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मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में स्थित बुंदेलखंड के कुंडेश्वर धाम में पुजारियों के बीच ₹500 को लेकर मारपीट हुई है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

1 hr ago
user_मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़
मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़
TV News Anchor टीकमगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में स्थित बुंदेलखंड के कुंडेश्वर धाम में पुजारियों के बीच ₹500 को लेकर मारपीट हुई है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

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  • मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में स्थित बुंदेलखंड के कुंडेश्वर धाम में पुजारियों के बीच ₹500 को लेकर मारपीट हुई है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
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    मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में स्थित बुंदेलखंड के कुंडेश्वर धाम में पुजारियों के बीच ₹500 को लेकर मारपीट हुई है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
    user_मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़
    मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़
    TV News Anchor टीकमगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • बल्देवगढ़/टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत बड़ाघाट के तमोरा गांव में भीषण पेयजल संकट सामने आया है। लगभग 1800 की आबादी वाले इस गांव में 55.04 लाख रुपये की लागत से तैयार हुई नल-जल योजना बिजली बिल के भुगतान के अभाव में पूरी तरह बंद पड़ी है, जिसके चलते ग्रामीण तालाब का मटमैला और दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। यह रेट्रोफिटिंग नल-जल योजना 25 नवंबर 2021 को केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार द्वारा वर्चुअल माध्यम से लोकार्पित की गई थी, लेकिन अब यह ठप पड़ी है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में केवल दो हैंडपंप हैं, जिनमें से एक से पर्याप्त पानी नहीं मिलता। पिछले तीन महीने से नलों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद है। महिलाएं और बच्चे तालाब से वही गंदा पानी बर्तनों में भरकर घर ले जाते देखे जा रहे हैं, जिसे वे 3 से 4 बार छानकर पीने के लिए इस्तेमाल करते हैं। ग्रामीण फूलाबाई ने बताया कि तीन महीने से नलों में पानी नहीं आया है। गिल्लन बाई अहिरवार ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि पानी की टंकी बंद पड़ी है, इसलिए उन्हें तालाब का पानी ही पीने और मवेशियों को पिलाने के लिए इस्तेमाल करना पड़ता है। श्याम बाई ने कहा कि प्यासे तो नहीं रह सकते, इसलिए तालाब का पानी छानकर पी रहे हैं, जो उनकी मजबूरी है।
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    बल्देवगढ़/टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत बड़ाघाट के तमोरा गांव में भीषण पेयजल संकट सामने आया है। लगभग 1800 की आबादी वाले इस गांव में 55.04 लाख रुपये की लागत से तैयार हुई नल-जल योजना बिजली बिल के भुगतान के अभाव में पूरी तरह बंद पड़ी है, जिसके चलते ग्रामीण तालाब का मटमैला और दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।

यह रेट्रोफिटिंग नल-जल योजना 25 नवंबर 2021 को केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार द्वारा वर्चुअल माध्यम से लोकार्पित की गई थी, लेकिन अब यह ठप पड़ी है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में केवल दो हैंडपंप हैं, जिनमें से एक से पर्याप्त पानी नहीं मिलता। पिछले तीन महीने से नलों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद है। महिलाएं और बच्चे तालाब से वही गंदा पानी बर्तनों में भरकर घर ले जाते देखे जा रहे हैं, जिसे वे 3 से 4 बार छानकर पीने के लिए इस्तेमाल करते हैं।

