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yah Hai Bangal ke najara har jagah daav nahin Lata hai
Shofiyan g
yah Hai Bangal ke najara har jagah daav nahin Lata hai
More news from बिहार and nearby areas
- हरिवाटिका चौक स्थित राम कथा के चौथे दिन पूज्य राजन जी महाराज ने दशरथ के चारों पुत्रों राम ,लक्ष्मण ,भरत और शत्रुघ्न के गुणों का बखान किया।उन्होंने कहा कि आनंद के सागर है श्री राम।समुद्र में जितना पानी भरा हुआ है उतनी शांति श्री राम के हृदय में भरा हुआ है।लक्ष्मण को श्री राम का प्रिय बताया।उन्होंने कहा कि रामजी के प्रिये है शेषावतार लक्ष्मण।भरत जी के विषय मे बताया कि वे राम प्रेम की मूर्ति है।उन्होंने भरत के नाम की प्रासंगिकता पर बल दिया। शत्रुघ्न के विषय मे बताया कि जिनका नाम लेने से शत्रु समाप्त हो जाते है।शत्रुघ्न को रामचरित मानस को मौन पात्र बताया।बीती रात्रि महिलाओं की सर्वाधिक संख्या दिखा।दिन ब दिन श्री राम कथा को सुनने को भीड़ उमड़ रही है।राम के नाम प्रासंगिता पर बल दिया।आगामी 29 अप्रैल को श्री राम कथा का समापन होगा।4
- नौतन प्रखंड के दक्षिण तेलुआ पंचायत के वार्ड नंबर एक स्थित ब्रह्मटोला गांव में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। करीब सात साल पहले बड़ी उम्मीदों के साथ लगाए गए पानी टंकी से अब एक बूंद पानी नहीं मिल रहा, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। सोमवार को गुस्साए ग्रामीणों ने जिला प्रशासन की उदासीनता के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व मुखिया के कार्यकाल में नल-जल योजना के तहत इस पानी टंकी को स्थापित किया गया था और शुरुआत में करीब छह महीने तक लोगों को शुद्ध पेयजल मिला भी। लेकिन उसके बाद बिजली के तार टूटने से पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई और तब से आज तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। गांव के प्रकाश कुमार, सोना देवी, प्रभावती देवी, भुटकून यादव, ललसा यादव, अवधेश यादव, हरेन्द्र यादव, अमेरिका यादव, भीखर यादव और राम प्रवेश यादव समेत कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पानी टंकी को चालू कराने के लिए कई बार जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला, कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं, नल-जल योजना के तहत बिछाई गई सप्लाई पाइपलाइन भी जगह-जगह से जर्जर हो चुकी है, जिससे पूरे गांव में पानी पहुंचना लगभग नामुमकिन हो गया है। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि जब योजना काम ही नहीं कर रही, तो इसके अनुरक्षण के नाम पर आने वाली राशि आखिर कहां जा रही है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। भीषण गर्मी के इस मौसम में शुद्ध पेयजल की किल्लत ने हालात और गंभीर बना दिए हैं। दूषित पानी पीने की मजबूरी के कारण गांव में पेट से जुड़ी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं, जिससे लोगों की सेहत पर सीधा असर पड़ रहा है। अब ग्रामीणों का साफ कहना है कि अगर जल्द ही नल-जल योजना को दुरुस्त कर पानी की आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे और बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। सवाल यही है कि आखिर कब तक प्यासे रहेंगे ब्रह्मटोला के लोग और कब जागेगा प्रशासन?1
- Post by Shofiyan g1
