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Balvant singh Press
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- Post by Balvant singh Press1
- दिल्ली का किराड़ी भयंकर जलभराव के कारण नर्क बन चुका है। लोग बेहद परेशान हैं, अपना बसा-बसाया घर छोड़कर पलायन करने को मजबूर हैं। वहीं, इन हालातों में BJP सरकार ने आदतन अपनी जिम्मेदारी व जवाबदेही से पीछा छुड़ाते हुए रहवासियों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। आज दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष @devendrayadvinc जी और कांग्रेस नेताओं ने किराड़ी के शर्मा इंक्लेव पहुंचकर स्थानीय निवासियों से बात की, स्थिति का जायजा लिया और जनता की आवाज उठाई। 📍 दिल्ली पराग प्रसाद रावत राष्ट्रीय महासचिव अखिल भारतीय राजीव गांधी विचार मंच1
- रायबरेली गोरा बाजार मोहारी का पुरवा विधवा महिला ज्ञान वती के सास का नाम गुन्ता था गुन्ता ने अपने बेटे रामकुमार को वसीयत कर दिया रेखा बाजपेयी सदर तहसील मे नकली बैनामा दिखा कर मुन्सी ओर कर्मचारी को घूस देकर गुन्ता का नाम कटवा दिया ओर रेखा बाजपेयी नकली बैनामा दिखा कर अपने नाम चाडाॅ लिया जब ज्ञान वती को पता चला तो ज्ञान वती ने लखनऊ कमीशीनी से मुकादमा दैर किया लखनऊ कमीशीनी से केश चल रहा लेकिन रेखा बाजपेयी फर्जी कागज दिखा कर अधिकारियों ओर प्रशासन को घूस देकर आयेदिन जोर जबरदस्ती अवैध कप्जा है ज्ञानवती ने लगाई मुख्यमंत्री योगी बाबा महराज से वरासात चडाने कि गुहार4
- Post by Shyamu Patel1
- 🪔 1) विवाद की शुरुआत — मौनी अमावस्या Magh Mela 2026 मौनी अमावस्या (19–20 जनवरी 2026) के अवसर पर प्रयागराज (संगम) में अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य स्नान करने निकले, लेकिन प्रशासन/पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इससे उनके अनुयायियों और अधिकारियों के बीच धक्कामुक्की हुई। � AajTak विवाद के दौरान उनकी पालकी रोकी गई, छत्र टूटने जैसे घटनाक्रम भी सामने आए। � AajTak इसके बाद उन्होंने धरना देकर विरोध जताया, प्रशासन पर अपने अनुयायियों के साथ मारपीट का आरोप लगाया और मांग की कि उनसे माफी ली जाए। � AajTak +1 👉 यह घटना धार्मिक आयोजन में शक्ति/प्रशासन बनाम एक धार्मिक व्यक्ति का पहला बड़ा टकराव थी। 📜 2) प्रशासनिक कार्रवाई — “शंकराचार्य” शीर्षक पर नोटिस मेला प्रशासन ने उनके खिलाफ नोटिस जारी किया कि वे ‘शंकराचार्य’ का उपयोग क्यों कर रहे हैं, जबकि उस पद के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में लंबित विवाद है। � The Economic Times +2 नोटिस में यह भी कहा गया कि कोर्ट के आदेश के बावजूद वे स्वयं को उस पद से जोड़ रहे हैं, इसलिए स्पष्ट जवाब दें। � The Economic Times 📌 यह प्रशासनिक कदम विवाद को एक धार्मिक पद की वैधता और दस्तावेज़ों/न्यायिक स्थिति के स्तर तक ले गया है। ⚖️ 3) पृष्ठभूमि — 73 साल पुराना शंकराचार्य विवाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शंकराचार्य पद को लेकर विवाद कोई नया नहीं है, बल्कि लंबे समय से न्यायालयों में मामला लंबित है कि ज्योतिषपीठ के वास्तविक शंकराचार्य कौन हैं। � AajTak इलाहाबाद हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में यह मामला वर्षों से जारी रहा है, और कोर्ट ने किसी नई पुष्टि से पहले संबंधित कदमों पर रोक लगा रखी है। � The Hans India 👉 प्रशासन का नोटिस इसी क़ानूनी अनिश्चितता को आधार बना रहा है। 