Shuru
Apke Nagar Ki App…
राजस्थान के उदयपुर जिले में बाघपुरा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए स्टंटबाजी करने वाले 12 पावर बाइक चालकों को पकड़ा है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान इन सभी चालकों की बाइकें भी जब्त कर ली हैं।
Vishnu lohar
राजस्थान के उदयपुर जिले में बाघपुरा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए स्टंटबाजी करने वाले 12 पावर बाइक चालकों को पकड़ा है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान इन सभी चालकों की बाइकें भी जब्त कर ली हैं।
More news from राजस्थान and nearby areas
- राजस्थान के उदयपुर जिले में बाघपुरा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए स्टंटबाजी करने वाले 12 पावर बाइक चालकों को पकड़ा है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान इन सभी चालकों की बाइकें भी जब्त कर ली हैं।1
- उदयपुर के ऋषभदेव ब्लॉक में आने वाली केसरियाजी से सराड़ा जाने वाली सड़क की हालत बेहद खराब है। इस मार्ग की जर्जर स्थिति को देखते हुए इस ओर तुरंत ध्यान देने की गुहार लगाई गई है।1
- उदयपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार मंगलवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय धमानिया में 'Transformative Tuesday – Legal Literacy & Sensitization Programme' के तहत विधिक जागरूकता एवं संवेदनशीलता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का आयोजन तालुका विधिक सेवा समिति, वल्लभनगर द्वारा किया गया, जिसकी अध्यक्षता और निर्देशन तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) प्रेम गढ़वाल ने किया। धमानिया स्कूल में आयोजित इस विधिक जागरूकता शिविर के माध्यम से छात्रों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया।1
- उदयपुर के सलूंबर से जीतू भाई कटारा जंतर-मंतर के लिए रवाना हो गए हैं।1
- डूंगरपुर जिला पुलिस ने 'ऑपरेशन म्युल हंटर' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए देशव्यापी और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय साइबर ठगी गिरोह के मुख्य सरगना घनश्याम कलाल को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी दुबई में रहकर भारत के विभिन्न राज्यों में 160 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी के नेटवर्क को चला रहा था। पुलिस अधीक्षक डूंगरपुर मनीष कुमार के निर्देशन में गठित टीम इस शातिर अपराधी पर नजर रखे हुए थी। जैसे ही पुलिस को सूचना मिली कि 33 वर्षीय आरोपी घनश्याम कलाल (निवासी सीमलवाड़ा, थाना धंबोला) दुबई से बैंकॉक, नेपाल और भूटान के रास्ते भारत में प्रवेश कर चुका है, उसकी निगरानी बढ़ा दी गई और 20 जुलाई 2026 को उदयपुर के बलीचा के पास घेराबंदी कर उसे दबोच लिया गया। यह गिरोह मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों, गरीब परिवारों और कॉलेज के विद्यार्थियों को अपना निशाना बनाता था। आरोपी और उसके साथी इंडसइंड बैंक, एचडीएफसी बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बैंकों में करीब 450 से अधिक फर्जी (म्युल) खाते खुलवाते थे। खाता खुलने के बाद बैंक किट, डायरी, पासबुक, चेकबुक, एटीएम/डेबिट कार्ड, सिम और नेट बैंकिंग की आईडी-पासवर्ड आरोपी खुद रख लेते थे। इन खातों का उपयोग दुबई, जॉर्जिया और कुवैत में बैठे साइबर ठग टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए क्रिप्टो करेंसी, शेयर मार्केट, ऑनलाइन ट्रेडिंग और सट्टेबाजी के नाम पर ठगी के लिए करते थे। ठगी की रकम आने पर बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से पैसे निकालकर आपस में कमीशन बांट लिया जाता था। इस रैकेट के शिकार धंबोला थाना क्षेत्र के लालशंकर रोत ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपियों ने फ्री पैन कार्ड और खाते का झांसा देकर उनका बैंक किट व सिम ले लिया, जिससे 81,69,707 रुपये का संदिग्ध लेन-देन किया गया। इस घटना में विक्रम, महावीर सिंह, घनश्याम कलाल और बैंककर्मी कौशल प्रजापत शामिल थे। इसी तरह, सागवाड़ा थाना क्षेत्र के अशोक कुमार डांगी के खाते का गलत इस्तेमाल कर 11,88,760 रुपये का संदिग्ध लेन-देन किया गया, जिसमें आरोपी इलेश पटेल उर्फ निलेश कलाल शामिल था। पुलिस इस पूरे मामले में बैंक कर्मी कौशल प्रजापत और इलेश पटेल सहित 5 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, और मुख्य सरगना घनश्याम कलाल की गिरफ्तारी से इस बड़े गिरोह पर करारी चोट पहुंची है।1
- बांसवाड़ा के बाद अब डूंगरपुर जिले में भी शौर्य फाउंडेशन की ओर से युवाओं को नौकरी का झांसा देकर लाखों की ठगी करने का मामला सामने आया है। सरकारी स्कूलों में नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से डेढ़-डेढ़ लाख रुपये ठग लिए गए। ठगी के शिकार हुए इन अभ्यर्थियों को बाद में न तो कोई मानदेय दिया गया और न ही उनकी राशि वापस लौटाई गई। इस ठगी से परेशान पीड़ित युवाओं ने मंगलवार सुबह 11 बजे जिला कलक्टर से मुलाकात कर शौर्य फाउंडेशन के फाउंडर और उसके एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही अपनी मांगों को लेकर पीड़ित युवाओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन भी किया।1
- राजस्थान के उदयपुर जिले के झाडोल में नेताजी का बारा विद्यालय के नए कक्षों को अन्यत्र बनाने का विरोध शुरू हो गया है। इस मामले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने विद्यालय के नए कक्षों का निर्माण किसी दूसरी जगह किए जाने पर अपना विरोध दर्ज कराया है।1
- सिरोही के पिंडवाड़ा में बेखौफ अपराधियों पर कार्रवाई न होने को लेकर प्रशासन की ढिलाई पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर सीधे सिरोही पुलिस, राजस्थान पुलिस और डीजीपी राजस्थान को कटघरे में खड़ा करते हुए तीखा सवाल पूछा गया है कि आखिर प्रशासन कब अपनी नींद से जागेगा और इन बेखौफ अपराधियों पर नकेल कसी जाएगी। क्षेत्र में नाइट पेट्रोलिंग और सीसीटीवी सुरक्षा दावों के बीच अपराधियों के इस रवैये से जनता में भारी आक्रोश है और लोग तुरंत कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1