- नगरा (बलिया) — दोहरे हत्याकांड से सनसनी, पति ने पत्नी और सास की गला काटकर हत्या की बलिया जिले के नगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बछईपुर गांव में शनिवार आधी रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक युवक ने अपनी पत्नी और सास की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी। बीच-बचाव करने पहुंचे ससुर पर भी उसने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल ससुर को सदर अस्पताल भेजा। वहीं, मृतका की छोटी बहन कृति की तहरीर पर मामला दर्ज कर दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बलिया भेज दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आजमगढ़ परिक्षेत्र के उप पुलिस महानिरीक्षक सुनील सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे और परिजनों से पूछताछ की। पुलिस ने इस दोहरे हत्याकांड में कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि आरोपी घटना के बाद से फरार बताया जा रहा है। प्रेम विवाह के बाद बिगड़े संबंध बने वजह जानकारी के अनुसार, गड़वार थाना क्षेत्र के सिंहाचवर निवासी अमित गुप्ता और बछईपुर की प्रीति के बीच प्रेम संबंध था। दोनों ने परिवार की नाराजगी के बावजूद घर से भागकर शादी करने का फैसला किया। बाद में परिजनों की सहमति से जुलाई 2022 में कपिलेश्वरी भवानी मंदिर में विवाह संपन्न हुआ। शादी के बाद अमित पत्नी को लेकर झारखंड चला गया, जहां वह पिछले तीन वर्षों से काम कर रहा था। इस दौरान दोनों का एक तीन वर्षीय बेटा भी है। बीते मार्च में अमित पत्नी और बच्चे के साथ गांव लौटा, जहां किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। बताया जा रहा है कि इसी विवाद के दौरान अमित ने पहले भी पत्नी पर चाकू से हमला किया था, जिसके बाद प्रीति ने गड़वार थाने में मुकदमा दर्ज कराया और अपने मायके आकर रहने लगी। आधी रात वारदात को दिया अंजाम शनिवार देर रात आरोपी ससुराल पहुंचा और छत के रास्ते घर में घुस गया। उसने पहले अपने बच्चे को बिस्तर से नीचे फेंका, फिर पत्नी प्रीति पर धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी। शोर सुनकर पहुंची सास सुशीला की भी उसने गला काटकर हत्या कर दी। वहीं, बचाने आए ससुर अंतु पर भी हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। बलिया से विप्लव सिंह की रिपोर्ट1
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- bhanagha Bazzar me abhi tak rod nhi bana he ohi nali ban geya he mera1
- क्या तेजस्वी यादव जी के अनुसार पूरे बिहार में 15 लोग ही रहते है1
- कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर ने किसानों से खरीफ से पहले खेत में हरी खाद की फसल बोने की अपील की है। फसल उत्पादन के वैज्ञानिक डॉ हर्षा बी आर कहना है कि हरी खाद मिट्टी के लिए "संजीवनी" है जो खेत की उर्वरा शक्ति कई गुना बढ़ा देती है भूमि में जलधारण क्षमता भी बढ़ जाती हैं । केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि ढैंचा, सनई, मूंग, लोबिया जैसी फसलों को 40-45 दिन उगाकर खेत में जोत देने को हरी खाद कहते हैं। डॉ सिंह के अनुसार हरी खाद के 5 बड़े फायदे मुफ्त नाइट्रोजन:* ढैंचा-सनई की जड़ों में रहने वाली राइजोबियम बैक्टीरिया हवा से नाइट्रोजन खींचकर मिट्टी में जोड़ देती है। 1 एकड़ से 25-30 किलो यूरिया के बराबर नाइट्रोजन मुफ्त मिलती है। जैविक कार्बन बढ़ाए:* हरी खाद सड़कर 4-5 टन जैविक पदार्थ देती है, जिससे मिट्टी भुरभुरी व उपजाऊ बनती है। पानी बचाए:* मिट्टी की जल धारण क्षमता 20 से 30% तक बढ़ जाती है, जिससे 1-2 सिंचाई कम लगती है। खरपतवार व रोग कम:* घनी फसल खरपतवार दबा देती है और मिट्टी के रोगाणु घटते हैं। लागत घटाए:* अगली फसल में 20-30% तक रासायनिक उर्वरक की बचत होती है। बुवाई का तरीका: अप्रैल-मई में खाली खेत में 20-25 किलो ढैंचा या सनई बीज प्रति एकड़ छिड़क दें। 45 दिन बाद जब 50% फूल आ जाएं तो पानी लगाकर मिट्टी पलटने वाले हल से जोत दें। 10-15 दिन बाद धान की रोपाई करें। डॉ सिंह ने बताया कि जो किसान हर साल हरी खाद करता है, उसके खेत की मिट्टी काली, भुरभुरी और सोना उगलने वाली हो जाती है,सरकार ढैंचा बीज पर 50% अनुदान भी दे रही हैं।1