रुपबास कस्बे में गौ सम्मान आह्वान अभियान को लेकर बैठक हुई आयोजित रूपवास कस्बे की घूरेमल की धर्मशाला में राजस्थान में गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें पूर्वी राजस्थान गो प्रचारक पूज्य सन्त वैष्णव दास बृंदावन, घनश्याम मीना पांचौली व तहसील गो प्रचारक प्रिंस सिंघल, राजेन्द्र पराशर दीपक सोनी, विकल्प गोयल, पंकज जादौन, पूरणमल, मुकेश सोनी एवं अर्पित पराशर मंडरायल ने कहा कि देशी नस्ल की गौ माता, जो भारतीय संस्कृति व सनातन परम्परा का मूल आधार है उस गोवंश की घोर उपेक्षा होने से बड़ी संख्या में गौ वंश निराश्रित अवस्था में यत्र तत्र विचरण कर रहा है, प्रतिदिन अनेकों गो वंश सड़को, राजमार्गों पर दुर्घटना ग्रस्त हो रहे है।भारत के आधे से अधिक प्रांतों में गो वध की खुली छूट होने से नित्य हजारों गोवंश का कत्लखानों में निर्दयता पूर्वक वध किया जा रहा है। नाम मात्र की गोशालाएँ हैं। जिनमें भी व्यवस्थाएं समुचित नहीं है । अतः अब केंद्र सरकार द्वारा समुचित क़ानूनी संरक्षण दिए जाने की नितांत आवश्यकता है। जो समूचे देश में एकरूपता से लागू हो। महापुरुषों और विशेषज्ञों का मत है कि गो सेवा, गो सुरक्षा और गो सम्मान को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 2036 तक भारत गोवंश रहित होकर विकृत हो जाएगा। जिसके फलस्वरूप हम सब का अस्तित्व भी खतरे में पड़ जाएगा । इस विषय पर गंभीर चिंतन करते हुए गो माता के कष्ट की विकराल समस्या के समाधान हेतु संतों और गो सेवकों की एक विशेष बैठक 6 माह पूर्व वृन्दावन धाम में हुई ,जिसमें पत्रक में वर्णित 2 वर्ष के काल खण्ड की वृहद योजना द्वारा , संपूर्ण भारत वर्ष में गौ हत्या को प्रतिबंधित करने के लिए एवं गौ माता के सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए,0गो माता के नेतृत्व में अभियान भारत भर के संतों और गो सेवकों द्वारा चलाया जा रहा है। जो पूर्णतया अहिंसक शांतिपूर्ण एवं अनुरोध के साथ रहेगा। यह किसी भी राज्य सरकार अथवा केन्द्र सरकार के विरुद्ध नहीं है अपितु संविधान के दायरे में रहकर गोमाता के लिए वांछित, सेवा सुरक्षा व सम्मान के लिए है। अतः 27 अप्रेल 2026 को भारतवर्ष की प्रत्येक तहसील पर गोमाता के सानिध्य में सभी सनातनी, गो भक्त हज़ारों की संख्या में तहसीलदार कार्यालय पहुंचकर संपूर्ण भारतवर्ष से गौ हत्या बंद करने के लिये एवं गौमाता जी को सम्मानजनक पद प्रदान करने के लिये माननीय प्रधानमंत्री, माननीय राष्ट्रपति, माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय राज्यपाल के नाम प्रार्थना पत्र प्रदान करेंगे। इस अवसर पर मनीष गोयल, हरिओम शर्मा मानसिंह शर्मा, मनीष सिंघल, आकाश गोयल, पंकज गोयल, सोनू कुमार, विष्णु धाकड़, गुलशन कुमार, शैलेन्द्र, राकेश गोयल, चंद्रभान, मनीष मित्तल, पूरणमल, टिंकू सिंघल, निर्भय सिंहव अन्य गौ भक्त उपस्थिति रहे।
