मुख्यमंत्री के दो दिवसीय बांसवाड़ा, कुशलगढ़ और डूंगरपुर दौरे की जानकारी होने के बावजूद, बांसवाड़ा के महात्मा गांधी (M.G.) अस्पताल में बड़ी लापरवाही सामने आई है। A2ZNEWS24 की टीम ने लगभग 12:30 बजे अस्पताल में प्रवेश किया, जबकि मुख्यमंत्री को करीब 2 बजे तक कुशलगढ़ से बांसवाड़ा पहुंचना था। टीम ने पाया कि इतनी भीषण गर्मी में कई लोग पानी के लिए इधर-उधर भटक रहे थे। रिपोर्टरों ने कुछ लोगों को पानी के नालों को ठीक करते और सफाई करते भी देखा, वहीं कुछ लोगों को पानी की बोतलें अस्पताल के पीछे ले जाते देखकर टीम हैरान रह गई। यह स्थिति इस सवाल को जन्म देती है कि आखिर इतनी गर्मी में लोग पानी के लिए इधर-उधर क्यों भटक रहे हैं। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में 20 रुपये का टिकट किस कारण से और किसके आदेश पर लिया जा रहा है, इस पर भी सवाल उठाया गया। साथ ही, मरीजों को सीटी स्कैन जैसी सुविधा के लिए उदयपुर और निजी अस्पतालों में क्यों भेजा जा रहा है, जबकि एम.जी. अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध है। रिपोर्ट में मुख्यमंत्री के बांसवाड़ा दौरे की जानकारी होने के बावजूद इस तरह की बड़ी लापरवाही होने पर गहरा सवाल उठाया गया है।
मुख्यमंत्री के दो दिवसीय बांसवाड़ा, कुशलगढ़ और डूंगरपुर दौरे की जानकारी होने के बावजूद, बांसवाड़ा के महात्मा गांधी (M.G.) अस्पताल में बड़ी लापरवाही सामने आई है। A2ZNEWS24 की टीम ने लगभग 12:30 बजे अस्पताल में प्रवेश किया, जबकि मुख्यमंत्री को करीब 2 बजे तक कुशलगढ़ से बांसवाड़ा पहुंचना था। टीम ने पाया कि इतनी भीषण गर्मी में कई लोग पानी के लिए इधर-उधर भटक रहे थे। रिपोर्टरों ने कुछ लोगों को पानी के नालों को ठीक करते और सफाई करते भी देखा, वहीं कुछ लोगों को पानी की बोतलें अस्पताल के पीछे ले जाते देखकर टीम हैरान रह गई। यह स्थिति इस सवाल को जन्म देती है कि आखिर इतनी गर्मी में लोग पानी के लिए इधर-उधर क्यों भटक रहे हैं। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में 20 रुपये का टिकट किस कारण से और किसके आदेश पर लिया जा रहा है, इस पर भी सवाल उठाया गया। साथ ही, मरीजों को सीटी स्कैन जैसी सुविधा के लिए उदयपुर और निजी अस्पतालों में क्यों भेजा जा रहा है, जबकि एम.जी. अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध है। रिपोर्ट में मुख्यमंत्री के बांसवाड़ा दौरे की जानकारी होने के बावजूद इस तरह की बड़ी लापरवाही होने पर गहरा सवाल उठाया गया है।
- मुख्यमंत्री के दो दिवसीय बांसवाड़ा, कुशलगढ़ और डूंगरपुर दौरे की जानकारी होने के बावजूद, बांसवाड़ा के महात्मा गांधी (M.G.) अस्पताल में बड़ी लापरवाही सामने आई है। A2ZNEWS24 की टीम ने लगभग 12:30 बजे अस्पताल में प्रवेश किया, जबकि मुख्यमंत्री को करीब 2 बजे तक कुशलगढ़ से बांसवाड़ा पहुंचना था। टीम ने पाया कि इतनी भीषण गर्मी में कई लोग पानी के लिए इधर-उधर भटक रहे थे। रिपोर्टरों ने कुछ लोगों को पानी के नालों को ठीक करते और सफाई करते भी देखा, वहीं कुछ लोगों को पानी की बोतलें अस्पताल के पीछे ले जाते देखकर टीम हैरान रह गई। यह स्थिति इस सवाल को जन्म देती है कि आखिर इतनी गर्मी में लोग पानी के लिए इधर-उधर क्यों भटक रहे हैं। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में 20 रुपये का टिकट किस कारण से और किसके आदेश पर लिया जा रहा है, इस पर भी सवाल उठाया गया। साथ ही, मरीजों को सीटी स्कैन जैसी सुविधा के लिए उदयपुर और निजी अस्पतालों में क्यों भेजा जा रहा है, जबकि एम.जी. अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध है। रिपोर्ट में मुख्यमंत्री के बांसवाड़ा दौरे की जानकारी होने के बावजूद इस तरह की बड़ी लापरवाही होने पर गहरा सवाल उठाया गया है।1
- राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार, बुधवार को आसपुर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने आसपुर तहसील मुख्यालय पर जनसमस्याओं को लेकर एक धरना-प्रदर्शन किया। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गजेंद्र सिंह खरोडिया के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई, बिजली-पानी की समस्या, बेरोजगारी, रसोई गैस की किल्लत सहित आमजन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपना तीखा विरोध जताया। ब्लॉक अध्यक्ष गजेंद्र सिंह खरोडिया ने विशेष रूप से बिजली कटौती को लेकर आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के डूंगरपुर दौरे के दौरान तो विद्युत आपूर्ति बराबर थी, लेकिन उनके जाने के बाद यह पूरी तरह चरमरा गई, जिससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में गहरा गुस्सा दिखा। राकेश बामनिया ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह कांग्रेस शासनकाल में स्वीकृत हुए विकास कार्यों को रोक रही है। उन्होंने बिजली कटौती और पंचायतों में बजट रोकने जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। खुदेड़ा के सरपंच रामलाल ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि उसके पास कांग्रेस सरकार द्वारा बनाई गई नहरों की मरम्मत के लिए भी बजट नहीं है, ऐसे में विकास कार्यों के लिए बजट कहाँ से मिलेगा। उन्होंने पानी, बिजली, हर घर नल-जल योजना, पेंशन और रोजगार गारंटी सहित सभी योजनाओं में बजट की कमी का आरोप लगाया। रामलाल ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली के नाम पर स्मार्ट मीटर लगाकर लोगों को लूटा जा रहा है और पेट्रोल-डीजल की नई दरों को चार बार लागू कर सीधा जनता पर बोझ डाला जा रहा है। इसके अतिरिक्त, कोर्ट के आदेश के बावजूद भाजपा सरकार द्वारा पंचायत राज चुनाव न कराए जाने को लेकर भी कांग्रेस में भारी आक्रोश देखने को मिला। प्रदर्शन के बाद, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार के माध्यम से राज्य सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस 'हल्ला बोल' प्रदर्शन के ज़रिए कांग्रेस ने महंगाई और बिजली-पानी संकट के साथ-साथ भाजपा सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला।1
- राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के बागीदौरा में जैन समाज ने रीवा, मध्यप्रदेश में दो जैन आर्यिकाओं के दुखद समाधिमरण के विरोध में एक विशाल मौन रैली का आयोजन किया। लगभग 1100 समाजजनों ने इस रैली में भाग लेकर संत सुरक्षा की मांग उठाई और गृहमंत्री अमित शाह के नाम एक ज्ञापन सौंपा। जैन समाज ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा साधु-संतों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्थाएं लागू करने की पुरजोर मांग की है।2
- कुशलगढ़ क्षेत्र के बड़ी सरवा गांव में रात्रिकालीन क्रिकेट टूर्नामेंट बी.एस.पी.एल. सीजन-3 का फाइनल मुकाबला रोमांच और उत्साह के बीच संपन्न हुआ। इस निर्णायक मैच में थाला एक्सप्रेस टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 ओवर में 53 रन बनाए। इसके जवाब में, जोगमाया टीम दबाव में बिखर गई और पूरी टीम मात्र 30 रन पर ऑल आउट हो गई। इस जीत के साथ, थाला एक्सप्रेस टीम ने विजेता ट्रॉफी अपने नाम की, जबकि जोगमाया टीम उपविजेता रही। फाइनल के बाद आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि युवा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष संजय सिंह राजपूत ने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी तथा इनामी राशि प्रदान कर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, और ऐसे आयोजन युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करते हैं। इस कार्यक्रम में राहुल झाला, लाखन जी, राहुल गोड, रोहित वाडेल, अर्जुन वाडेल और नयन झाला सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और खेल प्रेमी मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।2
