बुंदेलखंड इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है, जहाँ जनपद बांदा में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है। ऐसी झुलसा देने वाली गर्मी में जब लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है, वहीं एक युवक ने खुद को लू और तेज धूप से बचाने के लिए एक अनोखा देसी जुगाड़ किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। शहर क्षेत्र के इस बाइक सवार युवक ने अपनी मोटरसाइकिल पर बांस और पेड़-पौधों की मदद से एक 'ग्रीन शेड' तैयार किया है। उसने बाइक के ऊपर बांस का ढाँचा बनाकर उसमें हरी पत्तियां और पौधे लगा दिए, ताकि चलते समय सीधी धूप उसके शरीर पर न पड़े। इसके साथ ही, उसने लू से बचने के लिए अपने चेहरे पर गमछा भी बाँध रखा था। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोपहर में भीषण गर्मी के कारण सड़क पर निकलना बेहद मुश्किल हो गया है, जिससे रोजमर्रा के कामकाज के लिए बाहर निकलने वाले लोग अब गर्मी से बचने के लिए ऐसे ही अलग-अलग तरह के जुगाड़ अपनाने को मजबूर हैं। युवक का यह अनोखा प्रयोग अब पूरे बुंदेलखंड में चर्चा का विषय बन गया है।
बुंदेलखंड इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है, जहाँ जनपद बांदा में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है। ऐसी झुलसा देने वाली गर्मी में जब लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है, वहीं एक युवक ने खुद को लू और तेज धूप से बचाने के लिए एक अनोखा देसी जुगाड़ किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। शहर क्षेत्र के इस बाइक सवार युवक ने अपनी मोटरसाइकिल पर बांस और पेड़-पौधों की मदद से एक 'ग्रीन शेड' तैयार किया है। उसने बाइक के ऊपर बांस का ढाँचा बनाकर उसमें हरी पत्तियां और पौधे लगा दिए, ताकि चलते समय सीधी धूप उसके शरीर पर न पड़े। इसके साथ ही, उसने लू से बचने के लिए अपने चेहरे पर गमछा भी बाँध रखा था। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोपहर में भीषण गर्मी के कारण सड़क पर निकलना बेहद मुश्किल हो गया है, जिससे रोजमर्रा के कामकाज के लिए बाहर निकलने वाले लोग अब गर्मी से बचने के लिए ऐसे ही अलग-अलग तरह के जुगाड़ अपनाने को मजबूर हैं। युवक का यह अनोखा प्रयोग अब पूरे बुंदेलखंड में चर्चा का विषय बन गया है।
- बुंदेलखंड इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है, जहाँ जनपद बांदा में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है। ऐसी झुलसा देने वाली गर्मी में जब लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है, वहीं एक युवक ने खुद को लू और तेज धूप से बचाने के लिए एक अनोखा देसी जुगाड़ किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। शहर क्षेत्र के इस बाइक सवार युवक ने अपनी मोटरसाइकिल पर बांस और पेड़-पौधों की मदद से एक 'ग्रीन शेड' तैयार किया है। उसने बाइक के ऊपर बांस का ढाँचा बनाकर उसमें हरी पत्तियां और पौधे लगा दिए, ताकि चलते समय सीधी धूप उसके शरीर पर न पड़े। इसके साथ ही, उसने लू से बचने के लिए अपने चेहरे पर गमछा भी बाँध रखा था। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोपहर में भीषण गर्मी के कारण सड़क पर निकलना बेहद मुश्किल हो गया है, जिससे रोजमर्रा के कामकाज के लिए बाहर निकलने वाले लोग अब गर्मी से बचने के लिए ऐसे ही अलग-अलग तरह के जुगाड़ अपनाने को मजबूर हैं। युवक का यह अनोखा प्रयोग अब पूरे बुंदेलखंड में चर्चा का विषय बन गया है।1
- बांदा की सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर सुश्री मेविस टॉक ने बताया कि दिनांक 23.05.2026 को थाना कोतवाली नगर में आयोजित थाना समाधान दिवस पर एक मामला सामने आया था। इस दौरान एक प्रतिवादी को थाने बुलाया गया था, जिसने वहाँ उपस्थित उपजिलाधिकारी के साथ अभद्रता की। इस घटना के बाद उपजिलाधिकारी के आदेश पर उस व्यक्ति का चालान किया गया। यह भी संज्ञान में आया है कि उसी शाम, इस प्रतिवादी की बेटी ने जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी स्थिति सामान्य बताई गई है। इस पूरे प्रकरण में अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है।1
