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झारखंड के तिसरी में 6 करोड़ रुपये की लागत से पानी की टंकी बनाई गई है, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय लोग नदी का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। यह स्थिति गंभीर लापरवाही को उजागर करती है, जहाँ एक तरफ जल आपूर्ति के लिए बड़ी धनराशि खर्च की गई है, वहीं दूसरी ओर मूलभूत आवश्यकता पूरी नहीं हो रही है। इस मामले में अधिकारियों के बीच जवाबदेही का अभाव स्पष्ट दिख रहा है। मुंशी का कहना है कि मुखिया के आदेश पर ही पानी की आपूर्ति की जाएगी, जबकि मुखिया खुद वोल्टेज कम होने का हवाला दे रहे हैं। वहीं, बिजली विभाग का कहना है कि उन्हें इस समस्या के बारे में किसी ने सूचित ही नहीं किया है। इस पूरी लापरवाही पर लोगों की राय माँगी गई है।
अजय प्रजापति
झारखंड के तिसरी में 6 करोड़ रुपये की लागत से पानी की टंकी बनाई गई है, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय लोग नदी का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। यह स्थिति गंभीर लापरवाही को उजागर करती है, जहाँ एक तरफ जल आपूर्ति के लिए बड़ी धनराशि खर्च की गई है, वहीं दूसरी ओर मूलभूत आवश्यकता पूरी नहीं हो रही है। इस मामले में अधिकारियों के बीच जवाबदेही का अभाव स्पष्ट दिख रहा है। मुंशी का कहना है कि मुखिया के आदेश पर ही पानी की आपूर्ति की जाएगी, जबकि मुखिया खुद वोल्टेज कम होने का हवाला दे रहे हैं। वहीं, बिजली विभाग का कहना है कि उन्हें इस समस्या के बारे में किसी ने सूचित ही नहीं किया है। इस पूरी लापरवाही पर लोगों की राय माँगी गई है।
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- झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना से जुड़ा एक वीडियो/मामला इन दिनों गहरी चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि वर्दीधारी अधिकारियों द्वारा महिलाओं के साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया और बातचीत के दौरान उनके प्रति असम्मानजनक रवैया अपनाया गया। इस घटना ने गहरे सवाल खड़े किए हैं कि 'क्या यही अबुआ राज है?' और 'क्या यही अबुआ सरकार की पुलिस है?' इस मामले को लेकर यह पूछा गया है कि ऐसे पुलिस कर्मियों के साथ कैसा सुलूक किया जाना चाहिए।1
- कांग्रेस ने असम के लिए अपनी प्रमुख गारंटियों की घोषणा की है, जिसमें राज्य की महिलाओं, परिवारों, भूमिपुत्रों और बुजुर्गों के लिए कई महत्वपूर्ण वादे शामिल हैं। इन गारंटियों के तहत, महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए 50 हजार रुपए की सहायता प्रदान की जाएगी, साथ ही उनके बैंक खातों में बिना शर्त नकद हस्तांतरण भी किया जाएगा। प्रत्येक परिवार को 25 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, असम के 10 लाख भूमिपुत्रों को स्थायी पट्टे दिए जाएंगे, और बुजुर्गों को हर महीने 1,250 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। कांग्रेस ने यह भी वादा किया है कि स्व. जुबिन गर्ग जी को 100 दिनों के भीतर न्याय मिलेगा और असम में 244 (A) लागू किया जाएगा।1
- केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना का अगला थल सेना प्रमुख नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। वे आगामी 30 जून को भारतीय सेना के 31वें सेना प्रमुख के रूप में अपना पदभार ग्रहण करेंगे। वर्तमान में, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ उप सेना प्रमुख के पद पर कार्यरत हैं और उनके पास लगभग चार दशक का विशाल सैन्य अनुभव है। अपने लगभग चार दशक के सैन्य करियर में, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने जम्मू-कश्मीर, पश्चिमी सीमा और रेगिस्तानी क्षेत्रों सहित कई महत्वपूर्ण सैन्य मोर्चों पर नेतृत्व किया है। उन्होंने दक्षिण-पश्चिमी कमान और दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन, सेना मुख्यालय और विभिन्न रणनीतिक पदों पर उनके अनुभवों को भारतीय सेना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने NDA, IMA, DSSC, Army War College और National Defence College जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त किया है और उन्हें अपनी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए कई सैन्य सम्मान भी प्राप्त हुए हैं।1
- जमुई जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने झाझा प्रखंड के नगर परिषद कार्यालय में एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया। इस शिविर का मुख्य विषय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली की "वीर परिवार सहायता योजना-2025" रहा, जिसका उद्देश्य सेवारत एवं सेवानिवृत्त रक्षा कर्मियों, अर्धसैनिक बलों के जवानों और उनके आश्रितों को निःशुल्क तथा प्रभावी विधिक परामर्श और सहायता प्रदान करना है। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता श्री राकेश राज और पाराविधिक स्वयंसेवक अविनाश कुमार पांडे ने किया। इस दौरान उपस्थित लोगों को योजना के उद्देश्यों और इससे मिलने वाली विस्तृत सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि यह योजना सैनिकों और उनके परिवारों को संपत्ति विवाद सहित विभिन्न प्रकार के मामलों में निःशुल्क विधिक सेवाएं उपलब्ध कराती है, जिसमें ऑनलाइन परामर्श, मध्यस्थता और काउंसलिंग जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं, जिससे सैनिकों को छुट्टी लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती और उनके समय की बचत होती है। पीड़ित सैनिक, अर्धसैनिक बलों के जवान या उनके परिजन नालसा की वेबसाइट, जिला सैनिक बोर्ड या राज्य सैनिक बोर्ड के सहयोग से स्थापित लीगल एड क्लीनिक में अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। इन आवेदनों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार को अग्रसारित किया जाता है, जहाँ प्राधिकार के सचिव संज्ञान लेकर मामलों के निष्पादन के लिए पैनल अधिवक्ताओं को अधिकृत करते हैं। श्री राकेश राज ने लोगों से इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ उठाने और अधिक से अधिक लोगों को इसके बारे में जागरूक करने की अपील की। शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा संचालित मध्यस्थता कार्यक्रम और स्थायी लोक अदालत के माध्यम से मामलों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निष्पादन की प्रक्रिया पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर वार्ड संख्या-2 के वार्ड आयुक्त श्री हारो पासवान और नगर परिषद झाझा के उपाध्यक्ष श्री विपिन शाह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। उपस्थित जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा चलाई जा रही निःशुल्क विधिक सेवाओं एवं जागरूकता कार्यक्रमों की सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।1
- जामुई में आम जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष ने भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया है। यह कार्रवाई आम जनता पार्टी के स्थानीय नेतृत्व द्वारा की गई है।1
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- झारखंड के जामताड़ा में स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ मोनू टुडू नामक एक मरीज को समय पर एम्बुलेंस नहीं मिल पाई। गंभीर स्थिति में मोनू टुडू को ट्रैक्टर से अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन दुर्भाग्यवश, रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इस घटना ने क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को उजागर करते हुए गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं।1