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बिहार के भोजपुर जिले के अंतर्गत आने वाला जवईनिया गांव गंगा नदी के भीषण कटाव और विनाशकारी बाढ़ के कारण लगभग खत्म हो चुका है। इस त्रासदी में गांव के सैकड़ों घर नदी में समा गए हैं, और पूरा इलाका जलमग्न होकर रेत में बदल गया है। इस स्थिति के चलते गांव के लगभग सभी घर तबाह हो गए हैं, जिससे भारी विस्थापन हुआ है और लोग बेघर होकर तटबंधों तथा राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। नदी की चपेट में आने से उपजाऊ कृषि भूमि भी पूरी तरह से नष्ट हो गई है, जिससे स्थानीय निवासियों ने अपनी आजीविका खो दी है। प्रशासन ने बेघर हुए परिवारों को लगभग ₹7,000 से ₹1.20 लाख तक का मुआवजा देने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर बसाने की योजना बनाई है। हालांकि, कई ग्रामीणों की शिकायत है कि उन्हें अभी तक पूरी सहायता प्राप्त नहीं हुई है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने केवल राहत सामग्री की जगह, नदी के कटाव को रोकने के लिए एक पक्के तटबंध के निर्माण और प्रभावित परिवारों के लिए उचित पुनर्वास की मांग की है।

20 hrs ago
user_Ramashankar sharma
Ramashankar sharma
Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
20 hrs ago

बिहार के भोजपुर जिले के अंतर्गत आने वाला जवईनिया गांव गंगा नदी के भीषण कटाव और विनाशकारी बाढ़ के कारण लगभग खत्म हो चुका है। इस त्रासदी में गांव के सैकड़ों घर नदी में समा गए हैं, और पूरा इलाका जलमग्न होकर रेत में बदल गया है। इस स्थिति के चलते गांव के लगभग सभी घर तबाह हो गए हैं, जिससे भारी विस्थापन हुआ है और लोग बेघर होकर तटबंधों तथा राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। नदी की चपेट में आने से उपजाऊ कृषि भूमि भी पूरी तरह से नष्ट हो गई है, जिससे स्थानीय निवासियों ने अपनी आजीविका खो दी है। प्रशासन ने बेघर हुए परिवारों को लगभग ₹7,000 से ₹1.20 लाख तक का मुआवजा देने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर बसाने की योजना बनाई है। हालांकि, कई ग्रामीणों की शिकायत है कि उन्हें अभी तक पूरी सहायता प्राप्त नहीं हुई है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने केवल राहत सामग्री की जगह, नदी के कटाव को रोकने के लिए एक पक्के तटबंध के निर्माण और प्रभावित परिवारों के लिए उचित पुनर्वास की मांग की है।

  • user_Harendra Singh
    Harendra Singh
    Delhi Cantonment, New Delhi
    🙏
    4 hrs ago
More news from झारखंड and nearby areas
  • नेपाल के मुस्तांग जिले में स्थित मुक्तिनाथ मंदिर, मुक्तिनाथ घाटी में समुद्र तल से लगभग 3,710 मीटर की ऊंचाई पर थोरोंग-ला दर्रे के तल पर मौजूद है। यह स्थान हिंदू और बौद्ध दोनों धर्मों के अनुयायियों के लिए एक अत्यंत पवित्र और पूजनीय तीर्थ स्थल माना जाता है। यह मंदिर विशेष रूप से भगवान विष्णु को समर्पित है और इसे मोक्ष प्राप्त करने का स्थान माना जाता है। इसे 108 दिव्य देशमों में से एक के रूप में मान्यता प्राप्त है, जो भगवान विष्णु के पवित्र मंदिरों में से हैं। मंदिर के पीछे 108 जल धाराएं (गौमुख) बहती हैं, और ऐसी मान्यता है कि इन पवित्र धाराओं में स्नान करने से सभी पाप धुल जाते हैं और व्यक्ति को मुक्ति (मोक्ष) प्राप्त होती है। इस पवित्र स्थल तक पहुंचने के लिए नेपाल का पोखरा शहर आधार बिंदु है, जहाँ से जोमसोम होते हुए मुक्तिनाथ पहुंचा जा सकता है। यह यात्रा 12,000 फीट से ऊपर 365 सीढ़ियां चढ़ने के बाद पूरी होती है, जिसके बाद भक्त दुनिया के सबसे बड़े मंदिरों में से एक, श्री मुक्तिनाथ जी के दर्शन कर पाते हैं।
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    नेपाल के मुस्तांग जिले में स्थित मुक्तिनाथ मंदिर, मुक्तिनाथ घाटी में समुद्र तल से लगभग 3,710 मीटर की ऊंचाई पर थोरोंग-ला दर्रे के तल पर मौजूद है। यह स्थान हिंदू और बौद्ध दोनों धर्मों के अनुयायियों के लिए एक अत्यंत पवित्र और पूजनीय तीर्थ स्थल माना जाता है।

