आयुष्मान योजना से 67 हजार से अधिक लाभार्थियों का मुफ्त इलाज आयुष्मान योजना में अमेठी प्रदेश में छठे स्थान पर अमेठी। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में अमेठी ने प्रदेश में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। फैमिली कवरेज के मामले में जिले को छठा स्थान मिला है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि योजना के तहत अब तक 67,759 लाभार्थियों का विभिन्न सूचीबद्ध अस्पतालों में निशुल्क उपचार कराया जा चुका है। इसके एवज में अस्पतालों को 97 करोड़ 29 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। जिले में 2,16,814 परिवारों के 9,37,032 लाभार्थी योजना के दायरे में हैं। इनमें से 6,24,529 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। शेष पात्र लाभार्थियों के कार्ड बनाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सीएमओ ने बताया कि आयुष्मान कार्ड में नाम, पता, जन्मतिथि समेत अन्य विवरण में संशोधन भी कराया जा सकता है। इसके लिए लाभार्थी नजदीकी सीएचसी पर प्रार्थना-पत्र और जरूरी दस्तावेज जमा करें। सत्यापन के बाद संशोधन किया जाएगा। उन्होंने पात्र लोगों से जल्द कार्ड बनवाने की अपील की, ताकि जरूरत पड़ने पर कैशलेस उपचार का लाभ मिल सके।
आयुष्मान योजना से 67 हजार से अधिक लाभार्थियों का मुफ्त इलाज आयुष्मान योजना में अमेठी प्रदेश में छठे स्थान पर अमेठी। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में अमेठी ने प्रदेश में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। फैमिली कवरेज के मामले में जिले को छठा स्थान मिला है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि योजना के तहत अब तक 67,759 लाभार्थियों का विभिन्न सूचीबद्ध अस्पतालों में निशुल्क उपचार कराया जा चुका है। इसके एवज में अस्पतालों को 97 करोड़ 29 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। जिले में 2,16,814 परिवारों के 9,37,032 लाभार्थी योजना के दायरे में हैं। इनमें से 6,24,529 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। शेष पात्र लाभार्थियों के कार्ड बनाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सीएमओ ने बताया कि आयुष्मान कार्ड में नाम, पता, जन्मतिथि समेत अन्य विवरण में संशोधन भी कराया जा सकता है। इसके लिए लाभार्थी नजदीकी सीएचसी पर प्रार्थना-पत्र और जरूरी दस्तावेज जमा करें। सत्यापन के बाद संशोधन किया जाएगा। उन्होंने पात्र लोगों से जल्द कार्ड बनवाने की अपील की, ताकि जरूरत पड़ने पर कैशलेस उपचार का लाभ मिल सके।
- नेपाल को पुनः वैदिक_सनातन_हिन्दू_राष्ट्र_अधिराज्य घोषित किया गया।1
- आयुष्मान योजना से 67 हजार से अधिक लाभार्थियों का मुफ्त इलाज आयुष्मान योजना में अमेठी प्रदेश में छठे स्थान पर अमेठी। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में अमेठी ने प्रदेश में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। फैमिली कवरेज के मामले में जिले को छठा स्थान मिला है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि योजना के तहत अब तक 67,759 लाभार्थियों का विभिन्न सूचीबद्ध अस्पतालों में निशुल्क उपचार कराया जा चुका है। इसके एवज में अस्पतालों को 97 करोड़ 29 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। जिले में 2,16,814 परिवारों के 9,37,032 लाभार्थी योजना के दायरे में हैं। इनमें से 6,24,529 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। शेष पात्र लाभार्थियों के कार्ड बनाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सीएमओ ने बताया कि आयुष्मान कार्ड में नाम, पता, जन्मतिथि समेत अन्य विवरण में संशोधन भी कराया जा सकता है। इसके लिए लाभार्थी नजदीकी सीएचसी पर प्रार्थना-पत्र और जरूरी दस्तावेज जमा करें। सत्यापन के बाद संशोधन किया जाएगा। उन्होंने पात्र लोगों से जल्द कार्ड बनवाने की अपील की, ताकि जरूरत पड़ने पर कैशलेस उपचार का लाभ मिल सके।1
- अंबेडकर तिराहे पर ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई, तीन सवारी बैठाकर चल रही बाइक सीज अमेठी। जनपद में सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए ट्रैफिक पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को अमेठी के अंबेडकर तिराहे पर चेकिंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने तीन सवारी बैठाकर चल रही एक मोटरसाइकिल को रोक लिया। जांच में बाइक पर निर्धारित क्षमता से अधिक तीन लोग सवार मिले। यातायात नियमों के उल्लंघन पर ट्रैफिक पुलिस ने मोटरसाइकिल को सीज कर दिया तथा संबंधित वाहन चालक के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई की। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि दोपहिया वाहन पर दो से अधिक सवारी न बैठाएं, हेलमेट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें और सभी यातायात नियमों का पालन करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।2
