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UGC पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव का बड़ा बयान "UGC में दोषी बचे नहीं, निर्दोष फंसे न।"

2 hrs ago
user_GSA NEWS, GRAMIN DRASHTI SAMACHAR PATRA
GSA NEWS, GRAMIN DRASHTI SAMACHAR PATRA
Newspaper publisher Sadar, Lucknow•
2 hrs ago

UGC पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव का बड़ा बयान "UGC में दोषी बचे नहीं, निर्दोष फंसे न।"

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  • Post by MAKKI TV NEWS
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    Post by MAKKI TV NEWS
    user_MAKKI TV NEWS
    MAKKI TV NEWS
    Journalist Sadar, Lucknow•
    1 hr ago
  • UGC पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव का बड़ा बयान "UGC में दोषी बचे नहीं, निर्दोष फंसे न।"
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    UGC पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव का बड़ा बयान "UGC में दोषी बचे नहीं, निर्दोष फंसे न।"
    user_GSA NEWS, GRAMIN DRASHTI SAMACHAR PATRA
    GSA NEWS, GRAMIN DRASHTI SAMACHAR PATRA
    Newspaper publisher Sadar, Lucknow•
    2 hrs ago
  • 80 फ़ीसदी मेहनत कश लोगों को राजनीति के शिखर पर ले जाने की शपथ कर्मयोगी बब्लू श्रीवास्तव
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    80 फ़ीसदी मेहनत कश लोगों को राजनीति के शिखर पर ले जाने की शपथ कर्मयोगी बब्लू श्रीवास्तव
    user_संयुक्त जनादेश पार्टी
    संयुक्त जनादेश पार्टी
    Video Creator Sadar, Lucknow•
    11 hrs ago
  • Post by Adarsh Adarsh mitra
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    Post by Adarsh Adarsh mitra
    user_Adarsh Adarsh mitra
    Adarsh Adarsh mitra
    बख्शी का तालाब, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • जनपद बाराबंकी मैं संस्कार दीक्षित सरकार से अनुरोध करता हूं कि जो काला कानून यूजीसी लगाया गया है स्वर्ण समाज पर इसको वापस लीजिए हम छोटे-छोटे बच्चों का भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है मोदी जी से कहना चाहता हूं कि आपने जो कानून यूजीसी लागू किया है उसको आप हटाने की कृपा करें आपकी महान कृपा होगी संस्कार दीक्षित बाराबंकी
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    जनपद बाराबंकी मैं संस्कार दीक्षित सरकार से अनुरोध  करता हूं कि जो काला कानून यूजीसी लगाया गया है स्वर्ण समाज पर इसको वापस लीजिए हम छोटे-छोटे बच्चों का भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है मोदी जी से कहना चाहता हूं कि आपने जो कानून यूजीसी लागू किया है उसको आप हटाने की कृपा करें आपकी महान कृपा होगी संस्कार दीक्षित बाराबंकी
    user_राम जी दीक्षित पत्रकार
    राम जी दीक्षित पत्रकार
    Photographer नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • पुलिस अधीक्षक ने किया मसौली थाने का वार्षिक निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार के दिए कड़े निर्देश मसौली, बाराबंकी। जनपद बाराबंकी के मसौली थाना का वार्षिक निरीक्षण बुधवार को पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय द्वारा किया गया। पुलिस अधीक्षक अपराह्न लगभग 2 बजकर 30 मिनट पर थाना परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने सर्वप्रथम शस्त्रागार का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान हथियारों की स्थिति, साफ-सफाई, रख-रखाव तथा संबंधित अभिलेखों की बारीकी से जांच की गई। इसके पश्चात पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर स्थित भोजनालय, बैरक एवं कार्यालयों का निरीक्षण किया। बैरक में रह रहे पुलिस कर्मियों से संवाद कर उनकी समस्याओं, उपलब्ध सुविधाओं एवं ड्यूटी से संबंधित जानकारियां प्राप्त कीं। उन्होंने साफ-सफाई, अनुशासन तथा समयबद्ध कार्यप्रणाली पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप दुरुस्त रखी जाएं। निरीक्षण के दौरान थाना कार्यालय में रखे अपराध रजिस्टर, मालखाना, अभिलेखों एवं लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट रूप से कहा कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, तथा फरियादियों के साथ संवेदनशील, शालीन एवं सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने मसौली चौराहे पर आए दिन लगने वाले जाम को गंभीर समस्या बताते हुए इस पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने बताया कि पूर्व में दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए लक्ष्मी स्वीट्स के सामने लगने वाले जाम की समस्या के स्थायी समाधान हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आम जनता को जाम से राहत दिलाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए, आवश्यकता पड़ने पर यातायात जागरूकता गोष्ठियों का आयोजन किया जाए तथा बैनर, पोस्टर व संकेतक लगाकर लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाए। निरीक्षण के दौरान क्षेत्राधिकारी रामनगर गरिमा पंथ भी उपस्थित रहीं। उन्होंने थाना स्तर पर व्यवस्थाओं में सुधार तथा कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। निरीक्षण के समापन पर पुलिस अधीक्षक ने थानाध्यक्ष एवं समस्त पुलिस कर्मियों को ईमानदारी, अनुशासन और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने का संदेश देते हुए कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए
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    पुलिस अधीक्षक ने किया मसौली थाने का वार्षिक निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार के दिए कड़े निर्देश
मसौली, बाराबंकी।
जनपद बाराबंकी के मसौली थाना का वार्षिक निरीक्षण बुधवार को पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय द्वारा किया गया। पुलिस अधीक्षक अपराह्न लगभग 2 बजकर 30 मिनट पर थाना परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने सर्वप्रथम शस्त्रागार का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान हथियारों की स्थिति, साफ-सफाई, रख-रखाव तथा संबंधित अभिलेखों की बारीकी से जांच की गई।
इसके पश्चात पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर स्थित भोजनालय, बैरक एवं कार्यालयों का निरीक्षण किया। बैरक में रह रहे पुलिस कर्मियों से संवाद कर उनकी समस्याओं, उपलब्ध सुविधाओं एवं ड्यूटी से संबंधित जानकारियां प्राप्त कीं। उन्होंने साफ-सफाई, अनुशासन तथा समयबद्ध कार्यप्रणाली पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप दुरुस्त रखी जाएं।
निरीक्षण के दौरान थाना कार्यालय में रखे अपराध रजिस्टर, मालखाना, अभिलेखों एवं लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट रूप से कहा कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, तथा फरियादियों के साथ संवेदनशील, शालीन एवं सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने मसौली चौराहे पर आए दिन लगने वाले जाम को गंभीर समस्या बताते हुए इस पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने बताया कि पूर्व में दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए लक्ष्मी स्वीट्स के सामने लगने वाले जाम की समस्या के स्थायी समाधान हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आम जनता को जाम से राहत दिलाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए, आवश्यकता पड़ने पर यातायात जागरूकता गोष्ठियों का आयोजन किया जाए तथा बैनर, पोस्टर व संकेतक लगाकर लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाए।
