दर्शाया गया है। इस दौरान हरिनारायण शर्मा, शर्माजी बावड़ीवाला, लालाराम जांगिड़, पवन कुमार शर्मा,रवि उपाध्याय,विमल प्रजापति, कैलाश शर्मा, लरोहिताश शर्मा, निक्की शर्मा,दिलखुश शर्मा, देवेंद्र शर्मा,मनीष कुमार शर्मा एवं दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
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    दौसा। मंगलवार को कुण्डल क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर मुख्यालय पहुंचे और MDR 48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) का कार्य को पुन: जल्दी शुरू करने को लेकर ज्ञापन दिया। ग्रामीणों ने बताया है कि इससे कुण्डल में MDR 48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) का सैशन सन् 1979 में स्वीकृत हुआ था और 1984 में इस रोड़ का निर्माण कार्य करवाया गया था वो रोड़ आज भी बना हुआ है जो की अधुरा पड़ा हुआ है उस पर डामर डालनी बाकी थी तो उस समय कुछ व्यक्तियों के द्वारा स्टे लगा दिया गया था इसके चलते कार्य रुक गया था जिसमें 1984 में ग्रामीणों को मुआवजा राशि भी प्रदान कर दि गई थी। 
*ज्ञापन में ग्रामीणों की मांग* 
*प्रस्तावित MDR-48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78) की प्रमुख विशेषताएँ एवं लाभ*
1. यह सड़क ग्राम/कस्बे के नजदीक से होकर गुजरती है,जिससे स्थानीय आवागमन सुगम होगा।
2. ग्राम के मुख्य बाजार से सीधा जुड़ाव स्थापित होगा।
3. यह मार्ग कई गांवों को जोड़ता है- खोर्रा खुर्द, चौबडीवाला,सौरतलाई दुड़की,बगडे़डा़,भावती,
4. उरवाडी,कोलेश्वर,चांदेरा, रेहड़िया,एवं नारायणी माता रोड को भी कनेक्टिविटी मिलेगी।
4. यह मार्ग भांवता में स्थित प्रसिद्ध संत महाराज मंदिर तथा ढखोड़वाले बालाजी मंदिर व दुर्गा माता मंदिर से भी जुड़ता है,जिससे धार्मिक आवागमन बढ़ेगा।
5. इस सड़क के माध्यम से थानागाजी, टहला, प्रतापगढ़, गोलाकाबास, भानगढ़,नारायणी माता एवं भर्तहरी धाम तक आवागमन सरल होगा।
6. सड़क से सीनियर सेकेंडरी स्कूल, महात्मा गांधी स्कूल,संस्कृत स्कूल सीधे जुड़े हुए हैं।
7. प्रमुख सरकारी सस्थान जैसे पोस्ट ऑफिस, वन विभाग कार्यालय, पंचायत भवन,पटवार भवन, वर्तमान तहसील भवन एवं आईटी केंद्र इस मार्ग से जुड़े हैं।
8. यह मार्ग निर्माणाधीन तहसील भवन,प्रस्तावित CHC अस्पताल,प्रस्तावित पुलिस थाना एवं ईसरदा बांध परियोजना की जलदाय टंकी तक पहुँच के लिए महत्वपूर्ण लिंक रोड का कार्य करेगा।
9. मार्ग के आसपास सिवाईचक एवं चारागाह भूमि उपलब्ध है,जिससे भविष्य में महावि‌द्यालय, SDM कार्यालय, XEN कार्यालय स्थापित किए जा सकते हैं।
10. यह सडक अधिकांशतः ग्राम सीमा के बाहर से होकर गुजरती है, और इसमें किसी प्रकार का पक्का निर्माण बाधित नहीं होता।
11. पूर्व में अधिकाश भूमि का मुआवजा दिया जा चुका है,जिससे सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ेगा।
12. इस मार्ग के निर्माण में अपेक्षाकृत कम लागत आएगी तथा क्षेत्र का समय पर विकास होगा।
*वर्तमान स्टेट हाईवे-78 (कुण्डल-बांदीकुई मार्ग) से संबंधित समस्याएँ एवं हानि*
1. वर्तमान मार्ग एक प्राकृतिक बरसाती नाला (पंथ)जो की लगभग 64 फीट का है, जो तकनीकी दृष्टि से उपयुक्त नहीं है।
2. लगभग 8-10 गांवों का व 10 किलोमीटर पहाड़ी क्षेत्र का पानी इसी मार्ग से आता है,जिससे गांव के अन्दर भारी जलभराव होता है।
3. वर्षा के समय पानी वापस कुण्डल गाँव में भर जाता है, क्योंकि आगे निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे गांव में बाढ़ जैसी स्थिति बनती है।
4. इस मार्ग पर बने 7-8 गरीब परिवारों के इंदिरा आवास प्रभावित होते हैं, जिन्हें हटाने पर वे बेघर हो जाएंगे।
5. सड़क की चौड़ाई कम एवं मोड़ अधिक होने के कारण यह मार्ग सुरक्षित नहीं है।
6. इस मार्ग पर स्थित पुरानी बावड़ी एवं पौराणिक गोपाल जी महाराज मंदिर को भी नुकसान की आशंका है।
7. यह मार्ग मूलतः जल निकासी (नाला) के रूप में दर्ज है, जहाँ सरकारी रिकॉर्ड में रास्ता भी अवरुद्ध दर्शाया गया है।
