Shuru
Apke Nagar Ki App…
ऊना जिले में अमित वाल्मीकि ने डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने तीन ज्वलंत मुद्दों को उठाया।
Dinbhar channel
ऊना जिले में अमित वाल्मीकि ने डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने तीन ज्वलंत मुद्दों को उठाया।
More news from हिमाचल प्रदेश and nearby areas
- जनगणना की स्व-गणना (Self Enumeration) प्रक्रिया 1 जून से 15 जून, 2026 तक संचालित की जाएगी। इस चरण के बाद, जनगणना कार्य में नियुक्त अधिकारी और कर्मचारी 15 जून से 15 जुलाई, 2026 तक घर-घर जाकर आवास और परिवारों से संबंधित विभिन्न जानकारियां एकत्रित करेंगे। इस पहले चरण में मकानों की स्थिति, आवासीय सुविधाओं और परिवारों से संबंधित आवश्यक आंकड़े संकलित किए जाएंगे। इसके उपरांत, जनगणना का दूसरा चरण वर्ष 2027 में प्रारंभ होगा, जिसमें जनसंख्या संबंधी विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी। गौरव चौधरी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से जनगणना कार्य को गंभीरता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न करने का आह्वान किया। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे जनगणना के दौरान मांगी गई जानकारी सही और सटीक रूप से उपलब्ध करवाएं, ताकि सरकार को वास्तविक आंकड़े प्राप्त हो सकें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े सरकार को विभिन्न विकासात्मक योजनाओं एवं कल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता प्रदान करते हैं तथा जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान, मास्टर ट्रेनरों द्वारा उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, मोबाइल एप्लीकेशन के उपयोग, डेटा प्रविष्टि, सत्यापन तथा अन्य आवश्यक दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर तहसीलदार घुमारवीं बबीता धीमान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- भाजपा के मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने मंत्री जगत सिंह नेगी के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें राष्ट्र विरोधी, सनातन विरोधी और समाज को भ्रमित करने वाला बताया। जमवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की लगातार कमजोर होती स्थिति और किन्नौर में मिली शर्मनाक राजनीतिक हार को नेगी स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं, जिसके चलते वे हताशा में भाजपा पर निराधार आरोप लगाकर अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने का कोशिश कर रहे हैं। जमवाल ने नेगी से पूछा कि आखिर उन्हें भगवान श्री राम के नाम से इतनी परेशानी क्यों है, और एक हिंदू होते हुए ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से आपत्ति उनकी मानसिकता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम करोड़ों भारतीयों की आस्था, संस्कृति और मर्यादा के प्रतीक हैं, और उनका नाम किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना का आधार है। जमवाल के अनुसार, यदि भाजपा नेताओं द्वारा ‘जय श्री राम’ कहना कांग्रेस मंत्रियों को असहज कर रहा है, तो यह कांग्रेस की सनातन विरोधी सोच को उजागर करता है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु की हिंदुओं को हराने वाली टिप्पणियों का भी जिक्र किया और कहा कि यह कांग्रेस की उस मानसिकता का प्रतिबिंब है जो सनातन परंपराओं पर प्रहार करती है। जमवाल ने मंत्री नेगी के बयान को करोड़ों राम भक्तों की भावनाओं को आहत करने वाला, दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया। राकेश जमवाल ने यह भी कहा कि मंत्री नेगी अपनी सरकार की विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश आर्थिक कुप्रबंधन, विकास कार्यों की धीमी गति, बढ़ते करों और जनविरोधी निर्णयों से जूझ रहा है। एंट्री टैक्स के मुद्दे को सबसे बड़े उदाहरण के तौर पर पेश करते हुए जमवाल ने स्पष्ट किया कि इसे लगाने का निर्णय मुख्यमंत्री सुक्खु की कांग्रेस सरकार ने लिया था, भाजपा ने नहीं। भाजपा ने शुरू से ही इस निर्णय का विरोध किया था क्योंकि इससे पर्यटन आधारित हिमाचल प्रदेश पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता और पर्यटकों, व्यापारियों तथा आम लोगों में गलत संदेश जाता। जमवाल ने कहा कि जिस सरकार को जनता को खजाने का साधन समझने की आदत पड़ जाए, उससे संवेदनशील निर्णयों की अपेक्षा नहीं की जा सकती। उन्होंने सवाल किया कि एंट्री टैक्स लगाने और वसूली करने का निर्णय किस सरकार ने लिया था, और यदि यह सब कांग्रेस सरकार ने किया है तो भाजपा को दोषी ठहराने का क्या औचित्य है। उन्होंने कांग्रेस पर अपनी गलत नीतियों की जिम्मेदारी लेने के बजाय भाजपा पर आरोप लगाने की पुरानी राजनीतिक आदत का आरोप लगाया। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खु और उनकी सरकार ने पड़ोसी राज्यों के साथ भी अनावश्यक तनाव पैदा किया है, जिससे प्रदेश की सकारात्मक पर्यटन छवि को नुकसान हुआ है। अंत में, जमवाल ने चेतावनी दी कि भाजपा न तो सनातन और भगवान श्री राम के अपमान को स्वीकार करेगी और न ही कांग्रेस सरकार के जनविरोधी निर्णयों पर चुप बैठेगी। उन्होंने मंत्री नेगी को आत्ममंथन करने की सलाह देते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के प्रति बढ़ते जनाक्रोश और अपनी राजनीतिक गिरावट के लिए कौन जिम्मेदार है, यह जनता देख रही है और समय आने पर कांग्रेस सरकार को उसके हर जनविरोधी, विकास विरोधी और सनातन विरोधी रवैये का जवाब अवश्य मिलेगा।1
- हिमाचल प्रदेश में एक बेटी, मनप्रीत कौर ने अपनी असाधारण उपलब्धि से प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने संस्कृत ज्ञान परीक्षा में पूरे राज्य भर में तीसरा स्थान हासिल किया है, जिसे 'बेटी का कमाल' बताते हुए सराहा गया है।1
- कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां विकास खंड बड़ोह के जिला परिषद वार्ड सुन्ही से मधु बाला ने एक ऐतिहासिक जीत हासिल की है। उन्होंने सबसे ज्यादा वोटों के मार्जिन से यह चुनाव जीतकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अपनी इस उपलब्धि के बाद, जिला परिषद सदस्य मधु बाला के साथ एक विशेष बातचीत की गई।1
- मां ज्वाला की महिमा का गुणगान करते हुए, एक पोस्ट में कहा गया है कि मां सभी भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती हैं। इस पोस्ट के माध्यम से लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे कमेंट बॉक्स में 'जय माता दी' लिखकर अपनी आस्था व्यक्त करें।1
- उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने गुरुवार को भोरंज उपमंडल की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लदरौर और मुंडखर में आयोजित पोषण अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रमों को संबोधित किया। उन्होंने जोर दिया कि गर्भधारण से लेकर बच्चे के दूसरे जन्मदिन तक का समय, जिसे जीवन के पहले 1000 दिन कहा जाता है, मस्तिष्क और शरीर के सर्वाधिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवधि में उचित पोषण सुनिश्चित करने से बच्चा भविष्य में स्वस्थ जीवन जी सकता है, जिसके लिए माँ का जागरूक होना बहुत आवश्यक है। इन कार्यक्रमों का आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं, आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के लिए किया गया। उपायुक्त ने माताओं को छह माह तक बच्चे को केवल माँ का दूध पिलाने और उसके बाद माँ के दूध के साथ अन्य पौष्टिक आहार देने की सही जानकारी होने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कई पारंपरिक व्यंजन और मोटे अनाज आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, जिन्हें दैनिक आहार में शामिल करके बच्चों को कुपोषण से बचाया जा सकता है। भोरंज उपमंडल में लगभग 454 बच्चे कम वजन वाले और कुपोषित पाए गए हैं। इस समस्या से निपटने और बच्चों का सही पोषण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, भोरंज उपमंडल में पायलट आधार पर एक 'न्यूट्रिशनल इंटरवेंशन' (पोषण हस्तक्षेप) कार्यक्रम आरंभ किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत छोटे बच्चों को पौष्टिक गुणों से भरपूर रागी का पाउडर वितरित किया जाएगा, जिसके वितरण और पौष्टिक गुणों पर उपायुक्त ने महिलाओं के साथ व्यापक चर्चा भी की। इस अवसर पर एडीसी अभिषेक गर्ग, सीएमओ डॉ. अजय अत्री, महिला एवं बाल विकास विभाग के डीपीओ अनिल कुमार और सीडीपीओ सुनील कुमार ने भी उपस्थित महिलाओं का मार्गदर्शन किया। सिद्धबाड़ी, धर्मशाला की स्वयंसेवी संस्था चिन्मय ग्रामीण विकास संगठन (कॉर्ड) के विशेषज्ञों अनिता ठाकुर और सुनील कुमार ने रागी के पाउडर तथा अन्य पौष्टिक व्यंजनों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।1
