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पत्थलगांव-बाकारुमा से लैलूंगा स्टेट हाईवे पर मालवाहक पिकअप में यात्रियों को ठूंस-ठूंस कर भरा गया, जहाँ कई लोगों के पैर तक गाड़ी से बाहर लटकते हुए दिखाई दिए। यह गंभीर स्थिति सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंता पैदा करती है, और सवाल उठता है कि चंद रुपयों के लिए लोगों की जान से खिलवाड़ कब तक जारी रहेगा।
Ibnul khan
पत्थलगांव-बाकारुमा से लैलूंगा स्टेट हाईवे पर मालवाहक पिकअप में यात्रियों को ठूंस-ठूंस कर भरा गया, जहाँ कई लोगों के पैर तक गाड़ी से बाहर लटकते हुए दिखाई दिए। यह गंभीर स्थिति सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंता पैदा करती है, और सवाल उठता है कि चंद रुपयों के लिए लोगों की जान से खिलवाड़ कब तक जारी रहेगा।
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- लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत ने वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव अल्बर्ट तिग्गा को चैनपुर प्रखंड का सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया है। इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और अंचल अधिकारी (सीओ) को आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना के अनुसार, अल्बर्ट तिग्गा सांसद की अनुपस्थिति में सभी सरकारी कार्यक्रमों में उनका प्रतिनिधित्व करेंगे तथा जनता और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करने का महत्वपूर्ण कार्य संभालेंगे। अल्बर्ट तिग्गा का कांग्रेस संगठन और सामाजिक कार्यों से जुड़ाव काफी पुराना है; वे वर्ष 1995 से 2000 तक तत्कालीन विधायक स्वर्गीय प्रोफेसर बर्नार्ड मिंज के प्रतिनिधि के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। अपनी नियुक्ति पर अल्बर्ट तिग्गा ने सांसद का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे क्षेत्र की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सांसद तक पहुंचाकर उनके समाधान का प्रयास करेंगे। उनकी इस नियुक्ति से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है, और लोगों ने उम्मीद जताई है कि उनके अनुभव का लाभ क्षेत्र के विकास एवं जनहित के कार्यों को मिलेगा।1
- अंबिकापुर शहर में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर गंभीर संकट के संकेत दिखाई देने लगे हैं, जिससे वाहन चालकों की परेशानी काफी बढ़ गई है। कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कमी की स्थिति है, वहीं कुछ पंप संचालकों ने बिक्री पर सीमा निर्धारित कर दी है। इसके चलते बाइक चालकों को 200 रुपए से अधिक का पेट्रोल नहीं दिया जा रहा है, जबकि चारपहिया वाहनों के लिए 400 रुपए तक ईंधन देने की सीमा तय की गई है। स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि कई पेट्रोल पंपों पर "पेट्रोल नहीं है" के बोर्ड टांगे गए हैं, और वाहन चालक अपनी आवश्यकतानुसार ईंधन नहीं भरवा पा रहे हैं, जिसके कारण उन्हें एक पंप से दूसरे पंप तक भटकना पड़ रहा है। इस बीच, भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 11 जून 2026 को ईंधन वितरण संबंधी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत औद्योगिक, वाणिज्यिक और संस्थागत उपभोक्ताओं को खुदरा पेट्रोल पंपों से पेट्रोल या डीजल खरीदने अथवा मंगाने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। ऐसे उपभोक्ताओं को अपनी जरूरतें अधिकृत उपभोक्ता पंपों के माध्यम से ही पूरी करनी होंगी। मंत्रालय ने एक ग्राहक या वाहन को एक दिन में अधिकतम 200 लीटर डीजल की बिक्री की सीमा भी तय की है, साथ ही खरीदे गए डीजल के पुनर्विक्रय पर भी रोक लगाई गई है। तेल विपणन कंपनियों और पेट्रोल पंप डीलरों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है, जबकि अंबिकापुर में कई पेट्रोल पंप अभी भी 'ड्राई' की स्थिति में हैं। केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को भी निर्देश दिया है कि जमाखोरी, कालाबाजारी, अनधिकृत भंडारण और ईंधन वितरण में होने वाली अन्य अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसके लिए संबंधित विभागों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। शहर में ईंधन की सीमित बिक्री और बढ़ती मांग के कारण वाहन चालकों में चिंता का माहौल है। हालांकि, प्रशासन और तेल कंपनियों द्वारा स्थिति सामान्य बनाए रखने के प्रयास जारी हैं, लेकिन राहत तभी मिलने की उम्मीद है जब आने वाले दिनों में आपूर्ति की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।1
- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव को लेकर सोशल मीडिया पर कथित रूप से अभद्र टिप्पणियां और भ्रामक पोस्ट साझा किए जाने के मामले में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इस मामले में मिली जानकारी के अनुसार, सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं की शिकायत के बाद लखनऊ, कानपुर और संतकबीर नगर समेत कई जिलों के साइबर थानों में मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) और फेसबुक पर कुछ अकाउंट्स द्वारा अपमानजनक और आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की गई थी। इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि जो लोग परिवार और बेटियों के सम्मान को नहीं समझते, वे समाज की भावनाओं को भी नहीं समझ सकते। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस मामले को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि किसी भी बेटी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने और दोषियों के विरुद्ध FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच शुरू कर दी है और डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- रायगढ़ जिला जेल में हुई एक घटना की न्यायिक जांच की मांग को लेकर कांग्रेस और ग्रामीणों ने एडिशनल एसपी को एक ज्ञापन सौंपा है।1
- रायगढ़ जिले में गुंडा तत्वों के विरुद्ध जारी सख्त कार्रवाई के तहत, कोतवाली पुलिस ने उधारी रकम की जबरन वसूली के लिए एक व्यक्ति के घर में घुसकर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला 11 जून का है, जब आशीर्वाद पूरम कॉलोनी निवासी 52 वर्षीय कमलेश सिंह के घर में गुंडा बदमाश कपिल सोलंकी अपने साथियों मनीष परियानी और गिरीश माखीजा के साथ जबरन घुस आया। आरोपियों ने कोयला ट्रांसपोर्टिंग का काम करने वाले कमलेश सिंह से, जिन पर ललेश अग्रवाल का लगभग ₹7 लाख का बकाया था, ₹10 लाख की मांग की और उन्हें यह कहते हुए धमकाया कि "तू हम लोगों को नहीं जानता है, तेरा मर्डर करवा देंगे।" इसके बाद आरोपियों ने हाथ-मुक्कों और डंडे से कमलेश सिंह की बेरहमी से पिटाई की। कमलेश सिंह ने 13 जून को थाना कोतवाली में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़ित की शिकायत पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 315/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 351(3), 115(2), 331(1), 3(5) के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह द्वारा कपिल सोलंकी की आपराधिक गतिविधियों का संज्ञान लेने के बाद, उन्होंने कोतवाली पुलिस को तत्काल आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी कपिल सोलंकी को गिरफ्तार कर पूछताछ की, जिसमें उसने अपने साथियों गिरीश माखीजा और मनीष परियानी की संलिप्तता का खुलासा किया। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर दोनों अन्य आरोपियों को भी धर दबोचा। पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों का विस्तृत आपराधिक इतिहास रहा है। मुख्य आरोपी कपिल सोलंकी, जो कोतवाली थाना क्षेत्र का एक चिन्हांकित गुंडा बदमाश है, वर्ष 2014 से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त है और उसके विरुद्ध एक पॉक्सो एक्ट, एक हत्या के प्रयास, तीन आर्म्स एक्ट, चार बलवा तथा नौ मारपीट के मामले दर्ज हैं। वहीं, आरोपी मनीष परियानी के खिलाफ थाना चक्रधरनगर में वर्ष 2010 से एक लूट, एक प्रताड़ना, एक मारपीट, पांच आबकारी एक्ट और दो जुआ एक्ट सहित विभिन्न मामले दर्ज हैं; उस पर 13 बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा चुकी है और जिला बदर की कार्रवाई भी हुई है। तीसरे आरोपी गिरीश माखीजा के विरुद्ध भी चक्रधरनगर थाने में दो जुआ, तीन सट्टा और तीन मारपीट के अपराध दर्ज हैं, और उसे गुंडा सूची में शामिल करने की कार्रवाई चल रही है।3