इस दौरान हरिनारायण शर्मा, शर्माजी बावड़ीवाला, लालाराम जांगिड़, पवन कुमार शर्मा,रवि उपाध्याय,विमल प्रजापति, कैलाश शर्मा, लरोहिताश शर्मा, निक्की शर्मा,दिलखुश शर्मा, देवेंद्र शर्मा,मनीष कुमार शर्मा एवं दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
    user_Ganesh Yogi
    Ganesh Yogi
    Local News Reporter दौसा, दौसा, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • आज दिनांक 24.03.2026 को राजकीय महाविद्यालय राजगढ़ (अलवर) में महिला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में पुरस्कार वितरण समारोह एवं व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। कार्यकम के प्रथम सत्र में एडवोकेट श्री गहेन्द्र कुमार तिवाड़ी एवं अल्का सैनी ने महिलाओं से संबंधित कानूनी अधिकारों के विषय में जानकारी दी। तत्पश्चात नई चेतना केन्द्र राजीविका की ब्लॉक कॉर्डिनेटर लक्ष्मी शर्मा ने महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा तथा ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के लिए छात्राओं को प्रेरित किया। व्याख्यान के क्रम में भजेड़ा ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती सीमा मीना ने महिलाओं की शिक्षा एवं स्वास्थ्य से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी एवं उन्होंने महिला सशक्तिकरण, शिक्षा एवं आत्मनिर्भरता पर बल दिया। द्वितीय सत्र में महिला अध्ययन प्रकोष्ठ की संयोजक डॉ. रजनी मीना ने महिला अध्ययन प्रकोष्ठ का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। तत्पश्चात महिला अध्ययन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता रही छात्राओं को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गई। अन्त में प्राचार्य ने अपने उद्बोधन में पुरस्कृत छात्राओं की प्रतिभा की सराहना की और उन्हें समय-समय पर इस तरह की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। सुश्री रचना जैन द्वारा सभागार में उपस्थित सभी आगन्तुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर महिला अध्ययन प्रकोष्ठ की समस्त समिति सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु पूर्ण सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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    आज दिनांक 24.03.2026 को राजकीय महाविद्यालय राजगढ़ (अलवर) में महिला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में पुरस्कार वितरण समारोह एवं व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। कार्यकम के प्रथम सत्र में एडवोकेट श्री गहेन्द्र कुमार तिवाड़ी एवं अल्का सैनी ने महिलाओं से संबंधित कानूनी अधिकारों के विषय में जानकारी दी। तत्पश्चात नई चेतना केन्द्र राजीविका की ब्लॉक कॉर्डिनेटर लक्ष्मी शर्मा ने महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा तथा ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के लिए छात्राओं को प्रेरित किया। व्याख्यान के क्रम में भजेड़ा ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती सीमा मीना ने महिलाओं की शिक्षा एवं स्वास्थ्य से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी एवं उन्होंने महिला सशक्तिकरण, शिक्षा एवं आत्मनिर्भरता पर बल दिया।
द्वितीय सत्र में महिला अध्ययन प्रकोष्ठ की संयोजक डॉ. रजनी मीना ने महिला अध्ययन प्रकोष्ठ का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। तत्पश्चात महिला अध्ययन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता रही छात्राओं को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गई। अन्त में प्राचार्य ने अपने उद्बोधन में पुरस्कृत छात्राओं की प्रतिभा की सराहना की और उन्हें समय-समय पर इस तरह की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। सुश्री रचना जैन द्वारा सभागार में उपस्थित सभी आगन्तुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर महिला अध्ययन प्रकोष्ठ की समस्त समिति सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु पूर्ण सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
