अलवर के राजगढ़ स्थित गंगाबाग में श्री जगन्नाथ मेला महोत्सव के चौथे दिन सोमवार को भगवान श्री जगन्नाथ और माता जानकी का भव्य वरमाला महोत्सव वैदिक रीति-रिवाजों और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। इस अलौकिक और दिव्य आयोजन को देखने के लिए मेला परिसर में देर शाम तक हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और सभी भव्य झांकियों के साक्षी बने। कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच माता जानकी को फेरे स्थल तक लाया गया और पूरे विधि-विधान से कन्यादान की रस्म अदा की गई। इसके बाद भगवान श्री जगन्नाथ और माता जानकी का वरमाला महोत्सव संपन्न हुआ। इस आयोजन का विशेष आकर्षण दिल्ली और जयपुर से विशेष रूप से मंगवाई गईं 11-11 फीट लंबी दो भव्य पुष्प मालाएं रहीं। इसके साथ ही भगवान श्री जगन्नाथ और माता जानकी का कोलकाता व दुबई से मंगवाए गए विशेष इत्रों से अभिषेक कर उन्हें सुगंधित किया गया। आकर्षक फूल बंगला झांकी, रंग-बिरंगी रोशनी और भव्य आतिशबाजी ने पूरे आयोजन को भक्तिमय स्वरूप प्रदान किया। मंदिर के महंत पूरन दास और एडवोकेट पंडित मदन मोहन शास्त्री ने बताया कि भगवान श्री जगन्नाथ और माता जानकी वैदिक परंपरा के अनुसार परिणय सूत्र में बंधे हैं। इस अवसर पर ठिकाना गंगाबाग के महंत प्रकाशदास महाराज, उत्तराधिकारी उमाशंकर दास उर्फ गुड्डू महाराज, नागपाल शर्मा माचाड़ी, आईआरएस अधिकारी मिश्रीलाल मीना, प्रधान जयराम दास महाराज, विरेन्द्र दाधिच, भाजपा के बन्नाराम मीणा, मंडल अध्यक्ष प्रकाश दीक्षित सहित मेला कमेटी के अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद तिवारी, उपाध्यक्ष कन्हैया लाल खेड़ा, सचिव हरिओम गुप्ता और कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अलवर के राजगढ़ स्थित गंगाबाग में श्री जगन्नाथ मेला महोत्सव के चौथे दिन सोमवार को भगवान श्री जगन्नाथ और माता जानकी का भव्य वरमाला महोत्सव वैदिक रीति-रिवाजों और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। इस अलौकिक और दिव्य आयोजन को देखने के लिए मेला परिसर में देर शाम तक हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और सभी भव्य झांकियों के साक्षी बने। कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच माता जानकी को फेरे स्थल तक लाया गया और पूरे विधि-विधान से कन्यादान की रस्म अदा की गई। इसके बाद भगवान श्री जगन्नाथ और माता जानकी का वरमाला महोत्सव संपन्न हुआ। इस आयोजन का विशेष आकर्षण दिल्ली और जयपुर से विशेष रूप से मंगवाई गईं 11-11 फीट लंबी दो भव्य पुष्प मालाएं रहीं। इसके साथ ही भगवान
श्री जगन्नाथ और माता जानकी का कोलकाता व दुबई से मंगवाए गए विशेष इत्रों से अभिषेक कर उन्हें सुगंधित किया गया। आकर्षक फूल बंगला झांकी, रंग-बिरंगी रोशनी और भव्य आतिशबाजी ने पूरे आयोजन को भक्तिमय स्वरूप प्रदान किया। मंदिर के महंत पूरन दास और एडवोकेट पंडित मदन मोहन शास्त्री ने बताया कि भगवान श्री जगन्नाथ और माता जानकी वैदिक परंपरा के अनुसार परिणय सूत्र में बंधे हैं। इस अवसर पर ठिकाना गंगाबाग के महंत प्रकाशदास महाराज, उत्तराधिकारी उमाशंकर दास उर्फ गुड्डू महाराज, नागपाल शर्मा माचाड़ी, आईआरएस अधिकारी मिश्रीलाल मीना, प्रधान जयराम दास महाराज, विरेन्द्र दाधिच, भाजपा के बन्नाराम मीणा, मंडल अध्यक्ष प्रकाश दीक्षित सहित मेला कमेटी के अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद तिवारी, उपाध्यक्ष कन्हैया लाल खेड़ा, सचिव हरिओम गुप्ता और कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