निरीक्षण के दौरान क्षेत्राधिकारी रामनगर गरिमा पंथ भी उपस्थित रहीं। उन्होंने थाना स्तर पर व्यवस्थाओं में सुधार तथा कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया।
निरीक्षण के समापन पर पुलिस अधीक्षक ने थानाध्यक्ष एवं समस्त पुलिस कर्मियों को ईमानदारी, अनुशासन और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने का संदेश देते हुए कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए
    user_Adarsh rawat press
    Adarsh rawat press
    Journalist नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • रायबरेली जनपद के विकासखंड खीरों के अंतर्गत ग्राम सभा सगुनी बने सामुदायिक शौचालय का निरीक्षण एस न्यूज़ यूपी टीम के द्वारा किया गया ग्रामीणों ने बताया सामुदायिक शौचालय भवन बंद रहता है बाबा के महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ ग्राउंड जीरो कमेंट बॉक्स में अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे
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    रायबरेली जनपद के विकासखंड खीरों के अंतर्गत ग्राम सभा सगुनी बने सामुदायिक शौचालय का निरीक्षण एस न्यूज़ यूपी टीम के द्वारा किया गया ग्रामीणों ने बताया सामुदायिक शौचालय भवन बंद रहता है बाबा के महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ ग्राउंड जीरो कमेंट बॉक्स में अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे
    user_RAMA SHANKAR SHUKLA
    RAMA SHANKAR SHUKLA
    Journalist पुरवा, उन्नाव, उत्तर प्रदेश•
    47 min ago
  • सत्ता नहीं, हक़ चाहिए! भीख नहीं, अधिकार चाहिए! 20 फ़ीसदी नहीं, 80 फ़ीसदी की सरकार चाहिए साथियों,आज ऐसे महान पुरुष की जयंती मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं, जिसने जीवन भर सेवा को ही धर्म,और समानता को ही राजनीति माना। आज हम उस महापुरुष को याद कर रहे हैं जो खुद कभी मंच का भूखा नहीं रहा, लेकिन जिसने करोड़ों वंचितों को मंच पर खड़ा कर दिया। मैं बात कर रहा हूँ भारत रत्न, जननायक, समाजवादी चिंतक – कर्पूरी ठाकुर जी की। साथियों, जननायक कर्पूरी ठाकुर जी के विचारों पर आने से पहले मैं दो शब्द अपने देश और अपने समाज के बारे में कहना चाहता हूँ। हम एक ऐसे देश में रहते हैं जहाँ हम ईश्वर की पूजा करते हैं, भगवान को पूज्य मानते हैं, उनके नाम पर मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे और गिरजाघर बनाते हैं। लेकिन क्या हमने कभी सोचा है कि जिन महापुरुषों को हम पूजते हैं वे किस पृष्ठभूमि से आए थे? श्रीकृष्ण जी गाय चराने वाले थे। हज़रत मोहम्मद साहब बकरी चराने वाले थे। ईसा मसीह फर्नीचर बनाने वाले कारीगर थे। संत कबीर दास जी कपड़ा बुनने वाले जुलाहे थे। लेकिन साथियों, आज हमारे समाज का दुर्भाग्य देखिए जो मेहनत का काम करता है, उसे छोटा समझा जाता है। जो गंदगी फैलाता है, उसे बड़ा आदमी माना जाता है। जो कूड़ा उठाता है, उसे नीचा दिखाया जाता है। और जो कूड़ा फैलाता है, वह समाज में सम्मान पाता है। क्या यही हमारे धर्म का संदेश है? क्या यही हमारे महापुरुषों की सीख है? नहीं साथियों, यही विषमता, यही अन्याय, यही पाखंड जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को राजनीति में लाया। साथियों,कर्पूरी ठाकुर जी उस समाज से आए जहाँ गरीबी थी,जहाँ शोषण था, जहाँ पिछड़े और दलित