    user_Neeraj Maheshwari
    Neeraj Maheshwari
    Reporters राजगढ़, अलवर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • कोलंबिया के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार (23 मार्च) को बताया कि 110 सैनिकों को लेकर जा रहा एक सैन्य विमान देश के दक्षिणी हिस्से में पेरू की सीमा के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। रक्षा मंत्री पेड्रो सांचेज ने बताया कि यह प्लेन क्रैश तब हुई जब लॉकहीड मार्टिन हरक्यूलिस C-130 विमान कोलंबिया के दक्षिण में पेरू की सीमा पर स्थित प्यूर्टो लेगिजामो से उड़ान भर रहा था। बताया जा रहा है कि यह कोलंबियाई सेना का विमान था। बयान में बताया गया कि विमान दुर्घटना में लगभग 80 सैनिकों के मारे जाने की आशंका है। जिस जगह पर यह हादसा हुआ वह कोलंबिया के दक्षिणी न्यूज एजेंसी 'रॉयटर्स' की रिपोर्ट के अनुसार, Amazon region में पेरू की सीमा के पास अंदरूनी इलाके में स्थित है। विमान सशस्त्र बलों के सैनिकों को ले जा रहा था। स्थानीय मीडिया आउटलेट 'BluRadio' के अनुसार, इस विमान में लगभग 110 सैनिक सवार थे। रक्षा मंत्री सांचेज ने बताया कि जब यह घटना हुई, तब विमान प्यूर्टो लेगुइजामो से उड़ान भर रहा था। उन्होंने आगे कहा कि प्लेन में सशस्त्र बलों के सैनिक सवार थे। उन्होंने कहा, "गहरे दुख के साथ, मैं यह सूचित करता हूं कि हमारी कोलंबियाई एयरोस्पेस फोर्स का एक हरक्यूलिस विमान प्यूर्टो लेगुइजामो (पुटुमायो) से उड़ान भरते समय एक दुखद दुर्घटना का शिकार हो गया। उस समय विमान हमारी पब्लिक फोर्स के सैनिकों को ले जा रहा था।" उन्होंने कहा कि दुर्घटना स्थल पर इमरजेंसी और सैन्य टीमों को तैनात कर दिया गया है। हालांकि, मंत्री या अधिकारियों ने अभी तक हताहतों की संख्या या दुर्घटना के कारणों की पुष्टि नहीं की है। एक अधिकारी ने कहा, "सैन्य यूनिट्स पहले से ही घटनास्थल पर मौजूद हैं। हालांकि, पीड़ितों की संख्या और दुर्घटना के कारणों का अभी तक ठीक-ठीक पता नहीं चल पाया है।" कोलंबियाई राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि इस भयानक दुर्घटना में किसी की जान नहीं गई होगी। यह एक ऐसी दुर्घटना है जो कभी होनी ही नहीं चाहिए थी।" BluRadio की रिपोर्ट में बताया गया है कि कि यह दुर्घटना एक शहरी केंद्र से लगभग 3 किलोमीटर (2 मील) की दूरी पर हुई। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारी बचाव अभियान में लगे हुए हैं।
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    कोलंबिया के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार (23 मार्च) को बताया कि 110 सैनिकों को लेकर जा रहा एक सैन्य विमान देश के दक्षिणी हिस्से में पेरू की सीमा के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। रक्षा मंत्री पेड्रो सांचेज ने बताया कि यह प्लेन क्रैश तब हुई जब लॉकहीड मार्टिन हरक्यूलिस C-130 विमान कोलंबिया के दक्षिण में पेरू की सीमा पर स्थित प्यूर्टो लेगिजामो से उड़ान भर रहा था। बताया जा रहा है कि यह कोलंबियाई सेना का विमान था।
बयान में बताया गया कि विमान दुर्घटना में लगभग 80 सैनिकों के मारे जाने की आशंका है। जिस जगह पर यह हादसा हुआ वह कोलंबिया के दक्षिणी न्यूज एजेंसी 'रॉयटर्स' की रिपोर्ट के अनुसार, Amazon region में पेरू की सीमा के पास अंदरूनी इलाके में स्थित है। विमान सशस्त्र बलों के सैनिकों को ले जा रहा था।
स्थानीय मीडिया आउटलेट 'BluRadio' के अनुसार, इस विमान में लगभग 110 सैनिक सवार थे। रक्षा मंत्री सांचेज ने बताया कि जब यह घटना हुई, तब विमान प्यूर्टो लेगुइजामो से उड़ान भर रहा था। उन्होंने आगे कहा कि प्लेन में सशस्त्र बलों के सैनिक सवार थे।
