बाराबंकी के पल्हरी पावर हाउस के अंतर्गत ग्राम पंचायत सुरसंण्डा में विद्युत विभाग के दो संविदा कर्मियों पर उपभोक्ताओं से अवैध वसूली करने का गंभीर आरोप लगा है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि संविदा कर्मी चंद्रशेखर उर्फ मंगल तथा इश्तियाक अहमद ने बिजली संबंधी समस्याओं के समाधान और कार्य के नाम पर ₹200-₹200 यानी कुल ₹400 की राशि वसूली है। इस अवैध वसूली के कारण उपभोक्ताओं को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा है। क्षेत्र के लोगों ने इस घटना को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि एक ओर सरकार भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था और पारदर्शी सेवाएं देने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे कर्मचारी अपनी कार्यशैली से सरकार की छवि धूमिल कर रहे हैं। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने और उपभोक्ताओं से होने वाली इस अवैध वसूली पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।
बाराबंकी के पल्हरी पावर हाउस के अंतर्गत ग्राम पंचायत सुरसंण्डा में विद्युत विभाग के दो संविदा कर्मियों पर उपभोक्ताओं से अवैध वसूली करने का गंभीर आरोप लगा है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि संविदा कर्मी चंद्रशेखर उर्फ मंगल तथा इश्तियाक अहमद ने बिजली संबंधी समस्याओं के समाधान और कार्य
के नाम पर ₹200-₹200 यानी कुल ₹400 की राशि वसूली है। इस अवैध वसूली के कारण उपभोक्ताओं को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा है। क्षेत्र के लोगों ने इस घटना को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि एक ओर सरकार भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था और पारदर्शी सेवाएं देने का दावा करती
है, वहीं दूसरी ओर ऐसे कर्मचारी अपनी कार्यशैली से सरकार की छवि धूमिल कर रहे हैं। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने और उपभोक्ताओं से होने वाली इस अवैध वसूली पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।
- आगामी श्रावण माह और कांवड़ यात्रा को देखते हुए बाराबंकी में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू कर दिया है। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन तथा सहायक आयुक्त (खाद्य)-II के निर्देश पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तीन विशेष जांच टीमें गठित की गई हैं। यह टीमें लखनऊ-अयोध्या हाईवे, अयोध्या-लखनऊ मार्ग तथा बाराबंकी-गोंडा-बहराइच राजमार्ग पर स्थित ढाबों, होटलों और रेस्टोरेंटों का निरीक्षण कर रही हैं। इसके साथ ही रामनगर के लोधेश्वर महादेव मंदिर और हैदरगढ़ के अवशानेश्वर मंदिर के आसपास स्थित खाद्य प्रतिष्ठानों की भी विशेष निगरानी की जा रही है। अभियान के तहत श्रद्धालुओं की जानकारी और भोजन की गुणवत्ता पर फीडबैक के लिए प्रतिष्ठानों पर फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप के साइनेज लगाए जा रहे हैं। खाद्य कारोबारियों को अपना लाइसेंस प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करने, मूल्य सूची लगाने, साफ-सफाई बनाए रखने, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने तथा कांवड़ यात्रा मार्ग पर खुले में मांस और अंडे की बिक्री पूरी तरह बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। गुणवत्ता संबंधी शिकायत मिलने पर तत्काल जांच और कार्रवाई की बात कही गई है। जांच के दौरान बर्गर सिंह, द तमिल कैफे एंड फूड फैक्ट्री, कृष्णा ढाबा, डिसेंट एंड डिलाइट, शीतल छाया, कालिका हाईवे एंड रेस्टोरेंट, गुप्ता ढाबा और अवस्थी ढाबा सहित कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। कई स्थानों पर गंदगी पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सुधार नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि रामसनेहीघाट स्थित कालिका एक्सप्रेस से शाही पनीर का नमूना जांच के लिए संग्रहित किया गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि खाद्य पदार्थों में अखाद्य रंगों का प्रयोग मिलने पर लाइसेंस निलंबित करने और प्रतिष्ठान बंद कराने जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी, साथ ही खाद्य सामग्री को धूल और कीट-पतंगों से बचाने के लिए ढककर रखना अनिवार्य किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित जवाहर भवन में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया है। प्रदेश का 'मिनी सचिवालय' कहे जाने वाले इस भवन में कई महत्वपूर्ण सरकारी विभागों के कार्यालय संचालित होते हैं, जहां बड़ी संख्या में सरकारी फाइलें और दस्तावेज रखे जाते हैं। आग की खबर मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया। सुरक्षा के लिहाज से पूरे भवन को खाली करा लिया गया, जिससे कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और दमकल कर्मी इसे काबू में करने की कोशिशों में जुटे हुए हैं। जवाहर भवन में प्रदेश सरकार के कई विभागों के दफ्तर होने की वजह से इस घटना को बेहद गंभीर माना जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। आग से हुए नुकसान और प्रभावित हुई महत्वपूर्ण फाइलों का सटीक आकलन आग बुझने के बाद ही किया जा सकेगा।1
