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मीरगंज थाना क्षेत्र के भटहर गांव में घर बनाते समय हुई मारपीट में घायलों का हाल-चाल लेनेसीएचसी मछलीशहर पर पहुंची क्षेत्राधिकारी मछली शहर प्रतिमा वर्मा
Dharmendra Giri
मीरगंज थाना क्षेत्र के भटहर गांव में घर बनाते समय हुई मारपीट में घायलों का हाल-चाल लेनेसीएचसी मछलीशहर पर पहुंची क्षेत्राधिकारी मछली शहर प्रतिमा वर्मा
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- Post by Dharmendra Giri1
- वाराणसी, 09 अप्रैल। गंगा नदी में जल गश्त के दौरान आज राजघाट ब्रिज के पास एक व्यक्ति द्वारा नदी में छलांग लगाने की घटना सामने आई। एनडीआरएफ की टीम, जो उस समय गंगा नदी में नियमित गश्त पर तैनात थी, ने स्थिति को तुरंत भांपते हुए त्वरित कार्रवाई की और डूब रहे युवक के सफल रेस्क्यू को अंजाम दिया। एनडीआरएफ की टीम उप महानिरीक्षक श्री मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में गंगा नदी में निरंतर एवं नियमित जल गश्त करती रहती हैं। घटना के समय गंगा नदी में गश्त कर रही एनडीआरएफ टीम ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। एनडीआरएफ के रेस्क्यूअर्स ने बिना समय गंवाए गहरे पानी में छलांग लगाई और अन्य रेस्क्यूअर्स के साथ मिलकर युवक तक पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के दौरान पाया गया कि युवक कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था। तत्पश्चात रेस्क्यूअर्स द्वारा तुरंत प्राथमिक उपचार एवं जीवन रक्षक उपाय (जैसे पानी निकालना एवं सीपीआर प्रदान करना) शुरू किए गए। आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान करने के बाद उसे सुरक्षित रूप से घाट के किनारे लाया गया तथा उसकी स्थिति सामान्य होने तक लगातार निगरानी एवं सहायता दी गई। एनडीआरएफ द्वारा किए गए इस त्वरित, साहसिक एवं अत्यंत पेशेवर बचाव ने एक बार फिर बल की उत्कृष्ट कार्यकुशलता, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता एवं “सेवा और सुरक्षा” के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता को प्रमाणित किया है। मौके पर उपस्थित लोगों ने इस वीरतापूर्ण कार्य को प्रत्यक्ष रूप से देखा और एनडीआरएफ के जांबाज रेस्क्यूअर्स की सराहना करते हुए उनके प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।1
- Post by Shiva bloge1
- Post by Rahat time's1
- *तालाब में डूबने से दो बालकों की मौत* *जौनपुर।* मछलीशहर कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार को तालाब में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई। घटना से पूरे गांव में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बताते है कि पराहित गांव निवासी अरविंद का 12 वर्षीय पुत्र मोनू उर्फ सत्यम और लालबहादुर का 9 वर्षीय पुत्र उमंग बिना बताए गांव के पास स्थित तालाब में नहाने चले गए। उस समय परिवार के सदस्य खेतों में गेंहू की कटाई के काम में व्यस्त थे। परिजन शाम को जब खेतों से लौटे तो दोनों बच्चे घर पर नहीं मिले। इसके बाद उनकी तलाश शुरू की गई। काफी खोजबीन के बाद घर से करीब 500 मीटर दूर तालाब में दोनों के शव मिलने की सूचना मिली। आशंका जताई जा रही है कि नहाते समय दोनों गहरे पानी में चले गए जिससे उनकी खोजबीन के बाद घर से करीब 500 मीटर दूर तालाब में दोनों के शव मिलने की सूचना मिली। आशंका जताई जा रही है कि नहाते समय दोनों गहरे पानी में चले गए, जिससे उनकी डूबकर मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ तालाब के पास जुट गई। ग्रामीणों ने ही दोनों बच्चों के शव पानी से बाहर निकाले। मौके पर पहुंचीं बच्चों की मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। एक साथ दो बच्चों की मौत से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले। मोनू उर्फ सत्यम के पिता दिल्ली में मजदूरी करते हैं। वह तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था और प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 4 का छात्र था। वहीं उमंग के पिता मुंबई में काम करते हैं। उमंग दो भाइयों में बड़ा था और किसान पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 7 में पढ़ता था। सूचना पर देर रात पहुंचे प्रभारी निरीक्षक विनीत रॉय ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर बुधवार सुबह पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।1
- Post by Jitendra bahadur Dubey1
- इच्छाशक्ति हो तो फर्क पड़ता है: चेतगंज में दिखा असर, जाम से मिली राहत वाराणसी के चेतगंज क्षेत्र में स्थित आर्य महिला स्कूल के आसपास छुट्टी के समय रोजाना लगने वाला भीषण जाम आज नज़र नहीं आया। आम दिनों में यहां अभिभावकों और वाहनों की भारी भीड़ के चलते सड़कें जाम से जूझती रहती थीं, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी होती थी। लेकिन आज तस्वीर कुछ अलग रही। थाना प्रभारी चेतगंज ने खुद मोर्चा संभालते हुए यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया। उनके नेतृत्व में पुलिस टीम ने स्कूल छुट्टी के समय ट्रैफिक को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया, जिससे पूरे क्षेत्र में यातायात सामान्य रूप से चलता दिखाई दिया। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि यदि इसी तरह नियमित रूप से निगरानी और प्रबंधन किया जाए, तो रोज लगने वाले जाम से स्थायी राहत मिल सकती है। यह पहल इस बात का उदाहरण है कि यदि जिम्मेदारी के साथ इच्छाशक्ति जुड़ जाए, तो हालात बदलने में देर नहीं लगती।1
- घटना के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और ट्रेन को तुरंत मथुरा जंक्शन के पास रोका गया। ट्रेन से उठते धुएं को देखकर यात्रियों में दहशत फैल गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक यह हादसा दिल्ली से हैदराबाद जा रही राजधानी एक्सप्रेस में हुआ। राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। रेलवे और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में जुटी हैं।1