हरी खाद: मिट्टी का डॉक्टर, लागत आधी - पैदावार डबल, केवीके की किसानों से अपील ।। कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर ने किसानों से खरीफ से पहले खेत में हरी खाद की फसल बोने की अपील की है। फसल उत्पादन के वैज्ञानिक डॉ हर्षा बी आर कहना है कि हरी खाद मिट्टी के लिए "संजीवनी" है जो खेत की उर्वरा शक्ति कई गुना बढ़ा देती है भूमि में जलधारण क्षमता भी बढ़ जाती हैं । केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि ढैंचा, सनई, मूंग, लोबिया जैसी फसलों को 40-45 दिन उगाकर खेत में जोत देने को हरी खाद कहते हैं। डॉ सिंह के अनुसार हरी खाद के 5 बड़े फायदे मुफ्त नाइट्रोजन:* ढैंचा-सनई की जड़ों में रहने वाली राइजोबियम बैक्टीरिया हवा से नाइट्रोजन खींचकर मिट्टी में जोड़ देती है। 1 एकड़ से 25-30 किलो यूरिया के बराबर नाइट्रोजन मुफ्त मिलती है। जैविक कार्बन बढ़ाए:* हरी खाद सड़कर 4-5 टन जैविक पदार्थ देती है, जिससे मिट्टी भुरभुरी व उपजाऊ बनती है। पानी बचाए:* मिट्टी की जल धारण क्षमता 20 से 30% तक बढ़ जाती है, जिससे 1-2 सिंचाई कम लगती है। खरपतवार व रोग कम:* घनी फसल खरपतवार दबा देती है और मिट्टी के रोगाणु घटते हैं। लागत घटाए:* अगली फसल में 20-30% तक रासायनिक उर्वरक की बचत होती है। बुवाई का तरीका: अप्रैल-मई में खाली खेत में 20-25 किलो ढैंचा या सनई बीज प्रति एकड़ छिड़क दें। 45 दिन बाद जब 50% फूल आ जाएं तो पानी लगाकर मिट्टी पलटने वाले हल से जोत दें। 10-15 दिन बाद धान की रोपाई करें। डॉ सिंह ने बताया कि जो किसान हर साल हरी खाद करता है, उसके खेत की मिट्टी काली, भुरभुरी और सोना उगलने वाली हो जाती है,सरकार ढैंचा बीज पर 50% अनुदान भी दे रही हैं।
हरी खाद: मिट्टी का डॉक्टर, लागत आधी - पैदावार डबल, केवीके की किसानों से अपील ।। कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर ने किसानों से खरीफ से पहले खेत में हरी खाद की फसल बोने की अपील की है। फसल उत्पादन के वैज्ञानिक डॉ हर्षा बी आर कहना है कि हरी खाद मिट्टी के लिए "संजीवनी" है जो खेत की उर्वरा शक्ति कई गुना बढ़ा देती है भूमि में जलधारण क्षमता भी बढ़ जाती हैं । केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि ढैंचा, सनई, मूंग, लोबिया जैसी फसलों को 40-45 दिन उगाकर खेत में जोत देने को हरी खाद कहते हैं। डॉ सिंह के अनुसार हरी खाद के 5 बड़े फायदे मुफ्त नाइट्रोजन:* ढैंचा-सनई की जड़ों में रहने वाली राइजोबियम बैक्टीरिया हवा से नाइट्रोजन खींचकर मिट्टी में जोड़ देती है। 1 एकड़ से 25-30 किलो यूरिया के बराबर नाइट्रोजन मुफ्त मिलती है। जैविक कार्बन बढ़ाए:* हरी खाद सड़कर 4-5 टन जैविक पदार्थ देती है, जिससे मिट्टी भुरभुरी व उपजाऊ बनती है। पानी बचाए:* मिट्टी की जल धारण क्षमता 20 से 30% तक बढ़ जाती है, जिससे 1-2 सिंचाई कम लगती है। खरपतवार व रोग कम:* घनी फसल खरपतवार दबा देती है और मिट्टी के रोगाणु घटते हैं। लागत घटाए:* अगली फसल में 20-30% तक रासायनिक उर्वरक की बचत होती है। बुवाई का तरीका: अप्रैल-मई में खाली खेत में 20-25 किलो ढैंचा या सनई बीज प्रति एकड़ छिड़क दें। 45 दिन बाद जब 50% फूल आ जाएं तो पानी लगाकर मिट्टी पलटने वाले हल से जोत दें। 10-15 दिन बाद धान की रोपाई करें। डॉ सिंह ने बताया कि जो किसान हर साल हरी खाद करता है, उसके खेत की मिट्टी काली, भुरभुरी और सोना उगलने वाली हो जाती है,सरकार ढैंचा बीज पर 50% अनुदान भी दे रही हैं।
- डीएम जनसुनवाई में 30 मामलों की सुनवाई, कई का मौके पर निपटारा बेतिया समाहरणालय में आयोजित जनसुनवाई में डीएम तरनजोत सिंह ने 30 मामलों की सुनवाई की। कई मामलों का मौके पर ही समाधान कर लोगों को राहत दी गई। भूमि, पेंशन, आवास, बिजली व राशन से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रहीं।1
- हरिवाटिका चौक स्थित राम कथा के चौथे दिन पूज्य राजन जी महाराज ने दशरथ के चारों पुत्रों राम ,लक्ष्मण ,भरत और शत्रुघ्न के गुणों का बखान किया।उन्होंने कहा कि आनंद के सागर है श्री राम।समुद्र में जितना पानी भरा हुआ है उतनी शांति श्री राम के हृदय में भरा हुआ है।लक्ष्मण को श्री राम का प्रिय बताया।उन्होंने कहा कि रामजी के प्रिये है शेषावतार लक्ष्मण।भरत जी के विषय मे बताया कि वे राम प्रेम की मूर्ति है।उन्होंने भरत के नाम की प्रासंगिकता पर बल दिया। शत्रुघ्न के विषय मे बताया कि जिनका नाम लेने से शत्रु समाप्त हो जाते है।शत्रुघ्न को रामचरित मानस को मौन पात्र बताया।बीती रात्रि महिलाओं की सर्वाधिक संख्या दिखा।दिन ब दिन श्री राम कथा को सुनने को भीड़ उमड़ रही है।राम के नाम प्रासंगिता पर बल दिया।आगामी 29 अप्रैल को श्री राम कथा का समापन होगा।4
- नौतन प्रखंड के दक्षिण तेलुआ पंचायत के वार्ड नंबर एक स्थित ब्रह्मटोला गांव में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। करीब सात साल पहले बड़ी उम्मीदों के साथ लगाए गए पानी टंकी से अब एक बूंद पानी नहीं मिल रहा, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। सोमवार को गुस्साए ग्रामीणों ने जिला प्रशासन की उदासीनता के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व मुखिया के कार्यकाल में नल-जल योजना के तहत इस पानी टंकी को स्थापित किया गया था और शुरुआत में करीब छह महीने तक लोगों को शुद्ध पेयजल मिला भी। लेकिन उसके बाद बिजली के तार टूटने से पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई और तब से आज तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। गांव के प्रकाश कुमार, सोना देवी, प्रभावती देवी, भुटकून यादव, ललसा यादव, अवधेश यादव, हरेन्द्र यादव, अमेरिका यादव, भीखर यादव और राम प्रवेश यादव समेत कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पानी टंकी को चालू कराने के लिए कई बार जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला, कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं, नल-जल योजना के तहत बिछाई गई सप्लाई पाइपलाइन भी जगह-जगह से जर्जर हो चुकी है, जिससे पूरे गांव में पानी पहुंचना लगभग नामुमकिन हो गया है। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि जब योजना काम ही नहीं कर रही, तो इसके अनुरक्षण के नाम पर आने वाली राशि आखिर कहां जा रही है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। भीषण गर्मी के इस मौसम में शुद्ध पेयजल की किल्लत ने हालात और गंभीर बना दिए हैं। दूषित पानी पीने की मजबूरी के कारण गांव में पेट से जुड़ी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं, जिससे लोगों की सेहत पर सीधा असर पड़ रहा है। अब ग्रामीणों का साफ कहना है कि अगर जल्द ही नल-जल योजना को दुरुस्त कर पानी की आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे और बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। सवाल यही है कि आखिर कब तक प्यासे रहेंगे ब्रह्मटोला के लोग और कब जागेगा प्रशासन?1
- Post by Shofiyan g1
- सुगौली पुलिस ने छपवा चौक से मोतिहारी जाने वाली बस से 190 बोतल विदेशी शराब के साथ दो महिलाओं को किया गिरफ्तार,भेजा न्यायिक हिरासत में।1
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- bhanagha Bazzar me abhi tak rod nhi bana he ohi nali ban geya he mera1
- Post by A9Bharat News1