भारी वाहनों के आवागमन से क्षतिग्रस्त हुआ किकोढ़ा-भड़ीकरा मार्ग, ग्रामीणों ने मरम्मत की उठाई मांग बलिया। ग्राम सभा किकोढ़ा को सिकंदरपुर मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला किकोढ़ा-भड़ीकरा मार्ग सिकंदरपुर-नवलपुर बाईपास पर पुल निर्माण के बाद भारी वाहनों के लगातार आवागमन से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण आम जनमानस को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पुल निर्माण से पहले यह मार्ग इतना क्षतिग्रस्त नहीं था, लेकिन पुल बनने के बाद भारी वाहनों के लगातार गुजरने से सड़क जगह-जगह टूटकर गड्ढों में तब्दील हो गई है। हल्की बारिश होने पर सड़क पर जलभराव और कीचड़ की समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिससे राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की यह स्थिति कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र सड़क की मरम्मत कराने मांग की है, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
भारी वाहनों के आवागमन से क्षतिग्रस्त हुआ किकोढ़ा-भड़ीकरा मार्ग, ग्रामीणों ने मरम्मत की उठाई मांग बलिया। ग्राम सभा किकोढ़ा को सिकंदरपुर मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला किकोढ़ा-भड़ीकरा मार्ग सिकंदरपुर-नवलपुर बाईपास पर पुल निर्माण के बाद भारी वाहनों के लगातार आवागमन से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण आम जनमानस को
आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पुल निर्माण से पहले यह मार्ग इतना क्षतिग्रस्त नहीं था, लेकिन पुल बनने के बाद भारी वाहनों के लगातार गुजरने से सड़क जगह-जगह टूटकर गड्ढों में तब्दील हो गई है। हल्की बारिश होने पर सड़क पर जलभराव और कीचड़ की समस्या
उत्पन्न हो जाती है, जिससे राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की यह स्थिति कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र सड़क की मरम्मत कराने मांग की है, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
- भारी वाहनों के आवागमन से क्षतिग्रस्त हुआ किकोढ़ा-भड़ीकरा मार्ग, ग्रामीणों ने मरम्मत की उठाई मांग बलिया। ग्राम सभा किकोढ़ा को सिकंदरपुर मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला किकोढ़ा-भड़ीकरा मार्ग सिकंदरपुर-नवलपुर बाईपास पर पुल निर्माण के बाद भारी वाहनों के लगातार आवागमन से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण आम जनमानस को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पुल निर्माण से पहले यह मार्ग इतना क्षतिग्रस्त नहीं था, लेकिन पुल बनने के बाद भारी वाहनों के लगातार गुजरने से सड़क जगह-जगह टूटकर गड्ढों में तब्दील हो गई है। हल्की बारिश होने पर सड़क पर जलभराव और कीचड़ की समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिससे राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की यह स्थिति कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र सड़क की मरम्मत कराने मांग की है, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।3
- बलिया के पुलिस अधीक्षक ने डायल 112 सेवा के लिए 5 नई इनोवा गाड़ियों को हरी झंडी दिखाई। ये गाड़ियाँ दोकटी, हल्दी, मनियर, फेफना और नरही थाना क्षेत्रों में तत्काल सहायता पहुंचाएंगी। इसका लक्ष्य जिले में आमजन की सुरक्षा को और मजबूत बनाना तथा आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।1
