Shuru
Apke Nagar Ki App…
घटनास्थल पर घंटों की देरी के बाद एम्बुलेंस और पुलिसकर्मी पहुँचे, वहीं 'बिकाऊ मीडिया' भी मौके पर रिपोर्टिंग करती नज़र आई। इसको लेकर सवाल उठाया गया कि आखिर ऐसी क्या बेवसी है जो ये लोग सच्चाई नहीं बोलते, और कहा गया कि 'बिकाऊ मीडिया' अपनी आदत से बाज नहीं आती। आरोप है कि 'गोदी मीडिया' देश की सच्चाई को जनता तक नहीं पहुँचा रही, बल्कि जनता की नज़रों में सरकार की छवि को बचाने का काम लगातार करती रही है।
खबर,, सबकी
घटनास्थल पर घंटों की देरी के बाद एम्बुलेंस और पुलिसकर्मी पहुँचे, वहीं 'बिकाऊ मीडिया' भी मौके पर रिपोर्टिंग करती नज़र आई। इसको लेकर सवाल उठाया गया कि आखिर ऐसी क्या बेवसी है जो ये लोग सच्चाई नहीं बोलते, और कहा गया कि 'बिकाऊ मीडिया' अपनी आदत से बाज नहीं आती। आरोप है कि 'गोदी मीडिया' देश की सच्चाई को जनता तक नहीं पहुँचा रही, बल्कि जनता की नज़रों में सरकार की छवि को बचाने का काम लगातार करती रही है।
More news from बिहार and nearby areas
- शिक्षक मंत्री के सिस्टम को सीधे तौर पर विफल बताया गया है, और इस आशंका पर सवाल उठाया गया है कि क्या मंत्री स्वयं इस 'खेल' में लिप्त हैं। यह गंभीर आरोप लगाया गया है कि सेना का उपयोग अपने व्यक्तिगत घोटालों को छिपाने की एक योजना प्रतीत होता है, जिससे भारतवर्ष को विदेश में चर्चा होने पर शर्मसार होना पड़ेगा। पोस्ट में इस बात पर कड़ी आपत्ति और शर्मिंदगी व्यक्त की गई है कि जिस सेना का मूल कार्य सरहदों की रक्षा करना है, अब उसे NEET परीक्षा के पेपरों की देखभाल (संचालन) करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसे 'कितनी शर्म की बात' बताते हुए, इस स्थिति को बेहद निंदनीय करार दिया गया है।1
- बिहार के डेहरी रोहतास और अकोढ़ी गोला में दसवें मुहर्रम के अवसर पर ताजिया जुलूस निकाले गए। इन आयोजनों में मुस्लिम भाइयों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।1
- उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ीपुर जिले में स्थित कुचौरा गांव की हालत पिछले 4 से 5 सालों से जस की तस बनी हुई है। गांव की इस बदहाल स्थिति को देखते हुए, यह सवाल उठाया गया है कि क्या यही 'स्वच्छ भारत' अभियान की वास्तविकता है।1
- हाल ही में एक व्यक्ति द्वारा ₹5 लाख के इनाम की घोषणा या दिए गए किसी विवादित बयान को लेकर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की गई है। मामले में यह जोर दिया गया है कि यदि आवश्यक समझा जाए, तो कानून के अनुसार सभी जांच प्रक्रियाएँ अपनाई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। इस संदर्भ में यह भी स्पष्ट किया गया है कि देश में कानून सर्वोपरि है और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ गंभीर आरोप केवल ठोस साक्ष्यों के आधार पर ही लगाए जाने चाहिए। जनता इस पूरे प्रकरण में निष्पक्ष जांच और न्याय की अपेक्षा करती है।1
- शुक्रवार को मोहर्रम के अवसर पर सासाराम में बड़ी चौकी का पारंपरिक ताजिया जुलूस पूरे धार्मिक आस्था, परंपरा और भाईचारे के माहौल में निकाला गया। इस ऐतिहासिक जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लिया, जिसमें शहर के विभिन्न अखाड़ों और ताजिया कमेटियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। जुलूस मोहर्रम की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का एक प्रमुख आकर्षण रहा, जहाँ पूरे मार्ग पर 'या हुसैन-या हुसैन' की सदाएँ गूँजती रहीं और लोगों ने अत्यंत अनुशासित ढंग