- बांदा में एसपी पलाश बंसल की 'अवैध शस्त्रों पर सर्जिकल स्ट्राइक' जारी है, जिसके तहत मटौंध पुलिस ने मुड़ेरी रोड पर तमंचा लहराकर 'दबंगई' दिखा रहे लवकुश नाम के युवक को धर दबोचा है। पुलिस को मुखबिर से पक्की खबर मिली थी कि लवकुश मुड़ेरी रोड पर कमर में तमंचा खोसे टहल रहा है और कुछ बड़ा करने की फिराक में है। सूचना मिलते ही मटौंध थाना पुलिस, जो शाम को रूटीन गश्त और संदिग्ध वाहन चेकिंग पर थी, तुरंत मौके पर पहुंची। तलाशी लेने पर लवकुश पुत्र रघुवीरशरण निवासी जखौरा, थाना मटौंध की कमर से 315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद थाना मटौंध में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय भेज दिया गया है। इस गिरफ्तारी पर एसपी पलाश बंसल ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि जनपद में न तमंचा चलेगा और न तमंचेबाज। उन्होंने अवैध असलहा लेकर घूमने वालों को जेल की हवा खिलाने की बात कही और मटौंध पुलिस की सतर्कता से एक बड़ा अपराध होने से बचने का जिक्र किया। एसपी का साफ संदेश है कि अपराधी या तो सुधर जाएं या बांदा छोड़ दें, क्योंकि अवैध शस्त्र रखने वाले, अपराध करने वाले और महिला उत्पीड़न करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सीधी जेल व कड़ी कार्यवाही होगी। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस का मुखबिर तंत्र मजबूत है और पल-पल की खबर मिलती रहती है, इसलिए अपराधी सावधान रहें। एसपी पलाश बंसल के निर्देशन में जिले भर में अवैध असलहों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें गश्त, चेकिंग और मुखबिरों की मदद से अपराधियों की नाक में दम कर रखा गया है।1
- हमीरपुर के मौदहा कोतवाली क्षेत्र के खण्डेह गांव में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब कलारन तालाब में नहाने गए तीन मासूम बच्चे गहरे गड्ढे में डूब गए, जिससे उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। बताया जा रहा है कि तालाब में पिछले साल हुए अवैध मिट्टी खनन के कारण कई गहरे गड्ढे बन गए थे और इन्हीं गड्ढों में बच्चे फंस गए। मृतकों की पहचान 10 वर्षीय प्रबल यादव, 9 वर्षीय आदित्य कुशवाहा और 10 वर्षीय भोला कुशवाहा के रूप में हुई है। हादसे के बाद साथी बच्चों और ग्रामीणों ने तीनों को तालाब से बाहर निकाला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मौदहा पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अपर पुलिस अधीक्षक अरविन्द कुमार वर्मा ने बताया कि इस मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।3
- जो लोग घर बैठे काम करने के इच्छुक हैं, उनके लिए एक अवसर उपलब्ध है। इस अवसर के बारे में जानने या इसमें रुचि दिखाने के लिए, इच्छुक व्यक्ति दिए गए नंबर 9913082546 पर WhatsApp के माध्यम से 'YES' लिखकर भेज सकते हैं।1
- उत्तर प्रदेश के बाँदा रेलवे स्टेशन से एक मासूम बच्चे का अपहरण कर लिया गया था। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है। इसके साथ ही, इस घटना को अंजाम देने वाले अपहरणकर्ता को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- महोबा जिले के कबरई क्षेत्र में पंचायती राज विभाग के अंतर्गत हो रहे विकास कार्यों में निर्माण मानकों की गंभीर अनदेखी का मामला सामने आया है। इन निर्माण कार्यों में रेत के बजाय प्रतिबंधित डस्ट का उपयोग किया जा रहा है, जिससे परियोजनाओं की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि घटिया सामग्री का इस्तेमाल करके सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। मौके से मिली तस्वीरों में भी साफ देखा जा सकता है कि निर्माण स्थल पर मसाले में डस्ट मिलाई जा रही है, जबकि मानकों के अनुसार इन कार्यों में केवल साफ रेत का ही प्रयोग किया जाना चाहिए। यह स्पष्ट तौर पर मानक के विपरीत प्रतिबंधित डस्ट का इस्तेमाल है।3
- फेल्प्स 3डी के भव्य शुभारंभ समारोह के अवसर पर, भाजपा के वरिष्ठ नेता श्याम मोहन धुरिया ने प्रतिष्ठान का अवलोकन किया। उन्होंने इस दौरान प्रतिष्ठान की गतिविधियों और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।1