- अलवर के राजगढ़ स्थित गंगाबाग में श्री जगन्नाथ मेला महोत्सव के चौथे दिन सोमवार को भगवान श्री जगन्नाथ और माता जानकी का भव्य वरमाला महोत्सव वैदिक रीति-रिवाजों और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। इस अलौकिक और दिव्य आयोजन को देखने के लिए मेला परिसर में देर शाम तक हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और सभी भव्य झांकियों के साक्षी बने। कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच माता जानकी को फेरे स्थल तक लाया गया और पूरे विधि-विधान से कन्यादान की रस्म अदा की गई। इसके बाद भगवान श्री जगन्नाथ और माता जानकी का वरमाला महोत्सव संपन्न हुआ। इस आयोजन का विशेष आकर्षण दिल्ली और जयपुर से विशेष रूप से मंगवाई गईं 11-11 फीट लंबी दो भव्य पुष्प मालाएं रहीं। इसके साथ ही भगवान श्री जगन्नाथ और माता जानकी का कोलकाता व दुबई से मंगवाए गए विशेष इत्रों से अभिषेक कर उन्हें सुगंधित किया गया। आकर्षक फूल बंगला झांकी, रंग-बिरंगी रोशनी और भव्य आतिशबाजी ने पूरे आयोजन को भक्तिमय स्वरूप प्रदान किया। मंदिर के महंत पूरन दास और एडवोकेट पंडित मदन मोहन शास्त्री ने बताया कि भगवान श्री जगन्नाथ और माता जानकी वैदिक परंपरा के अनुसार परिणय सूत्र में बंधे हैं। इस अवसर पर ठिकाना गंगाबाग के महंत प्रकाशदास महाराज, उत्तराधिकारी उमाशंकर दास उर्फ गुड्डू महाराज, नागपाल शर्मा माचाड़ी, आईआरएस अधिकारी मिश्रीलाल मीना, प्रधान जयराम दास महाराज, विरेन्द्र दाधिच, भाजपा के बन्नाराम मीणा, मंडल अध्यक्ष प्रकाश दीक्षित सहित मेला कमेटी के अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद तिवारी, उपाध्यक्ष कन्हैया लाल खेड़ा, सचिव हरिओम गुप्ता और कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।2
- कोटपूतली-बहरोड़ की बानसूर और हरसौरा थाना पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए ट्रोला चोरी कर उन्हें काटकर पुर्जे बेचने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने गैंग के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 5 करोड़ रुपये की कीमत का चोरी का सामान, वाहन और अत्याधुनिक कटिंग उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य विजय गुर्जर के खेत में बने घर के पास से एक ट्रोला का चेसिस व केबिन, एक अन्य ट्रोला का फ्रेम, महिंद्रा की दो पिकअप, एक बोलेरो, एक एसीई हाइड्रा (क्रेन), तीन मोटरसाइकिलें, गैस कटर सेट, ऑक्सीजन व एलपीजी सिलेंडर, कटाई के उपकरण तथा कई वाहनों के पुर्जे जब्त किए गए हैं। इसके साथ ही, मुख्य सरगना आरिफ मेव की मोटरसाइकिल से एक देशी कट्टा और दो जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बरामद ट्रोलों में से एक गुरुग्राम (हरियाणा) और दूसरा सवाई माधोपुर (राजस्थान) से चोरी किया गया था। पुलिस अब अन्य बरामद पुर्जों की पहचान करने में जुटी है। यह बड़ी कार्रवाई जयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक के निर्देश और जिला पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह (आईपीएस) के मार्गदर्शन में की गई। इस विशेष टीम का नेतृत्व थाना प्रभारी राजेश कुमार मीणा ने किया, जबकि सुपरविजन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नाजिम अली खान, वृत्ताधिकारी मनीषा मीणा और उमेश कुमार निठारवाल द्वारा किया गया। मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रशांत, विक्रम कुमार, विजय गुर्जर (वांछित), प्रकाशचंद, सुनील कुमार, मोनू वर्मा और राहुल कुमार के रूप में हुई है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और चोरी के पूरे नेटवर्क के बारे में आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है।6
