लातेहार समाहरणालय के समक्ष जल सहिया कर्मचारियों का धरना, पांच सूत्री मांगों को लेकर सरकार की मांग लातेहार समाहरणालय के समक्ष जल सहिया कर्मचारियों का धरना, पांच सूत्री मांगों को लेकर सरकार की मांग लातेहार: झारखंड राज्य जल सहिया कर्मचारी संघ के बैनर तले लातेहार समाहरणालय के समीप एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। धरने में बड़ी संख्या में जल सहिया कर्मियों ने भाग लेकर अपनी पांच सूत्री मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। कार्यक्रम में संघ के प्रदेश अध्यक्ष सहित जिले के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि जल सहिया सरकार की योजनाओं को धरातल पर सफलतापूर्वक लागू करने का कार्य करती हैं, लेकिन उनके कार्य के अनुरूप उचित मानदेय नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मिलने वाला मानदेय राज्य की दैनिकी मजदूरी के बराबर भी नहीं है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना तो दूर, स्वयं का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। पदाधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए मंईयां सम्मान योजना चला रही है, लेकिन जल सहियाओं को इस योजना के लाभ से वंचित रखा गया है। इसे महिलाओं के सम्मान के प्रति सौतेला व्यवहार बताते हुए उन्होंने कहा कि जल सहियाओं को स्थानीय कर्मचारी का दर्जा देकर उनका भविष्य सुरक्षित किया जाना चाहिए। जल सहिया कर्मचारियों की प्रमुख मांगें अप्रैल 2024 से अगस्त 2024 तक ₹1,000 प्रतिमाह तथा अगस्त 2025 से जुलाई 2026 तक ₹2,000 प्रतिमाह के अनुसार कुल 17 माह का लंबित मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाए। महंगाई के अनुरूप जल सहियाओं को न्यूनतम मजदूरी लागू की जाए। जल सहियाओं को मृत्यु उपरांत बीमा, आयुष्मान योजना तथा अनुकंपा नियुक्ति का लाभ दिया जाए। शहरी क्षेत्र में कार्यरत जल सहियाओं को नगर निगम के अंतर्गत कार्य उपलब्ध कराया जाए। जल सहियाओं को स्थायी करते हुए नियोजन नीति के तहत समायोजित किया जाए तथा स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कार्य आवंटन में जीएसटी की अनिवार्यता समाप्त की जाए। धरना के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने सरकार से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
लातेहार समाहरणालय के समक्ष जल सहिया कर्मचारियों का धरना, पांच सूत्री मांगों को लेकर सरकार की मांग लातेहार समाहरणालय के समक्ष जल सहिया कर्मचारियों का धरना, पांच सूत्री मांगों को लेकर सरकार की मांग लातेहार: झारखंड राज्य जल सहिया कर्मचारी संघ के बैनर तले लातेहार समाहरणालय के समीप एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। धरने में बड़ी संख्या में जल सहिया कर्मियों ने भाग लेकर अपनी पांच सूत्री मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। कार्यक्रम में संघ के प्रदेश अध्यक्ष सहित जिले के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि जल सहिया सरकार की योजनाओं को धरातल पर सफलतापूर्वक लागू करने का कार्य करती हैं, लेकिन उनके कार्य के अनुरूप उचित मानदेय नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मिलने वाला मानदेय राज्य की दैनिकी मजदूरी के बराबर भी नहीं है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना तो दूर, स्वयं का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। पदाधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए मंईयां सम्मान योजना चला रही है, लेकिन जल सहियाओं को इस योजना के लाभ से वंचित रखा गया है। इसे महिलाओं के सम्मान के प्रति सौतेला व्यवहार बताते हुए उन्होंने कहा कि जल सहियाओं को स्थानीय कर्मचारी का दर्जा देकर उनका भविष्य सुरक्षित किया जाना चाहिए। जल सहिया कर्मचारियों की प्रमुख मांगें अप्रैल 2024 से अगस्त 2024 तक ₹1,000 प्रतिमाह तथा अगस्त 2025 से जुलाई 2026 तक ₹2,000 प्रतिमाह के अनुसार कुल 17 माह का लंबित मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाए। महंगाई के अनुरूप जल सहियाओं को न्यूनतम मजदूरी लागू की जाए। जल सहियाओं को मृत्यु उपरांत बीमा, आयुष्मान योजना तथा अनुकंपा नियुक्ति का लाभ दिया जाए। शहरी क्षेत्र में कार्यरत जल सहियाओं को नगर निगम के अंतर्गत कार्य उपलब्ध कराया जाए। जल सहियाओं को स्थायी करते हुए नियोजन नीति के तहत समायोजित किया जाए तथा स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कार्य आवंटन में जीएसटी की अनिवार्यता समाप्त की जाए। धरना के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने सरकार से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
