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तहत पात्र परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है।" "आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है।"AYUSHMAN BHARAT YOJANA
Dilip Kumar Bharti
तहत पात्र परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है।" "आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है।"AYUSHMAN BHARAT YOJANA
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- "आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है।"AYUSHMAN BHARAT YOJANA1
- सिमरिया। ग्राम पंचायत गूढ़ा मे हर साल की भांति इस साल भी बड़ी धूमधाम से माँ शारदा के दरवार साथ मे जवारे विसर्जन के दौरान उमड़ा जन सैलाब सम्मलित गाँव गुढ़ा.मंडली भूपतपुरा.महाराजगंज1
- महेश्वरी देवी बाल समाज द्वारा सम्मान समारोह,पुलिस कर्मियों,पत्रकारों,समाजसेवियों हुए सम्मानित।1
- रामनवमी के अवसर पर चित्रकूट में दियों से जगमगाया रामघाट तथा श्रद्धालुओं की भीड़ भी बहुत थी1
- बांदा जनपद के तिंदवारी क्षेत्र में शुक्रवार शाम अचानक बदले मौसम ने किसानों के लिए भारी नुकसान खड़ा कर दिया। करीब शाम 4 बजे तेज आंधी, गरज-चमक और बेमौसम बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी पकी फसलों को बर्बाद कर दिया। तिंदवारी क्षेत्र के तेरहीमाफी, परसौडा मिरगहनी, मुगुस समेत करीब एक दर्जन गांव इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं। ओलावृष्टि इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में खेतों और सड़कों पर ओलों की सफेद चादर बिछ गई, जिससे पूरे इलाके का दृश्य बदल गया। किसानों के अनुसार, गेहूं सहित अन्य फसलें कटाई के लिए तैयार थीं, लेकिन ओलावृष्टि ने उनकी सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया। इस घटना से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। स्थानीय किसानों ने प्रशासन से सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।4
- बांदा जनपद के किसानों के लिए शुक्रवार का दिन आफत बनकर टूटा। सुबह से आसमान में बादलों की लुकाछिपी जारी रही, लेकिन शाम करीब 4:30 बजे मौसम ने अचानक करवट ली और तेज गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान करीब 10 से 15 मिनट तक आसमान से भारी ओलावृष्टि हुई, जिसने खेतों में खड़ी रबी की फसलों को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। बताया जा रहा है कि गिरने वाले ओलों का वजन करीब 50 ग्राम तक था, जिससे फसलें खेतों में ही चकनाचूर हो गईं। खेतों में काम कर रहे किसान अपनी जान बचाने के लिए पेड़ों के नीचे शरण लेने को मजबूर हो गए, इस दौरान कुछ किसान मामूली रूप से घायल भी हो गए। ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर पैलानी और बबेरू तहसील क्षेत्रों में देखने को मिला है, जहां फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं। साथ ही कच्चे मकानों के खपरैल भी टूटकर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। लगातार गिरते ओलों ने फसलों के दानों को मिट्टी में मिला दिया, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत पल भर में खत्म हो गई। इस भारी नुकसान के बाद किसानों में गहरा आक्रोश और मायूसी देखने को मिल रही है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि इस प्राकृतिक आपदा का तत्काल सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि वे इस संकट से उबर सकें।1
- Post by सोशल मीडिया प्रभारी पन्ना मध्य प्रदेश1
- Post by Vijay pal1