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मधुबनी,लौकही ऐतिहासिक झहुरी पोखर मेला है, जो वैशाखी के अवसर पर लगता है। यह मेला सदियों से चला आ रहा है और यहां के ऐतिहासिक झहुरी तालाब और खिरिया पुरिया पेड़ आस्था का प्रतीक हैं
JN24Bihar
मधुबनी,लौकही ऐतिहासिक झहुरी पोखर मेला है, जो वैशाखी के अवसर पर लगता है। यह मेला सदियों से चला आ रहा है और यहां के ऐतिहासिक झहुरी तालाब और खिरिया पुरिया पेड़ आस्था का प्रतीक हैं
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- मधुबनी,लौकही ऐतिहासिक झहुरी पोखर मेला है, जो वैशाखी के अवसर पर लगता है। यह मेला सदियों से चला आ रहा है और यहां के ऐतिहासिक झहुरी तालाब और खिरिया पुरिया पेड़ आस्था का प्रतीक हैं1
- सतघारा में ग्रामीण के बरामदे पर चल रहा नया प्राइमरी स्कूल बारा बुनियादी सुविधाओं के अभाव में 71 बच्चों की पढ़ाई हो रही प्रभावित बाबूबरही 1- सतघारा बारा स्थित बरामदे में संचालित नया प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई करते बच्चे व मौजूद शिक्षक बाबूबरही, प्रखंड क्षेत्र के सतघारा बारा स्थित नया प्राथमिक विद्यालय वर्षों से बुनियादी सुविधाओं के अभाव में ग्रामीण के बरामदे पर संचालित हो रहा। यह विद्यालय ऐसा है जहां विद्यालय का न भवन है, न शौचालय, पेयजल आदि मूलभूत सुविधा। और तो स्कूल पक्की सड़क से नहीं जुड़ा हुआ है। इस सबके बावजूद 71 बच्चों की पढ़ाई चार शिक्षकों के भरोसे हो रही है। भवन नहीं रहने से विद्यालय की अधिकांश गतिविधियां ग्रामीण के दरवाजे के बरामदे, मवेशी घर और गली की सड़क पर ही पूरी की जा रही है। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका शमशा बेगम ने बताया कि वर्ष 2007 से ही यह विद्यालय बरामदे पर संचालित हो रहा। शुरुआती तीन वर्षों तक इसे प्राथमिक विद्यालय टिकुलिया में मर्ज किया गया था। पर बाद में ब्रह्मस्थान पर विवाद होने से स्कूल को अलग कर दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में नामांकन प्रक्रिया जारी है। ग्रामीणों के सहयोग से पूरी हो रही गतिविधि::: स्कूल भवन नहीं होने के कारण पठन पाठन से अभिभावक संगोष्ठी और अन्य सारी गतिविधियां ग्रामीणों के सहयोग से ही पूरी की जाती हैं। प्रधानाध्यापिका के अनुसार विद्यालय भवन के लिए मो. जैनुल आबेदीन के द्वारा जमीन उपलब्ध कराई गई है। पर अब तक भवन निर्माण की स्वीकृति नहीं मिल सकी है। बारिश के दिनों में विद्यालय तक पहुंचने का रास्ता और भी बदतर हो जाता है। जिससे बच्चों और शिक्षकों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। विद्यालय में शौचालय और पेयजल की असुविधा:: विद्यालय में शौचालय और पेयजल की असुविधा नहीं होने से छात्र-छात्राओं को काफी दिक्कत होती है। यह जानकारी देते हुए छात्र शमीम, असरफ, आदिल आदि ने बताया कि उनके जैसे और बच्चे घर से पानी लेकर आते हैं। या फिर प्यास लगने पर स्कूल से घर चले जाते हैं। वहीं शिक्षक आसपास के ग्रामीणों के शौचालय का उपयोग करने को मजबूर हैं। परीक्षा के समय बाहरी शिक्षक यहां आने से कतराते हैं। हालांकि इस संबंध में प्रभारी शिक्षा पदाधिकारी रिमझिम गुड़िया से पक्ष जानने का प्रयास किया गया। पर संपर्क नहीं हो सका। पूर्व मुखिया जमील अख्तर सीओ, समाजसेवी सरोज मिश्रा, पंचायत समिति सदस्य मोद नारायण झा आदि ग्रामीणों ने जल्द विद्यालय भवन और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।1
- “बरहा, सोनवर्षा में श्री श्री 108 श्री विष्णु महायज्ञ का भव्य आयोजन।”1
