बलिया में कानून को ठेंगा: सील ‘अपूर्वा नर्सिंग होम’ आखिर किसके शह पर दोबारा खुला? बलिया। अनीशा राय की मौत के बाद जिस ‘अपूर्वा नर्सिंग होम’ को प्रशासन ने खुद सील किया था, अब वही नर्सिंग होम दोबारा संचालित होता दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो कई गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। जगदीशपुर स्थित इस नर्सिंग होम पर कार्रवाई के समय प्रशासन ने सख्ती का दावा किया था, लेकिन अब अगर सील खुल चुकी है तो सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसके आदेश पर? जब मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है, तब बिना किसी स्पष्ट प्रशासनिक आदेश के अस्पताल का दोबारा संचालन कैसे शुरू हो गया? क्या सीएमओ कार्यालय और जिला प्रशासन इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं? क्या प्रभावशाली लोगों के दबाव में नियम-कानून को दरकिनार कर दिया गया? एक तरफ मृतका अनीशा राय का पति न्याय के लिए दफ्तर-दफ्तर भटक रहा है, वहीं दूसरी तरफ सवालों के घेरे में आया नर्सिंग होम फिर से सक्रिय नजर आ रहा है। अगर प्रशासन ने सील नहीं खोली, तो फिर यह खुली कैसे? और अगर खोली गई है, तो आदेश सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा? बलिया की जनता अब जवाब चाहती है। क्या कानून सिर्फ कमजोरों के लिए है? क्या रसूखदारों के सामने प्रशासन पूरी तरह बेबस हो चुका है?
बलिया में कानून को ठेंगा: सील ‘अपूर्वा नर्सिंग होम’ आखिर किसके शह पर दोबारा खुला? बलिया। अनीशा राय की मौत के बाद जिस ‘अपूर्वा नर्सिंग होम’ को प्रशासन ने खुद सील किया था, अब वही नर्सिंग होम दोबारा संचालित होता दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो कई गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। जगदीशपुर स्थित इस नर्सिंग होम पर कार्रवाई के समय प्रशासन ने सख्ती का दावा किया था, लेकिन अब अगर सील खुल चुकी है तो सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसके आदेश पर? जब मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है, तब बिना किसी स्पष्ट प्रशासनिक आदेश के अस्पताल का दोबारा संचालन कैसे शुरू हो गया? क्या सीएमओ कार्यालय और जिला प्रशासन इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं? क्या प्रभावशाली लोगों के दबाव में नियम-कानून को दरकिनार कर दिया गया? एक तरफ मृतका अनीशा राय का पति न्याय के लिए दफ्तर-दफ्तर भटक रहा है, वहीं दूसरी तरफ सवालों के घेरे में आया नर्सिंग होम फिर से सक्रिय नजर आ रहा है। अगर प्रशासन ने सील नहीं खोली, तो फिर यह खुली कैसे? और अगर खोली गई है, तो आदेश सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा? बलिया की जनता अब जवाब चाहती है। क्या कानून सिर्फ कमजोरों के लिए है? क्या रसूखदारों के सामने प्रशासन पूरी तरह बेबस हो चुका है?
- अब खुले में की पेशाब तो जाएगी इज्जत, मैसूर प्रशासन ने दीवार पर लगाई शीशे वाली दीवार1
- बलिया में कानून को ठेंगा: सील ‘अपूर्वा नर्सिंग होम’ आखिर किसके शह पर दोबारा खुला? बलिया। अनीशा राय की मौत के बाद जिस ‘अपूर्वा नर्सिंग होम’ को प्रशासन ने खुद सील किया था, अब वही नर्सिंग होम दोबारा संचालित होता दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो कई गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। जगदीशपुर स्थित इस नर्सिंग होम पर कार्रवाई के समय प्रशासन ने सख्ती का दावा किया था, लेकिन अब अगर सील खुल चुकी है तो सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसके आदेश पर? जब मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है, तब बिना किसी स्पष्ट प्रशासनिक आदेश के अस्पताल का दोबारा संचालन कैसे शुरू हो गया? क्या सीएमओ कार्यालय और जिला प्रशासन इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं? क्या प्रभावशाली लोगों के दबाव में नियम-कानून को दरकिनार कर दिया गया? एक तरफ मृतका अनीशा राय का पति न्याय के लिए दफ्तर-दफ्तर भटक रहा है, वहीं दूसरी तरफ सवालों के घेरे में आया नर्सिंग होम फिर से सक्रिय नजर आ रहा है। अगर प्रशासन ने सील नहीं खोली, तो फिर यह खुली कैसे? और अगर खोली गई है, तो आदेश सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा? बलिया की जनता अब जवाब चाहती है। क्या कानून सिर्फ कमजोरों के लिए है? क्या रसूखदारों के सामने प्रशासन पूरी तरह बेबस हो चुका है?1
- बलिया जिले में पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति व्यवस्था में सुधार दिखाई देने लगा है, जिससे अनियमितताओं और किल्लत की शिकायतों में कमी आई है। पेट्रोल पंपों पर अब ईंधन की उपलब्धता स्थिर होने से वाहन चालकों को लंबी कतारों से राहत मिली है। प्रशासन का कहना है कि नियमित निगरानी और सप्लाई चेन को मजबूत करने से यह संभव हुआ है।1
- शिप्रा सिंह ने उत्तर प्रदेश के युवाओं को 'विकसित भारत' बनाने का संकल्प दिलाया है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण और विकास के प्रति जागरूक करना है।1
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- भारी वाहनों के आवागमन से क्षतिग्रस्त हुआ किकोढ़ा-भड़ीकरा मार्ग, ग्रामीणों ने मरम्मत की उठाई मांग बलिया। ग्राम सभा किकोढ़ा को सिकंदरपुर मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला किकोढ़ा-भड़ीकरा मार्ग सिकंदरपुर-नवलपुर बाईपास पर पुल निर्माण के बाद भारी वाहनों के लगातार आवागमन से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण आम जनमानस को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पुल निर्माण से पहले यह मार्ग इतना क्षतिग्रस्त नहीं था, लेकिन पुल बनने के बाद भारी वाहनों के लगातार गुजरने से सड़क जगह-जगह टूटकर गड्ढों में तब्दील हो गई है। हल्की बारिश होने पर सड़क पर जलभराव और कीचड़ की समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिससे राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की यह स्थिति कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र सड़क की मरम्मत कराने मांग की है, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।3
- बलिया के पुलिस अधीक्षक ने डायल 112 सेवा के लिए 5 नई इनोवा गाड़ियों को हरी झंडी दिखाई। ये गाड़ियाँ दोकटी, हल्दी, मनियर, फेफना और नरही थाना क्षेत्रों में तत्काल सहायता पहुंचाएंगी। इसका लक्ष्य जिले में आमजन की सुरक्षा को और मजबूत बनाना तथा आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।1
- बलिया के फेफना में बुधवार को एक तेज रफ्तार वाहन अनियंत्रित होकर सड़क के डिवाइडर पर चढ़ गया। स्थानीय लोगों की त्वरित मदद से चालक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ और बड़ा हादसा टल गया।1