- गुमला मारवाड़ी संघ ने सामाजिक सरोकार और मानव सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाते हुए जिले में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में युवाओं, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसके परिणामस्वरूप कुल 45 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिले में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त मुहैया कराना था। रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से दान कर मानवता की सेवा का महत्वपूर्ण संदेश दिया, जिसमें स्वास्थ्य विभाग और ब्लड बैंक की टीम ने सभी आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रियाओं का पालन किया। कार्यक्रम के दौरान, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मारवाड़ी संघ के इस सराहनीय प्रयास की खुले दिल से प्रशंसा की और उन्हें सम्मानित भी किया। अधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि रक्तदान के माध्यम से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं और उन्होंने समाज के अन्य संगठनों से भी ऐसे जनहितकारी कार्यों में आगे आने का आग्रह किया। मारवाड़ी संघ के पदाधिकारियों ने पुष्टि की कि वे भविष्य में भी समाज के हित में ऐसे ही कार्यक्रम आयोजित करते रहेंगे। इस रक्तदान शिविर की सफलता में संघ के सदस्यों, स्वयंसेवकों और स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। शिविर ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मानव सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है और जरूरतमंदों को दिया गया रक्त वास्तव में जीवनदान के समान है।3
- नई दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों एक बड़ी चर्चा तेजी से फैल रही है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) का कांग्रेस में विलय हो सकता है। सूत्रों के हवाले से किए जा रहे दावों के अनुसार, यदि यह विलय होता है तो लोकसभा में कांग्रेस सांसदों की संख्या 99 से बढ़कर लगभग 136 तक पहुंच सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कांग्रेस, टीएमसी या एनसीपी (एसपी) की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, और इन दावों को फिलहाल राजनीतिक अटकलों और चर्चाओं के रूप में ही देखा जा रहा है। इसी बीच, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का एक बयान भी चर्चा में है। गहलोत ने कहा है कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए कभी कांग्रेस से अलग होकर बने क्षेत्रीय दलों को अब "घर वापसी" कर कांग्रेस के साथ आना चाहिए और राहुल गांधी के नेतृत्व में एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी के भीतर संभावित असंतोष और विपक्षी एकता की रणनीति को देखते हुए इस तरह की चर्चाओं को बल मिल रहा है। फिर भी, सवाल अभी भी बरकरार है कि क्या टीएमसी और एनसीपी (एसपी) वास्तव में कांग्रेस में शामिल होने जा रही हैं, या फिर यह केवल राजनीतिक अफवाह है। इसका जवाब आने वाले दिनों में ही स्पष्ट हो पाएगा। यह समाचार विभिन्न सूत्रों और राजनीतिक चर्चाओं पर आधारित है, और संबंधित दलों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।1
- ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा सिंडिकेट से जुड़े एक आरोपी को सक्ती से गिरफ्तार किया गया है। यह आरोपी रायगढ़ जिले में क्रिकेट सट्टे के संचालन और हवाला नेटवर्क में अहम भूमिका निभा रहा था।1
- रायगढ़ जिले में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क के खिलाफ पुलिस का 'ऑपरेशन क्लीन हंट' लगातार जारी है, जिसके तहत कई बड़े खाईवालों को गिरफ्तार किया जा चुका है और दबाव में कई आरोपियों ने आत्मसमर्पण भी किया है। इसी क्रम में थाना साइबर रायगढ़ की टीम ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के एक फरार आरोपी आकाश पंसारी, उम्र 32 वर्ष, निवासी ऑफिसर कॉलोनी, सक्ती को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी के कब्जे से लगभग 60,000 रुपये का एक आईफोन और लगभग 5,000 रुपये का एक वीवो मोबाइल फोन जब्त किया गया है। आरोपी आकाश पंसारी का नाम करण चौधरी सिंडिकेट के पूरे नेटवर्क की गहन जांच के दौरान सामने आया था। सीएसपी मयंक मिश्रा द्वारा थाना कोतवाली के अपराध क्रमांक 217/2026 एवं 218/2026 तथा ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा से जुड़े अन्य प्रकरणों में गिरफ्तार करण चौधरी गैंग की जांच की जा रही थी। जांच में करण चौधरी के साथ अवैध सट्टा कारोबार में संलिप्त कई व्यक्तियों के नाम सामने