- लातेहार समाहरणालय के समक्ष जल सहिया कर्मचारियों का धरना, पांच सूत्री मांगों को लेकर सरकार की मांग लातेहार समाहरणालय के समक्ष जल सहिया कर्मचारियों का धरना, पांच सूत्री मांगों को लेकर सरकार की मांग लातेहार: झारखंड राज्य जल सहिया कर्मचारी संघ के बैनर तले लातेहार समाहरणालय के समीप एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। धरने में बड़ी संख्या में जल सहिया कर्मियों ने भाग लेकर अपनी पांच सूत्री मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। कार्यक्रम में संघ के प्रदेश अध्यक्ष सहित जिले के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि जल सहिया सरकार की योजनाओं को धरातल पर सफलतापूर्वक लागू करने का कार्य करती हैं, लेकिन उनके कार्य के अनुरूप उचित मानदेय नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मिलने वाला मानदेय राज्य की दैनिकी मजदूरी के बराबर भी नहीं है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना तो दूर, स्वयं का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। पदाधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए मंईयां सम्मान योजना चला रही है, लेकिन जल सहियाओं को इस योजना के लाभ से वंचित रखा गया है। इसे महिलाओं के सम्मान के प्रति सौतेला व्यवहार बताते हुए उन्होंने कहा कि जल सहियाओं को स्थानीय कर्मचारी का दर्जा देकर उनका भविष्य सुरक्षित किया जाना चाहिए। जल सहिया कर्मचारियों की प्रमुख मांगें अप्रैल 2024 से अगस्त 2024 तक ₹1,000 प्रतिमाह तथा अगस्त 2025 से जुलाई 2026 तक ₹2,000 प्रतिमाह के अनुसार कुल 17 माह का लंबित मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाए। महंगाई के अनुरूप जल सहियाओं को न्यूनतम मजदूरी लागू की जाए। जल सहियाओं को मृत्यु उपरांत बीमा, आयुष्मान योजना तथा अनुकंपा नियुक्ति का लाभ दिया जाए। शहरी क्षेत्र में कार्यरत जल सहियाओं को नगर निगम के अंतर्गत कार्य उपलब्ध कराया जाए। जल सहियाओं को स्थायी करते हुए नियोजन नीति के तहत समायोजित किया जाए तथा स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कार्य आवंटन में जीएसटी की अनिवार्यता समाप्त की जाए। धरना के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने सरकार से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।1
- पांच सूत्री मांगों को लेकर जल सहिया कर्मचारियों का धरना, सरकार को दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी लातेहार: झारखंड राज्य जल सहिया कर्मचारी संघ के बैनर तले गुरुवार को पांच सूत्री मांगों के समर्थन में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष गायत्री देवी, प्रदेश महामंत्री रेशमा प्रवीण और मुख्य संरक्षक एतवारी महतो शामिल हुए। गायत्री देवी ने राज्य सरकार पर महिला सशक्तिकरण के नाम पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि गांवों में पेयजल सेवा देने वाली जल सहियाओं को नियमित वेतन तक नहीं मिल रहा है। एतवारी महतो ने कहा कि फिलहाल सांकेतिक आंदोलन किया जा रहा है, लेकिन मांगें पूरी नहीं होने पर 15 अगस्त से पहले रांची में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। महामंत्री रेशमा प्रवीण और जिलाध्यक्ष शीला देवी ने भी सरकार से मांगें शीघ्र पूरी करने की अपील की। धरना कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूनम देवी, मेरीसकला देवी, अर्चना देवी, नेहा देवी, सावित्री देवी, मीना देवी, सुजंती देवी, सविता देवी, शकुंतला देवी, बबीता देवी, नेहा सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में जल सहिया मौजूद थीं।1
- बरवाडीह के मंदिरों में दीप प्रज्वलित कर हुई संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती समारोह की शुरुआत (लातेहार)।भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर बरवाडीह मंडल में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में गुरुवार को विभिन्न मंदिरों में दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। मंडल अध्यक्ष मनोज प्रसाद के मार्गदर्शन एवं संयोजक हेमंत कश्यप की अध्यक्षता में पहाड़ी शिव मंदिर, पंचमुखी मंदिर, शिव मंदिर सरईडीह, आदि शक्ति हनुमान मंदिर तथा काली मंदिर खुरा में श्रद्धापूर्वक दीप जलाकर संत रविदास जी को नमन किया गया।मौके पर मंडल अध्यक्ष मनोज प्रसाद ने कहा कि संत गुरु रविदास जी का जीवन सामाजिक समरसता, समानता और मानवता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि 10 फरवरी को जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी तथा संत रविदास जी के पैतृक गांव से निकलने वाला कलश पूरे झारखंड का भ्रमण करेगा, जिससे उनके विचार जन-जन तक पहुंच सकें।विद्युत विभाग के जिला सांसद प्रतिनिधि सह पूर्वी जिला परिषद सदस्य कन्हाई सिंह ने कहा कि गुरु रविदास जी ने समाज को जाति-पांति से ऊपर उठकर एकता और भाईचारे का संदेश दिया, जिसे अपनाने की आवश्यकता है। सांसद प्रतिनिधि ईश्वरी सिंह ने कहा कि संत रविदास के विचार आज भी सामाजिक सद्भाव और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणास्रोत हैं।पंचायत समिति सदस्य प्रवीण कुमार ने युवाओं से गुरु रविदास जी के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। विनय चंदेल, कमलेश यादव, अरुण सिंह, शिवेंदु कुमार एवं संजीव प्रसाद ने भी उनके विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं,जनप्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर सामाजिक समरसता और मानव सेवा के संकल्प के साथ संत शिरोमणि गुरु रविदास जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।1