- पूरे देश में ईद-उल-अज़हा, जिसे बकरी ईद भी कहा जाता है, की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं और लोग इस त्योहार को मनाने के लिए काफी उत्साहित हैं। भारत के कुछ इलाकों में बकरी ईद 27 मई को मनाई जा रही है, जबकि अन्य इलाकों में यह 28 मई को मनाई जाएगी। वहीं, सऊदी अरब, मलेशिया और इंडोनेशिया जैसे खाड़ी देशों में बकरी ईद 27 मई को मनाई जाएगी। इन तारीखों की भिन्नता को देखते हुए, बैंकों के बंद रहने की घोषणा की गई है। बकरी ईद के अवसर पर कुछ जगहों पर 27 मई और कुछ अन्य जगहों पर 28 मई को बैंक बंद रहेंगे। इसके अतिरिक्त, बकरी ईद के बाद भी इस महीने में बैंक दो और दिनों के लिए बंद रहेंगे। 30 मई को बैंक बंद रहेंगे क्योंकि यह महीने का चौथा शनिवार है, और हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंकों की छुट्टी होती है। इसके बाद, 31 मई को भी बैंक बंद रहेंगे, क्योंकि उस दिन रविवार है और पूरे देश में हर रविवार को बैंक बंद रहते हैं। बैंक की छुट्टियों के दौरान यदि कोई बैंकिंग संबंधी काम आ जाए, तो ऑनलाइन बैंकिंग (ई-बैंकिंग) के माध्यम से लेन-देन किए जा सकते हैं। हालाँकि, यदि कुछ ऐसे काम हैं जिनके लिए बैंक जाना आवश्यक है, जैसे कि चेक क्लियरेंस, पासबुक अपडेट या ड्राफ़्ट बनवाना, तो ऐसे ग्राहकों को बैंक की छुट्टियों का ध्यान रखना होगा।1
- सीमलवाड़ा में बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आधुनिक भारत के शिल्पकार और देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि मनाई। सांसद कार्यालय के समीप होटल ऋतुराज परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने 'चाचा नेहरू' के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उनके बताए आदर्शों और सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रियकांत पंड्या, जिला कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष मुस्ताक अहमद पठान, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विनोद कुमार कटारा, पंचायतीराज जिलाध्यक्ष रूपचंद भगोरा, पंचायत समिति सदस्य महेंद्र भगोरा, ओबीसी प्रकोष्ठ प्रदेश सचिव सुरेश भोई, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष प्रकाश पाटीदार, ओबीसी जिलाध्यक्ष राकेश लबाना, विधि प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष बालगोविंद पाटीदार और एनएसयूआई अध्यक्ष रितेश भगोरा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, मंडल अध्यक्ष शंकरलाल यादव, धूलेश्वर पाटीदार, विभीषण भगोरा, धवल पटेल, कांति भाई महाराज, पीयूष कलाल, विनोद कुमार यादव, अमरसिंह डामोर, प्रवीण डामोर, अमृतलाल कलाल, शाहिद बंगा, नारायणलाल, गुड्डूलाल और मोहन भाई समेत अनेक कार्यकर्ताओं ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए। पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने पंडित जवाहरलाल नेहरू के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि उन्होंने स्वतंत्र भारत को आधुनिक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ाया। उन्होंने नेहरू के हरित क्रांति, औद्योगिक विकास, शिक्षा, विज्ञान एवं तकनीकी संस्थानों की स्थापना तथा धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र की मजबूत नींव रखने में महत्वपूर्ण योगदान पर जोर दिया। भगोरा ने बताया कि अंग्रेजों की गुलामी के बाद देश जातिवाद, भेदभाव और सामाजिक विषमताओं से जूझ रहा था, लेकिन नेहरू ने भारतीय संविधान की मूल भावना को सर्वोपरि रखते हुए देश को एक मजबूत, सार्वभौम और विकासशील राष्ट्र बनाने की दिशा में काम किया, साथ ही लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करते हुए सामाजिक और आर्थिक विकास की आधारशिला रखी। इस अवसर पर ताराचंद भगोरा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की सार्वजनिक संपत्तियों और संस्थानों को निजी हाथों में सौंपने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे देश की आर्थिक संरचना कमजोर हो रही है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ मिलकर संगठन को मजबूत करें और देशहित की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाएं। कार्यक्रम के अंत में सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 'चाचा नेहरू' की पुण्यतिथि पर उनके आदर्शों, सिद्धांतों और लोकतांत्रिक मूल्यों पर चलने का तथा कांग्रेस संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया।1