ग्रामीण फूलाबाई ने बताया कि तीन महीने से नलों में पानी नहीं आया है। गिल्लन बाई अहिरवार ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि पानी की टंकी बंद पड़ी है, इसलिए उन्हें तालाब का पानी ही पीने और मवेशियों को पिलाने के लिए इस्तेमाल करना पड़ता है। श्याम बाई ने कहा कि प्यासे तो नहीं रह सकते, इसलिए तालाब का पानी छानकर पी रहे हैं, जो उनकी मजबूरी है।
    user_Jamil khan
    Jamil khan
    टीकमगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • टीकमगढ़ जिले में किसानों के लिए विशेष रूप से बनाए गए टीन शेडों पर अब व्यापारियों ने अपना कब्जा जमा लिया है। इस स्थिति के चलते, आगामी बरसात के मौसम में किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि इन शेडों का मुख्य उद्देश्य ही उन्हें और उनकी उपज को बारिश से बचाना था।
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    टीकमगढ़ जिले में किसानों के लिए विशेष रूप से बनाए गए टीन शेडों पर अब व्यापारियों ने अपना कब्जा जमा लिया है। इस स्थिति के चलते, आगामी बरसात के मौसम में किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि इन शेडों का मुख्य उद्देश्य ही उन्हें और उनकी उपज को बारिश से बचाना था।
    user_BHOPAL JILA BURO
    BHOPAL JILA BURO
    पत्रकार टीकमगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • टीकमगढ़ नगर पालिका परिषद द्वारा जलकर दरों में हुई 160% की कथित अवैध वृद्धि और दूषित पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया गया है। वर्तमान में ₹260 प्रति माह वसूले जा रहे जलकर को तत्काल स्थगित कर, निर्वाचित परिषद द्वारा स्वीकृत ₹150 प्रति माह की न्यायसंगत दर को प्रभावी करने की मांग की गई है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2021-2022 तक टीकमगढ़ नगर में जलकर की दर ₹100 प्रति माह थी। वर्ष 2022-2023 में तत्कालीन प्रशासक द्वारा बिना किसी ठोस वित्तीय आधार के इसमें 160% की अनुचित वृद्धि कर इसे ₹260 प्रति माह कर दिया गया था। इसके विपरीत, निर्वाचित नगर पालिका परिषद ने वर्ष 2023 में जनता के व्यापक हित और विसंगति को ध्यान में रखते हुए सर्वसम्मति से जलकर की दर को घटाकर ₹150 प्रति माह निर्धारित करने का संकल्प प्रस्ताव पारित किया है, जिसे नियम संगत बताया गया है। यह भी उजागर किया गया है कि पूरे सागर संभाग में टीकमगढ़ की जलकर दरें वर्तमान में सर्वाधिक हैं, जबकि धरातल पर पेयजल की स्थिति अत्यंत दयनीय है। शहर के 80% क्षेत्र में एक दिन छोड़कर और 20% क्षेत्र में तीन दिन के अंतराल पर जल आपूर्ति की जा रही है, और प्रदाय किए जा रहे जल की गुणवत्ता भी दूषित व अस्वच्छ है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। मध्य प्रदेश नगर पालिका कराधान नियम 2016 के नियम 3/2 के स्पष्ट प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा गया है कि किसी भी कार्य शुल्क में वार्षिक वृद्धि 15% की वैधानिक सीमा से अधिक नहीं की जा सकती। इस नियम को दरकिनार कर 160% की एकमुश्त वृद्धि को पूरी तरह गैरकानूनी बताया गया है। इसके अतिरिक्त, जनता पर इस प्रकार का वित्तीय बोझ लादना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) एवं अनुच्छेद 21 (जीवन और स्वच्छ जल का अधिकार) के मूल सिद्धांतों के भी विपरीत है, और इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध माना गया है। पवन घुवारा भूमिपुत्र ने शासन से अपील की है कि ₹260 की इस विसंगतिपूर्ण व नियम विरुद्ध वसूली को शासन की अंतिम स्वीकृति प्राप्त होने तक तत्काल स्थगित किया जाए, तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी टीकमगढ़ को निर्वाचित परिषद के जनहितैषी प्रस्ताव के अनुरूप ₹150 की जलकर राशि लेने हेतु निर्देशित किया जाए। साथ ही, बड़ी घाट वाटर फिल्टर प्लांट के अपग्रेडेशन, शुद्धिकरण और नियमित व स्वच्छ जल आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु समय-सीमा के भीतर एक प्रभावी कार्य योजना स्वीकृत करने का प्रयास करने की भी मांग की गई है।
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    टीकमगढ़ नगर पालिका परिषद द्वारा जलकर दरों में हुई 160% की कथित अवैध वृद्धि और दूषित पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया गया है। वर्तमान में ₹260 प्रति माह वसूले जा रहे जलकर को तत्काल स्थगित कर, निर्वाचित परिषद द्वारा स्वीकृत ₹150 प्रति माह की न्यायसंगत दर को प्रभावी करने की मांग की गई है।

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2021-2022 तक टीकमगढ़ नगर में जलकर की दर ₹100 प्रति माह थी। वर्ष 2022-2023 में तत्कालीन प्रशासक द्वारा बिना किसी ठोस वित्तीय आधार के इसमें 160% की अनुचित वृद्धि कर इसे ₹260 प्रति माह कर दिया गया था। इसके विपरीत, निर्वाचित नगर पालिका परिषद ने वर्ष 2023 में जनता के व्यापक हित और विसंगति को ध्यान में रखते हुए सर्वसम्मति से जलकर की दर को घटाकर ₹150 प्रति माह निर्धारित करने का संकल्प प्रस्ताव पारित किया है, जिसे नियम संगत बताया गया है।

यह भी उजागर किया गया है कि पूरे सागर संभाग में टीकमगढ़ की जलकर दरें वर्तमान में सर्वाधिक हैं, जबकि धरातल पर पेयजल की स्थिति अत्यंत दयनीय है। शहर के 80% क्षेत्र में एक दिन छोड़कर और 20% क्षेत्र में तीन दिन के अंतराल पर जल आपूर्ति की जा रही है, और प्रदाय किए जा रहे जल की गुणवत्ता भी दूषित व अस्वच्छ है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। मध्य प्रदेश नगर पालिका कराधान नियम 2016 के नियम 3/2 के स्पष्ट प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा गया है कि किसी भी कार्य शुल्क में वार्षिक वृद्धि 15% की वैधानिक सीमा से अधिक नहीं की जा सकती। इस नियम को दरकिनार कर 160% की एकमुश्त वृद्धि को पूरी तरह गैरकानूनी बताया गया है। इसके अतिरिक्त, जनता पर इस प्रकार का वित्तीय बोझ लादना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) एवं अनुच्छेद 21 (जीवन और स्वच्छ जल का अधिकार) के मूल सिद्धांतों के भी विपरीत है, और इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध माना गया है।

