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नवादा जिले के गोविंदपुर में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की आवाज बुलंद हुई, जहाँ पार्टी ने भ्रष्टाचारियों के खिलाफ जमकर हुंकार भरी। इस दौरान राजद ने भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को सीधी चुनौती दी।
Nawada Halchal News
नवादा जिले के गोविंदपुर में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की आवाज बुलंद हुई, जहाँ पार्टी ने भ्रष्टाचारियों के खिलाफ जमकर हुंकार भरी। इस दौरान राजद ने भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को सीधी चुनौती दी।
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- नवादा जिले के नारदीगंज थाना क्षेत्र के केशोरिया गांव में एक पुलिस पदाधिकारी पर बालू माफिया द्वारा हमले के आरोप में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। इस घटना के बाद एएसआई नागेंद्र कुमार पर हमले के आरोप में कांड संख्या 158/26 दर्ज की गई थी। इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल 28 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने मौके से 20 बाइक, 2 स्कार्पियो और 2 ट्रैक्टर भी जब्त किए हैं। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।1
- अभिनेत्री राशा थडानी अपनी मनमोहक सुंदरता से बांद्रा की सड़कों को एक रैंप में बदल रही हैं।1
- झारखंड के तिसरी में 6 करोड़ रुपये की लागत से पानी की टंकी बनाई गई है, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय लोग नदी का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। यह स्थिति गंभीर लापरवाही को उजागर करती है, जहाँ एक तरफ जल आपूर्ति के लिए बड़ी धनराशि खर्च की गई है, वहीं दूसरी ओर मूलभूत आवश्यकता पूरी नहीं हो रही है। इस मामले में अधिकारियों के बीच जवाबदेही का अभाव स्पष्ट दिख रहा है। मुंशी का कहना है कि मुखिया के आदेश पर ही पानी की आपूर्ति की जाएगी, जबकि मुखिया खुद वोल्टेज कम होने का हवाला दे रहे हैं। वहीं, बिजली विभाग का कहना है कि उन्हें इस समस्या के बारे में किसी ने सूचित ही नहीं किया है। इस पूरी लापरवाही पर लोगों की राय माँगी गई है।1
- भाजपा की पूर्व महिला प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान एमएलसी अनामिका सिंह शेखपुरा पहुँचीं। इस अवसर पर भाजपा की जिलाध्यक्ष रेशमा भारती ने उनका स्वागत किया।1
- नितिन गडकरी पर एक गंभीर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने 85% एथेनॉल (E85) को बढ़ावा देकर अपने पुत्रों की कंपनियों को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से जनता की गाड़ियों को कबाड़ में फेंकने का न्योता दिया है। हालाँकि, इस गंभीर दावे के समर्थन में सार्वजनिक रूप से कोई पुष्ट आधिकारिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। तथ्यों के अनुसार, E20 का मतलब पेट्रोल में 20% एथेनॉल का मिश्रण है, जबकि E85 में लगभग 85% एथेनॉल होता है। भारत सरकार ने चरणबद्ध तरीके से E20 ईंधन को बढ़ावा दिया है, और इसके परिणामस्वरूप कई नए वाहन निर्माता E20-अनुकूल मॉडल पेश कर रहे हैं। यह समझना महत्वपूर्ण है कि E85 ईंधन का उपयोग सामान्य पेट्रोल वाहनों में नहीं किया जा सकता; इसके लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए फ्लेक्स-फ्यूल (Flex Fuel) इंजन या उपयुक्त तकनीकी अनुकूलता की आवश्यकता होती है। यदि कोई वाहन E85 के लिए उपयुक्त नहीं है, तो उसमें E85 का उपयोग करने से इंजन और ईंधन प्रणाली को गंभीर नुकसान पहुँच सकता है। इसी कारण से, वाहन निर्माता और सरकार आमतौर पर वाहन की अनुकूलता के अनुसार ही ईंधन के उपयोग की सलाह देते हैं। भारत में आज भी बड़ी संख्या में पुराने वाहन ऐसे हैं जो E20 या उससे अधिक एथेनॉल मिश्रण के लिए डिज़ाइन नहीं किए गए हैं। ऐसे वाहनों के मालिकों को अपने निर्माता की सिफारिशों का सख्ती से पालन करना चाहिए। निष्कर्ष के तौर पर, यह कहना पूरी तरह सही है कि सभी मौजूदा वाहन E85 के अनुकूल नहीं हैं। लेकिन, यह दावा कि E85 नीति का उद्देश्य किसी विशेष व्यक्ति या उनके परिवार की कंपनियों को लाभ पहुँचाना है, बिना किसी विश्वसनीय साक्ष्य के एक स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।1
- झारखंड के जामताड़ा में स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ मोनू टुडू नामक एक मरीज को समय पर एम्बुलेंस नहीं मिल पाई। गंभीर स्थिति में मोनू टुडू को ट्रैक्टर से अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन दुर्भाग्यवश, रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इस घटना ने क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को उजागर करते हुए गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं।1