- भीम आर्मी के एंट्री से बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति तोड़े जाने का मामला अब तूल पकड़ते जा रहा है| मनिका लातेहार:-मनिका में बाबा साहेब डॉ भीम राव अम्बेडकर के आदमकद मूर्ति को विखंडित के जाने और अपमानित करते हुए कचरे में फेके जाने के विरोध में भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष जगजीवन राम के नेतृत्व में प्रखंड मुख्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन किया गया|भीम आर्मी के झारखंड प्रदेश महासचिव, भीम आर्मी जिला प्रभारी श्यामलाल मोची, भीम आर्मी के महिला मोर्चा के जिला अध्यक्ष अनीता देवी के संयुक्त अध्यक्षता में मनिका अंचलाधिकारी श्री अमन कुमार से मुलाकात कर पूरे प्रकरण में सफाई मानी गई जहां श्री अमन कुमार ने साफ-साफ शब्दों में कहा की बाबा साहब की प्रतिमा को तोड़कर जो घृणित कार्य किया गया वह बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण है|बाबा साहब हम सबके लिए मार्गदर्शक हैं|जहां जमीन से जुड़े मामले में हमारे द्वारा जांच किया गया और जिस स्थल पर डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की आदमकद मूर्ति स्थापित की गई थी वह जमीन गैरमजरुवा नहीं है बल्कि ग्रामीण विकास विभाग की जमीन है, और मैं बाबा साहेब की भव्य मूर्ति की स्थापना का पक्षधर हूं और बहुत जल्द ही आप सभी के सहयोग से मूर्ति को स्थापित किया जाएगा |साथ ही साथ भीम आर्मी के सभी नेताओं ने थाना प्रभारी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इस मामले को लेकर थाना प्रभारी श्री प्रभात कुमार से मिलने पहुंचे जहां थाना क्षेत्र भ्रमण में निकले हुए थे तब उनके आदेशानुसार थाना के किसी स्टाफ ने आश्वासन दिया इस पूरे मामले में जांच कर जल्द से जल्द बाबा साहब के मूर्ति को विखंडित करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी4
- RATO POWER WEEDER+91 7667913218 address angrabari bichna khunti pin code 835210 jharkhand1
- किसानों के खेत तक नहर का पानी नही पहुंचने पर किसान श्रमदान कर सफाई में जुटे विभाग पर उठा सवाल उक्त मामला लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड अंतर्गत अरु पंचायत कर कल्हेपाट डीपा टोली में देखने को मिला जहां वर्ष 2021-22 में नहर विभाग द्वारा जीणोद्धार कार्य कराया गया था परंतु समय से साफ सफाई नही होने के कारण नहर का पानी का बहाव थम गया था और किसानों के खेत तक पानी नही पहुंचने पर किसान के बीच संसाधन के बावजूद सिचाई का समस्या बना हुआ था जिसे देखते हुए ग्रामीण क्षेत्र के किसान वर्ग के लोग श्रमदान कर साफ सफाई में जुटे।1
- लातेहार जिला के गारू प्रखंड के कबरी ग्राम के ग्राम प्रधान राजेंद्र उरांव की मौत दारु पीने से हो गयी । इस घटना की जानकारी गुरुवार की सुबह 7:00 के करीब हुई जब एक सफाई कर्मी ने लातेहार पुलिस को यह सूचना दिया कि एक अज्ञात व्यक्ति का शव सड़क किनारे पड़ा है । पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तो पता चला यह शव गारू प्रखंड के कबरी ग्राम के ग्राम प्रधान राजेंद्र उरांव का है । इसके बाद शव का आंतरिक परीक्षण कर परिजनों को सोपा गया।1
- ग्रामीणों की सतर्कता से विफल हुई केबल तार चोरी, एक आरोपी पुलिस के हवाले ग्रामीणों की सतर्कता से विफल हुई केबल तार चोरी, एक आरोपी पुलिस के हवाले चंदवा (लातेहार): :-संजय यादव लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड अंतर्गत सासंग गांव में गुरुवार अहले सुबह बिजली के केबल तार चोरी करने पहुंचे चोरों की योजना ग्रामीणों की सतर्कता से विफल हो गई। ग्रामीणों ने घेराबंदी कर एक आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया, जबकि उसके अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। ग्रामीणों ने पकड़े गए आरोपी को तत्काल चंदवा थाना पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसकी निशानदेही पर फरार साथियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान चला रही है। घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों की सतर्कता से बिजली विभाग को संभावित नुकसान से बचा लिया गया।1