🔥 4) राजनीतिक बवाल विवाद केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तेजी से राजनीतिक मोड़ ले लिया है: कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार किसी संत की हैसियत पर सवाल नहीं उठा सकती। � Amar Ujala समाजवादी पार्टी के नेता ने भी सरकार के रवैये को ‘सनातन परंपरा का अपमान’ बताया। � Devdiscourse अविमुक्तेश्वरानंद खुद भी योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे हिंदुओं के प्रति असंवेदनशील हैं। � Navbharat Live 👉 इस तरह विवाद धार्मिक अधिकार, प्रशासनिक नियंत्रण और राजनीतिक प्रतिक्रिया के बीच एक बड़ा मुद्दा बन गया है। 🧵 5) विवाद के इर्द-गिर्द अन्य आरोप-प्रत्यारोप विवाद से पहले भी अविमुक्तेश्वरानंद का सरकारी और धार्मिक पदाधिकारियों के बीच मतभेद रहा है, जैसे उन्हें महाराष्ट्र में “state guest” दर्जा खोने का मामला, � The Week कुछ संतों द्वारा उन्हें ‘fake Shankaracharya’ कहे जाने और उन पर आपत्तिजनक आरोप लगाने के मामले। � First India इस पर उन्होंने कानूनी कार्रवाई भी की है, जिसमें हाईकोर्ट में मुक़दमे चल चुके हैं। � latestlaws.com 👉 ये मामलों से यह स्पष्ट होता है कि विवाद केवल मौनी अमावस्या तक सीमित नहीं, बल्कि एक लंबा धार्मिक–राजनीतिक संघर्ष बन चुका है। 📍 वर्तमान स्थिति — अब तक कहाँ तक पहुँचा? ✅ मौनी अमावस्या के दौरान हुई रोक और झड़प से शुरू हुआ विवाद अब: प्रशासनिक नोटिसों और कानूनी प्रश्नों तक पहुँच गया है। � The Economic Times राजनीतिक दलों के बयानबाज़ी में बदल गया है। � Amar Ujala धर्म, सत्ता और न्यायपालिका के लंबित मामलों के बीच जुड़ा हुआ मुद्दा बन गया है। � AajTak 👉 इसका अगला चरण यह होगा कि न्यायालय इस विवादित शीर्षक पर अंतिम फैसला कब करेगा, और क्या प्रशासन या सरकार इससे संबंधित कार्रवाईें जारी रखेगी या नहीं — यह आगे की दिशा तय करेगा।1
- फतेहपुर में हाईप्रोफाइल मर्डर से सनसनी करोड़ों की जमीन के कारोबारी जयराज मानसिंह की गला रेतकर हत्या अंकित नामक युवक के साथ खेत गए थे, फिर मिला सरसों के खेत में शव फोरेंसिक टीम और एसओजी जांच में जुटी, हत्या के पीछे जमीन विवाद की आशंका जमींदार परिवार से ताल्लुक, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंप फतेहपुर में दिनदहाड़े उद्योगपति की गला रेतकर हत्या, जिले में मचा हड़कंप करोड़ों की जमीन बना हत्या का कारण? पुलिस हर एंगल से कर रही जांच महर्षि विद्या मंदिर के पास खेत में मिला शव, इलाके में दहशत हाईप्रोफाइल केस: SOG, इंटेलिजेंस व सर्विलांस टीम जांच में जुटी 24–48 घंटे में खुलासे का दावा, नौकर हिरासत में 📰 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) फतेहपुर में कारोबारी की निर्मम हत्या, जिले में दहशत फतेहपुर जिले से एक सनसनीखेज और हाईप्रोफाइल हत्या की घटना सामने आई है। जिले के जाने-माने कारोबारी और जमींदार जयराज मानसिंह की दिनदहाड़े गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी गई। उनका शव सदर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत महर्षि विद्या मंदिर के पास स्थित उनके ही खेत में मिला, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। अंकित के साथ खेत गए, फिर अचानक लापता परिजनों के अनुसार, जयराज मानसिंह बुधवार शाम करीब 4 बजे एक युवक अंकित के साथ अपने बाग की ओर गए थे। लगभग साढ़े चार बजे अंकित ने ही फोन कर परिजनों को बताया कि जयराज मानसिंह से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसके बाद परिजनों ने तलाश शुरू की तो सरसों के खेत में