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मध्य प्रदेश में अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकसित किए गए सांची रेलवे स्टेशन का लोकार्पण संपन्न हो गया है।
Govardhan kushwaha
मध्य प्रदेश में अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकसित किए गए सांची रेलवे स्टेशन का लोकार्पण संपन्न हो गया है।
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- मध्य प्रदेश के मण्डला में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ निकाली गई।1
- जबलपुर के गोरा बाजार क्षेत्र में अवैध शराब की दुकान को हटाने के लिए चल रहे आंदोलन में भूख हड़ताल पर बैठे हेमंत मलिक की तबीयत खराब हो गई है। उनकी तबीयत बिगड़ते ही क्षेत्रीय नागरिकों ने तत्काल उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया, जबकि नकुल गुप्ता अभी भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं।1
- मध्य प्रदेश के रीवा में एक निलंबित अधिकारी ने शासन की पोल खोल दी है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहा है। भ्रष्टाचार से संबंधित इस वीडियो के वायरल होने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है, जिसमें निलंबित अधिकारी द्वारा शासन की पोल खोलने का दावा किया जा रहा है।1
- जबलपुर केंट विधानसभा क्षेत्र के गोरा बाजार में कथित अवैध शराब दुकान के विरोध में चल रहे धरना और भूख हड़ताल को रविवार को नया समर्थन मिला है। जय महाकाल संघ अंतरराष्ट्रीय बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष कन्हैया रामकृष्ण तिवारी अपने कार्यकर्ताओं के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों का समर्थन किया। आंदोलनकारियों से चर्चा के दौरान कन्हैया तिवारी ने उनकी मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि यदि क्षेत्र की जनता किसी अवैध गतिविधि के विरोध में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रही है, तो संबंधित प्रशासन को मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका संगठन जनहित के मुद्दों पर सदैव जनता के साथ खड़ा रहेगा। इस अवसर पर उपस्थित संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी आंदोलनकारियों का उत्साह बढ़ाया और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को आगे बढ़ाने की बात कही।4
- मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले के एक छोटे से गांव चटिया के होनहार बालक इमानुएल मरावी आज 4 वर्ष के हो गए हैं और आज उनका जन्मदिन मनाया जा रहा है। अपने मासूम चेहरे, खिलखिलाती हुई हंसी और बेहद भोले स्वभाव से उन्होंने अपने परिजनों, समाज और रिश्तेदारों के दिलों में एक बेहद खास जगह बना ली है। इमानुएल की यह प्यारी मुस्कान हर किसी के जीवन में नई ऊर्जा और खुशी भर देती है। इस विशेष दिन पर नन्हे सितारे इमानुएल को जन्मदिन की ढेर सारी बधाइयां और शुभकामनाएं दी गई हैं। परिजनों ने प्रभु से प्रार्थना की है कि वे इमानुएल को अपने ढेरों आशीषों से भर दें और यह दिन उनके जीवन में सदैव प्रेम, आनंद, खुशी, उत्तम स्वास्थ्य और अच्छी सफलता लेकर आए।2
- जबलपुर में धर्म संगठन को खुद को सबसे अलग रखने और दूसरों की बातों में आए बिना अपने मन से स्वतंत्र निर्णय लेने की सीख दी गई है। इसमें अपने फैसले खुद करते हुए जीवन में निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान किया गया है और साथ ही 'जय श्री राम' का उद्घोष भी किया गया है।1
- मंडला के कुड़ा मैली और नारायणगंज के स्कूलों में विद्यार्थियों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष पहल की गई। इस दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई और उन्हें नशे के खिलाफ जागरूक किया गया।1
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- डिंडौरी जिले में किसानों को वैज्ञानिक खेती के लिए सही सलाह देने के उद्देश्य से स्थापित मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। जिले को वर्ष 2026-27 के लिए 7,514 मृदा नमूनों की जांच का लक्ष्य दिया गया था, जिसके विरुद्ध अब तक केवल 3,455 नमूनों की जांच कर मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा सके हैं। इस प्रकार जिले में अब तक लगभग 46 प्रतिशत लक्ष्य ही पूरा हो सका है। इस बीच, सूत्रों के दावे के अनुसार भारत सरकार की गाइडलाइन के विपरीत कुछ प्रयोगशालाओं में अपेक्षित तकनीकी योग्यता के बिना ही कर्मचारियों से मृदा परीक्षण कराया जा रहा है। सरकार की गाइडलाइन के तहत मिट्टी की जांच 12 निर्धारित पैरामीटरों पर प्रशिक्षित एवं तकनीकी रूप से योग्य कर्मियों द्वारा की जानी चाहिए, जिसके लिए सामान्यतः कृषि विषय में स्नातक (बी.एससी. एग्रीकल्चर) की योग्यता आवश्यक बताई जाती है। इसके अलावा, अधिकांश प्रयोगशालाओं में कर्मचारियों की जानकारी दर्शाने वाला कोई डिस्प्ले बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, जिससे वहां कार्यरत लैब टेक्नीशियन, सहायक अथवा अन्य कर्मचारियों के नाम, पद या योग्यता की कोई सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। इससे पूरी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो मृदा स्वास्थ्य कार्ड की रिपोर्ट और उर्वरक संबंधी सलाह की गुणवत्ता प्रभावित होने से किसानों की लागत, उत्पादन और फसल पर सीधा असर पड़ेगा। इसके साथ ही, कई रिपोर्टों में डीएपी उर्वरक की अनुशंसा की जा रही है, लेकिन किसानों का कहना है कि जिले में डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता ही नहीं है, जिससे उनके सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। वहीं, किसानों को बुवाई पूरी होने के बाद मृदा स्वास्थ्य कार्ड मिलने की समस्या भी सामने आई है, जिससे समय निकल जाने पर उन्हें वैज्ञानिक सलाह का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष श्री बिहारी लाल साहू ने कहा कि समय पर मृदा परीक्षण न होना विभाग की बड़ी लापरवाही है। इससे किसान वैज्ञानिक तरीके से उर्वरकों का उपयोग नहीं कर पाएंगे, जिससे पूरे कृषि सत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उधर, कृषि विभाग के अनुविभागीय अधिकारी ने इस संबंध में कहा है कि यह जानकारी उनके संज्ञान में लाई गई है और वे पूरे मामले की जानकारी प्राप्त कर अवगत कराएंगे। स्थानीय लोग अब प्रयोगशालाओं के नियमित निरीक्षण, गुणवत्ता जांच और कर्मचारियों की योग्यता के सत्यापन की मांग कर रहे हैं ताकि योजना का उद्देश्य पूरा हो सके।3