रुपबास कस्बे में गौ सम्मान आह्वान अभियान को लेकर बैठक हुई आयोजित रूपवास कस्बे की घूरेमल की धर्मशाला में राजस्थान में गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें पूर्वी राजस्थान गो प्रचारक पूज्य सन्त वैष्णव दास बृंदावन, घनश्याम मीना पांचौली व तहसील गो प्रचारक प्रिंस सिंघल, राजेन्द्र पराशर दीपक सोनी, विकल्प गोयल, पंकज जादौन, पूरणमल, मुकेश सोनी एवं अर्पित पराशर मंडरायल ने कहा कि देशी नस्ल की गौ माता, जो भारतीय संस्कृति व सनातन परम्परा का मूल आधार है उस गोवंश की घोर उपेक्षा होने से बड़ी संख्या में गौ वंश निराश्रित अवस्था में यत्र तत्र विचरण कर रहा है, प्रतिदिन अनेकों गो वंश सड़को, राजमार्गों पर दुर्घटना ग्रस्त हो रहे है।भारत के आधे से अधिक प्रांतों में गो वध की खुली छूट होने से नित्य हजारों गोवंश का कत्लखानों में निर्दयता पूर्वक वध किया जा रहा है। नाम मात्र की गोशालाएँ हैं। जिनमें भी व्यवस्थाएं समुचित नहीं है । अतः अब केंद्र सरकार द्वारा समुचित क़ानूनी संरक्षण दिए जाने की नितांत आवश्यकता है। जो समूचे देश में एकरूपता से लागू हो। महापुरुषों और विशेषज्ञों का मत है कि गो सेवा, गो सुरक्षा और गो सम्मान को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 2036 तक भारत गोवंश रहित होकर विकृत हो जाएगा। जिसके फलस्वरूप हम सब का अस्तित्व भी खतरे में पड़ जाएगा । इस विषय पर गंभीर चिंतन करते हुए गो माता के कष्ट की विकराल समस्या के समाधान हेतु संतों और गो सेवकों की एक विशेष बैठक 6 माह पूर्व वृन्दावन धाम में हुई ,जिसमें पत्रक में वर्णित 2 वर्ष के काल खण्ड की वृहद योजना द्वारा , संपूर्ण भारत वर्ष में गौ हत्या को प्रतिबंधित करने के लिए एवं गौ माता के सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए,0गो माता के नेतृत्व में अभियान भारत भर के संतों और गो सेवकों द्वारा चलाया जा रहा है। जो पूर्णतया अहिंसक शांतिपूर्ण एवं अनुरोध के साथ रहेगा। यह किसी भी राज्य सरकार अथवा केन्द्र सरकार के विरुद्ध नहीं है अपितु संविधान के दायरे में रहकर गोमाता के लिए वांछित, सेवा सुरक्षा व सम्मान के लिए है। अतः 27 अप्रेल 2026 को भारतवर्ष की प्रत्येक तहसील पर गोमाता के सानिध्य में सभी सनातनी, गो भक्त हज़ारों की संख्या में तहसीलदार कार्यालय पहुंचकर संपूर्ण भारतवर्ष से गौ हत्या बंद करने के लिये एवं गौमाता जी को सम्मानजनक पद प्रदान करने के लिये माननीय प्रधानमंत्री, माननीय राष्ट्रपति, माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय राज्यपाल के नाम प्रार्थना पत्र प्रदान करेंगे। इस अवसर पर मनीष गोयल, हरिओम शर्मा मानसिंह शर्मा, मनीष सिंघल, आकाश गोयल, पंकज गोयल, सोनू कुमार, विष्णु धाकड़, गुलशन कुमार, शैलेन्द्र, राकेश गोयल, चंद्रभान, मनीष मित्तल, पूरणमल, टिंकू सिंघल, निर्भय सिंहव अन्य गौ भक्त उपस्थिति रहे।
- एडवोकेट स्वेता यादव जिला अध्यक्ष महिला काँग्रेस डीग द्वारा पालेंद्र पहलवान का स्वागत एवं सम्मान किया अमर दीप सेन भारत विख्यात लोहागढ़ केसरी दंगल, भरतपुर में आयोजित किया गया प्रतिष्ठित दंगल प्रतियोगिता में डीग के रहने बाले पालेंद्र पहलवान द्वारा लोहागढ़ किशोर का खिताब एवं 31000 हजार रुपये की इनामी राशि जीतने पर हर्ष व्यक्त किया गया। इस उपलब्धि पर महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष एडवोकेट स्वेता यादव द्वारा रिद्धि सिद्धि प्रॉपर्टीज डीग पर विजेता पालेंद्र पहलवान का साफा माला, पगड़ी, तस्वीर, ब मिठाई खिलाकर हार्दिक स्वागत एवं सम्मान किया गया। इस अवसर पर एडवोकेट स्वेता यादव ने कहा कि कुश्ती सिर्फ एक खेल नहीं है बल्कि एक जीवन शैली है जो पहलवान कोअनुशासित और संयमित रहना सिखाती है पहलवान की जीत न केवल उसे बल्कि समाज और युवा पीढी को भी मेहनत