- सुपौल जिले में परिवहन व्यवस्था के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए कोशी कमिश्नरी का पहला स्वचालित वाहन परीक्षण स्टेशन (ATS) शुरू कर दिया गया है। सुपौल–सिंहेश्वर पथ पर हटवरिया स्थित यह अत्याधुनिक केंद्र 25 मार्च 2026 से संचालित हो रहा है। लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से बने इस केंद्र के शुरू होने से सुपौल बिहार का सातवां जिला बन गया है, जहां यह सुविधा उपलब्ध है। अब तक कोशी क्षेत्र के वाहन स्वामियों को अपने वाहनों की फिटनेस जांच के लिए दूर-दराज के जिलों जैसे दरभंगा या भागलपुर जाना पड़ता था। लेकिन अब सुपौल में ही यह सुविधा मिलने से सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया और मधुबनी के वाहन मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी। इस स्वचालित केंद्र में आधुनिक मशीनों के माध्यम से वाहनों की जांच की जाती है, जिसमें ब्रेक सिस्टम, हेडलाइट एलाइनमेंट, व्हील एलाइनमेंट, सस्पेंशन, स्पीडोमीटर और प्रदूषण स्तर जैसे महत्वपूर्ण मानकों की सटीक जांच संभव है। इससे फिटनेस प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और विश्वसनीय बनती है। इस सुविधा के शुरू होने से सड़क सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी। तकनीकी रूप से खराब वाहनों की पहचान कर उन्हें समय रहते दुरुस्त किया जा सकेगा, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। जिला परिवहन पदाधिकारी Dr. Sanjeev Kumar Sajjan ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे समय पर अपने वाहनों की फिटनेस जांच कराएं। उन्होंने बताया कि बिना वैध फिटनेस प्रमाण-पत्र के वाहन चलाना कानूनन अपराध है। हालांकि शुरुआती दौर में जागरूकता की कमी के कारण प्रतिदिन केवल 4 से 5 वाहन ही जांच के लिए पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है, ताकि सुरक्षित और व्यवस्थित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।1
- *ज्ञान ज्योति स्कूल में छात्र की मौत मामले में एक व्यक्ति गिरफ्तार* मधेपुर के ज्ञान ज्योति आवासीय पब्लिक स्कूल में 12 वर्षीय छात्र विकेश कुमार की संदेहास्पद मौत मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी ऋषि कुमार कर्ण को गिरफ्तार कर लिया है। ऋषि ने विकेश को कमरे में बंद कर ताला लगा दिया था, जहां उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि ऋषि ने विकेश को साफ-सफाई करने का आदेश दिया और कमरे को बाहर से बंद कर दिया। कुछ देर बाद दो शिक्षिकाएं कमरे में पहुंचीं और विकेश को फंदे से उतारा। पुलिस ने बताया कि मृतक की मां ने प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसमें ऋषि कुमार कर्ण सहित सात लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है।1
- बिहार में पुलिस हिरासत में राकेश यादव की मौत का मामला सामने आया है, जहाँ परिवार ने पुलिस पर रिश्वत न देने के कारण टॉर्चर कर हत्या करने का आरोप लगाया है। इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। पीड़ित परिवार ने पुलिस की दरिंदगी और शरीर पर जख्म के निशान दिखाकर न्याय की मांग की है।1
- Post by Pawan Mahto Reporter1
- सुपौल में कोशी प्रमंडल, सहरसा के आयुक्त श्री राजेश कुमार ने समाहरणालय परिसर स्थित विभिन्न शाखाओं का विस्तृत निरीक्षण कर प्रशासनिक कार्यप्रणाली का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने जिला स्थापना शाखा, जिला अभिलेखागार शाखा, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA), जिला परिषद सुपौल, जिला विधि शाखा, जिला आपूर्ति शाखा तथा जिला भू-अर्जन शाखा का क्रमवार निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अभिलेखों के रख-रखाव, कार्य निष्पादन की गति तथा कार्यालय व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखें तथा लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। निरीक्षण के पश्चात आयुक्त द्वारा जन-संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित हुए। इस दौरान कुल 55 परिवादियों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें आयुक्त के समक्ष रखीं। आयुक्त ने प्रत्येक मामले को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को त्वरित निष्पादन के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1