- बाराबंकी के पल्हरी पावर हाउस के अंतर्गत ग्राम पंचायत सुरसंण्डा में विद्युत विभाग के दो संविदा कर्मियों पर उपभोक्ताओं से अवैध वसूली करने का गंभीर आरोप लगा है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि संविदा कर्मी चंद्रशेखर उर्फ मंगल तथा इश्तियाक अहमद ने बिजली संबंधी समस्याओं के समाधान और कार्य के नाम पर ₹200-₹200 यानी कुल ₹400 की राशि वसूली है। इस अवैध वसूली के कारण उपभोक्ताओं को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा है। क्षेत्र के लोगों ने इस घटना को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि एक ओर सरकार भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था और पारदर्शी सेवाएं देने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे कर्मचारी अपनी कार्यशैली से सरकार की छवि धूमिल कर रहे हैं। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने और उपभोक्ताओं से होने वाली इस अवैध वसूली पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।3
- लखनऊ में मोहन रोड से शकुंतला यूनिवर्सिटी के सामने 500 मीटर तक का रास्ता अत्यधिक जर्जर स्थिति में है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, जलभराव और कीचड़ जमा होने के कारण आवाजाही करने वाले लोगों और स्कूली बच्चों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग पर दो स्कूल आमने-सामने स्थित हैं—सरदार भगत सिंह (जो अब अवध कॉलेज बन गया है) और लक्ष्मी नारायण स्कूल। रास्ते में कीचड़ के कारण पैर फिसलने से कई मासूम बच्चों को गंभीर चोटें आ चुकी हैं, जिससे उनका स्कूल तक छूट रहा है। इसके साथ ही बच्चों और उनके परिजनों के कपड़े भी खराब हो रहे हैं। सड़क का सही तरीके से निर्माण न होने और इस बदहाली को लेकर स्थानीय समाज और परिजनों में सरकार के रवैये तथा नगर निगम लखनऊ के कार्यप्रणाली के प्रति भारी नाराजगी है। मासूम बच्चों और परिजनों की परेशानी को देखते हुए लोगों ने माननीय मुख्यमंत्री और माननीय नगर आयुक्त लखनऊ से इस प्रकरण में तुरंत संज्ञान लेने की मांग की है, ताकि सड़क का उचित निर्माण कराकर जनता की इस समस्या का समाधान किया जा सके।4
- सपा मुखिया अखिलेश यादव को मंगलवार की शाम 6 बजे दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। रास्ते में अखिलेश ने पुलिसवालों को पूछा- कहां ले जा रहे हो? पुलिसकर्मी ने जवाब दिया कि अफसर जैसा कहेंगे, वहां ले जाया जाएगा। पुलिस अखिलेश को छत्रसाल स्टेडियम ले गई। स्टेडियम के बाहर सपा सांसद धर्मेंद्र यादव तमाम कार्यकर्ताओं के साथ पहुंच गए। नारेबाजी करने लगे। अखिलेश दोपहर 3 बजे पीएम आवास के पास कांग्रेसियों के धरने में पहुंचे थे। पुलिस ने अखिलेश के साथ राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया था।1
- दिल्ली में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में बना हुआ है। इस वीडियो में वह केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखी राजनीतिक टिप्पणी करती हुई दिखाई दे रही हैं। हिरासत से पहले प्रियंका गांधी के तीखे तेवर देखने को मिले, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद उनके बयान को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है और पूरे मामले पर सियासत गरमा गई है।1
- दिल्ली में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन शुरू हो गया है। बाराबंकी में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी छाया चौराहे पर एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष की गिरफ्तारी के खिलाफ पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर अपना कड़ा विरोध दर्ज करा रहे हैं।1
- मेरा पूरा परिवार हरचंदपुर रायबरेली सोनी शुक्ला क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश मेरा पूरा परिवार हरचंदपुर रायबरेली सोनी शुक्ला क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश1