कुचामन सिटी के हनुमानपुरा स्थित कड़वों की ढाणी में 1 जून से 9 जून 2026 तक नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन होने जा रहा है। परम पूज्य आचार्य श्री चन्द्रशेखर जी महाराज (जयपुर) अपने श्रीमुख से कथा का वाचन करेंगे, जिसे लेकर पूरे क्षेत्र के श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। कथा का आयोजन प्रतिदिन प्रातः 11:15 बजे से सायं 4:15 बजे तक किया जाएगा, जबकि कथा का समापन 9 जून को हवन और महाप्रसादी के साथ होगा। नौ दिवसीय कथा कार्यक्रम के तहत 1 जून को गणपति पूजन, वेदमंत्रों के साथ कलश स्थापना, ध्वजारोहण और भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। 2 जून को कथा का आरंभ होगा, जिसमें शुकदेव जी व राजा परीक्षित के जन्म, परीक्षित श्राप और शुकागमन का वर्णन किया जाएगा। 3 जून को वराह अवतार, कपिल अवतार, सती दाह, ध्रुव और भरत चरित्र की कथाएं सुनाई जाएंगी। 4 जून के दिन अजामिल उपाख्यान, प्रहलाद चरित्र, गजेन्द्र मोक्ष तथा मोहिनी एवं वामन अवतार प्रसंग की कथाएं होंगी, जबकि 5 जून को श्रीराम जन्म कथा और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का भव्य वर्णन किया जाएगा। कथा के छठे दिन, यानी 6 जून को श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं और गोवर्धन लीला का वर्णन होगा। 7 जून को महारास, कंस वध और रुक्मिणी विवाह की कथा सुनाई जाएगी। वहीं, 8 जून को सुदामा चरित्र, सम्पूर्ण कथासार की पुनरावृत्ति और व्यास विदाई का कार्यक्रम रखा गया है। अंतिम दिन, 9 जून को हवन और महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा। आयोजक रामचंद्र कड़वा, सुखाराम कड़वा, बन्नाराम (आर्मी) और रामेश्वर लाल कड़वा ने इस आयोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि श्रीमद्भागवत कथा भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों और सामाजिक समरसता का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने जोर दिया कि कथा श्रवण से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और भक्ति तथा सदाचार की भावनाएं मजबूत होती हैं। आयोजकों ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से सपरिवार कथा में पहुंचकर धर्मलाभ लेने और इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने की अपील की है। इस भव्य आयोजन की व्यवस्थाओं में रामसुराम, गणेशराम, राजूराम, परमाराम, रामदेव, बिरमाराम, कमलकिशोर, नरेन्द्र, धर्माराम, महेन्द्र, युवराज, सुरेन्द्र, संजय, संजीत, अजय, अंकित, हरेन्द्र, विजय, यश, मयंक, हार्दिक, ईशांत, सुशांत, अभिराज और समस्त कड़वा परिवार सक्रिय रूप से जुटा हुआ है।
कुचामन सिटी के हनुमानपुरा स्थित कड़वों की ढाणी में 1 जून से 9 जून 2026 तक नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन होने जा रहा है। परम पूज्य आचार्य श्री चन्द्रशेखर जी महाराज (जयपुर) अपने श्रीमुख से कथा का वाचन करेंगे, जिसे लेकर पूरे क्षेत्र के श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। कथा का आयोजन प्रतिदिन प्रातः 11:15 बजे से सायं 4:15 बजे तक किया जाएगा, जबकि कथा का समापन 9 जून को हवन और महाप्रसादी के साथ होगा। नौ दिवसीय कथा कार्यक्रम के तहत 1 जून को
गणपति पूजन, वेदमंत्रों के साथ कलश स्थापना, ध्वजारोहण और भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। 2 जून को कथा का आरंभ होगा, जिसमें शुकदेव जी व राजा परीक्षित के जन्म, परीक्षित श्राप और शुकागमन का वर्णन किया जाएगा। 3 जून को वराह अवतार, कपिल अवतार, सती दाह, ध्रुव और भरत चरित्र की कथाएं सुनाई जाएंगी। 4 जून के दिन अजामिल उपाख्यान, प्रहलाद चरित्र, गजेन्द्र मोक्ष तथा मोहिनी एवं वामन अवतार प्रसंग की कथाएं होंगी, जबकि 5 जून को श्रीराम जन्म कथा और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का भव्य वर्णन किया जाएगा। कथा के
छठे दिन, यानी 6 जून को श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं और गोवर्धन लीला का वर्णन होगा। 7 जून को महारास, कंस वध और रुक्मिणी विवाह की कथा सुनाई जाएगी। वहीं, 8 जून को सुदामा चरित्र, सम्पूर्ण कथासार की पुनरावृत्ति और व्यास विदाई का कार्यक्रम रखा गया है। अंतिम दिन, 9 जून को हवन और महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा। आयोजक रामचंद्र कड़वा, सुखाराम कड़वा, बन्नाराम (आर्मी) और रामेश्वर लाल कड़वा ने इस आयोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि श्रीमद्भागवत कथा भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों और सामाजिक समरसता का
एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने जोर दिया कि कथा श्रवण से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और भक्ति तथा सदाचार की भावनाएं मजबूत होती हैं। आयोजकों ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से सपरिवार कथा में पहुंचकर धर्मलाभ लेने और इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने की अपील की है। इस भव्य आयोजन की व्यवस्थाओं में रामसुराम, गणेशराम, राजूराम, परमाराम, रामदेव, बिरमाराम, कमलकिशोर, नरेन्द्र, धर्माराम, महेन्द्र, युवराज, सुरेन्द्र, संजय, संजीत, अजय, अंकित, हरेन्द्र, विजय, यश, मयंक, हार्दिक, ईशांत, सुशांत, अभिराज और समस्त कड़वा परिवार सक्रिय रूप से जुटा हुआ है।
- राजस्थान में हनुमान बेनिवाल के एक बयान ने सत्ताधारी पार्टी में हलचल पैदा कर दी है। इस बयान के बाद प्रदेश अध्यक्ष ने हनुमान बेनिवाल पर युवाओं को गलत दिशा में बात कहने का आरोप लगाया है।1
- Post by मनीष तिवारी धर्मेंद्र कुमार1
- राज्य सरकार के निर्देश पर लोसल नगर पालिका प्रशासन ने हाल ही में "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" के तहत कई कार्यक्रमों का आयोजन किया। इस पहल के अंतर्गत, अल सुबह प्रभात फेरी निकाली गई, जिसके माध्यम से आमजन को स्वच्छता और जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। प्रभात फेरी के समापन के बाद, सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, कर्मचारियों और नागरिकों ने बढ़-चढ़कर श्रमदान किया, जिसमें सभी ने एक स्वच्छ और सुंदर लोसल बनाने का संकल्प लिया। इस अभियान का मुख्य संदेश 'जल बचाओ, स्वच्छता अपनाओ' रहा।1
- छापर के आबसर गाँव में रविवार को 'चौधरी गेस्ट हाउस' में गुरूकृपा क्लासेज द्वारा शिक्षा के प्रति जागरूकता और विद्यार्थियों के उत्साह को बढ़ावा देने के लिए एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बोर्ड कक्षाओं, यानी 10वीं और 12वीं, में उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर गाँव का नाम रोशन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। समारोह में शिक्षा जगत से जुड़ी कई बड़ी हस्तियों ने शिरकत की, जिससे विद्यार्थियों और ग्रामीणों का उत्साह दोगुना हो गया। कार्यक्रम में सेवानिवृत जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) धन्नाराम प्रजापत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि प्रख्यात शिक्षाविद और एसवीएम के निदेशक ईश्वर सुथार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। रामूराम किलका, भीखाराम किलका और लक्ष्मणराम किलका विशिष्ट अतिथि के तौर पर मंच पर आसीन थे। मुख्य अतिथि धन्नाराम प्रजापत ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए राजस्थानी भाषा के सामान्य ज्ञान की महत्ता पर प्रकाश डाला और कहा कि अपनी मातृभाषा व क्षेत्रीय ज्ञान पर मजबूत पकड़ प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़ी सफलता दिला सकती है। विशिष्ट अतिथि लक्ष्मण राम किलका ने विद्यार्थियों को 'लक्ष्य' के प्रति एकाग्र होने की सीख दी, वहीं अध्यक्षीय उद्बोधन में शिक्षाविद ईश्वर सुथार ने कहा कि यह सम्मान सिर्फ एक पड़ाव है और असली मंजिल अभी बाकी है, जिसके लिए विद्यार्थियों को आगे भी अनुशासित रहकर निरंतर मेहनत करनी होगी। समारोह के मुख्य आकर्षण वे प्रतिभावान विद्यार्थी रहे जिन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में टॉप किया था। मंच पर मौजूद सभी अतिथियों ने इन होनहारों को मोमेंटो (स्मृति चिह्न) और प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान पाकर विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे और पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा, जबकि उपस्थित अभिभावकों की आंखें भी अपने बच्चों की इस कामयाबी पर गर्व से नम दिखीं। गुरुकृपा क्लासेज के निदेशक राकेश किलका ने अथितियों का आभार व्यक्त किया। इस गौरवमयी पल के साक्षी बनने के लिए आबसर ग्राम के नवरत्न किलका, रामचन्द्र कुड़ी, पपुराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों, युवाओं और मातृशक्ति ने भाग लेकर बच्चों का हौसला बढ़ाया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। गुरूकृपा क्लासेज के इस अनूठे प्रयास की पूरे क्षेत्र में सराहना की जा रही है। कार्यक्रम का कुशल व ओजस्वी संचालन मनोज कुमार किलका 'टैगोर' ने किया।4
- मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ गया है। घने बादलों और गरज के साथ मौसम में बदलाव देखा गया है।1
- ब्यावर में नारी जन जागृति संस्थान और अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला समिति की स्थानीय ब्यावर शाखा ने संयुक्त तत्वाधान में केरी पानी का वितरण किया।2
- अजमेर जिले में सराधना गाँव के पास अरावली की पहाड़ियों में स्थित गौरीकुंड माता मंदिर अत्यंत प्राचीन और चमत्कारी माना जाता है। यह मंदिर अजमेर से करीब 20 किलोमीटर दूर सराधना और मकरेडा गाँवों के समीप अरावली पर्वत श्रृंखला की गोद में स्थित है। पहले यहाँ पहुँचना दुर्गम था, लेकिन अब जन सहयोग से गाड़ियों के माध्यम से आसानी से जाया जा सकता है। इस मंदिर को मार्कंडेय ऋषि की तपोभूमि कहा जाता है, जहाँ मान्यता है कि माता ने ऋषि मार्कंडेय को दर्शन दिए थे और उनकी स्वयंभू प्रतिमा यहीं प्रकट हुई थी। मंदिर परिसर में एक चमत्कारी जलकुंड भी है, जिसकी विशेषता है कि इसका पानी हमेशा इतना साफ रहता है कि तल में पड़ा सिक्का भी स्पष्ट दिखाई देता है, और इसमें कभी काई नहीं जमती। हजारों गैलन पानी निकालने के बाद भी यह कुंड खाली नहीं होता, साथ ही, सर्दी में इसका पानी गर्म और गर्मी में ठंडा रहता है। पहाड़ी पर स्थित होने के कारण यहाँ बड़ी संख्या में बंदर रहते हैं, जिनके लिए श्रद्धालु अक्सर केले और चने जैसे प्रसाद लेकर आते हैं, और उन्हें अपना प्रसाद संभालकर रखना पड़ता है। मंदिर में प्रवेश के कुछ नियम भी हैं; शराब और मांस का सेवन करके आना यहाँ वर्जित है, क्योंकि ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने वालों को माता के कोप का सामना करना पड़ता है। पहाड़ी के निचले द्वार पर भैरव बाबा का एक मंदिर भी है, जहाँ मान्यता है कि भैरव बाबा बाहरी क्षेत्र की रक्षा करते हैं, इसलिए दर्शनार्थी पहले भैरव बाबा के दर्शन करते हैं। नवरात्रि के दौरान इस मंदिर में दूर-दूर से भक्त दर्शन के लिए आते हैं।1
- निकटवर्ती ग्राम नावद में आवारा कुत्तों के हमले से एक नीलगाय गंभीर रूप से घायल हो गई, जो लहूलुहान स्थिति में तड़प रही थी। इस घटना की सूचना मिलते ही जन अधिकार सेना के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष राजवीर सिंह मनाना, मगनपुरी गोस्वामी, पवन सेलवाड़ और डॉक्टर दीनदयाल सहित श्री श्याम गौ चिकित्सालय की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम ने घायल नीलगाय को प्राथमिक उपचार दिया और उसे आगे के बेहतर इलाज के लिए चिकित्सालय रवाना किया। ग्रामीणों ने इस त्वरित और सराहनीय कार्य के लिए सभी का आभार व्यक्त किया है।1