- आरसीसी सड़क बनी, लेकिन जलनिकासी नहीं — बासंपार बहोरवारोड पर राहगीर परेशान बेल्थरारोड। नगर क्षेत्र के बासंपार बहोरवारोड पर आरसीसी सड़क निर्माण के बाद भी बरसात का पानी सड़क पर जमा हो रहा है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों की अनदेखी और सड़क किनारे अवैध कब्जों के कारण जलनिकासी की व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई है। आसपास के लोगों का कहना है कि सड़क के किनारे बने मकान मालिकों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लेने के चलते नाली का निकास नहीं हो पा रहा है। हल्की बारिश में भी सड़क पर पानी भर जाता है और आने-जाने वाले लोगों को कीचड़ व जलजमाव से होकर गुजरना पड़ता है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि जनप्रतिनिधि और प्रशासन जल्द से जल्द नाली निर्माण एवं अवैध कब्जों पर कार्रवाई कर जलनिकासी की उचित व्यवस्था कराएं, ताकि लोगों को राहत मिल सके।1
- बलिया में कानून को ठेंगा: सील ‘अपूर्वा नर्सिंग होम’ आखिर किसके शह पर दोबारा खुला? बलिया। अनीशा राय की मौत के बाद जिस ‘अपूर्वा नर्सिंग होम’ को प्रशासन ने खुद सील किया था, अब वही नर्सिंग होम दोबारा संचालित होता दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो कई गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। जगदीशपुर स्थित इस नर्सिंग होम पर कार्रवाई के समय प्रशासन ने सख्ती का दावा किया था, लेकिन अब अगर सील खुल चुकी है तो सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसके आदेश पर? जब मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है, तब बिना किसी स्पष्ट प्रशासनिक आदेश के अस्पताल का दोबारा संचालन कैसे शुरू हो गया? क्या सीएमओ कार्यालय और जिला प्रशासन इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं? क्या प्रभावशाली लोगों के दबाव में नियम-कानून को दरकिनार कर दिया गया? एक तरफ मृतका अनीशा राय का पति न्याय के लिए दफ्तर-दफ्तर भटक रहा है, वहीं दूसरी तरफ सवालों के घेरे में आया नर्सिंग होम फिर से सक्रिय नजर आ रहा है। अगर प्रशासन ने सील नहीं खोली, तो फिर यह खुली कैसे? और अगर खोली गई है, तो आदेश सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा? बलिया की जनता अब जवाब चाहती है। क्या कानून सिर्फ कमजोरों के लिए है? क्या रसूखदारों के सामने प्रशासन पूरी तरह बेबस हो चुका है?1
- बलिया जिले में पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति व्यवस्था में सुधार दिखाई देने लगा है, जिससे अनियमितताओं और किल्लत की शिकायतों में कमी आई है। पेट्रोल पंपों पर अब ईंधन की उपलब्धता स्थिर होने से वाहन चालकों को लंबी कतारों से राहत मिली है। प्रशासन का कहना है कि नियमित निगरानी और सप्लाई चेन को मजबूत करने से यह संभव हुआ है।1
- सिवान शहर के मध्य स्थित पंचमंदिरा पोखरा अब स्वच्छता, हरियाली और जल संरक्षण का सुंदर प्रतीक बन चुका है। यह धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सौहार्द का भी प्रमुख केंद्र बन गया है। सुबह-शाम की मनमोहक छटा इसे स्वास्थ्य, मनोरंजन और प्रेरणा का प्रमुख स्थल बनाती है।1
- शिप्रा सिंह ने उत्तर प्रदेश के युवाओं को 'विकसित भारत' बनाने का संकल्प दिलाया है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण और विकास के प्रति जागरूक करना है।1
- कुण्डैल नियामत अली ग्राम सभा में जगह-जगह लगाए जा रहे कूड़ेदान, स्वच्छता अभियान.. बिल्थरारोड: ग्राम पंचायत कुण्डैल नियामत अली में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए गांव के विभिन्न स्थानों पर कूड़ेदान लगाए जा रहे हैं। जनाब अरफत अली उर्फ शफीक भाई के सौजन्य से लगाए जा रहे इन कूड़ेदानों से गांव में फैली गंदगी और इधर-उधर कचरा फेंकने की समस्या से लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अब लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और गांव का वातावरण साफ-सुथरा बना रहेगा। ग्राम सभा में गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग रखने की व्यवस्था भी की गई है, जिससे सफाई व्यवस्था और बेहतर होगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सभी लोग कूड़ेदान का सही उपयोग करें तो गांव को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।4