लोगों की आवाज़ नहीं थी। लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। मैं आपको ले चलता हूँ 1978 में उस समय जब पिछड़ों को हक़ देने की बात करना राजनीतिक आत्महत्या माना जाता था,तब जननायक कर्पूरी ठाकुर जी बिहार के मुख्यमंत्री बने। और मुख्यमंत्री बनते ही उन्होंने वो काम किया जिसकी हिम्मत किसी में नहीं थी। उन्होंने अति पिछड़ा वर्ग को अलग पहचान दी, और 26 प्रतिशत आरक्षण वंचित, पीड़ित, शोषित समाज को देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। साथियों,उन्होंने सत्ता को सेवा का साधन बनाया, ना कि परिवार बढ़ाने का औज़ार। ना बंगला, ना बैंक बैलेंस, ना रिश्तेदारों की फौज बस एक ही सपना समान भारत, न्यायपूर्ण समाज। साथियों,आज संयुक्त जनादेश पार्टी जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की उसी विचारधारा को आगे बढ़ा रही है। हम कहते हैं, राजनीति 10–15 परिवारों की बपौती नहीं है। राजनीति 80% मेहनतकश जनता की आवाज़ है।हम कहते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय और रोज़गार मुफ़्त और समान होना चाहिए। हम कहते हैं। जो खेत में हल चलाता है,जो सड़क साफ़ करता है,जो फैक्ट्री में पसीना बहाता है।वही इस देश का असली मालिक है। साथियों,जननायक कर्पूरी ठाकुर जी सिर्फ़ एक नेता नहीं थे, वह एक विचार थे, एक आंदोलन थे, एक क्रांति थे। साथियो! मेहनतकश भाइयों और बहनों!आज मैं आपसे भाषण देने नहीं आया हूँ, मैं आज हिसाब लेने आया हूँ! 75 साल से इस देश की सत्ता पर मुट्ठी भर लोग बैठे हैं। उन्होंने हमारी मेहनत से महल बनाए,और हमारे बच्चों को भूखा रखा! मैं पूछता हूँ ।जिस किसान ने देश को अनाज दिया, क्या उसे सम्मान मिला? जिस मजदूर ने इमारत खड़ी की, क्या उसे घर मिला?नहीं मिला! आज देश की राजनीति में 80 फ़ीसदी मेहनतकश समाज केवल वोटर है, और 20 फ़ीसदी लोग राजा बने बैठे हैं। संयुक्त जनादेश पार्टी इस गुलामी की राजनीति को तोड़ने आई है। अब मेहनतकश समाज खुद सत्ता चलाएगा! हम साफ़ कहते हैं 👉 हमारी पार्टी 80 फ़ीसदी मेहनतकश समाज को राजनीति, शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय और रोजगार दिलाकर रहेगी। यह कोई घोषणा नहीं, इंकलाब है! आज गरीब का बच्चा सरकारी स्कूल में पढ़कर भी पीछे रह जाता है। क्यों?क्योंकि शिक्षा भी व्यापार बना दी गई है! हम कहते हैं ।शिक्षा बिकेगी नहीं, बँटेगी! आज अस्पताल अमीरों के लिए हैं, गरीब के लिए श्मशान है! हम कहते हैं इलाज पर ताला नहीं, दलालों पर ताला लगेगा! न्याय?गरीब को तारीख मिलती है,अमीर को फैसला!हम इस न्याय व्यवस्था को बदलकर रख देंगे! रोजगार की बात करो तो युवा की डिग्री मज़ाक बन चुकी है! हम कहते हैं। खैरात नहीं, रोजगार चाहिए!अब सुन लो हमारी सबसे बड़ी घोषणा,जो सत्ता के ठेकेदारों को हिला देगी! 👉 संयुक्त जनादेश पार्टी सत्ता में आई तो हर जाति का मुख्यमंत्री बनेगा! 👉 छह-छह महीने तक सत्ता समाज में घूमेगी! 👉 अब कोई जाति मालिक नहीं बनेगी, सब बराबर होंगे! जो लोग कहते हैं यह संभव नहीं है, मैं उनसे पूछता हूँ — जब मुख्यमंत्री कुर्सी कुछ परिवारों में घूम सकती है, तो समाज में क्यों नहीं? हम जाति की राजनीति नहीं करते, हम जाति के शोषण की राजनीति खत्म करते हैं! आज मैं जनता से पूछता हूँ क्या आप अपने बच्चों को नौकर बनते देखना चाहते हैं, या हुक्म चलाते देखना चाहते हैं? अगर हुक्म चलाना है, तो सत्ता बदलनी पड़ेगी! व्यवस्था बदलनी पड़ेगी! अब जनता जाग चुकी है! अब वोट देकर चुप बैठने का ज़माना खत्म हो गया है! मैं साफ़ कहता हूँ — जो मेहनतकश समाज के हक़ में नहीं, वह सत्ता में रहने का हक़दार नहीं! शाहजहांपुर,पीलीभीतकी धरती से आज हम ऐलान करते हैं 👉 80 फ़ीसदी मेहनतकश समाज राज करेगा!