- सावन माह में चल रही कांवड़ यात्रा के दौरान अमेठी रेलवे स्टेशन पर कांवड़ लेकर जा रहे श्रद्धालुओं का स्वागत विशाल अग्रहरि ने किया अमेठी। सावन माह में चल रही कांवड़ यात्रा के दौरान अमेठी रेलवे स्टेशन पर कांवड़ लेकर जा रहे श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। कार्यक्रम का आयोजन नगर अध्यक्ष व्यापार मंडल विशाल अग्रहरी के नेतृत्व में किया गया, जहां बड़ी संख्या में कांवड़ यात्रियों का अंगवस्त्र पहनाकर अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर कांवड़ियों को यात्रा के दौरान उपयोगी खाद्य सामग्री से भरे झोले भी वितरित किए गए। साथ ही उनकी यात्रा सुखद, सुरक्षित एवं मंगलमय होने की कामना की गई। स्वागत समारोह के दौरान पूरा वातावरण "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के जयघोष से भक्तिमय हो उठा। नगर अध्यक्ष विशाल अग्रहरी ने कहा कि कांवड़िए सनातन संस्कृति के सच्चे वाहक हैं। कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का ही नहीं, बल्कि सेवा, अनुशासन, त्याग और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कांवड़ियों की सेवा करना प्रत्येक सनातनी का प्रथम कर्तव्य है और ऐसे आयोजन समाज में सद्भाव तथा धार्मिक चेतना को मजबूत करते हैं। सम्मान से अभिभूत श्रद्धालुओं ने व्यापार मंडल और आयोजकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के माध्यम से धार्मिक सेवा, सामाजिक समरसता और जनसहभागिता का प्रेरणादायक संदेश भी दिया गया। शुभम बरनवाल अनिल संजय सहित सैकड़ों लोग थे1
- मनुष्य का पहला आहार सात्विक था-डॉ. यशमंत सिंह, आदिमानव को मांसाहारी बताना तर्कसंगत नहीं; राणा प्रताप कॉलेज में संगोष्ठी सुलतानपुर के राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित एक संगोष्ठी में संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. यशमंत सिंह ने कहा कि मनुष्य का पहला आहार सात्विक था और आदिमानव को मांसाहारी बताना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि सृष्टि में शाकाहार पहले आया है, जबकि मांस का सेवन हमेशा शौक के लिए किया गया, न कि आवश्यकता के लिए। डॉ. सिंह महाविद्यालय के विवेकानंद सभागार में बाबू धनंजय सिंह स्मृति आंतरिक व्याख्यानमाला के तहत 'शाकाहार और मानव जीवन' विषय पर आयोजित संगोष्ठी को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि मांसाहार न केवल शरीर में बीमारियों को बढ़ाता है, बल्कि विचारों को भी दूषित करता है। उन्होंने शास्त्रों का हवाला देते हुए कहा कि हमें कम हिंसा द्वारा जीवन यापन करना चाहिए। आत्मोन्नति तभी संभव है जब हम न्यूनतम हिंसा के साथ जीवन जिएं। डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि पशु-पक्षी हमेशा से हमारे साथ इसलिए रहे हैं क्योंकि हम उनका संरक्षण करते थे। यदि हम उन्हें अपना आहार बनाएंगे, तो पर्यावरण असंतुलित होगा। संगोष्ठी की शुरुआत करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि धरती पर चार करोड़ प्रजाति के पौधे हैं और सभी में औषधीय गुण मौजूद हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भोजन केवल शरीर ही नहीं, बल्कि मन को भी बनाता है, इसलिए शाकाहार अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रभात श्रीवास्तव ने किया, जबकि आभार ज्ञापन संयोजक डॉ. आलोक कुमार पाण्डेय ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मुख्य कुलानुशासक प्रोफेसर शैलेन्द्र प्रताप सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर धीरेन्द्र कुमार सहित सभी शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।1
- जर्जर मकान गिरने से 6 लोगों की मौत का मामला, भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.रोहित मिश्रा पहुंचे, प्रतापगढ़। जर्जर मकान गिरने से 6 लोगों की मौत का मामला, भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.रोहित मिश्रा पहुंचे, इकलौते बचे अमन श्रीवास्तव से मिलकर बंधाया ढांढस, घटना के प्रति संवेदना व्यक्त कर जताया दुःख, इस घटना से मुझे बहुत ठेस पहुँचा है,यह अपूर्णीय क्षति है : रोहित मिश्रा, परिजनों ने घायल अमन को नौकरी दिलाने की मांग की, मुख्यमंत्री जी से मिलकर अमन को नौकरी दिलाने का करूंगा प्रयास : प्रदेश अध्यक्ष, नगर के महुली में छत ढहने से हुई थी 6 लोगों की मौत,1