आए, जिनमें सक्ती निवासी आकाश पंसारी भी शामिल था। तकनीकी एवं वित्तीय साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी फरार हो गया था, जिसकी पतासाजी के लिए साइबर थाना की टीम लगातार प्रयासरत थी। मुखबिर सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसे सक्ती से गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी के करण चौधरी सिंडिकेट के साथ ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के अवैध कारोबार में सक्रिय रूप से जुड़े होने के प्रमाण मिले हैं। वह क्रिकेट सट्टा खिलाने के साथ-साथ सट्टे की रकम को हवाला के माध्यम से विभिन्न स्थानों तक पहुंचाने में भी सहयोग करता था। गौरतलब है कि 26 अप्रैल 2026 को साइबर सेल, थाना कोतवाली और थाना घरघोड़ा की संयुक्त टीम ने रायगढ़ शहर एवं घरघोड़ा क्षेत्र में ऑनलाइन आईपीएल सट्टा नेटवर्क पर एक साथ दबिश देकर सोनू देवांगन, हर्षित देवांगन, भरत गोयल, गौतम भोजवानी, लक्ष्मीनारायण सिदार और सागर गुप्ता सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के दौरान सात मोबाइल फोन, लगभग ढाई लाख रुपये मूल्य के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और 15,490 रुपये नगद जब्त किए गए थे। उक्त प्रकरण में थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 218/2026 के तहत धारा 4 एवं 7 छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी। गिरफ्तार आरोपियों से विस्तृत पूछताछ में रायगढ़ से दिल्ली तक फैले सट्टा नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसके संचालन में रायगढ़ के खाईवाल करण चौधरी एवं जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार का हाथ था। टेक्निकल इनपुट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, चैट रिकॉर्ड, डिजिटल ट्रेल और फाइनेंशियल एनालिसिस से पता चला कि करण चौधरी अपने साथियों के साथ लंबे समय से रायगढ़, सक्ती, रायपुर, बिलासपुर से लेकर दिल्ली तक फैले नेटवर्क के माध्यम से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहा था। सट्टे से प्राप्त बड़ी रकम को सीधे अपने पास न रखकर परिचित कारोबारियों, पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर और अन्य व्यावसायिक चैनलों के माध्यम से कैश डंप किया जाता था, जिसे बाद में हवाला चैनलों के जरिए आगे स्थानांतरित किया जाता था। विवेचना के दौरान यह भी सामने आया कि कृष्णा प्राइड टॉवर में रहने वाले पुष्कर अग्रवाल एवं उनके पिता सुनील अग्रवाल इस पूरे मनी मूवमेंट नेटवर्क के अहम हिस्से थे और सट्टे से प्राप्त ब्लैक मनी को हवाला के माध्यम से व्हाइट करने का कार्य कर रहे थे। ज्ञात हो कि रायगढ़ पुलिस ने करण चौधरी से प्राप्त सूचना के आधार पर कृष्णा प्राइड टॉवर स्थित फ्लैट में छापेमार कार्रवाई की थी, जहां से सुनील अग्रवाल के कब्जे से 50 लाख रुपये नगद, नोट गिनने की मशीन एवं मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। वहीं पुष्कर अग्रवाल के कब्जे से 52 लाख 60 हजार रुपये नगद तथा दो मोबाइल फोन जब्त किए गए थे। इससे पहले करण चौधरी के कब्जे से भी नगदी एवं मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके थे। इलेक्ट्रॉनिक डाटा, चैट रिकॉर्ड, यूपीआई लेनदेन और वित्तीय दस्तावेजों के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि यह केवल सट्टेबाजी का मामला नहीं, बल्कि एक संगठित आर्थिक अपराध सिंडिकेट के रूप में संचालित नेटवर्क था। जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी अपने निजी बैंक खातों एवं डिजिटल अकाउंट का उपयोग करने के बजाय कर्मचारियों, परिचितों एवं सहयोगियों के खातों तथा मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर जांच एजेंसियों से बचने का प्रयास कर रहे थे। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने संदेश दिया है कि ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा, हवाला और आर्थिक अपराध से जुड़े संगठित नेटवर्क के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों और वित्तीय जांच के आधार पर अपराध से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जाएगा और अवैध सट्टे से अर्जित काली कमाई को वैध बनाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भी कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।2