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    सत्ता नहीं, हक़ चाहिए!
भीख नहीं, अधिकार चाहिए! 
20 फ़ीसदी नहीं, 80 फ़ीसदी की सरकार चाहिए
साथियों,आज ऐसे महान पुरुष की जयंती मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं,
जिसने जीवन भर सेवा को ही धर्म,और समानता को ही राजनीति माना।
आज हम उस महापुरुष को याद कर रहे हैं
जो खुद कभी मंच का भूखा नहीं रहा, लेकिन जिसने करोड़ों वंचितों को मंच पर खड़ा कर दिया। मैं बात कर रहा हूँ
भारत रत्न, जननायक, समाजवादी चिंतक – कर्पूरी ठाकुर जी की।
साथियों, जननायक कर्पूरी ठाकुर जी के विचारों पर आने से पहले
मैं दो शब्द अपने देश और अपने समाज के बारे में कहना चाहता हूँ।
हम एक ऐसे देश में रहते हैं जहाँ हम ईश्वर की पूजा करते हैं,
भगवान को पूज्य मानते हैं, उनके नाम पर मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे और गिरजाघर बनाते हैं।
लेकिन क्या हमने कभी सोचा है कि जिन महापुरुषों को हम पूजते हैं वे किस पृष्ठभूमि से आए थे? श्रीकृष्ण जी गाय चराने वाले थे।
हज़रत मोहम्मद साहब बकरी चराने वाले थे।
ईसा मसीह  फर्नीचर बनाने वाले कारीगर थे।
संत कबीर दास जी कपड़ा बुनने वाले जुलाहे थे। लेकिन साथियों,
आज हमारे समाज का दुर्भाग्य देखिए जो मेहनत का काम करता है, उसे छोटा समझा जाता है। जो गंदगी फैलाता है, उसे बड़ा आदमी माना जाता है।
जो कूड़ा उठाता है,
उसे नीचा दिखाया जाता है। और जो कूड़ा फैलाता है,
वह समाज में सम्मान पाता है। क्या यही हमारे धर्म का संदेश है?
क्या यही हमारे महापुरुषों की सीख है?
नहीं साथियों,
यही विषमता, यही अन्याय, यही पाखंड
जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को राजनीति में लाया।
साथियों,कर्पूरी ठाकुर जी उस समाज से आए
जहाँ गरीबी थी,जहाँ शोषण था, जहाँ पिछड़े और दलित लोगों की आवाज़ नहीं थी।
लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।
मैं आपको ले चलता हूँ 1978 में उस समय जब
पिछड़ों को हक़ देने की बात करना राजनीतिक आत्महत्या माना जाता था,तब जननायक कर्पूरी ठाकुर जी बिहार के मुख्यमंत्री बने। और मुख्यमंत्री बनते ही
उन्होंने वो काम किया
जिसकी हिम्मत किसी में नहीं थी। उन्होंने
अति पिछड़ा वर्ग को अलग पहचान दी,
और 26 प्रतिशत आरक्षण वंचित, पीड़ित, शोषित समाज को देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया।
साथियों,उन्होंने सत्ता को सेवा का साधन बनाया,
ना कि परिवार बढ़ाने का औज़ार। ना बंगला, ना बैंक बैलेंस, ना रिश्तेदारों की फौज बस एक ही सपना समान भारत, न्यायपूर्ण समाज।
साथियों,आज संयुक्त जनादेश पार्टी जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की उसी विचारधारा को आगे बढ़ा रही है।
हम कहते हैं, राजनीति 10–15 परिवारों की बपौती नहीं है।
राजनीति 80% मेहनतकश जनता की आवाज़ है।हम कहते हैं।
शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय और रोज़गार
मुफ़्त और समान होना चाहिए। हम कहते हैं।
जो खेत में हल चलाता है,जो सड़क साफ़ करता है,जो फैक्ट्री में पसीना बहाता है।वही इस देश का असली मालिक है।
साथियों,जननायक कर्पूरी ठाकुर जी
सिर्फ़ एक नेता नहीं थे,
वह एक विचार थे,
एक आंदोलन थे,
एक क्रांति थे।
साथियो! मेहनतकश भाइयों और बहनों!आज मैं आपसे भाषण देने नहीं आया हूँ,
मैं आज हिसाब लेने आया हूँ! 75 साल से इस देश की सत्ता पर मुट्ठी भर लोग बैठे हैं।
उन्होंने हमारी मेहनत से महल बनाए,और हमारे बच्चों को भूखा रखा!