उन्होंने कहा, "गहरे दुख के साथ, मैं यह सूचित करता हूं कि हमारी कोलंबियाई एयरोस्पेस फोर्स का एक हरक्यूलिस विमान प्यूर्टो लेगुइजामो (पुटुमायो) से उड़ान भरते समय एक दुखद दुर्घटना का शिकार हो गया। उस समय विमान हमारी पब्लिक फोर्स के सैनिकों को ले जा रहा था।"
उन्होंने कहा कि दुर्घटना स्थल पर इमरजेंसी और सैन्य टीमों को तैनात कर दिया गया है। हालांकि, मंत्री या अधिकारियों ने अभी तक हताहतों की संख्या या दुर्घटना के कारणों की पुष्टि नहीं की है। एक अधिकारी ने कहा, "सैन्य यूनिट्स पहले से ही घटनास्थल पर मौजूद हैं। हालांकि, पीड़ितों की संख्या और दुर्घटना के कारणों का अभी तक ठीक-ठीक पता नहीं चल पाया है।"
कोलंबियाई राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि इस भयानक दुर्घटना में किसी की जान नहीं गई होगी। यह एक ऐसी दुर्घटना है जो कभी होनी ही नहीं चाहिए थी।" BluRadio की रिपोर्ट में बताया गया है कि कि यह दुर्घटना एक शहरी केंद्र से लगभग 3 किलोमीटर (2 मील) की दूरी पर हुई। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारी बचाव अभियान में लगे हुए हैं।
    user_VK News Rajasthan
    VK News Rajasthan
    Farmer राहुवास, दौसा, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • करोड़ों का अस्पताल, मरीज बेहाल करोड़ों रुपये से बने जिला अस्पताल में मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा। डॉक्टर व स्टाफ की कमी के कारण घंटों इंतजार के बाद भी उपचार नहीं हो पा रहा है। मंगलवार रात 8.30 बजे सड़क हादसे में घायल किशन कंडोला अस्पताल पहुंचा, लेकिन डॉक्टर ने इलाज करने के बजाय एक्स-रे की सलाह दे दी। एक्स-रे कक्ष बंद मिला और 2 घंटे इंतजार के बाद भी कोई नहीं आया। दर्द से परेशान मरीज को आखिर निजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ा। यह हालात जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
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    करोड़ों का अस्पताल, मरीज बेहाल
करोड़ों रुपये से बने जिला अस्पताल में मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा। डॉक्टर व स्टाफ की कमी के कारण घंटों इंतजार के बाद भी उपचार नहीं हो पा रहा है।
मंगलवार रात 8.30 बजे सड़क हादसे में घायल किशन कंडोला अस्पताल पहुंचा, लेकिन डॉक्टर ने इलाज करने के बजाय एक्स-रे की सलाह दे दी। एक्स-रे कक्ष बंद मिला और 2 घंटे इंतजार के बाद भी कोई नहीं आया। दर्द से परेशान मरीज को आखिर निजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ा।
यह हालात जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
    user_Girdhari lal Sahu
    Girdhari lal Sahu
    Lalsot, Dausa•
    4 hrs ago
  • ब्रिटिश शासन: 18वीं शताब्दी से शुरू होकर, ब्रिटिश व्यापारिक उपस्थिति राजनीतिक अधीनता में परिवर्तित हो गई, जिससे ब्रिटिश राज की स्थापना हुई। स्वतंत्रता संग्राम: विभिन्न नेताओं के नेतृत्व में औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध लंबा संघर्ष, जो 1947 में स्वतंत्रता के साथ समाप्त हुआ।
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    ब्रिटिश शासन: 18वीं शताब्दी से शुरू होकर, ब्रिटिश व्यापारिक उपस्थिति राजनीतिक अधीनता में परिवर्तित हो गई, जिससे ब्रिटिश राज की स्थापना हुई।
स्वतंत्रता संग्राम: विभिन्न नेताओं के नेतृत्व में औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध लंबा संघर्ष, जो 1947 में स्वतंत्रता के साथ समाप्त हुआ।
    user_Dharmendra Singh Chauhan
    Dharmendra Singh Chauhan