यह मंदिर विशेष रूप से भगवान विष्णु को समर्पित है और इसे मोक्ष प्राप्त करने का स्थान माना जाता है। इसे 108 दिव्य देशमों में से एक के रूप में मान्यता प्राप्त है, जो भगवान विष्णु के पवित्र मंदिरों में से हैं। मंदिर के पीछे 108 जल धाराएं (गौमुख) बहती हैं, और ऐसी मान्यता है कि इन पवित्र धाराओं में स्नान करने से सभी पाप धुल जाते हैं और व्यक्ति को मुक्ति (मोक्ष) प्राप्त होती है।

इस पवित्र स्थल तक पहुंचने के लिए नेपाल का पोखरा शहर आधार बिंदु है, जहाँ से जोमसोम होते हुए मुक्तिनाथ पहुंचा जा सकता है। यह यात्रा 12,000 फीट से ऊपर 365 सीढ़ियां चढ़ने के बाद पूरी होती है, जिसके बाद भक्त दुनिया के सबसे बड़े मंदिरों में से एक, श्री मुक्तिनाथ जी के दर्शन कर पाते हैं।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    17 hrs ago
  • फुटपाथ पर बैठे गरीब दुकानदारों को मात्र 'गरीब' नहीं, बल्कि व्यवस्था का शिकार बताया गया है। यह सवाल उठाया गया है कि इन गरीब दुकानदार भाइयों को इस दयनीय स्थिति में किसने पहुँचाया, जहाँ वे अपनी रोज़ी-रोटी के लिए सड़क किनारे बैठने को मजबूर हैं। पोस्ट में ज़ोर दिया गया है कि जब असली हकदार इस तरह सड़क किनारे बैठने को विवश हैं, तब व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। आगे कहा गया है कि रोज़ी-रोटी कमाना कोई अपराध नहीं, बल्कि हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। इसलिए, इसका समाधान दुकानदारों को उजाड़ने में नहीं, बल्कि उन्हें सम्मानजनक पुनर्वास प्रदान करने और एक न्यायपूर्ण व्यवस्था स्थापित करने में है।
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    फुटपाथ पर बैठे गरीब दुकानदारों को मात्र 'गरीब' नहीं, बल्कि व्यवस्था का शिकार बताया गया है। यह सवाल उठाया गया है कि इन गरीब दुकानदार भाइयों को इस दयनीय स्थिति में किसने पहुँचाया, जहाँ वे अपनी रोज़ी-रोटी के लिए सड़क किनारे बैठने को मजबूर हैं। पोस्ट में ज़ोर दिया गया है कि जब असली हकदार इस तरह सड़क किनारे बैठने को विवश हैं, तब व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। आगे कहा गया है कि रोज़ी-रोटी कमाना कोई अपराध नहीं, बल्कि हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। इसलिए, इसका समाधान दुकानदारों को उजाड़ने में नहीं, बल्कि उन्हें सम्मानजनक पुनर्वास प्रदान करने और एक न्यायपूर्ण व्यवस्था स्थापित करने में है।
    user_Deepak Sharma
    Deepak Sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    22 hrs ago
  • झारखंड के गढ़वा जिले के चिनिया थाना क्षेत्र अंतर्गत विलैती खैर गांव में शनिवार देर शाम एक जंगली हाथी के हमले में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल महिला की पहचान गांव निवासी ललन सिंह की पत्नी पूनम देवी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, पूनम देवी अपने घर से सटे जंगल के किनारे डोरी (वनोपज) चुन रही थीं, तभी अचानक एक जंगली हाथी वहां पहुंच गया और उसने महिला को अपनी चपेट में ले लिया। हाथी ने अपने पैरों से पूनम देवी को कुचल दिया, जिससे उनके पैर में गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने घायल महिला को तत्काल इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। इधर, घटना की सूचना मिलते ही रविवार सुबह 8:00 बजे वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। प्रभारी वनपाल अनिमेष कुमार ने तत्काल राहत के तौर पर इलाज के लिए ₹15 हजार की नकद सहायता प्रदान की। वन विभाग ने यह भी बताया कि महिला के इलाज में होने वाला पूरा खर्च विभाग ही वहन करेगा। इसके साथ ही, क्षेत्र के लोगों से जंगली हाथियों की गतिविधियों को देखते हुए जंगल की ओर जाते समय विशेष सतर्कता बरतने की अपील भी की गई है।
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    झारखंड के गढ़वा जिले के चिनिया थाना क्षेत्र अंतर्गत विलैती खैर गांव में शनिवार देर शाम एक जंगली हाथी के हमले में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल महिला की पहचान गांव निवासी ललन सिंह की पत्नी पूनम देवी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, पूनम देवी अपने घर से सटे जंगल के किनारे डोरी (वनोपज) चुन रही थीं, तभी अचानक एक जंगली हाथी वहां पहुंच गया और उसने महिला को अपनी चपेट में ले लिया। हाथी ने अपने पैरों से पूनम देवी को कुचल दिया, जिससे उनके पैर में गंभीर चोटें आईं।

घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने घायल महिला को तत्काल इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। इधर, घटना की सूचना मिलते ही रविवार सुबह 8:00 बजे वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। प्रभारी वनपाल अनिमेष कुमार ने तत्काल राहत के तौर पर इलाज के लिए ₹15 हजार की नकद सहायता प्रदान की।

वन विभाग ने यह भी बताया कि महिला के इलाज में होने वाला पूरा खर्च विभाग ही वहन करेगा। इसके साथ ही, क्षेत्र के लोगों से जंगली हाथियों की गतिविधियों को देखते हुए जंगल की ओर जाते समय विशेष सतर्कता बरतने की अपील भी की गई है।
    user_Hemant Kumar
    Hemant Kumar
    चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
    5 hrs ago
  • सोनभद्र के विकास खंड दुद्धी के अंतर्गत ग्राम पंचायत घिवही में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और विकास कार्यों में अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। शिकायतकर्ता गोवर्धन सिंह कुशवाहा और अन्य ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान, प्रधान प्रतिनिधि तथा ग्राम विकास अधिकारी (सेक्रेटरी) पर आरोप लगाया है कि विभिन्न विकास कार्यों में कागजों पर भुगतान दिखाकर धरातल पर कोई कार्य नहीं कराया गया है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, घिवही स्थित रेघड़ा शिव मंदिर परिसर के मुख्य द्वार के पास एक चापाकल लगाने के लिए लगभग 20 से 25 फीट तक बोरिंग कराई गई थी। यह बोर सफल नहीं हुआ और इसे बाद में ध्वस्त कर दिया गया। इसके बावजूद, कागजों में लगभग 95 हजार रुपये की निकासी दर्शाई गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि मंदिर परिसर में केवल लगभग 10 हजार रुपये की लागत का एक समरसेबल लगाया गया है, जबकि शेष धनराशि के उपयोग को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि इसी तरह कई अन्य विकास कार्यों में भी कागजों पर कार्य पूरा दिखाकर सरकारी धन का भुगतान कर लिया गया है, लेकिन मौके पर कोई कार्य दिखाई नहीं देता। इस संबंध में, जब एक पत्रकार ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि से मोबाइल फोन पर बात की, तो उन्होंने बताया कि लगभग 80 से 90 फीट तक बोरिंग कराई गई थी, लेकिन पानी नहीं मिलने के कारण कार्य सफल नहीं हो सका। उनके मुताबिक, उक्त धनराशि का उपयोग बाद में समरसेबल और अन्य आवश्यक विकास कार्यों में कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि रेघड़ा शिव मंदिर पर प्रतिदिन दर्जनों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन पेयजल की उचित व्यवस्था न होने से उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके और यदि कोई दोषी पाया जाए तो संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
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    सोनभद्र के विकास खंड दुद्धी के अंतर्गत ग्राम पंचायत घिवही में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और विकास कार्यों में अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। शिकायतकर्ता गोवर्धन सिंह कुशवाहा और अन्य ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान, प्रधान प्रतिनिधि तथा ग्राम विकास अधिकारी (सेक्रेटरी) पर आरोप लगाया है कि विभिन्न विकास कार्यों में कागजों पर भुगतान दिखाकर धरातल पर कोई कार्य नहीं कराया गया है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार, घिवही स्थित रेघड़ा शिव मंदिर परिसर के मुख्य द्वार के पास एक चापाकल लगाने के लिए लगभग 20 से 25 फीट तक बोरिंग कराई गई थी। यह बोर सफल नहीं हुआ और इसे बाद में ध्वस्त कर दिया गया। इसके बावजूद, कागजों में लगभग 95 हजार रुपये की निकासी दर्शाई गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि मंदिर परिसर में केवल लगभग 10 हजार रुपये की लागत का एक समरसेबल लगाया गया है, जबकि शेष धनराशि के उपयोग को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि इसी तरह कई अन्य विकास कार्यों में भी कागजों पर कार्य पूरा दिखाकर सरकारी धन का भुगतान कर लिया गया है, लेकिन मौके पर कोई कार्य दिखाई नहीं देता।