और संघर्ष करने की प्रेरणा देती है क्षेत्र के युवाओं द्वारा खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना गर्व का विषय है और इससे अन्य युवाओं को भी प्रेरणा मिलती है। उन्होंने विजेता पहलवान को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में मंटो बहन, मिथुन, बहज वीरा पहलवान देवेन्द्र एडवोकेट, सुखबीर ठेकेदार चौमा, अशोक ठेकेदार सुभाष बहज सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने पहलवान की इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।3
- Post by डीग लाइव पत्रकार1
- अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोशिएशन के तत्वाधान में आज शहीद भगत सिंह,राजगुरु,और सुखदेव के बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में रक्तदान किया । आपका अपना धर्मेन्द्र तोमर जिला अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन चौधरी चरण सिंह मथुरा1
- Post by Subhash Chand1
- Post by Brajvir Singh1
- मथुरा में मामूली टक्कर लगने के बाद कार सवार कार सवार स्टूडेंट एक युवक से भिड़ गया। उनके बीच जमकर गाली गलौज हुई। उनमें से एक युवक ने दूसरे को चाकू मार दिया। चाकू लगने से युवक घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। तीन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाने ले गई। घटना सोमवार को थाना जैंत से महज 100 मीटर दूर नेशनल हाईवे की है। सोमवार की सुबह BSA इंजीनियरिंग कॉलेज के पास के रहने वाले ललित मोहन भारद्वाज अपने भाई हरिदत्त, भतीजे अंश और वंश के साथ अपने पैतृक गांव नौहझील जा रहे थे। अपनी अर्टिगा गाड़ी से जा रहे ललित की गाड़ी की अलवर पुल के पास KIA गाड़ी से मामूली टक्कर हो गई। जिस पर KIA कार सवार युवकों ने शीशा खोलकर गाली दी और गाड़ी को भगा ले गए।KIA कार सवार स्टूडेंट मौके से भागकर थाना जैंत से सौ मीटर पहले बाबा द ढाबा पर खड़े हो गए। उनके पीछे से ललित और भाई पहुंचे। इसी बीच हरिदत्त ने एक स्टूडेंट्स के घूंसा मार दिया। जिसके बाद दूसरा स्टूडेंट कार के पास गया। चाकू निकालकर ललित की पीठ में मार दिया।ललित का आरोपी स्टूडेंट सुशांत उसके भाई निशांत और दोस्त विजय से झगड़ा हुआ था। इसी दौरान तीनों स्टूडेंट में से एक ने ललित के 3 चाकू पीठ में मार दिए। जिससे ललित गंभीर रूप से घायल हो गया। खून से लथपथ ललित को देख उसका भाई इलाज के लिए पहले वृंदावन स्थित संयुक्त जिला चिकित्सालय ले गए जहां गंभीर रूप से घायल होने के कारण निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और तीनों आरोपी छात्रों को हिरासत में ले लिया। आरोपी छात्र GLA यूनिवर्सिटी के छात्र हैं जिसमें से एक बीटेक कर रहा है जबकि 2 डिप्लोमा कर रहे हैं। यह तीनों रिफाइनरी क्षेत्र में स्थित राधा टाउन में रहते हैं। थाना जैंत प्रभारी उमेश त्रिपाठी ने बताया कि तीनों को हिरासत में ले लिया है, पूछताछ की जा रही है अभी तहरीर नहीं मिली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।1