    Lawyer हिंडौन, करौली, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • दौसा। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित 10वीं क्लास के रिजल्ट में दौसा जिले की होनहार छात्रा नंदिनी विजय ने 99.17 प्रतिशत अंक प्राप्त कर मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण से एक मिसाल कायम की है। नंदिनी का कहना है कि यदि स्पष्ट लक्ष्य तय करके पढ़ाई की जाए तो किसी भी टारगेट को हासिल किया जा सकता है। नंदिनी ने बताया कि वह केवल जरूरी काम होने पर ही मोबाइल का उपयोग करती थी, हालांकि खाली समय में टीवी सीरियल भी देखती थी। पढ़ाई के साथ-साथ उसे बैडमिंटन खेलना भी पसंद है, जिससे वह खुद को मानसिक रूप से फ्रेश रखती थी। मां स्कूल टीचर,पिता प्राइवेट कंपनी में मैनेजर उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, खासकर मां चेतना विजय को दिया, जो ठीकरिया के संस्कृत स्कूल में अध्यापक हैं। नंदिनी तीन बहनों में से एक है और परिवार का पूरा सपोर्ट उसे लगातार मिलता रहा। नंदिनी के पिता एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर हैं। वहीं मां चेतना विजय ने बेटी की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जब रिजल्ट देखा तो एक पल के लिए यकीन नहीं हुआ, लेकिन यह बहुत बड़ा अचीवमेंट है। उन्होंने बताया कि नंदिनी ने 100% रिजल्ट का लक्ष्य तय किया था, जिसे वह दीवार पर लिखकर रोज पढ़ाई करती थी। हालांकि कुछ नंबर कम रह गए, लेकिन फिर भी नंदिनी ने शानदार प्रदर्शन किया और परिवार का नाम रोशन किया। नंदिनी का सपना आईएएस अधिकारी बनकर देश सेवा करना है। स्टूडेंट्स को दिया संदेश नंदिनी और उनकी मां ने अन्य विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि मन लगाकर पढ़ाई करें और अपने माता-पिता के सपनों को पूरा करें। स्कूल की पढ़ाई को कभी नजरअंदाज न करें, क्योंकि वही ज्ञान सबसे ज्यादा स्थायी होता है। कोचिंग और ट्यूशन से ज्यादा ध्यान स्कूल पर देना चाहिए।
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    दौसा। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित 10वीं क्लास के रिजल्ट में दौसा जिले की होनहार छात्रा नंदिनी विजय ने 99.17 प्रतिशत अंक प्राप्त कर मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण से एक मिसाल कायम की है। नंदिनी का कहना है कि यदि स्पष्ट लक्ष्य तय करके पढ़ाई की जाए तो किसी भी टारगेट को हासिल किया जा सकता है।
नंदिनी ने बताया कि वह केवल जरूरी काम होने पर ही मोबाइल का उपयोग करती थी, हालांकि खाली समय में टीवी सीरियल भी देखती थी। पढ़ाई के साथ-साथ उसे बैडमिंटन खेलना भी पसंद है, जिससे वह खुद को मानसिक रूप से फ्रेश रखती थी।
मां स्कूल टीचर,पिता प्राइवेट कंपनी में मैनेजर उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, खासकर मां चेतना विजय को दिया, जो ठीकरिया के संस्कृत स्कूल में अध्यापक हैं। नंदिनी तीन बहनों में से एक है और परिवार का पूरा सपोर्ट उसे लगातार मिलता रहा। नंदिनी के पिता एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर हैं।
वहीं मां चेतना विजय ने बेटी की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जब रिजल्ट देखा तो एक पल के लिए यकीन नहीं हुआ, लेकिन यह बहुत बड़ा अचीवमेंट है। उन्होंने बताया कि नंदिनी ने 100% रिजल्ट का लक्ष्य तय किया था, जिसे वह दीवार पर लिखकर रोज पढ़ाई करती थी। हालांकि कुछ नंबर कम रह गए, लेकिन फिर भी नंदिनी ने शानदार प्रदर्शन किया और परिवार का नाम रोशन किया। नंदिनी का सपना आईएएस अधिकारी बनकर देश सेवा करना है।
स्टूडेंट्स को दिया संदेश
नंदिनी और उनकी मां ने अन्य विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि मन लगाकर पढ़ाई करें और अपने माता-पिता के सपनों को पूरा करें। स्कूल की पढ़ाई को कभी नजरअंदाज न करें, क्योंकि वही ज्ञान सबसे ज्यादा स्थायी होता है। कोचिंग और ट्यूशन से ज्यादा ध्यान स्कूल पर देना चाहिए।
    user_RIVENDRA KUMAR SHARMA
    RIVENDRA KUMAR SHARMA
    Local News Reporter Dausa, Rajasthan•
    4 hrs ago
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