से इसमें हिस्सा लिया। इस दौरान युवाओं ने विभिन्न स्थानों पर लाठी और अन्य पारंपरिक युद्धक कलाओं का शानदार प्रदर्शन किया, वहीं जुलूस में शामिल लोगों का जगह-जगह ठंडा पेय पदार्थ पिलाकर स्वागत किया गया। इस शांतिपूर्ण आयोजन के लिए जिला प्रशासन और मोहर्रम कमेटी ने व्यापक तैयारियाँ की थीं। जुलूस मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिसमें पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी यातायात नियंत्रण और निगरानी के लिए लगातार मुस्तैद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत चौक-चौराहों पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी, साथ ही सीसीटीवी कैमरों से भी लगातार निगरानी रखी जा रही थी और पुलिस गश्ती भी जारी थी। दुर्घटना की आशंका को टालने के लिए जुलूस मार्ग वाले मोहल्ले की विद्युत आपूर्ति को अस्थायी रूप से बंद रखा गया, जिससे कुछ लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मरकजी मोहर्रम कमेटी के जेनरल सेक्रेटरी अखलाक अहमद रिजवी ने बताया कि मोहर्रम पर्व इंसाफ और मानवता के संदेश को याद करने का अवसर है। उन्होंने सासाराम की बड़की चौकी के इस ऐतिहासिक जुलूस को वर्षों से आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक बताया। रिजवी ने इस बात पर जोर दिया कि जुलूस को समय पर समाप्त करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को दिक्कत होती है, और सबकी जिम्मेदारी है कि कम से कम परेशानी हो। डीएसपी विप्लव कुमार ने भी बड़ी चौकी के जुलूस के लिए चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की पुष्टि की। आगामी कार्यक्रम के तहत, कल ताजिया पहलाम का कार्यक्रम निर्धारित है।4
- कैमूर जिले के भभुआ मुख्यालय सहित आसपास के इलाकों में आज मोहर्रम का पर्व बेहद अकीदत, शांति और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुस्लिम समाज के लोगों ने कर्बला के शहीदों को याद करते हुए एक भव्य ताजिया जुलूस निकाला। शहर के विभिन्न मोहल्लों से खूबसूरत और आकर्षक ताजिया उठाए गए, जो गाजे-बाजे की धुन पर आगे बढ़ रहे थे। जुलूस में शामिल युवाओं और कलाबाजों ने पारंपरिक हथियारों के साथ हैरतअंगेज करतब दिखाए और अखाड़ा खेला, जिससे पूरा शहर 'या हुसैन' के नारों से गूंज उठा। इस पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और जुलूस के रास्तों पर पुलिस बल तैनात रहा। स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने भी गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करते हुए जुलूस का स्वागत किया और आपसी भाईचारे का संदेश दिया।3
- घटनास्थल पर घंटों की देरी के बाद एम्बुलेंस और पुलिसकर्मी पहुँचे, वहीं 'बिकाऊ मीडिया' भी मौके पर रिपोर्टिंग करती नज़र आई। इसको लेकर सवाल उठाया गया कि आखिर ऐसी क्या बेवसी है जो ये लोग सच्चाई नहीं बोलते, और कहा गया कि 'बिकाऊ मीडिया' अपनी आदत से बाज नहीं आती। आरोप है कि 'गोदी मीडिया' देश की सच्चाई को जनता तक नहीं पहुँचा रही, बल्कि जनता की नज़रों में सरकार की छवि को बचाने का काम लगातार करती रही है।1
- रोहतास जिले में उस समय हंगामा मच गया जब एक महिला ने बीच सड़क पर अपने पति को कथित तौर पर किसी अन्य महिला के साथ देख लिया। इस घटना के बाद महिला और उसके पति के बीच जबरदस्त विवाद शुरू हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि पत्नी ने अपने पति की पिटाई कर दी। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों का ध्यान खींचा है।1