मैं पूछता हूँ ।जिस किसान ने देश को अनाज दिया,
क्या उसे सम्मान मिला?
जिस मजदूर ने इमारत खड़ी की, क्या उसे घर मिला?नहीं मिला!
आज देश की राजनीति में 80 फ़ीसदी मेहनतकश समाज केवल वोटर है,
और 20 फ़ीसदी लोग राजा बने बैठे हैं।
संयुक्त जनादेश पार्टी इस गुलामी की राजनीति को तोड़ने आई है।
अब मेहनतकश समाज खुद सत्ता चलाएगा!
हम साफ़ कहते हैं 
👉 हमारी पार्टी 80 फ़ीसदी मेहनतकश समाज को राजनीति, शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय और रोजगार दिलाकर रहेगी। यह कोई घोषणा नहीं, इंकलाब है!
आज गरीब का बच्चा सरकारी स्कूल में पढ़कर भी पीछे रह जाता है।
क्यों?क्योंकि शिक्षा भी व्यापार बना दी गई है!
हम कहते हैं ।शिक्षा बिकेगी नहीं, बँटेगी!
आज अस्पताल अमीरों के लिए हैं, गरीब के लिए श्मशान है! हम कहते हैं 
इलाज पर ताला नहीं, दलालों पर ताला लगेगा!
न्याय?गरीब को तारीख मिलती है,अमीर को फैसला!हम इस न्याय व्यवस्था को बदलकर रख देंगे! रोजगार की बात करो तो
युवा की डिग्री मज़ाक बन चुकी है! हम कहते हैं। खैरात नहीं, रोजगार चाहिए!अब सुन लो हमारी सबसे बड़ी घोषणा,जो सत्ता के ठेकेदारों को हिला देगी!
👉 संयुक्त जनादेश पार्टी सत्ता में आई तो हर जाति का मुख्यमंत्री बनेगा!
👉 छह-छह महीने तक सत्ता समाज में घूमेगी!
👉 अब कोई जाति मालिक नहीं बनेगी, सब बराबर होंगे!
जो लोग कहते हैं यह संभव नहीं है,
मैं उनसे पूछता हूँ —
जब मुख्यमंत्री कुर्सी कुछ परिवारों में घूम सकती है, तो समाज में क्यों नहीं?
हम जाति की राजनीति नहीं करते,
हम जाति के शोषण की राजनीति खत्म करते हैं!
आज मैं  जनता से पूछता हूँ 
क्या आप अपने बच्चों को नौकर बनते देखना चाहते हैं,
या हुक्म चलाते देखना चाहते हैं?
अगर हुक्म चलाना है,
तो सत्ता बदलनी पड़ेगी!
व्यवस्था बदलनी पड़ेगी!
अब जनता जाग चुकी है! अब वोट देकर चुप बैठने का ज़माना खत्म हो गया है!
मैं साफ़ कहता हूँ —
जो मेहनतकश समाज के हक़ में नहीं,
वह सत्ता में रहने का हक़दार नहीं!
शाहजहांपुर,पीलीभीतकी धरती से आज हम ऐलान करते हैं 
👉 80 फ़ीसदी मेहनतकश समाज राज करेगा!
    user_संयुक्त जनादेश पार्टी
    संयुक्त जनादेश पार्टी
    Video Creator Sadar, Lucknow•
    23 hrs ago
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