इस संबंध में, जब एक पत्रकार ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि से मोबाइल फोन पर बात की, तो उन्होंने बताया कि लगभग 80 से 90 फीट तक बोरिंग कराई गई थी, लेकिन पानी नहीं मिलने के कारण कार्य सफल नहीं हो सका। उनके मुताबिक, उक्त धनराशि का उपयोग बाद में समरसेबल और अन्य आवश्यक विकास कार्यों में कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि रेघड़ा शिव मंदिर पर प्रतिदिन दर्जनों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन पेयजल की उचित व्यवस्था न होने से उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके और यदि कोई दोषी पाया जाए तो संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
    user_Jitendr Prshad
    Jitendr Prshad
    Court reporter दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ उत्कृष्ट शैक्षिक योगदान के लिए एक व्यक्ति/संस्था को सम्मानित किया गया है। इस सम्मान के बाद सोनभद्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।
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    नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ उत्कृष्ट शैक्षिक योगदान के लिए एक व्यक्ति/संस्था को सम्मानित किया गया है। इस सम्मान के बाद सोनभद्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।
    user_Nitesh Kumar
    Nitesh Kumar
    Mandi Agent Mahuli•
    4 hrs ago
  • गायक सिंटू नंदन ने अपना इंस्टाग्राम आईडी साझा करते हुए लोगों से उन्हें फॉलो करने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि उनकी इंस्टाग्राम आईडी 'singer sintu nandan 143' है, और उन्होंने सभी से इस आईडी पर जाकर उन्हें फॉलो करने की अपील की।
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    गायक सिंटू नंदन ने अपना इंस्टाग्राम आईडी साझा करते हुए लोगों से उन्हें फॉलो करने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि उनकी इंस्टाग्राम आईडी 'singer sintu nandan 143' है, और उन्होंने सभी से इस आईडी पर जाकर उन्हें फॉलो करने की अपील की।
    user_Sintu nandan
    Sintu nandan
    Grain Shop डुमरिया, गया, बिहार•
    6 hrs ago
  • झारखंड के गढ़वा जिले के रंका प्रखंड की दुधवल पंचायत में शनिवार देर रात तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली गिरने से एक बड़ा हादसा हो गया। इस दर्दनाक घटना में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। कटरा पंचायत के समाजसेवी नसीम अंसारी ने रविवार सुबह लगभग सात बजे जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार रात तेज हवा और मूसलाधार बारिश के दौरान अचानक आकाशीय बिजली गिरी। इसकी चपेट में आने से दुधवल पंचायत निवासी 18 वर्षीय शहबाज आलम, जो मोजीब अंसारी के बेटे थे, और 12 वर्षीय फैजून खातून, जो अकबर अंसारी की बेटी थीं, की मौत हो गई। वहीं, अब्दुल सत्तार अंसारी के बेटे मकसूद आलम गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों और ग्रामीणों की मदद से घायल को तत्काल रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने शहबाज आलम और फैजून खातून को मृत घोषित कर दिया। घायल मकसूद आलम का अस्पताल में इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही दुधवल पंचायत के मुखिया इजहार अंसारी, समाजसेवी नसीम अंसारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंचे और शोकाकुल परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी, साथ ही हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। इस हृदयविदारक घटना से पूरे दुधवल पंचायत में मातम का माहौल है, और ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतकों के परिजनों को शीघ्र सरकारी सहायता एवं मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है। प्रशासन द्वारा भी घटना की जानकारी जुटाई जा रही है।
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    झारखंड के गढ़वा जिले के रंका प्रखंड की दुधवल पंचायत में शनिवार देर रात तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली गिरने से एक बड़ा हादसा हो गया। इस दर्दनाक घटना में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

कटरा पंचायत के समाजसेवी नसीम अंसारी ने रविवार सुबह लगभग सात बजे जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार रात तेज हवा और मूसलाधार बारिश के दौरान अचानक आकाशीय बिजली गिरी। इसकी चपेट में आने से दुधवल पंचायत निवासी 18 वर्षीय शहबाज आलम, जो मोजीब अंसारी के बेटे थे, और 12 वर्षीय फैजून खातून, जो अकबर अंसारी की बेटी थीं, की मौत हो गई। वहीं, अब्दुल सत्तार अंसारी के बेटे मकसूद आलम गंभीर रूप से घायल हो गए।

परिजनों और ग्रामीणों की मदद से घायल को तत्काल रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने शहबाज आलम और फैजून खातून को मृत घोषित कर दिया। घायल मकसूद आलम का अस्पताल में इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही दुधवल पंचायत के मुखिया इजहार अंसारी, समाजसेवी नसीम अंसारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंचे और शोकाकुल परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी, साथ ही हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। इस हृदयविदारक घटना से पूरे दुधवल पंचायत में मातम का माहौल है, और ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतकों के परिजनों को शीघ्र सरकारी सहायता एवं मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है। प्रशासन द्वारा भी घटना की जानकारी जुटाई जा रही है।
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    17 hrs ago
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