- घुमारवीं उपमंडल में आगामी जनगणना-2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन हेतु अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 3 जून को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्रा) घुमारवीं के बैठक कक्ष में उपमंडल अधिकारी (ना.) गौरव चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य जनगणना कार्य में नियुक्त सभी कर्मियों को जनगणना प्रक्रिया, डेटा संग्रहण के तरीके और तकनीकी पहलुओं से पूरी तरह अवगत कराना है। इस अवसर पर उपमंडल अधिकारी गौरव चौधरी ने बताया कि जनगणना देश की विकास योजनाओं और नीतियों के निर्माण का एक महत्वपूर्ण आधार होती है। उन्होंने जानकारी दी कि जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत स्व-जनगणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया 1 जून से 15 जून, 2026 तक संचालित की जाएगी। इसके बाद, जनगणना कार्य में नियुक्त अधिकारी और कर्मचारी 15 जून से 15 जुलाई, 2026 तक घर-घर जाकर आवास और परिवारों से संबंधित विभिन्न आवश्यक जानकारियां एकत्रित करेंगे। इस चरण में मकानों की स्थिति, आवासीय सुविधाओं और परिवारों से संबंधित आवश्यक आंकड़े संकलित किए जाएंगे। जनगणना का दूसरा चरण वर्ष 2027 में शुरू होगा, जिसमें जनसंख्या संबंधी विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी। गौरव चौधरी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से जनगणना कार्य को गंभीरता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न करने का आह्वान किया। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे जनगणना के दौरान मांगी गई जानकारी सही और सटीक रूप से उपलब्ध करवाएं, ताकि सरकार को वास्तविक आंकड़े प्राप्त हो सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े सरकार को विभिन्न विकासात्मक योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता प्रदान करते हैं, और जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान, मास्टर ट्रेनरों द्वारा उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, मोबाइल एप्लीकेशन के उपयोग, डेटा प्रविष्टि, सत्यापन तथा अन्य आवश्यक दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम में तहसीलदार घुमारवीं बबीता धीमान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- बिलासपुर के उपायुक्त राहुल कुमार ने 4 जून को क्यारी और जबल क्षेत्र का दौरा किया, जहाँ उन्होंने क्यारी से जबल सड़क पर भूस्खलन के कारण उत्पन्न कठिनाइयों का जायजा लिया। इस दौरान उपायुक्त ने मझेड़ और कुटैहला के ग्रामीणों की समस्याओं को भी सुना। ग्रामीणों ने उपायुक्त को अवगत कराया कि भूस्खलन के कारण सड़क क्षतिग्रस्त होने से क्यारियां गाँव के लोगों को श्मशान घाट तक पहुँचने के लिए लगभग 13 से 14 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। उपायुक्त ने क्यारियां क्षेत्र में चल रही कटिंग का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि कटिंग से निकलने वाले पत्थरों की चोरी रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएँ। साथ ही, उन्होंने फोरलेन सड़क कटिंग निर्माण कार्य के कारण ग्रामीणों को बिजली, पेयजल आपूर्ति सहित आ रही अन्य समस्याओं पर भी ध्यान दिया। इन सभी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए उपायुक्त ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस अवसर पर एसडीएम धर्मपाल, डीएफओ राजीव कुमार, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिशासी अभियंता, एनएचएआई के अधिकारी और पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष होशियार सिंह सहित कई अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां में जल शक्ति विभाग मंडल नगरोटा बगवां के उप मंडल सरोत्री के सेक्शन बड़ोह में कार्यरत एक पैरा पम्प ऑपरेटर के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र के नव निर्वाचित उपप्रधान ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और मारपीट की। इस घटना के बाद विभाग के कर्मचारियों में गहरा रोष व्याप्त है। मामले की सूचना संबंधित अधिकारियों और पुलिस को दे दी गई है, जिसके आधार पर पुलिस शिकायत दर्ज कर जांच में जुट गई है।1