मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार, 9 जुलाई को बांदा और बबेरू विधानसभा क्षेत्र के लिए 710 करोड़ रुपये से अधिक की कुल 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने यह घोषणा एक जनसभा को संबोधित करते हुए की। जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में बुंदेलखंड की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो क्षेत्र कभी पलायन, प्यास और डकैतों के लिए जाना जाता था, वह आज विकास, सुरक्षा और निवेश का केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री ने जनता से विकास की राजनीति को समर्थन देने और 'विकास विरोधी सोच' को खारिज करने की अपील की। उन्होंने 'डबल इंजन सरकार' की सराहना करते हुए बताया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर, मेडिकल कॉलेज, पेयजल, सिंचाई और रोजगार जैसी अनेक योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र को एक नई पहचान मिली है। इस कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र, चेक, आवास की चाबी और आयुष्मान कार्ड सहित कई प्रकार के लाभ भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार, 9 जुलाई को बांदा और बबेरू विधानसभा क्षेत्र के लिए 710 करोड़ रुपये से अधिक की कुल 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने यह घोषणा एक जनसभा को संबोधित करते हुए की। जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में बुंदेलखंड की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो क्षेत्र कभी पलायन, प्यास और डकैतों के लिए जाना जाता था, वह आज विकास, सुरक्षा और निवेश का केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री ने जनता से विकास की राजनीति को समर्थन देने और 'विकास विरोधी सोच' को खारिज करने की अपील की। उन्होंने 'डबल इंजन सरकार' की सराहना करते हुए बताया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर, मेडिकल कॉलेज, पेयजल, सिंचाई और रोजगार जैसी अनेक योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र को एक नई पहचान मिली है। इस कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र, चेक, आवास की चाबी और आयुष्मान कार्ड सहित कई प्रकार के लाभ भी वितरित किए।
- योगी आदित्यनाथ की रैली में सही व्यवस्था का अभाव रहा। कार्यक्रम स्थल पर कोई उचित प्रबंध मौजूद नहीं थे।1
- हमीरपुर के मौदहा में शिक्षकों पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के विलंब के बाद तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह घटना मंगलवार सुबह सिसोलर मार्ग स्थित रेलवे अंडरपास के पास हुई थी, जहाँ विद्यालय जा रहे शिक्षक राजेंद्र गोस्वामी और अवध बिहारी पटेरिया पर बाइक सवार तीन युवकों ने गोली चलाई थी। हालांकि, दोनों शिक्षक सुरक्षित बच गए थे। मुकदमा दर्ज करने में हुई देरी के विरोध में बुधवार को बड़ी संख्या में शिक्षक कोतवाली पहुंचे और अपना विरोध जताया। शिक्षकों के इस प्रदर्शन के बाद पुलिस ने अंततः एफआईआर दर्ज की। पुलिस के अनुसार, "पीड़ित की तहरीर पर तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।" अब सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इन आरोपियों की गहन तलाश की जा रही है। पुलिस ने विश्वास दिलाया है कि आरोपियों की जल्द ही पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- महोबा जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक तस्वीर में परिजन एक बीमार मरीज को कंधों पर उठाकर इमरजेंसी विभाग की ओर ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि अस्पताल परिसर में समय पर स्ट्रेचर और स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध नहीं होने के कारण परिजनों को स्वयं मरीज को उठाकर ले जाना पड़ा, जिसने जिला अस्पताल की आपातकालीन सेवाओं की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों ने इसे स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न बताया है। मरीजों और परिजनों को होने वाली इस भारी परेशानी को देखते हुए लोगों ने अस्पताल प्रशासन से आकस्मिक चिकित्सा सेवाओं में सुधार करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि अस्पताल में पर्याप्त स्ट्रेचर और कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में किसी को इस स्थिति का सामना न करना पड़े।1
- महोबा के ग्रामीण इस वक्त गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। गांव की सड़कें पूरी तरह से बदहाल हो चुकी हैं और जगह-जगह जलभराव की समस्या ने लोगों का जीवन दूभर कर दिया है।1
- उत्तर प्रदेश के महोबा जिले का अयोध्या धाम से जुड़ाव सामने आया है।1
- जैतपुर पंचायत के सचिव पर कथित लापरवाही का आरोप है, जिसके चलते वहाँ के ग्रामीण बेहाल हैं। यह कथित लापरवाही ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है, जिससे उनका जनजीवन प्रभावित हो रहा है।1
- हमीपुर के सुमेरपुर ब्लाक स्थित ग्राम पंचायत बांकी में नदेहरा संपर्क मार्ग से ललपुरा मार्ग को जोड़ने वाला मुख्य रास्ता दलदल में तब्दील हो गया है, जिससे ग्रामीण अत्यधिक परेशान हैं। इस प्रमुख रास्ते पर जलभराव और कीचड़ के कारण लोगों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बांकी निवासी अमित प्रजापति, गंगाराम प्रजापति, रामकृपाल सविता और अतुल द्विवेदी जैसे कई ग्रामीणों ने बताया कि शिकायतों के बावजूद इस समस्या का कोई समाधान नहीं किया जा रहा है। ग्राम प्रधान जीवन श्रीवास ने स्वीकार किया है कि रास्ते की लंबाई अधिक होने के कारण ग्राम पंचायत के बजट से इसका निर्माण कराना असंभव है। इसलिए, उन्होंने विधायक, एमएलसी, सांसद और जिला पंचायत अध्यक्ष को पत्र भेजकर इस मार्ग को बनवाने की मांग की है, क्योंकि यह कार्य केवल इन जनप्रतिनिधियों के बजट से ही संभव है।1