- एएनएम एलएचवी संघ राजस्थान के नेतृत्व में बुधवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त निदेशक राकेश शर्मा को 13 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया। संघ प्रमुख सपना पूनिया और संयुक्त कर्मचारी महासंघ एकीकृत के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राणा सहित प्रदेश एवं जिला स्तरीय अन्य पदाधिकारी इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे। इस दौरान निदेशालय में हुई बैठक में कई लंबित मांगों पर सकारात्मक सहमति बनी, जिससे जून माह में उनके समाधान की उम्मीद जगी है। संघ की जिला संयोजक एवं प्रदेश उपाध्यक्ष मीना कुमारी पारेता ने बताया कि चर्चा के दौरान एएनएम से जीएनएम प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके कार्मिकों की डीपीसी सूची 15 जून तक जारी करने, एएनएम से एलएचवी पदोन्नति सूची में संशोधन कर उसे पुनः जारी करने तथा लंबित एमएसीपी प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने पर अधिकारियों ने सकारात्मक सहमति दी है। अधिकारियों ने यह भी आश्वस्त किया कि यदि किसी कर्मचारी के प्रकरण में कोई आपत्ति होगी तो उसकी सूचना सीधे संबंधित कर्मचारी को दी जाएगी, अन्यथा जिम्मेदार कार्मिक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, बैठक में यह भी तय हुआ कि 12 मई को राज्य स्तर पर सम्मानित होने वाली सूची में प्रत्येक जिले से एक एएनएम एवं एक एलएचवी का नाम शामिल किया जाएगा, और ऐसा न होने पर संबंधित सीएमएचओ से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। संघ ने अपनी प्रमुख मांगों में ग्रेड पे में सुधार, सेवा नियमों में संशोधन, पदनाम परिवर्तन, स्थायीकरण, एएनएम से जीएनएम बन चुके कार्मिकों की अंतिम सूची जारी कर पदस्थापन देने, भर्ती नियमों के अनुसार उच्च प्रशिक्षणधारी कार्मिकों को 10 प्रतिशत लाभ प्रदान करने, वेतन विसंगतियों के समाधान तथा एएनएम, एलएचवी, बीएचएस एवं डीएचएस के रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग भी प्रमुखता से उठाई। अतिरिक्त निदेशक राकेश शर्मा ने संगठन की इन मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए जून माह में कई बिंदुओं पर समाधान का आश्वासन दिया। इस सकारात्मक प्रतिक्रिया के लिए संघ पदाधिकारियों, जिनमें प्रदेश कोष प्रभारी पुष्पा मीना, जयपुर संभाग अध्यक्ष सीमा मिश्रा, खैरथल-तिजारा जिला अध्यक्ष सरोज, प्रदेश कानून मंत्री चंद्रप्रभा प्रजापति, जयपुर जिला अध्यक्ष अनीता चौधरी सहित मनोज, सरला रतन, किरण मेघवाल, दीपा मीना एवं अन्य पदाधिकारी शामिल थे, ने उनका आभार व्यक्त किया।1
- कुशलगढ़ के खेड़ापति हनुमान मंदिर परिसर में अधिक मास के चौथे मंगलवार को भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत माहौल देखने को मिला। समाजसेवी संदीप नाहटा के परिवार और अन्य श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर परिसर में 108 दीपकों की भव्य महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष भक्तजन शामिल हुए। दीपों की रोशनी और जयकारों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। संदीप नाहटा ने बताया कि बुधवार सुबह 10 बजे से देर रात तक चले इस आयोजन में खेड़ापति हनुमान मंदिर सभी श्रद्धालुओं के लिए आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र रहा। उन्होंने कहा कि अधिक मास में यहां पूजा-अर्चना और सेवा करने से मन को शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है। मंदिर के पुजारी राकेश बैरागी ने अधिक मास के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। महाआरती के बाद श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया, जिसमें देर रात तक भक्तजन पूरे श्रद्धाभाव से शामिल रहे। कैलाश प्रजापत, जगदीश पटेल, नारायणलाल बारोदिया सहित अनेक श्रद्धालु इस अवसर पर उपस्थित रहे और पूरा मंदिर परिसर भजनों तथा मंत्रोच्चार से भक्तिरस में सराबोर नज़र आया।2