उनका गला कटा हुआ शव मिला। उत्तर प्रदेश के जिले में बुधवार को दिनदहाड़े हुई एक निर्मम हत्या ने पूरे जनपद को झकझोर कर रख दिया। जिले के जाने-माने उद्योगपति और बड़े जमीदार जयराज मान सिंह की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। उनका शव सदर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत महर्षि विद्या मंदिर के पास स्थित उनके ही खेत में मिला, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जयराज मान सिंह शाम करीब 4 बजे बुलेट चौराहे स्थित अपने आवास से खेत की ओर निकले थे। परिजनों का कहना है कि वह अंकित नामक युवक के साथ बाग गए थे। कुछ समय बाद अंकित ने फोन कर बताया कि जयराज मान सिंह से संपर्क नहीं हो पा रहा है। तलाश के दौरान परिजन खेत पहुंचे, जहां सरसों के खेत में उनका गला कटा शव मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य संकलन कराया गया। परिजन इस दौरान बेहद आक्रोशित नजर आए और मीडिया को घटनास्थल से दूर रहने को कहा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हत्या के पीछे करोड़ों रुपये की जमीन से जुड़ा विवाद एक बड़ा कारण हो सकता है। मृतक के पास जनपद में सैकड़ों बीघा भूमि थी और शहर में कई सरकारी भवन—जैसे एसपी आवास, डीएम आवास और जिला कारागार—मानसिंह परिवार की जमीन पर किराए से संचालित बताए जाते हैं। यह मामला इसलिए भी हाईप्रोफाइल माना जा रहा है क्योंकि मृतक को समाजवादी पार्टी सरकार में प्रमुख सचिव रहे आईएएस का रिश्तेदार बताया जा रहा है। पुलिस ने खुलासे के लिए इंटेलिजेंस विंग, एसओजी, सर्विलांस और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीमें लगा दी हैं। मृतक का नौकर फिलहाल पुलिस हिरासत में है और उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि घटना से जुड़े अहम सुराग हाथ लगे हैं और 24 से 48 घंटे के भीतर मामले का खुलासा किया जा सकता है। ✊ जनहित में अपील यह घटना केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा से जुड़ा सवाल है। ND News प्रशासन से मांग करता है कि दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर सख्त सजा दिलाई जाए, ताकि कानून व्यवस्था पर जनता का भरोसा बना रहे। नागरिकों से भी अपील है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और अफवाहों से बचें। करोड़ों की जमीन, प्रशासनिक भवन भी किराए पर जयराज मानसिंह एक प्रतिष्ठित जमींदार परिवार से ताल्लुक रखते थे। जनपद में सैकड़ों बीघा जमीन के मालिक जयराज मान सिंह की संपत्तियों में एसपी आवास, जिला कारागार और डीएम आवास जैसे सरकारी भवन भी शामिल हैं, जिन्हें सरकार किराए पर उपयोग कर रही है। परिवार के कई सदस्य विदेशों में रहकर बड़े व्यवसाय से जुड़े हैं। NDNEWS | आपकी आवाज़, निष्पक्ष खबर 👇👇 @dgpup @RSSorg @UPGovt @wpl1090 @RSSgeet @Uppolice @MIB_India @PMOIndia @HMOIndia @VHPDigital @igrangealld @myogioffice @InfoDeptUP @dmfatehpur @sdmsadarftp @CMOfficeUP @CMOUP_RC @UPPRD1948 @ChiefSecyUP @ChiefSecyUP @MahantYogiG @FatehpurSdm @fatehpurpolice @BajrangDalOrg @112UttarPradesh @myogiadityanath @CommissionerPrg @ADGZonPrayagraj @ANOOPSINGH_IPS1
- UP,फतेहपुर के बड़े जमींदार जयराज मान सिंह का मर्डर। धारदार हथियार से गला काटा गया। DM/SP आवास तक इनकी पुश्तैनी जमीनों पर बने हैं। बड़े जमींदारों में गिनती होती है। हत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं।1
- वर्तमान परिप्रेक्ष्य मे मेरी अपनी राय...1