- *विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) को लेकर पंच सम्मेलन आयोजित।* *जनप्रतिनिधियों को दी गई योजना की विस्तृत जानकारी। *ग्रामीणों और श्रमिकों को मिलेंगे अधिक रोजगार एवं बेहतर आजीविका के अवसर।* अमेठी। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन एवं आधारभूत संरचनाओं के विकास को गति देने के उद्देश्य से शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) योजना के संबंध में पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में मा. जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरी, जिलाधिकारी संजय चौहान, मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू, डीसी मनरेगा शेर बहादुर सिंह, जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, खंड विकास अधिकारी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डीसी मनरेगा शेर बहादुर सिंह ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार द्वारा ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से नई व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने बताया कि पूर्व में योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को प्रतिवर्ष 100 दिनों के रोजगार की गारंटी प्रदान की जाती थी, जिसे बढ़ाकर अब 125 दिन कर दिया गया है। इसके साथ ही श्रमिकों को मिलने वाली दैनिक मजदूरी 252 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। इससे ग्रामीण श्रमिकों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत अब केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक ही सीमित न रहकर ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण, जल संरक्षण, वृक्षारोपण, ग्रामीण संपर्क मार्गों के विकास, सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण, कृषि एवं आजीविका से जुड़े कार्यों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। इससे रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ गांवों के समग्र विकास को भी गति मिलेगी। सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी संजय चौहान ने कहा कि विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना भी है। उन्होंने अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से योजना की जानकारी प्रत्येक पात्र ग्रामीण तक पहुंचाने तथा अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ दिलाने का आह्वान किया। जिलाधिकारी ने कहा कि रोजगार के दिनों में वृद्धि तथा मजदूरी दर बढ़ने से ग्रामीण श्रमिकों की आय में सीधा लाभ पहुंचेगा। साथ ही गांवों में बनने वाली परिसंपत्तियां कृषि उत्पादन, जल संरक्षण और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करेंगी, जिससे ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरी ने कहा कि यह योजना ग्रामीण भारत के विकास की नई आधारशिला साबित होगी। उन्होंने कहा कि रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन किए जाने तथा मजदूरी में वृद्धि से गरीब एवं श्रमिक परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके साथ ही गांवों में विकास कार्यों की संख्या बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और लोगों को रोजगार के लिए पलायन करने की आवश्यकता कम होगी। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में योजना की जानकारी लोगों तक पहुंचाएं तथा पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभाएं। इससे गांवों का विकास तेज होगा और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। सम्मेलन के दौरान जनप्रतिनिधियों ने योजना से संबंधित विभिन्न सुझाव एवं जिज्ञासाएं भी प्रस्तुत कीं, जिनका अधिकारियों द्वारा विस्तार से समाधान किया गया। अधिकारियों ने बताया कि योजना के अंतर्गत पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है, जिससे कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित हो सके। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना को ग्रामीण विकास एवं श्रमिक कल्याण के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इसके सफल क्रियान्वयन हेतु सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया। *जिला सूचना कार्यालय अमेठी द्वारा जारी।*4
- आईटीआई में पूर्व में आवेदन करने वाले अभ्यर्थी 09 से 12 अगस्त तक व्यवसाय एवं संस्थान में कर सकेंगे संशोधन रायबरेली, प्रधानाचार्य राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, रायबरेली विवेक कुमार तिवारी ने बताया कि अधिशासी निदेशक, राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद, अलीगंज, लखनऊ के निर्देशानुसार जनपद के 05 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, 02 पीपीपी संस्थानों एवं 13 निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को अपने पूर्व में किए गए आवेदन में संशोधन का अवसर प्रदान किया गया है। अभ्यर्थी 09 अगस्त 2026 से 12 अगस्त 2026 की रात्रि 12:00 बजे तक अपने आवेदन में अपेक्षित संशोधन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि कतिपय तकनीकी कारणों से कुछ व्यवसाय/संस्थान एनसीवीटी/एससीवीटी के अंतर्गत प्रदर्शित नहीं हो रहे थे। अब सभी संबंधित ट्रेड एवं संस्थान पोर्टल पर प्रदर्शित हो रहे हैं। इच्छुक अभ्यर्थी पोर्टल पर अपने पूर्व में किए गए आवेदन को खोलकर अपनी इच्छानुसार वर्तमान ट्रेड एवं संस्थान का चयन करते हुए निर्धारित अवधि में संशोधन कर सकते हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने आवेदन में आवश्यक संशोधन अवश्य कर लें।1