- #RPRNEWSTV ब्रज क्षेत्र में सनसनी मचा देने वाली घटना… फरसा वाले बाबा के नाम से मशहूर संत चंद्रशेखर की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ऐसा संत… जिसने बचपन में घर छोड़ा, अयोध्या की राह पकड़ी… और जीवन गौ सेवा को समर्पित कर दिया। लेकिन आखिर उनके साथ हुआ क्या? आइए शुरू से अंत तक पूरी कहानी समझते हैं… बचपन और परिवार: चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा मूल रूप से नगला भोपाल गांव के रहने वाले थे, जो सिरसागंज जिला फिरोजाबाद क्षेत्र में आता है। उनका परिवार एक साधारण ग्रामीण परिवार था। परिवार में दो सगे भाई बताए जाते हैं, और दोनों भाइयों के चार-चार बेटे हैं। लेकिन चंद्रशेखर बचपन से ही अलग स्वभाव के थे… 10 साल की उम्र में घर छोड़ना बताया जाता है कि जब उनकी उम्र महज 10 साल थी, तभी उन्होंने घर छोड़ दिया। उसी समय देश में बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना हुई थी। इसी दौर में वे सीधे अयोध्या पहुंच गए। इतनी छोटी उम्र में ही उनका झुकाव धर्म और साधु जीवन की ओर हो गया था। मसन्यास और ‘फरसा वाले बाबा’ बनने की कहानी: अयोध्या से लौटने के बाद उन्होंने पूरी तरह सन्यास का रास्ता अपना लिया। उन्होंने सांसारिक जीवन त्याग दिया और गौ सेवा में लग गए। बाबा हमेशा अपने साथ एक फरसा कुल्हाड़ी जैसा हथियार रखते थे इसी वजह से लोग उन्हें “फरसा वाले बाबा” कहने लगे धीरे-धीरे वे ब्रज क्षेत्र में एक निडर गौ सेवक के रूप में प्रसिद्ध हो गए ब्रज और बरसाना में सक्रियता: सन्यास के बाद बाबा ब्रज क्षेत्र में सक्रिय रहे बाद में बरसाना में आकर बस गए यहां उन्होंने गौ रक्षा को लेकर अपनी पहचान और मजबूत की स्थानीय लोगों में उनकी पकड़ और प्रभाव काफी बढ़ गया तेवर और विवाद: बाबा के तेवर काफी सख्त माने जाते थे वे कई बार खुद गौ तस्करों के खिलाफ मोर्चा खोल देते थे इसी वजह से वे कई बार विवादों में भी रहे लेकिन समर्थकों के बीच उनकी छवि एक निडर संत की बनी रही मौत की रात – हादसा या साजिश घटना वाले दिन बाबा कथित तौर पर गौ तस्करों का पीछा कर रहे थे तभी एक तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी इस घटना में उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई हत्या के आरोप और बवाल जहां एक तरफ इसे सड़क हादसा बताया गया वहीं दूसरी तरफ समर्थकों ने इसे सोची-समझी साजिश और हत्या बताया घटना के बाद पूरे ब्रज क्षेत्र में बवाल मच गया सड़क जाम, प्रदर्शन और पथराव की घटनाएं सामने आईं पुलिस ने कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया लेकिन लोगों का गुस्सा लगातार बना रहा एक बच्चा… जिसने 10 साल की उम्र में घर छोड़ा एक संत… जिसने जीवन गौ सेवा को समर्पित किया और एक मौत… जिसने पूरे क्षेत्र में सवाल खड़े कर दिए क्या फरसा वाले बाबा की मौत एक हादसा थी… या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी है इस सवाल का जवाब अब जांच के बाद ही सामने आएगा… लेकिन फिलहाल ब्रज की जमीन पर तनाव और गुस्सा साफ देखा जा सकता है। इस पूरे घटनाक्रम पर आप लोगों की क्या राय है कमेंट करके जरूर बताएं1
- थाना - महावन * माननीय मुख्यमंत्री उ0प्र0 सरकार की महत्वाकांक्षी योजना *“मिशन शक्ति”* के अन्तर्गत महिला सशक्तिकरण हेतु चलाए जा रहे अभियान फेज 5.0 द्वितीय चरण 30 दिवसीय अभियान के क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा के निर्देशन में *थाना महावन से मिशन शक्ति टीम द्वारा ऋषिकुल इंटरनेशनल स्कूल*में शिक्षिकाओं व छात्राओं को हेल्पलाइन नंबरों व महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई1
- Post by Subhash Chand1