- अलवर के राजगढ़ में तालुका विधिक सेवा समिति के अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश लेखपाल शर्मा के निर्देशानुसार न्यायिक मुख्यालय राजगढ़ में न्यायिक अधिकारियों द्वारा 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे' के तहत विभिन्न विद्यालयों में विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों का मुख्य विषय "नशे को ना कहो, अपने सपनों को हां कहो, नशा कोई स्टाइल नहीं: अपने मन, शरीर व भविष्य की रक्षा करें" रखा गया था। इस अभियान के अंतर्गत अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिलीप कुमार मीणा ने अराधना पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल (कावास का बाग, राजगढ़), अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या 2 प्रशंसा अग्रवाल ने श्रुति विद्यापीठ सीनियर सेकेंडरी स्कूल (राजगढ़) और सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट आदित्य वशिष्ठ ने शालोम इंग्लिश सेकेंडरी स्कूल (माचाड़ी रोड, राजगढ़) में शिविर आयोजित किए। वहीं, अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट यशस्वी शर्मा ने स्वामी गंगा भारती विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय (राजगढ़) और रेनी की सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट महिमा चौहान ने विवेकानंद उच्च माध्यमिक विद्यालय (रैनी) में जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए। इन शिविरों में पीएलबी सुबेंद्र कुमार सैनी और शिवाकांत शर्मा भी उपस्थित रहे और उन्होंने नालसा की योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। शिविरों के दौरान छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा, नालसा व रालसा की जनकल्याणकारी योजनाओं, बाल विवाह निषेध अधिनियम और पोक्सो (POCSO) एक्ट के बारे में जागरूक किया गया। इसके साथ ही, विद्यालयों में 'कोर्ट वाली दीदी' नाम की एक शिकायत पेटी रखी गई। बच्चों को बताया गया कि वे इस शिकायत पेटी में साइबर ठगी या नशे से पीड़ित व्यक्ति जैसी किसी भी प्रकार की शिकायत डाल सकते हैं, जिनका उचित निस्तारण किया जाएगा। इन स्कूलों में लीगल लिट्रेसी क्लब का भी गठन किया गया, जो समय-समय पर बच्चों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूक करेगा। इस दौरान बच्चों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के टोल-फ्री नंबर की जानकारी भी दी गई।4
- पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए निशाना साधा है। उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार चीन से लड़ने की बजाय अपने ही युवाओं से लड़ने में लगी हुई है। जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है, लेकिन इसके बावजूद अब तक इस मामले में जिम्मेदारी तय नहीं की गई है। उन्होंने साफ कहा कि NEET पेपर लीक का गंभीर मामला सामने आने के बाद ही नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए था। इस तीखे बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है।1
- जय श्री श्याम! बाबा श्याम के दर्शन कर सभी लोग धन्य हो जाएं।1
- भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है, लेकिन सोशल मीडिया पर एक वीडियो के जरिए यह हैरान करने वाला दावा किया जा रहा है कि एक पुलिसकर्मी ने तिरंगे से अपना चेहरा पोंछा और फिर उसे सड़क पर फेंक दिया। इस वीडियो में यह भी दिखाई देने का दावा किया गया है कि एक मीडिया कर्मी ने उस फेंके गए तिरंगे को उठाकर सम्मानपूर्वक अपने पास संभाल लिया। इस वायरल दावे के बाद मांग की जा रही है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले इस घटना की निष्पक्ष जांच और तथ्यों का पूरी तरह सत्यापन किया जाना बेहद आवश्यक है। दिल्ली पुलिस (#DelhiPolice) को संदर्भित करते हुए यह मांग की गई है कि यदि इस वीडियो में लगाए गए आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि देश के गौरव तिरंगे का सम्मान बरकरार रहे।1