पवन घुवारा भूमिपुत्र ने शासन से अपील की है कि ₹260 की इस विसंगतिपूर्ण व नियम विरुद्ध वसूली को शासन की अंतिम स्वीकृति प्राप्त होने तक तत्काल स्थगित किया जाए, तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी टीकमगढ़ को निर्वाचित परिषद के जनहितैषी प्रस्ताव के अनुरूप ₹150 की जलकर राशि लेने हेतु निर्देशित किया जाए। साथ ही, बड़ी घाट वाटर फिल्टर प्लांट के अपग्रेडेशन, शुद्धिकरण और नियमित व स्वच्छ जल आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु समय-सीमा के भीतर एक प्रभावी कार्य योजना स्वीकृत करने का प्रयास करने की भी मांग की गई है।
    user_ब्यूरो पत्रकार सुरेश चौधरी BLG
    ब्यूरो पत्रकार सुरेश चौधरी BLG
    Farmer Baldeogarh, Tikamgarh•
    57 min ago
  • जतारा थाना क्षेत्र के राजनगर मोजे में एक जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके परिणामस्वरूप हुई मारपीट में तीन महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। बताया जा रहा है कि यह विवाद दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहा था, और इसी के चलते कहासुनी बढ़कर मारपीट तक पहुंच गई। घटना के बाद गंभीर रूप से घायल हुई महिलाओं को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। सूचना मिलते ही जतारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए हैं और आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, घायल महिलाओं के परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
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    जतारा थाना क्षेत्र के राजनगर मोजे में एक जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके परिणामस्वरूप हुई मारपीट में तीन महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। बताया जा रहा है कि यह विवाद दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहा था, और इसी के चलते कहासुनी बढ़कर मारपीट तक पहुंच गई।

घटना के बाद गंभीर रूप से घायल हुई महिलाओं को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। सूचना मिलते ही जतारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए हैं और आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, घायल महिलाओं के परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
    user_Mahendra Kumar Dubey
    Mahendra Kumar Dubey
    Voice of people जतारा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • भारतीय सेना के सूबेदार मोहन सिंह घोष, जिन्होंने अपना जीवन देश सेवा में समर्पित किया, का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव हरपुरा में राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस वीर सपूत की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और क्षेत्र के लोग शामिल हुए। हर आँख नम थी और लोगों ने भावुक होकर भारत माता के इस वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की। सेना के जवानों ने पूरे सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी और उनके परिजनों को राष्ट्रीय ध्वज सौंपा, जिससे माहौल और भावुक हो गया। ग्रामीणों ने सूबेदार मोहन सिंह घोष के देश की रक्षा में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। इस अवसर पर मौजूद जतारा विधायक हरिशंकर खटीक ने कहा कि मोहन सिंह घोष जैसे सैनिक देश की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्होंने अपनी सेवाओं से देश और बुंदेलखंड का मान बढ़ाया है। विधायक ने उनके बलिदान और समर्पण को हमेशा याद रखने और परिवार के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने 'भारत माता की जय' और 'वीर जवान अमर रहे' के नारों के साथ अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।
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    भारतीय सेना के सूबेदार मोहन सिंह घोष, जिन्होंने अपना जीवन देश सेवा में समर्पित किया, का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव हरपुरा में राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस वीर सपूत की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और क्षेत्र के लोग शामिल हुए। हर आँख नम थी और लोगों ने भावुक होकर भारत माता के इस वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की।

सेना के जवानों ने पूरे सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी और उनके परिजनों को राष्ट्रीय ध्वज सौंपा, जिससे माहौल और भावुक हो गया। ग्रामीणों ने सूबेदार मोहन सिंह घोष के देश की रक्षा में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है।

इस अवसर पर मौजूद जतारा विधायक हरिशंकर खटीक ने कहा कि मोहन सिंह घोष जैसे सैनिक देश की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्होंने अपनी सेवाओं से देश और बुंदेलखंड का मान बढ़ाया है। विधायक ने उनके बलिदान और समर्पण को हमेशा याद रखने और परिवार के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने 'भारत माता की जय' और 'वीर जवान अमर रहे' के नारों के साथ अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।
    user_Sonu Vishwakarma Palera Journalist
    Sonu Vishwakarma Palera Journalist
    Bansal news channel Palera पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • सोमवार दोपहर मड़ावरा थाने में उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां तैनात एक फॉलोअर (रसोइया) ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। आनन-फानन में, उनके सहकर्मियों ने फॉलोअर इंद्रजीत सिंह को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार बताया गया है। इस आत्मघाती कदम के पीछे का कारण अभी तक अज्ञात है।
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    सोमवार दोपहर मड़ावरा थाने में उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां तैनात एक फॉलोअर (रसोइया) ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। आनन-फानन में, उनके सहकर्मियों ने फॉलोअर इंद्रजीत सिंह को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार बताया गया है। इस आत्मघाती कदम के पीछे का कारण अभी तक अज्ञात है।
    user_इमरान ख़ान मड़ावरा
    इमरान ख़ान मड़ावरा
    Social Media Manager मड़ावरा, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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